🔴 BREAKING: Major breakthrough in renewable energy storage announced by international research consortium
News 91 Rajasthan

News91 Rajasthan

आवाज़ हम सबकी

UdaipurDungarpurBanswaraPratapgarhRajsamandChittorgarhSirohiJaipur
Live TV
Breaking NewsLocal NewsCrimeSportsBusinessCultureWeatherEventsTourism
News91 Rajasthan

News91 Rajasthan

आवाज़ हम सबकी

Get the latest news delivered every morning.

FacebookTwitterInstagramYouTube

Categories

  • Breaking News
  • Local News
  • Crime
  • Sports
  • Business
  • Culture
  • Weather
  • Events
  • Tourism

Stay Informed

  • news91rajasthan@gmail.com
  • +91 98295 62164
  • Old City, Bapu Bazar, Nada Khada, Udaipur
  • 24/7 News Desk

© 2026 News91 Rajasthan. All rights reserved. Powered By Rapidly Website

Local News

अर्बन स्क्वायर मॉल में भयानक आग की सूचना से मचा हड़कंप, मॉक ड्रिल के जरिये जानी आपातकाल से निपटने की तैयारियां
🔴 BREAKING
Local News
⭐ featured

अर्बन स्क्वायर मॉल में भयानक आग की सूचना से मचा हड़कंप, मॉक ड्रिल के जरिये जानी आपातकाल से निपटने की तैयारियां

बुधवार शाम करीब 4 बजकर 30 मिनट पर कंट्रोल रूम को अर्बन स्क्वायर मॉल में आग लगने की सूचना मिली। सूचना में बताया गया कि मॉल की दूसरी मंजिल पर करीब 80 से 100 लोग फंसे हुए हैं। सूचना मिलते ही अतिरिक्त जिला कलेक्टर दीपेंद्र सिंह राठौर के आदेश और नागरिक सुरक्षा विभाग के सहायक प्रशासनिक अधिकारी धनेंद्र कश्यप के दिशा-निर्देशन में टीम को तत्काल मौके के लिए रवाना किया गया। नागरिक सुरक्षा विभाग की टीम जब अर्बन स्क्वायर मॉल पहुंची तो सामने आया कि आग लगने की सूचना एक मॉक ड्रिल का हिस्सा थी। इसके बाद मौके पर मौजूद विभिन्न एजेंसियों ने आपात स्थिति से निपटने की अपनी तैयारियों का अभ्यास किया। इस मॉक अभ्यास में नगर निगम, पुलिस, सिविल डिफेंस, एसडीआरएफ और चिकित्सा विभाग सहित कई एजेंसियां शामिल रहीं। अभ्यास के दौरान आग जैसी आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्य को किस तरह अंजाम दिया जाए, इसे लेकर तैयारियों को परखा गया। मॉक ड्रिल में वाहन चालक प्रकाश राठौड़, फायरमैन हीरालाल प्रजापत और सचिन कंडारा के साथ रेस्क्यूअर भवानी शंकर वाल्मीकि, विष्णु राठौर, नरेश चौधरी और कैलाश गमेती सहित अन्य कार्मिक मौजूद रहे। मॉक ड्रिल का उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया की क्षमता को परखना रहा। ऐसे अभ्यास से वास्तविक आपदा के समय राहत और बचाव कार्य को अधिक प्रभावी तरीके से संचालित करने में मदद मिलती है।

19 Aug 2026
उदयपुर में कई लक्ज़री बेस सीज़, नियम विरुद्ध बनावट पर हुआ एक्शन
🔴 BREAKING
Local News
⭐ featured

उदयपुर में कई लक्ज़री बेस सीज़, नियम विरुद्ध बनावट पर हुआ एक्शन

यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बुधवार को गोवर्धन विलास थाना क्षेत्र के बलिचा चौराहे पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और परिवहन विभाग की संयुक्त टीम ने विशेष जांच अभियान चलाया। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के तत्वावधान में यह कार्रवाई जिला एवं सेशन न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष ज्ञान प्रकाश गुप्ता के निर्देश पर की गई। अचानक शुरू हुई इस कार्रवाई से बस संचालकों में हड़कंप मच गया। जांच टीम ने मौके पर एक-एक कर कुल 10 यात्री बसों की गहन जांच की। निरीक्षण के दौरान कई बसों में मूल बनावट में बिना अनुमति किए गए बदलाव सामने आए, जिन्हें यात्रियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा माना गया। जांच में मोटर वाहन नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर पांच बसों के खिलाफ मौके पर ही चालान की कार्रवाई की गई। इन बस संचालकों से कुल 75 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया। वहीं गंभीर अनियमितताएं मिलने पर तीन लग्जरी स्लीपर बसों को जब्त कर सीज कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान अपर जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव राहुल चौधरी, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष कुमार जोशी और जिला परिवहन अधिकारी मुकेश डाड सहित न्यायपालिका, परिवहन विभाग, प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने कहा कि बिना अनुमति वाहनों की बनावट में बदलाव करना और परिवहन नियमों की अनदेखी करना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। यात्रियों की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है और नियमों का उल्लंघन करने वाले बस संचालकों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

06 Aug 2026
समुदाय विशेष के दबाव हुई कार्यवाही सवालो के घेरे में, गलत मकान किया ध्वस्त
🔴 BREAKING
Local News
⭐ featured

समुदाय विशेष के दबाव हुई कार्यवाही सवालो के घेरे में, गलत मकान किया ध्वस्त

सागरमल जैन हत्याकांड के बाद हुई यूडीए की ध्वस्तीकरण कार्रवाई को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। राव समाज के पदाधिकारियों और वरिष्ठ अधिवक्ता राव रतन सिंह ने जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रशासन की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि जिस निर्माण को बुलडोजर से ध्वस्त किया गया, वह आरोपी प्रवीण सिंह का नहीं बल्कि कैलाश कंवर राव का निर्माणाधीन मकान है। उनका कहना है कि भवन के लिए वैधानिक स्वीकृति ली गई थी और मामले में न्यायालय का स्थगन आदेश भी प्रभावी था। वरिष्ठ अधिवक्ता राव रतन सिंह ने सवाल उठाया कि यदि न्यायालय का स्थगन आदेश लागू था तो यूडीए ने किस कानूनी आधार पर कार्रवाई की। यदि निर्माण अवैध था तो पहले नोटिस क्यों नहीं दिया गया। यदि भवन किसी अन्य व्यक्ति के नाम था तो आरोपी के नाम पर ध्वस्तीकरण किस आधार पर किया गया। यदि निर्माण कई मंजिल तक पहुंच चुका था तो शुरुआती चरण में कार्रवाई क्यों नहीं हुई और बुलडोजर हत्या की घटना के बाद ही क्यों पहुंचा। राव समाज ने यह भी दावा किया कि घटना से जुड़े वीडियो की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनका कहना है कि पूरे घटनाक्रम के सभी पहलुओं की जांच किए बिना एक पक्षीय कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। समाज ने जिला प्रशासन से मांग की है कि ध्वस्तीकरण की पूरी प्रक्रिया, नोटिस, स्वीकृति, न्यायालय के आदेश और यूडीए की कार्रवाई की स्वतंत्र जांच कराई जाए। साथ ही उन्होने कहा कि यह कार्यवाही समुदाय विशेष के दबाव में की गयी है। मेवाड़ शासक राव समाज के अध्यक्ष रोड सिंह ने भी आरोप लगाया कि प्रवीण सिंह के खिलाफ दबाव में कार्रवाई की गई है। वहीं कैलाश कंवर राव ने दावा किया कि निर्माणाधीन भवन उनका है, जिसे उन्होंने अपने नाम से खरीदी गई भूमि पर लोन लेकर बनवाया था और प्रवीण सिंह केवल निर्माण कार्य की देखरेख कर रहे थे। राव समाज ने चेतावनी दी है कि यदि ध्वस्तीकरण की वैधानिकता की निष्पक्ष जांच नहीं हुई और उनके सवालों का जवाब नहीं मिला तो आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा। अब इस पूरे मामले में कई सवाल खड़े हो रहे हैं। क्या यूडीए ने ध्वस्तीकरण से पहले सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया? क्या भवन स्वामी को नोटिस दिया गया था? क्या न्यायालय के किसी स्थगन आदेश की अनदेखी हुई? क्या कार्रवाई तथ्यों के आधार पर हुई या समुदाय विशेष के दबाव में निर्णय लिया गया?

31 Jul 2026
23 साल से फरार वारंटी गिरफ्तार, साधु के वेश में मंदिर में रह रहा था 75 वर्षीय आरोपी
🔴 BREAKING
Local News
⭐ featured

23 साल से फरार वारंटी गिरफ्तार, साधु के वेश में मंदिर में रह रहा था 75 वर्षीय आरोपी

उदयपुर की भूपालपुरा थाना पुलिस ने 23 स्थाई वारंटों में 15 सा​ल से फरार चल रहे आरोपी को साधु के भेष में उत्तराखंड के ऋषिकेश से गिरफ्तार किया है। आरोपी अपनी पहचान छिपाकर साधु के रूप में रह रहा था। डीएसपी छवि शर्मा के सुपरविजन में टीम को गठन किया गया। 15 साल से दे रहा था चकमा गिरफ्तार आरोपी श्यामालाल (78) पुत्र परसराम निवासी मीरा कॉलोनी पिछले 15 साल से पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था। पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी साधु का भेष धारण कर उत्तराखंड में छिपा हुआ है। इस पर पुलिस की टीम उत्तराखंड पहुंची। जहां पुलिस ने आरोपी को जगह-जगह तलाशा। पुलिस को उसके ऋषिकेश में होने का अंदेशा हुआ। पुलिस ने लोगों को पुराने फोटो दिखाए पुलिस ​ऋषिकेश पहुंची। वहां मंदिरों और घाटों पर जा जाकर आरोपी की पुरानी तस्वीरें दिखाई। जगह-जगह लोगों से पूछताछ करते हुए आरोपी का पता किया। जिसके बाद आरोपी एक मंदिर में साधु के वेष में मिला। बाद में आरोपी को गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई में कॉन्स्टेबल आसुराम और रघुवीर सिंह की विशेष भूमिका रही।

30 Jul 2026
उदयपुर में अब स्टंट बाइकर्स की खैर नहीं, एक्शन में पुलिस, 12 बाइक्स जब्त
🔴 BREAKING
Local News
⭐ featured

उदयपुर में अब स्टंट बाइकर्स की खैर नहीं, एक्शन में पुलिस, 12 बाइक्स जब्त

उदयपुर के गोवर्धनविलास थाना पुलिस ने हाईवे पर खतरनाक स्टंट करने वाले बाइकर्स के खिलाफ विशेष अभियान चलाते हुए बड़ी कार्रवाई की। पुलिस अधीक्षक अमृता दुहन के निर्देश पर चलाए गए अभियान में तेज रफ्तार और लापरवाही से पावर बाइक्स दौड़ाकर स्टंट करने वाले 12 बाइक चालकों को पकड़ा गया। पुलिस ने सभी वाहनों को जब्त कर मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालान भी काटे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के स्टंट न केवल वाहन चालकों की बल्कि आम लोगों की जान के लिए भी खतरा बनते हैं। पुलिस ने चेतावनी दी कि भविष्य में भी ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

28 Jul 2026
उदयपुर में DST ने फिरौती के लिए किया अपहरण,असलियत खुली,8 गिरफ्तार
🔴 BREAKING
Local News
⭐ featured

उदयपुर में DST ने फिरौती के लिए किया अपहरण,असलियत खुली,8 गिरफ्तार

फर्जी पुलिस टीम बनकर अपहरण और फिरौती की वारदात को अंजाम देने वाले गिरोह के खिलाफ सुखेर थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के निर्देश, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश ओझा और डीएसपी राजेश यादव के सुपरविजन में थाना अधिकारी भरत योगी के नेतृत्व में गठित टीम ने आसूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से वारदात में प्रयुक्त टाटा नेक्सॉन कार भी जब्त कर ली है। पुलिस के मुताबिक 13 जुलाई को चीरवा निवासी महेन्द्र सिंह ने सुखेर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। उसने बताया कि 12 जुलाई की रात वह अंबेरी स्थित न्यू आशापुरा होटल में सो रहा था। इसी दौरान कुछ लोग कार लेकर वहां पहुंचे और स्वयं को पुलिस की डीएसटी टीम का सदस्य बताते हुए उसे जबरन अपने साथ ले गए। आरोपियों ने होटल के कमरे से उसका अपहरण किया और नेगड़िया टोल के आगे जंगल में ले जाकर उसके साथ मारपीट की। इसके बाद उससे पैसों की मांग की गई और घायल अवस्था में छोड़कर आरोपी फरार हो गए। मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान सुरेन्द्र सिंह, सुरेन्द्र सिंह, रविराज सिंह, संदीप सिंह, मंगल सिंह, विक्रम सिंह, हिम्मत सिंह और राहुल उर्फ रोहित सिंह को गिरफ्तार किया गया। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड लिया है। पुलिस अब रिमांड के दौरान आरोपियों से वारदात की पूरी साजिश, गिरोह के अन्य सदस्यों, फिरौती की रकम और इस तरह की अन्य घटनाओं में उनकी भूमिका को लेकर गहन पूछताछ कर रही है। साथ ही पूरे आपराधिक नेटवर्क की भी जांच जारी है।

22 Jul 2026