
चिकित्सा विभाग की फूड सेफ्टी टीम ने शहर के व्यस्त आरके सर्किल क्षेत्र में स्थित जोगमाया फूड कॉर्नर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान फूड इंस्पेक्टर अशोक गुप्ता ने प्रतिष्ठान की कार्यप्रणाली की बारीकी से जांच की। जांच में सामने आया कि संस्थान में फूड सेफ्टी बोर्ड का डिस्प्ले नहीं किया गया था, जिससे ग्राहकों को लाइसेंस और मानकों की जानकारी नहीं मिल पा रही थी। टीम को वहां उपयोग में लिए जा रहे पीने के पानी की कोई भी जांच रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई जा सकी। इसके अलावा खाद्य सामग्री तैयार करने वाले कर्मचारियों की मेडिकल जांच रिपोर्ट और पेस्ट कंट्रोल से जुड़ा रिकॉर्ड भी मौके पर मौजूद नहीं मिला। फूड इंस्पेक्टर ने कहा कि खाद्य प्रतिष्ठानों में काम करने वाले प्रत्येक कर्मचारी की मेडिकल जांच रिपोर्ट अनिवार्य होती है, ताकि किसी भी प्रकार की संक्रामक बीमारी से उपभोक्ताओं को सुरक्षित रखा जा सके। निरीक्षण के दौरान बेसन चक्की का सैंपल लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। विक्रेता को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धारा 32 के तहत इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी किया जाएगा। इसी क्रम में सेक्टर-4 स्थित महालक्ष्मी मिल्क डेयरी से दूध और घी के सैंपल भी लिए गए, जहां फूड लाइसेंस और स्टाफ की मेडिकल रिपोर्ट प्रदर्शित नहीं थी। वहीं प्रतापनगर औद्योगिक क्षेत्र स्थित सुमन फूड प्रोडक्ट से ब्रेड का सैंपल लिया गया है। विभाग ने बताया कि यदि सैंपल सब-स्टैंडर्ड या अनसेफ पाए गए तो जुर्माने से लेकर आजीवन कारावास तक का प्रावधान है।

17 Jan 2026