🔴 BREAKING: Major breakthrough in renewable energy storage announced by international research consortium
News 91 Rajasthan

News91 Rajasthan

आवाज़ हम सबकी

UdaipurDungarpurBanswaraPratapgarhRajsamandChittorgarhSirohiJaipur
Live TV
Breaking NewsLocal NewsCrimeSportsBusinessCultureWeatherEventsTourism
News91 Rajasthan

News91 Rajasthan

आवाज़ हम सबकी

Get the latest news delivered every morning.

FacebookTwitterInstagramYouTube

Categories

  • Breaking News
  • Local News
  • Crime
  • Sports
  • Business
  • Culture
  • Weather
  • Events
  • Tourism

Stay Informed

  • news91rajasthan@gmail.com
  • +91 98295 62164
  • Old City, Bapu Bazar, Nada Khada, Udaipur
  • 24/7 News Desk

© 2025 News91 Rajasthan. All rights reserved.

Local News

शक्तिनगर बॉटल नेक खुलने की जगी उम्मीद
🔴 BREAKING
Local News
⭐ featured

शक्तिनगर बॉटल नेक खुलने की जगी उम्मीद

उदयपुर शहर के शक्तिनगर क्षेत्र में लंबे समय से अटका बॉटल नेक प्रोजेक्ट अब पूरा होने की दिशा में बढ़ता नजर आ रहा है। नगर निगम द्वारा सड़क चौड़ीकरण के लिए जिन 8 मकानों का अधिग्रहण किया गया था, उनके प्रभावितों को आखिरकार तीन साल बाद राहत मिली है। इस पूरे मामले में शहर विधायक ताराचंद जैन की अहम भूमिका रही, जिन्होंने स्वायत्त शासन विभाग के प्रमुख सचिव से लेकर कई अधिकारियों को मौके पर ले जाकर स्थिति से अवगत कराया। इसके बाद फाइल को आगे बढ़ाते हुए कैबिनेट से स्वीकृति दिलवाई गई। गौरतलब है कि पूर्व विधायक गुलाबचंद कटारिया और तत्कालीन महापौर जीएस टांक के कार्यकाल में बॉटल नेक हटाने के लिए मकानों का अधिग्रहण किया गया था। तब प्रभावितों को बदले में भूखण्ड देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन लंबे समय तक यह प्रक्रिया अटकी रही। अब जारी आदेशों के अनुसार, 8 प्रभावितों में से 4 को हिरणमंगरी सेक्टर 11 योजना में और 4 को नगर निगम परिसर में भूखण्ड आवंटित किए जाएंगे। साथ ही प्रत्येक प्रभावित को निर्धारित अंतर राशि जमा करानी होगी।प्रभावितों में सुबील कालरा, कमला देवी, लाजवंती देवी, पुरुषोत्तम लीलानी, ओमप्रकाश डोडेजा, संजय पाहूजा, स्वरूप, विनोद, अनूप, गौरव तुलसीजा, नंदलाल बुधराज, मन कालरा और सुजाता कालरा शामिल हैं, जिन्हें अलग-अलग राशि जमा कर भूखण्ड दिए जाएंगे। इस फैसले के बाद अब शक्तिनगर बॉटल नेक खुलने का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है, जिससे शहर के ट्रैफिक को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

14 Apr 2026
एक ही चिता पर 2 सहेलियों का हुआ अंतिम संस्कार
🔴 BREAKING
Local News
⭐ featured

एक ही चिता पर 2 सहेलियों का हुआ अंतिम संस्कार

पाली जिले से करीब 78 किलोमीटर दूर तखतगढ़ के नागचौक इलाके में एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने इंसानी रिश्तों की गहराई को एक बार फिर साबित कर दिया। देवासियों की गली में रहने वाली जेठी बाई और उनकी पड़ोसी भीकीबाई के बीच दशकों पुरानी दोस्ती थी। मोहल्ले के लोग बताते हैं कि दोनों सहेलियां अक्सर हंसी-मजाक में कहा करती थीं कि अगर हममें से कोई एक पहले जाए, तो दूसरी को भी अपने साथ ही लेकर जाए। यह बात उस समय मजाक लगती थी, लेकिन नियति ने इसे सच कर दिखाया। बताया जा रहा है कि जेठी बाई के निधन की खबर जैसे ही भीकीबाई को मिली, वह इस सदमे को सह नहीं पाईं। पहले से ही उनके पैर में दर्द था, लेकिन अपनी सहेली के बिछड़ने का दुख इतना गहरा था कि महज 5 घंटे के भीतर उन्होंने भी दम तोड़ दिया। रविवार की दोपहर गोगरा रोड स्थित श्मशान घाट पर दोनों सहेलियों की अर्थियां एक साथ उठीं और सैकड़ों नम आंखों के बीच उनका अंतिम संस्कार एक ही चिता पर किया गया। श्मशान घाट में मौजूद हर व्यक्ति इस अनोखी दोस्ती को देखकर भावुक हो उठा। भीकीबाई के बेटे हंसाराम ने बताया कि उनकी मां अपनी सहेली से बेहद जुड़ी हुई थीं और उनके बिना जीना शायद उनके लिए संभव नहीं था। यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है, जहां लोग इस दोस्ती को एक मिसाल के रूप में देख रहे हैं, एक ऐसी मिसाल, जो मौत के बाद भी साथ निभाने का संदेश देती है।

06 Apr 2026
 नींद की झपकी बनी हादसे का सबब, यूडीए अंडरब्रिज के ओवरहेड से टकराया बेकाबू ट्रेलर
🔴 BREAKING
Local News
⭐ featured

नींद की झपकी बनी हादसे का सबब, यूडीए अंडरब्रिज के ओवरहेड से टकराया बेकाबू ट्रेलर

उदयपुर शहर में गुरुवार सुबह एक बड़ी लापरवाही सामने आई, जहां प्रतापनगर से सुखेर की ओर जा रहा एक ट्रेलर यूडीए के अंडरब्रिज के ओवरहेड से टकरा गया। घटना सुबह करीब 6 बजे की बताई जा रही है, जब गुजरात नंबर का यह ट्रेलर न्यू आरटीओ से पहले बने अंडरब्रिज के पास पहुंचा और वहां लगे ओवरहेड से भिड़ गया।यह ओवरहेड अधिकतम 4.40 मीटर ऊंचाई का है, जिस पर साफ तौर पर भारी वाहनों के प्रवेश निषेध का बोर्ड लगा हुआ था। इसके बावजूद ट्रेलर चालक ने नियमों की अनदेखी करते हुए वाहन को अंडरब्रिज की ओर बढ़ा दिया। हादसे के बाद मौके पर हड़कंप मच गया और कुछ समय के लिए ट्रैफिक बाधित हो गया। सूचना मिलते ही उदयपुर विकास प्राधिकरण यानी UDA की टीम मौके पर पहुंची। वहीं होमगार्ड ने ट्रेलर चालक हीरा से पूछताछ की, जिसमें उसने बताया कि सुबह के समय उसे नींद की झपकी आ गई थी, जिसके कारण वाहन ओवरहेड से टकरा गया। बताया जा रहा है कि ट्रेलर में लगा कंटेनर खाली था और वह सुखेर में माल भरने जा रहा था। सुरक्षा के मद्देनजर होमगार्ड ने तुरंत रास्ता बंद कराया और ओवरहेड को हुए नुकसान की जानकारी अधिकारियों को दी। इस दौरान अंडरब्रिज का रास्ता कुछ समय के लिए बंद रखा गया, जिससे आवागमन प्रभावित रहा। फिलहाल प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

02 Apr 2026
राजस्थान में बदला मौसम का मिजाज
🔴 BREAKING
Local News
⭐ featured

राजस्थान में बदला मौसम का मिजाज

राजस्थान में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल गया है। सक्रिय हुए वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के चलते सोमवार सुबह से ही कई जिलों में मौसम ने करवट ली। अजमेर, श्रीगंगानगर, बीकानेर और नागौर में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, वहीं जोधपुर में सुबह से बादल छाए हुए हैं। मौसम विभाग के अनुसार, इस सिस्टम का असर पूरे प्रदेश में देखने को मिल रहा है। सोमवार को 4 जिलों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि 21 जिलों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है। इस दौरान तेज आंधी चलने की भी आशंका जताई गई है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग का कहना है कि इस वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर 31 मार्च तक बना रहेगा। इसके चलते कई हिस्सों में बादल छाने, बारिश और तेज हवाएं चलने का दौर जारी रह सकता है। हालांकि 1 अप्रैल से इस सिस्टम का असर खत्म होने के बाद प्रदेश में मौसम पूरी तरह से शुष्क यानी ड्राय हो जाएगा। इससे पहले रविवार को इस सिस्टम का असर काफी कमजोर रहा। बीकानेर संभाग में दिनभर तेज धूप रही, जबकि जालोर, सिरोही और पाली में हल्के बादल नजर आए। वहीं जयपुर, भरतपुर, कोटा और अजमेर संभाग में आसमान पूरी तरह साफ रहा और दिनभर धूप खिली रही। मौसम के इस बदलाव से तापमान में भी गिरावट देखने को मिल सकती है।

30 Mar 2026
चित्तौड़गढ़ दुर्ग पर दुर्गा अष्टमी पर उमड़ा आस्था का सैलाब
🔴 BREAKING
Local News
⭐ featured

चित्तौड़गढ़ दुर्ग पर दुर्गा अष्टमी पर उमड़ा आस्था का सैलाब

चित्तौड़गढ़ के ऐतिहासिक दुर्ग स्थित कालिका माता मंदिर और बाण माता मंदिर में चैत्र नवरात्र की दुर्गा अष्टमी पर आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। सुबह से ही हजारों श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए मंदिरों में पहुंचने लगे, जिससे दोनों ही मंदिर परिसरों में लंबी-लंबी कतारें लग गईं। दुर्ग स्थित कालिका माता मंदिर में दुर्गा अष्टमी के पावन अवसर पर विशेष धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। यहां मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार की ओर से विधिवत हवन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और माता का आशीर्वाद लिया। वहीं बाण माता मंदिर को भी आकर्षक सजावट से सजाया गया। दुर्गा अष्टमी के अवसर पर माता की प्रतिमा को विशेष श्रृंगार किया गया, जिसने भक्तों को भाव-विभोर कर दिया। इन दोनों मंदिरों में राजस्थान के विभिन्न जिलों के साथ-साथ देश के कई राज्यों से श्रद्धालु पहुंचे। कालिका माता मंदिर की विशेषता यह है कि यहां सूरज की पहली किरण माता के चरणों को स्पर्श करती है, जो इसे और भी दिव्य बनाती है। दूसरी ओर, बाण माता को मारवाड़ क्षेत्र के लोगों की कुलदेवी माना जाता है, जिसके चलते नवरात्र के दौरान बड़ी संख्या में परिवार यहां पहुंचकर पूजा-अर्चना करते हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए कालिका माता मंदिर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। यहां करीब 68 पुलिस और होमगार्ड के जवान तैनात रहे, ताकि व्यवस्था सुचारू बनी रहे और श्रद्धालु सुरक्षित तरीके से दर्शन कर सकें।

26 Mar 2026
गैस संकट के बीच मिट्टी के चूल्हों की बढ़ी मांग
🔴 BREAKING
Local News
⭐ featured

गैस संकट के बीच मिट्टी के चूल्हों की बढ़ी मांग

मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध के हालात का असर अब भारत के स्थानीय बाजारों में साफ नजर आने लगा है। ईरान और इजरायल के बीच तनाव के चलते गैस सप्लाई प्रभावित हो रही है, जिसका सीधा असर छोटे व्यवसायों और आम लोगों पर पड़ रहा है। गैस की बढ़ती किल्लत के बीच एक दिलचस्प बदलाव देखने को मिल रहा है, लोग अब पारंपरिक मिट्टी के चूल्हों और तंदूरों की ओर तेजी से लौट रहे हैं। खासतौर पर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और सड़क किनारे लगने वाली लारियों में इनकी मांग अचानक बढ़ गई है। मिट्टी के उत्पाद बनाने वाले कारीगर कैलाश प्रजापत ने बताया कि जैसे ही गैस की समस्या बढ़ी, उनके पास ग्राहकों की लाइन लग गई। उनके मुताबिक, जो पुराना या डेड स्टॉक महीनों से पड़ा था, वह कुछ ही दिनों में खत्म हो गया। अब हालत यह है कि जैसे ही नया तंदूर या चूल्हा तैयार होता है, तुरंत बिक जाता है। कैलाश प्रजापत ने बताया कि हैं कि वे फिलहाल रोजाना 5 से 10 तंदूर तैयार कर रहे हैं, लेकिन मांग इतनी अधिक है कि सप्लाई पूरी नहीं हो पा रही। उनके पास मिट्टी के चूल्हों और तंदूरों की पांच अलग-अलग साइज उपलब्ध हैं, जो छोटे रेहड़ी-पटरी से लेकर बड़े होटल संचालकों तक की जरूरतों को पूरा करते हैं। कीमत की बात करें तो ये उत्पाद 300 रुपये से शुरू होकर करीब 1000 रुपये तक उपलब्ध हैं, जो गैस के मुकाबले सस्ता विकल्प साबित हो रहे हैं। इसके साथ ही मिट्टी के चूल्हे पर बने खाने के स्वाद को लेकर भी लोगों का रुझान बढ़ रहा है।

26 Mar 2026