
सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के खिलाफ लोगों ने जताया आक्रोश, उदयपुर सहित पुरे संभाग में हुआ उग्र प्रदर्शन
सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के खिलाफ उदयपुर सहित पूरे संभाग में अरावली पर्वतमाला के संरक्षण को लेकर व्यापक और उग्र विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। जिला कलेक्टर कार्यालयों के बाहर बड़ी संख्या में पर्यावरण प्रेमी, सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता एकत्रित हुए और फैसले पर पुनर्विचार की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि 100 मीटर से कम ऊँचाई वाली पहाड़ियों को अरावली श्रृंखला से बाहर रखने का निर्णय पर्यावरण, जल संसाधनों, भूजल स्तर और स्थानीय जैव विविधता के लिए गंभीर खतरा पैदा करेगा।
उदयपुर में जिला कलेक्ट्रेट के सामने जोरदार नारेबाजी हुई और पुलिस-प्रशासन के साथ तनाव की स्थिति बनी। कुछ स्थानों पर धक्का-मुक्की और तीखी बहस भी हुई, जिसके बाद भारी पुलिस बल तैनात किया गया। एहतियातन कुछ कांग्रेस, सीपीएम और अन्य संगठनों के कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया, जिन्हें बाद में अलग-अलग क्षेत्रों में छोड़ दिया गया।
वहीं बांसवाड़ा में अरावली बचाओ संघर्ष समिति ने जिला कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपते हुए फैसले पर रोक लगाने की मांग की। चित्तौड़गढ़ सहित अन्य जिलों में भी मानव श्रृंखला, धरना-प्रदर्शन और जनआंदोलन के माध्यम से अरावली संरक्षण की आवाज बुलंद की गई। प्रदर्शनकारियों और स्थानीय नेताओं ने केंद्र व राज्य सरकार से तत्काल हस्तक्षेप कर अरावली पर्वतमाला को पूर्ण संरक्षण देने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि फैसले पर पुनर्विचार नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।