आवाज़ हम सबकी
भीलवाड़ा के शास्त्री नगर इलाके में सोमवार रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब घर लौट रहे एक व्यापारी को पांच बदमाशों ने निशाना बना लिया। किराना व्यापारी नारायण दास मंगनानी अपनी दुकान बंद कर स्कूटी से घर जा रहे थे। स्कूटी की डिक्की में करीब चार लाख रुपए रखे हुए थे, जो दिनभर की दुकान की नकदी और बैंक में जमा न हो पाने वाली राशि थी। व्यापारी के मुताबिक, दुकान से निकलते ही कुछ युवकों ने बाइक से उनका पीछा शुरू कर दिया था। शुरुआत में उन्हें ज्यादा संदेह नहीं हुआ, लेकिन जैसे ही शास्त्री नगर सेक्टर-ए के पास पहुंचे, बदमाशों ने रास्ता घेर लिया। एक बदमाश ने स्कूटी को जोर से धक्का मार दिया, जिससे व्यापारी सड़क पर गिर पड़े। इसके बावजूद उन्होंने स्कूटी छोड़ने से इनकार किया। इसी दौरान दो बदमाशों ने व्यापारी को पकड़कर सड़क पर घसीटा, जबकि अन्य ने स्कूटी संभाल ली। कुछ ही पलों में दो आरोपी स्कूटी लेकर फरार हो गए और बाकी तीन बाइक से अलग दिशा में निकल गए। पूरी वारदात को मात्र 40 सेकेंड में अंजाम दिया गया। घटना का वीडियो पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है, जिसे पुलिस ने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित व्यापारी ने बताया कि उनके भाई के साथ भी करीब चार महीने पहले दस लाख रुपए की लूट की घटना हो चुकी है, जिससे परिवार पहले से ही दहशत में है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की पहचान और तलाश शुरू कर दी है। आसपास के कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और संभावित रूट्स पर नाकाबंदी की गई है। घटना ने शहर की कानून-व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
उदयपुर में बीती रात अज्ञात युवकों ने जमकर उत्पात मचाया। कॉलोनी में खड़े करीब 28 वाहनों के शीशे तोड़कर आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल है। सूचना मिलने पर सूरजपोल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान में जुट गई है।स्वराज नगर कॉलोनी में बीती मध्यरात्रि अचानक अफरा-तफरी मच गई, जब कुछ अज्ञात युवक कॉलोनी में घुसे और वहां खड़े वाहनों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। बदमाशों ने कार, ऑटो और अन्य चार पहिया वाहनों के शीशे तोड़ दिए। देखते ही देखते करीब 28 वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया। स्थानीय निवासियों के मुताबिक, तेज आवाज सुनकर जब लोग बाहर निकले, तब तक आरोपी वहां से फरार हो चुके थे। सुबह वाहन मालिकों ने अपने-अपने वाहनों को क्षतिग्रस्त हालत में देखा तो पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। कई लोगों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। घटना की जानकारी मिलते ही सूरजपोल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र का मुआयना किया। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें कुछ संदिग्ध युवक दिखाई दे रहे हैं। फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
सूरजपोल थाना क्षेत्र की स्वराज नगर कॉलोनी में मंगलवार देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अज्ञात बदमाशों ने सड़क किनारे खड़ी कई गाड़ियों में तोड़फोड़ कर दी। कई वाहनों के शीशे टूटने से क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। स्थानीय लोगों से भी पूछताछ कर संदिग्धों की पहचान की गई। जांच के दौरान पुलिस को इनपुट मिला कि घटना में नवाज खान और उसके दो नाबालिग साथी शामिल हैं। तीनों घटना के बाद इलाके से फरार हो गए थे। पुलिस टीमों ने माछला मगरा पहाड़ी क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाया। खुद को घिरता देख आरोपियों ने भागने की कोशिश की, इसी दौरान वे पहाड़ी से फिसलकर गिर पड़े और घायल हो गए। पुलिस ने तीनों को अस्पताल पहुंचाकर प्राथमिक उपचार कराया। इलाज के बाद मुख्य आरोपी नवाज खान को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि दोनों नाबालिगों को संरक्षण में लिया गया। गुरुवार को पुलिस ने आरोपी को इलाके में जुलूस के रूप में घुमाया। आरोपी लकड़ी के सहारे चलते हुए नजर आया। जुलूस के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस कार्रवाई को देखा। आरोपी सार्वजनिक रूप से अपराध को गलत बताते हुए दिखाई दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है।
जयपुर के मानसरोवर क्षेत्र में शुक्रवार रात एक तेज रफ्तार ऑडी कार ने तबाही मचा दी। पत्रकार कॉलोनी थाना क्षेत्र के खरबास सर्किल के पास करीब रात साढ़े नौ बजे दो कारों के बीच रेस लग रही थी। इसी दौरान ऑडी करीब 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ते हुए बेकाबू हो गई और पहले डिवाइडर से टकराई। टक्कर इतनी तेज थी कि कार का संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे सड़क किनारे लगी फूड स्टॉल्स में जा घुसी। हादसे के समय वहां करीब 50 से अधिक लोग मौजूद थे। कार ने 10 से ज्यादा स्टॉल्स को चपेट में लिया और करीब 16 लोगों को रौंदते हुए लगभग 100 मीटर दूर एक पेड़ से टकराकर रुकी। टक्कर की चपेट में आने से एक अन्य कार भी पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में भीलवाड़ा निवासी रमेश बैरवा की मौत हो गई, जो एक फूड स्टॉल पर हेल्पर के तौर पर काम करता था। चार गंभीर घायलों को एसएमएस अस्पताल रेफर किया गया है, जबकि अन्य घायलों का इलाज जयपुरिया अस्पताल में चल रहा है। मौके से पकड़े गए कार सवार पप्पू ने पुलिस को बताया कि ऑडी कार चूरू निवासी दिनेश रणवां चला रहा था। कार में उसके साथ दो अन्य युवक भी थे। आरोप है कि चारों युवक नशे की हालत में थे। हादसे के बाद चालक दिनेश समेत तीन लोग फरार हो गए, जिनमें एक जयपुर पुलिस का सिपाही भी बताया जा रहा है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर फरार आरोपियों की तलाश कर रही है। घटना ने एक बार फिर शहर में सड़क सुरक्षा और रफ्तार पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
उदयपुर शहर और आसपास के क्षेत्रों में घना कोहरा छा गया। कई इलाकों में सुबह के समय विजिबिलिटी बेहद कम रही, जिससे सामान्य गतिविधियों पर असर पड़ा। देर सुबह तक धूप नहीं निकल पाई, जिसके चलते ठंड का असर ज्यादा महसूस किया गया। पहाड़ी राज्यों से आ रही बर्फीली हवाओं ने तापमान को और नीचे गिरा दिया है। कोहरे के चलते शहर की प्रमुख सड़कों, लिंक रोड और हाईवे पर वाहन चालकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी। अधिकांश वाहनों की हेडलाइट जलती रही और गति सामान्य से काफी कम रही। कुछ स्थानों पर हल्का जाम भी देखने को मिला। सुबह के समय दफ्तर और स्कूल जाने वाले लोग ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आए। रेलवे स्टेशन और रोडवेज बस स्टैंड पर यात्रियों की आवाजाही सीमित रही। कई यात्री कंबल और शॉल का सहारा लेते दिखाई दिए। ठंड के कारण खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों को भी कठिनाई का सामना करना पड़ा। मौसम की खराब स्थिति का सीधा असर डबोक एयरपोर्ट पर पड़ा। दृश्यता कम होने के कारण इंडिगो की दिल्ली-उदयपुर-दिल्ली की दो उड़ानों को रद्द कर दिया गया। दिल्ली से आने वाली सुबह की फ्लाइट और उदयपुर से रवाना होने वाली वापसी फ्लाइट दोनों ही उडान नही भर सकी, जिससे यात्रियों को असुविधा झेलनी पड़ी। मौसम विभाग के अनुसार न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। अगले दो से तीन दिन सुबह के समय कोहरा छाए रहने और ठंडी हवाएं चलने की संभावना है। प्रशासन ने वाहन चालकों से सावधानी बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
उदयपुर जिला पुलिस अधीक्षक योगेश गोयल के निर्देश पर अनैतिक गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत घासा थाना पुलिस और डीएसटी टीम ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंजना सुखवाल के सुपरविजन और सहायक पुलिस अधीक्षक आशिमा वासवानी के नेतृत्व में पुलिस टीम को सूचना मिली थी कि रख्यावल स्थित व्हाइट रोज विला एंड रिसोर्ट में अवैध गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस टीम ने रिसोर्ट पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान मौके से 9 युवतियां और 13 युवक संदिग्ध हालत में पकड़े गए। जांच में सामने आया कि रिसोर्ट में योजनाबद्ध तरीके से देह व्यापार कराया जा रहा था। ग्राहकों को बुलाने, ठहरने की सुविधा देने, बिना लाइसेंस शराब परोसने और देर रात तेज आवाज में संगीत बजाने जैसी गतिविधियां लगातार संचालित हो रही थीं। पुलिस ने मौके से आपत्तिजनक सामग्री जब्त की है, जो अनैतिक गतिविधियों की पुष्टि करती है। प्रारंभिक जांच में होटल संचालन से जुड़े संजय चौधरी, राहुल साहु उर्फ रोनी और पुष्पेंद्र सिंह की भूमिका सामने आने पर तीनों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार आरोपियों द्वारा रिसोर्ट का उपयोग अवैध कमाई और अनैतिक कार्यों के लिए किया जा रहा था। इस मामले में पीटा एक्ट, आबकारी अधिनियम और ध्वनि प्रदूषण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। आगे की जांच मावली के उप पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र सिंह जैन द्वारा की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं, आर्थिक लेन-देन कहां तक फैला है और क्या अन्य स्थानों पर भी इसी तरह की गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हड़कंप का माहौल है और स्थानीय लोग पुलिस की सख्ती को सकारात्मक कदम मान रहे हैं।
भीलवाड़ा जिले के मांडलगढ़ थाना क्षेत्र के मानपुरा गांव में रविवार सुबह एक ऐसा हादसा हुआ, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। 35 वर्षीय संजू देवी ने अपने 12 वर्षीय बेटी नेहा और 7 वर्षीय बेटे भैरू की जान ले ली। घटना के बाद महिला ने अपने पति को फोन कर इसकी जानकारी दी और खुद भी जहरीला पदार्थ सेवन कर लिया। सूचना मिलते ही परिजन और पड़ोसी मौके पर पहुंचे। दोनों बच्चे अचेत अवस्था में पड़े थे, जबकि संजू देवी गंभीर हालत में तड़प रही थी। तत्काल उसे मांडलगढ़ अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद भीलवाड़ा रेफर कर दिया गया। फिलहाल उसका इलाज जारी है और डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। परिजनों के अनुसार संजू देवी पिछले कुछ समय से गंभीर बीमारी से पीड़ित थी और उसे कैंसर होने की जानकारी भी मिली थी। इसी तनाव के चलते वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगी थी। हालांकि परिवार का कहना है कि वह बच्चों से बेहद प्रेम करती थी और घर में किसी तरह का पारिवारिक विवाद नहीं था। संजू देवी सोशल मीडिया पर अपने बच्चों के साथ वीडियो बनाकर साझा करने की शौकीन थी। उसका इंस्टाग्राम अकाउंट बच्चों की तस्वीरों और रील्स से भरा हुआ है। पड़ोसी और रिश्तेदार भी इस बात से हैरान हैं कि जो मां अपने बच्चों को इतना चाहती थी, वह ऐसा कदम कैसे उठा सकती है। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाए। मांडलगढ़ थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
चिकित्सा विभाग की फूड सेफ्टी टीम ने शहर के व्यस्त आरके सर्किल क्षेत्र में स्थित जोगमाया फूड कॉर्नर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान फूड इंस्पेक्टर अशोक गुप्ता ने प्रतिष्ठान की कार्यप्रणाली की बारीकी से जांच की। जांच में सामने आया कि संस्थान में फूड सेफ्टी बोर्ड का डिस्प्ले नहीं किया गया था, जिससे ग्राहकों को लाइसेंस और मानकों की जानकारी नहीं मिल पा रही थी। टीम को वहां उपयोग में लिए जा रहे पीने के पानी की कोई भी जांच रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई जा सकी। इसके अलावा खाद्य सामग्री तैयार करने वाले कर्मचारियों की मेडिकल जांच रिपोर्ट और पेस्ट कंट्रोल से जुड़ा रिकॉर्ड भी मौके पर मौजूद नहीं मिला। फूड इंस्पेक्टर ने कहा कि खाद्य प्रतिष्ठानों में काम करने वाले प्रत्येक कर्मचारी की मेडिकल जांच रिपोर्ट अनिवार्य होती है, ताकि किसी भी प्रकार की संक्रामक बीमारी से उपभोक्ताओं को सुरक्षित रखा जा सके। निरीक्षण के दौरान बेसन चक्की का सैंपल लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। विक्रेता को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धारा 32 के तहत इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी किया जाएगा। इसी क्रम में सेक्टर-4 स्थित महालक्ष्मी मिल्क डेयरी से दूध और घी के सैंपल भी लिए गए, जहां फूड लाइसेंस और स्टाफ की मेडिकल रिपोर्ट प्रदर्शित नहीं थी। वहीं प्रतापनगर औद्योगिक क्षेत्र स्थित सुमन फूड प्रोडक्ट से ब्रेड का सैंपल लिया गया है। विभाग ने बताया कि यदि सैंपल सब-स्टैंडर्ड या अनसेफ पाए गए तो जुर्माने से लेकर आजीवन कारावास तक का प्रावधान है।
उदयपुर जिले के ओगणा थाना क्षेत्र में हुई इस घटना ने रिश्तों की परिभाषा बदल कर रख दी है। करीब एक दशक पहले एक पिता ने अपनी लाड़ली की धूमधाम से शादी की थी। गृहस्थी हंसी-खुशी चल रही थी और आंगन में तीन मासूमों की किलकारियां गूंज रही थीं। लेकिन दो महीने पहले अचानक सब कुछ बिखर गया। तीन बच्चों की मां अपने पति और दो से साढ़े पांच साल तक के मासूम बच्चों को बिलखता छोड़ गांव के ही एक शख्स के साथ फरार हो गई। जब पुलिस ने महिला को दस्तयाब कर परिजनों के सामने पेश किया, तो उम्मीद थी कि ममता जाग उठेगी, लेकिन जो हुआ उसने सबको सुन्न कर दिया। महिला ने न केवल अपने बूढ़े माता-पिता बल्कि अपने ही तीन कलेजे के टुकड़ों को पहचानने तक से इनकार कर दिया। समाज और पुलिस की घंटों चली समझाइश भी नाकाम रही और वह अपने प्रेमी के साथ रहने के फैसले पर अडिग रही। बेटी के इस बर्ताव ने पिता के आत्मसम्मान और विश्वास को इस कदर चोट पहुंचाई कि उन्होंने उसे अपने जीवन से पूरी तरह मिटाने का फैसला कर लिया। पिता ने बाकायदा शोक पत्रिका छपवाई, जिसमें 6 जनवरी को बेटी का निधन बताया गया। इतना ही नहीं, 13 और 14 जनवरी को गांव में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ गौरणी-धूप और मृत्युभोज का आयोजन किया गया। सैकड़ों रिश्तेदारों और समाज के लोगों की मौजूदगी में पिता ने घोषणा की कि जो बेटी अपने बच्चों की नहीं हो सकी, वह उनकी भी नहीं है। उन्होंने अपनी बेटी को वसीयत और संपत्ति से भी बेदखल कर दिया है। आज उस घर में मातम जैसा सन्नाटा है, जहां तीन मासूम बच्चे अपनी मां की राह देख रहे हैं, जबकि समाज इस कठोर लेकिन लाचार पिता के फैसले को मूकदर्शक बनकर देख रहा है।
उदयपुर के अंबामाता थाने में न्याय की आस लेकर पहुँचे एक आम नागरिक को पुलिसिया बर्बरता का सामना करना पड़ा। घटना मंगलवार दोपहर की है, जब विवेक तेली नाम का युवक अपनी गाय चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराने थाने पहुँचा था। लेकिन पुलिसकर्मियों ने उसकी मदद करने के बजाय उसके साथ अपराधी जैसा व्यवहार शुरू कर दिया। आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात कांस्टेबल सुरेश बिश्नोई ने विवेक के साथ बदसलूकी की और विरोध करने पर उसे पीटते हुए हवालात में बंद कर दिया। हद तो तब हो गई जब पीड़ित ने मंदिर जाने का समय होने का हवाला देते हुए छोड़ने की गुहार लगाई। विवेक के अनुसार, जब उसने भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अपनी आस्था की बात कही, तो कांस्टेबल ने मर्यादा की तमाम सीमाएं लांघते हुए भगवान के खिलाफ भी अपमानजनक टिप्पणियां कीं। पुलिस ने उल्टा पीड़ित को ही शांति भंग करने के आरोप में घंटों थाने में बिठाए रखा। शाम को जब विवेक बाहर आया और उसने आपबीती अपने समाज और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को सुनाई, तो लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में लोग थाने पहुँचे और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मामले की गंभीरता और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने के आरोपों को देखते हुए उदयपुर एसपी योगेश गोयल ने तुरंत दखल दिया। एसपी ने प्रारंभिक जांच के आधार पर कांस्टेबल सुरेश बिश्नोई को लाइन हाजिर करने के आदेश जारी किए। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम में थानाधिकारी मुकेश सोनी की चुप्पी पर भी सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल, स्थानीय लोग आरोपी कांस्टेबल के खिलाफ सख्त विभागीय जांच और निलंबन की मांग पर अड़े हुए हैं।
जोरदार टक्कर में चार युवकों की मौत, छह घायल
अंबामाता थानाधिकारी की दबंगई का वीडियो वायरल, कैफे में घुसकर युवकों से की मारपीट
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने जयपुर के नीरजा मोदी स्कूल के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उसकी सीनियर सेकेंडरी स्तर तक की मान्यता रद्द कर दी है। यह फैसला स्कूल की 9 वर्षीय छात्रा अमायरा की आत्महत्या के बाद की गई जांच के आधार पर लिया गया। घटना 1 नवंबर की है, जब कक्षा 4 में पढ़ने वाली अमायरा ने स्कूल की चौथी मंजिल से कूदकर जान दे दी थी। सीबीएसई द्वारा गठित जांच समिति की रिपोर्ट में सामने आया कि बच्ची लंबे समय से स्कूल में बुलिंग का सामना कर रही थी। परिजनों ने इस संबंध में शिक्षकों और कोऑर्डिनेटर्स से कई बार शिकायत की, लेकिन स्कूल की एंटी-बुलिंग कमेटी ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि घटना से ठीक पहले के 45 मिनटों में अमायरा पांच बार अपनी क्लास टीचर के पास मदद के लिए गई थी, लेकिन उसकी बात को गंभीरता से नहीं लिया गया। बोर्ड ने इसे बाल सुरक्षा और संवेदनशीलता की गंभीर कमी माना है। सीबीएसई की जांच में स्कूल परिसर की सुरक्षा व्यवस्थाएं भी नाकाफी पाई गईं। ऊंची मंजिलों पर सेफ्टी नेट और मजबूत रेलिंग का अभाव था, सीसीटीवी निगरानी अपर्याप्त थी और काउंसलिंग सिस्टम प्रभावी रूप से काम नहीं कर रहा था। इसके अलावा, एंटी-बुलिंग, पोस्को और चाइल्ड प्रोटेक्शन कमेटियां सिर्फ कागजों में सक्रिय पाई गईं। एक और गंभीर पहलू यह सामने आया कि घटना के बाद स्कूल परिसर से खून के धब्बे साफ कर दिए गए, जिससे फोरेंसिक जांच प्रभावित हुई। बोर्ड ने इसे जांच प्रक्रिया से छेड़छाड़ मानते हुए बेहद गंभीर लापरवाही करार दिया। सीबीएसई के आदेश के मुताबिक स्कूल अब नए एडमिशन नहीं ले सकेगा। हालांकि, सत्र 2025-26 में 10वीं और 12वीं के छात्र वहीं से बोर्ड परीक्षा दे सकेंगे, जबकि अन्य कक्षाओं के छात्रों को आगामी सत्र में दूसरे स्कूलों में स्थानांतरित किया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के खिलाफ लोगों ने जताया आक्रोश, उदयपुर सहित पुरे संभाग में हुआ उग्र प्रदर्शन
उदयपुर शहर में बढ़ती ट्रैफिक समस्या के खिलाफ मंगलवार को व्यापारियों का आक्रोश खुलकर सामने आया। जगदीश चौक और आसपास के क्षेत्रों के व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद कर सड़कों पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। व्यापारियों का कहना है कि पहले इस क्षेत्र में वन-वे ट्रैफिक सिस्टम लागू था, जिससे यातायात नियंत्रित रहता था, लेकिन हाल ही में इस व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया। व्यापारियों का आरोप है कि वन-वे सिस्टम हटने के बाद जगदीश चौक पर हर समय जाम की स्थिति बनी रहती है। संकरी सड़कों पर दोतरफा ट्रैफिक के कारण पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है। इससे न सिर्फ स्थानीय लोगों को परेशानी हो रही है, बल्कि दुकानों तक ग्राहकों की पहुंच भी प्रभावित हुई है, जिसका सीधा असर कारोबार पर पड़ रहा है। व्यापारियों ने बताया कि इन दिनों क्रिसमस और नए साल को लेकर उदयपुर में पर्यटकों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है। बड़ी संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक जगदीश मंदिर, पिछोला झील और सिटी पैलेस की ओर रुख कर रहे हैं। ऐसे में पहले से बिगड़ी ट्रैफिक व्यवस्था और अधिक दबाव में आ गई है, जिससे पूरे क्षेत्र में अव्यवस्था फैल रही है। धरना दे रहे व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि जगदीश चौक क्षेत्र में फिर से वन-वे ट्रैफिक सिस्टम लागू किया जाए, ताकि यातायात सुचारू हो सके। व्यापारियों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया, तो उन्हें आंदोलन को और तेज करना पड़ेगा। फिलहाल प्रदर्शन के चलते इलाके में कुछ समय के लिए यातायात और अधिक प्रभावित रहा।
अवैध संबंधों की कीमत एक युवक को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। पत्नी और उसके प्रेमी ने मिलकर पति की गला घोंटकर हत्या कर दी और शव को खेत में झाड़ियों के बीच फेंक दिया। मामला करेड़ा थाना क्षेत्र का है, जहां पुलिस ने ब्लाइंड मर्डर का खुलासा करते हुए पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में सामने आया कि अवैध संबंधों में पति रोड़ा बन रहा था।
गोगुंदा कस्बे में शुक्रवार शाम उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब सरेआम चाकूबाजी की वारदात सामने आई। मामूली कहासुनी के बाद एक युवक ने दूसरे पर चाकू से हमला कर दिया। बीच-बचाव में आए एक और युवक को भी आरोपी ने नहीं बख्शा। घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया और लोगों ने थाने के बाहर प्रदर्शन किया। पुलिस ने इस मामले में आरोपी को डिटेन कर लिया है।
उदयपुर पुलिस को नशीली दवाइयों की अवैध सप्लाई के खिलाफ बड़ी कामयाबी मिली है। गोवर्धनविलास थाना पुलिस और जिला स्पेशल टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर बलीचा स्थित पुण्या ट्रांसपोर्ट कॉर्पाेरेशन के गोदाम पर देर रात दबिश दी। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 29 कार्टन में भरी 3820 शीशियां बरामद कीं, जिनमें कोडीन युक्त सिरप पाया गया। पुलिस के अनुसार, गोदाम में मौजूद एक युवक पुलिस को देखकर घबरा गया और भागने का प्रयास करने लगा, जिसे मौके पर ही पकड़ लिया गया। आरोपी की पहचान पुष्करराज डांगी के रूप में हुई है, जो पार्थ इंटरप्राइजेज का संचालक बताया जा रहा है। मौके पर औषधि नियंत्रण अधिकारी को बुलाकर दवाइयों की जांच कराई गई। जांच में सामने आया कि सिरप में मौजूद कोडीन फॉस्फेट एनडीपीएस एक्ट के तहत नियंत्रित मादक पदार्थ है। यह खेप अहमदाबाद की विभिन्न फार्मा कंपनियों से उदयपुर भेजी गई थी, जिसे पार्थ इंटरप्राइजेज और सिद्धार्थ फार्मेसी के नाम पर मंगाया गया था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी के पास केवल सामान्य खुदरा दवाइयों का लाइसेंस था और इस तरह की नशीली दवाइयों की बिक्री या सप्लाई की कोई वैध अनुमति नहीं थी। पूछताछ में आरोपी ने ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध सप्लाई की बात स्वीकार की है। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने के लिए जांच जारी है।
गोगुंदा बस स्टैंड पर शुक्रवार शाम उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक युवक ने मामूली कहासुनी के बाद चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस घटना में दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी शाहनवाज शाह को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी का गोगुंदा अस्पताल में मेडिकल करवाया गया, जिसके बाद उसे न्यायिक प्रक्रिया के तहत न्यायालय में पेश किया जाएगा। थानाधिकारी श्याम सिंह चारण के अनुसार, घायल युवक दिनेश सेन, उदयपुर से गोगुंदा आ रहा था, उसी वाहन में आरोपी शाहनवाज शाह भी सवार था। यात्रा के दौरान आरोपी ने दिनेश के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया और उसे धमकाने लगा। शाम करीब साढ़े सात बजे, गोगुंदा बस स्टैंड पर बैंक के सामने आरोपी ने अचानक चाकू निकालकर दिनेश पर हमला कर दिया। हमले के दौरान जब चेतन नायक ने बीच-बचाव करने का प्रयास किया, तो आरोपी ने उस पर भी चाकू से वार कर दिया। दोनों युवकों को गंभीर हालत में पहले गोगुंदा अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल उदयपुर रेफर किया गया। फिलहाल दोनों घायलों का इलाज जारी है। घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने आरोपी को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और घटना के पीछे के कारणों की गहन जांच की जा रही है।
मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार से जुड़े संपत्ति विवाद ने अब कानूनी के साथ-साथ भावनात्मक मोड़ भी ले लिया है। दिवंगत अरविंद सिंह मेवाड़ की अंतिम वसीयत को लेकर उनकी दोनों बेटियां पद्मजा कुमारी और भार्गवी कुमारी ने मुंबई हाईकोर्ट में याचिका दायर कर इसे चुनौती दी है। कोर्ट में पेश दस्तावेजों में दोनों बहनों ने दावा किया है कि उनके पिता शराब पीने के आदी थे और मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ नहीं थे, ऐसे में वह वसीयत जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लेने में सक्षम नहीं थे। बेटियों के इन दावों पर भाई डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने कहा कि संपत्ति के लालच में उनकी बहनों ने अपने ही पिता की गरिमा को ठेस पहुंचाई है। लक्ष्यराज सिंह का कहना है कि उनके पिता मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ थे और अंतिम समय तक अपने फैसले स्वयं लेते रहे। उन्होंने इसे परिवार और परंपराओं के खिलाफ बताया। डॉ. लक्ष्यराज सिंह ने कोर्ट में दाखिल एफिडेविट में यह भी उल्लेख किया है कि वर्ष 2024 में दोनों बहनों ने कुछ कंपनियों के शेयर पिता को गिफ्ट किए थे, जिन्हें अरविंद सिंह मेवाड़ ने स्वयं स्वीकार किया और गिफ्ट डीड पर हस्ताक्षर भी किए। इसके अलावा, जनवरी 2025 में बहनों ने पिता के कहने पर कुछ कंपनियों के निदेशक पद से इस्तीफा भी दिया था, जो उनके मानसिक रूप से सक्षम होने की ओर इशारा करता है। गौरतलब है कि अरविंद सिंह मेवाड़ का निधन 16 मार्च 2025 को हुआ था। इससे पहले 7 फरवरी 2025 को उन्होंने वसीयत तैयार करवाई थी, जिसमें संपत्तियों का एकमात्र उत्तराधिकारी बेटे लक्ष्यराज सिंह को बनाया गया था। बेटियों ने पिता की स्व-अर्जित संपत्तियों में हिस्सा मांगा है, जिनमें उदयपुर की शिकारबाड़ी भूमि और मुंबई की कई संपत्तियां शामिल हैं। यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर दिल्ली हाईकोर्ट में स्थानांतरित हो चुका है, जहां 12 जनवरी 2026 को सभी पक्षकारों की उपस्थिति में सुनवाई होगी।
उदयपुर जिले में नाबालिग लड़कियों की गुमशुदगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ताजा घटनाओं ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पहला मामला वल्लभनगर थाना क्षेत्र का है, जहां एक किशोरी 13 अक्टूबर से घर से लापता है। परिजनों ने बताया कि उन्होंने अपने स्तर पर हर जगह तलाश की, रिश्तेदारों और दोस्तों से भी पूछताछ की, लेकिन लड़की का कुछ पता नहीं चला। आखिरकार, थकहारकर मंगलवार को उन्होंने पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। दूसरा मामला जिले के पानरवा थाना क्षेत्र का है। यहां एक नाबालिग लड़की 21 अक्टूबर को अपने रिश्तेदार के घर गई थी, लेकिन वहां भी नहीं पहुंची। जब देर शाम तक वह घर नहीं लौटी तो परिजनों ने उसकी खोज शुरू की। हर जगह तलाश करने के बावजूद जब कोई सुराग नहीं मिला तो परिवार ने मंगलवार को पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। दोनों ही मामलों में पुलिस ने गुमशुदगी के प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वल्लभनगर और पानरवा थाना पुलिस आसपास के इलाकों, बस स्टैंडों और सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुटी है। उधर, इन घटनाओं के बाद परिजनों में गहरा आक्रोश और भय का माहौल है। लोगों का कहना है कि हाल के महीनों में जिले में कई नाबालिगों के लापता होने के मामले सामने आए हैं, लेकिन अब तक ज्यादातर मामलों में ठोस नतीजे नहीं मिले। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मामलों में सख्त और तेज कार्रवाई की जाए ताकि बेटियां सुरक्षित रह सकें।
उदयपुर जिले के गोगुंदा थाना क्षेत्र के उंडीथल गांव में गुरुवार शाम करीब 5 बजे घरेलू विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया। जानकारी के अनुसार आरोपी शैतान नाथ कालबेलिया ने अपनी पत्नी सीता कालबेलिया की लात-घूंसों से बेरहमी से पिटाई कर दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। बहस के बाद गुस्से में आए पति ने नियंत्रण खो दिया और पत्नी पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस दौरान दंपती के 9 बच्चे मौके पर मौजूद थे, जिन्होंने अपनी मां को बचाने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी ने किसी की नहीं सुनी। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी पति मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर गोगुंदा थानाधिकारी श्याम सिंह चारण पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर गोगुंदा अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया। घटना की जानकारी मिलते ही मृतका के पीहर पक्ष के लोग धोली घाटी गांव से मौके पर पहुंचे और आरोपी पति सहित उसके परिवार पर हत्या का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया। पुलिस ने हत्या का प्रकरण दर्ज कर लिया है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें गठित कर उसकी तलाश शुरू कर दी गई है। थानाधिकारी के अनुसार आरोपी शैतान नाथ कालबेलिया उंडीथल गांव में अपने परिवार के साथ डेरा डालकर रह रहा था। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है और आरोपी की तलाश जारी है।
रात करीब 10 बजे उदयपुर के फतहपुरा चौराहे स्थित पुला पुलिया पर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक चलती कार में अचानक आग लग गई। जयपुर नंबर की वॉक्सवैगन पोलो कार आरके सर्किल से फतहपुरा की ओर जा रही थी। इसी दौरान कार के बोनट से अचानक धुआं निकलने लगा। धुआं उठता देख कार चला रहे युवक आदिल ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए वाहन को सड़क किनारे रोका और कार से बाहर कूद गया। कुछ ही पलों में आग ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते कार आग का गोला बन गई। घटना के बाद सड़क पर दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही रोक दी गई, जिससे भारी ट्रैफिक जाम लग गया। मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की एक गाड़ी मौके पर पहुंची। फायर टीम ने करीब 15 से 20 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक कार आधे से ज्यादा जल चुकी थी और बाद में पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। सीएफओ बाबूलाल चौधरी के अनुसार, प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। सबसे राहत की बात यह रही कि चालक ने समय रहते कार से बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और यातायात को सुचारु करवाया।
उदयपुर शहर के व्यस्त इलाकों में शामिल गुलाब बाग रोड पर चोरी की एक और वारदात सामने आने से व्यापारियों में दहशत का माहौल है। सोमवार देर रात अज्ञात चोरों ने टीकम पान विक्रेता की दुकान को निशाना बनाते हुए बड़ी ही सफाई से चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोरों ने पहले दुकान के गेट को अलग किया और फिर अंदर प्रवेश कर लिया। दुकान के भीतर रखी सिगरेट, पान मसाला और अन्य कीमती सामान को समेटने के बाद चोर मौके से फरार हो गए। सुबह जब दुकान मालिक सुनील दुकान पर पहुंचे तो बिखरा सामान और टूटा गेट देखकर वे सन्न रह गए। दुकान के मालिक सुनिल सनाढ्य ने बताया कि चोर दुकान से लगभग एक लाख से ज्यादा की मंहगी सिगरेट और करीब 2 हजार का केश लेकर फरार हो गये। उसके बाद घटना की सूचना सूरजपोल थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि चोरों की पहचान की जा सके। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वारदात में कितने लोग शामिल थे और चोरी के बाद किस दिशा में फरार हुए। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि गुलाब बाग रोड जैसे व्यस्त और संवेदनशील इलाके में इस तरह की चोरी सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलती है। व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन से रात्रि गश्त बढ़ाने और इलाके में निगरानी मजबूत करने की मांग की है। फिलहाल सूरजपोल थाना पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और जल्द ही चोरी का खुलासा करने का दावा किया जा रहा है।
लेकसिटी उदयपुर में सोमवार रात से ही कड़ाके की सर्दी का असर तेज हो गया। मंगलवार सुबह घना कोहरा छाए रहने से हाईवे पर हालात बेहद खराब नजर आए। उदयपुर-चित्तौड़गढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर कोहरे के कारण विजिबिलिटी इतनी कम हो गई कि वाहन चालकों को दिन में भी लाइट जलाकर वाहन चलाने पड़े। कई जगह सड़क पर अंधेरा छाया रहा, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रही। डबोक एयरपोर्ट के आगे हाईवे पर कोहरे का असर ज्यादा देखा गया, वहीं वल्लभनगर कस्बे और आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी सुबह तक कोहरा छाया रहा। मौसम विभाग के अनुसार उदयपुर में सोमवार का न्यूनतम तापमान 7.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम तापमान 19.2 डिग्री रहा। शीतलहर के चलते रात की गलन और सुबह-शाम की ठंड ने लोगों को ठिठुरा दिया है। बढ़ती सर्दी को देखते हुए उदयपुर और सलूंबर जिले के जिला कलेक्टरों ने एहतियातन आदेश जारी कर स्कूलों का समय बदल दिया है। नए आदेश के तहत सरकारी और निजी स्कूलों का संचालन सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक किया जाएगा। हालांकि, आदेश के बावजूद कुछ निजी स्कूलों द्वारा समय में बदलाव नहीं करने पर अभिभावकों ने नाराजगी जताई है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए सभी स्कूलों को प्रशासनिक निर्देशों की पालना करनी चाहिए। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले दिनों में ठंड और कोहरे का असर और बढ़ सकता है।