आवाज़ हम सबकी
भारतीय लोक कला मंडल के मुक्ताकाशी रंगमंच पर आयोजित इस भव्य सांस्कृतिक संध्या में राजस्थान की लोक परंपराएं जीवंत होती नजर आईं। कार्यक्रम जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में शहरवासियों की मौजूदगी रही। कार्यक्रम में एडीएम प्रशासन दीपेंद्र सिंह राठौड़ और एडीएम सिटी जितेंद्र ओझा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उपनिदेशक पर्यटन शिखा सक्सेना और लोक कला मंडल के निदेशक डॉ. लइक हुसैन ने अतिथियों का स्वागत किया। अतिथियों ने कलाकारों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में धर्मेंद्र कुमार और ग्रुप ने चरी नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी, वहीं लुंबाराम ने भवाई नृत्य के माध्यम से कौशल का अद्भुत प्रदर्शन किया। किशन के निर्देशन में महिला कलाकारों ने तेरहताल की मनमोहक प्रस्तुति दी। इसके अलावा मोहनलाल डांगी एवं दल ने कठपुतली कला का प्रदर्शन कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। केसुलाल एवं दल ने गवरी नृत्य प्रस्तुत किया, जबकि जैसलमेर के मोती खान एवं दल की गायकी ने माहौल को सुरमयी बना दिया। बाड़मेर की लीला देवी ने कालबेलिया, मीना देवी एवं दल ने घूमर और करुणा वर्मा ने चारी नृत्य की प्रस्तुति दी।
उदयपुर शहर में खासकर जगदीश चौक में हर साल की तरह होली का जश्न बड़े ही जोश और उत्साह से सेलिब्रेट किया गया। पूरा चौक युवाओं से खचाखच भरा था।हिंदी-पंजाबी सॉन्ग्स पर हर कोई मस्ती से झूमा और होली को मस्ती से खेला। शहर में गुलाल उड़ाते हुए रंग फेंका और शुभकामनाएं दी।रंगों के इस पर्व पर देश-विदेश से आए टूरिस्ट भी बखूबी रम गए हैं। उन्होंने भी होली को खूब एन्जॉय किया। जगदीश मंदिर की सीढ़ियों से लेकर आसपास होटल्स की छतों, खिड़कियों पर लोग इस जश्न के गवाह बने। भारी भीड़ के कारण जगदीश चौक आने वाले रास्तों पर ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही और पुलिस ने अपने प्रबंध कर रखे थे।मौके पर पुलिस जाब्ता लगाया है, जो किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर बनाए हुए है। यहां शहर के अधिकारियों ने भी होली सेलीब्रेट की और एक-दूसरे को रंग लगाकर शुभकामनाएं दी।उदयपुर में पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने भी होली खेली । कटारिया ने नगर निगम ग्राउंड में सामूहिक शोक परिवारों को ढांढस बंधाया। इसके बाद कटारिया ने शहर के इलाको में होली खेली। उनके सेक्टर 11 स्थित आवास पर भी कार्यकर्ताओं ने होली खेली। सांसद डा. मन्नालाल रावत ने खुद ढोल बजाकर कार्यकर्ताओं के साथ होली खेली।
होली पर्व को लेकर उदयपुर के बाजारों में अब चहल-पहल दिखाई देने लगी है। होलिका दहन के लिए जलाई जाने वाली होली शहर के अलग-अलग इलाकों और बाजारों में बिकने लग गई है। दुकानों पर लकड़ी, उपले और पारंपरिक सामग्री से तैयार की गई होली उपलब्ध कराई जा रही है, जिन्हें लोग परंपरा के अनुसार खरीद रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि हर साल होली पर्व से कुछ दिन पहले ही होली की बिक्री शुरू हो जाती है और इस बार भी यही रुझान देखने को मिल रहा है। गली-मोहल्लों और चौक-चौराहों पर होने वाले सामूहिक होलिका दहन के लिए लोग अभी से तैयारियों में जुट गए हैं। इसके चलते बाजारों में धीरे-धीरे भीड़ बढ़ रही है। बाजारों में अलग-अलग आकार और कीमत की होली उपलब्ध है, ताकि हर वर्ग के लोग अपनी सुविधा के अनुसार खरीदारी कर सकें। आने वाले दिनों में जैसे-जैसे होली का पर्व नजदीक आएगा, वैसे-वैसे बिक्री में और तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। होलिका दहन की होली बाजारों में पहुंचते ही शहर का माहौल भी बदलने लगा है। रंगों और उल्लास से भरे इस पर्व की आहट अब बाजारों में साफ महसूस की जा सकती है, जो होली के उत्सव के करीब आने का संकेत दे रही है।
मेवाड़ के आराध्य देव जगदीश मंदिर में फाग उत्सव के साथ ही होली के त्योहार का विधिवत आगाज हो गया है। मंदिर के ऊंचे शिखर से लेकर आंगन तक, हर कोना आज भक्ति और उल्लास के रंगों में रंगा नजर आया। उत्सव की शुरुआत विशेष पूजा-अर्चना और ठाकुर जी के श्रृंगार के साथ हुई। जैसे ही मंदिर के पट खुले, भक्तों ने अपने आराध्य पर गुलाल और पुष्प वर्षा शुरू कर दी। स्थानीय कलाकारों और भजन मंडलियों ने एक से बढ़कर एक फाग गीतों की प्रस्तुति दी, जिसे सुनकर वहां मौजूद विदेशी पर्यटक भी खुद को थिरकने से नहीं रोक पाए। परंपरा के अनुसार, इस उत्सव में प्राकृतिक रंगों और फूलों का भरपूर प्रयोग किया गया। मंदिर मंडल की ओर से सुरक्षा और दर्शन की विशेष व्यवस्था की गई थी ताकि भीड़ के बावजूद हर भक्त सुखद अनुभव ले सके। महिलाओं और युवाओं में इस उत्सव को लेकर खासा उत्साह देखा गया, जिन्होंने मंदिर के आंगन में घेरा बनाकर पारम्परिक नृत्य किया। जगदीश मंदिर का यह फाग उत्सव न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह उदयपुर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी दर्शाता है। फाग के इन गीतों और उड़ते गुलाल ने पूरे शहर को एक सूत्र में पिरो दिया है, जिससे अब मेवाड़ में धुलंडी तक इसी तरह उत्सव का माहौल बना रहेगा।
उदयपुर की गीतांजली यूनिवर्सिटी में आयोजित गीतांजली सिनेप्स- 2026 उत्साह, ऊर्जा और रचनात्मकता का संगम बनकर सामने आया। इस बहुप्रतीक्षित सांस्कृतिक महोत्सव में मेडिकल, पैरामेडिकल, फार्मेसी, डेंटल, फिजियोथेरेपी और नर्सिंग कॉलेजों के विद्यार्थियों ने पूरे जोश के साथ भाग लिया। रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, खेलकूद प्रतियोगिताएं और रचनात्मक गतिविधियों ने पूरे परिसर को जीवंत कर दिया। महोत्सव के प्रमुख आकर्षण इंस्पिरोग्रूव ईव की शुरुआत गीतांजली ग्रुप के चेयरमैन जे.पी. अग्रवाल के संबोधन से हुई। उन्होंने कहा कि युवा ही देश का वास्तविक राष्ट्र-निर्माता है और सफलता के लिए आत्म-अनुशासन, समय प्रबंधन और कौशल विकास अनिवार्य हैं। उन्होंने डिजिटल युग में बढ़ती स्क्रीन-लत पर चिंता जताते हुए डिजिटल अनुशासन और डिजिटल उपवास का संदेश दिया। कार्यक्रम में प्रख्यात स्टैंड-अप कॉमेडियन ज़ाकिर खान की मौजूदगी ने माहौल को और खास बना दिया। अपने सहज अंदाज़ और जीवन से जुड़े अनुभवों के जरिए उन्होंने विद्यार्थियों को संघर्ष, आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास का महत्व समझाया। सभागार तालियों और हंसी से गूंज उठा। कार्यक्रम के तहत विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को मेडल और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि 27 फरवरी को सुप्रसिद्ध रैपर बादशाह की कॉन्सर्ट नाइट आयोजित होगी उसके साथ ही कार्यक्रम का समापन होगा।
उदयपुर में फिल्म ‘पुष्पा’ की हीरोइन रश्मिका मंदाना और साउथ स्टार विजय देवरकोंडा शादी के बंधन में बंध गए। दोनों ने डीजे नाइट में डांस भी किया। शादी में शामिल होने आए मेहमानों के जाने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। फिल्म प्रोड्यूसर-डायरेक्टर संदीप रेड्डी वांगा भी उदयपुर से रवाना हो गए हैं।दूल्हा-दुल्हन और उनके परिवार के सदस्य भी आज हैदराबाद के लिए निकलेंगे। अब 3 और 4 मार्च को हैदराबाद में रिसेप्शन होग, जिसमें साउथ और बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े स्टार समेत राजनीतिक हस्तियां शामिल होंगी।शादी में रश्मिका ने सिंदूरी रंग की गोल्डन बॉर्डर वाली साड़ी पहनी। उनका दक्षिण भारतीय दुल्हन का क्लासिक लुक था। माथे पर सोने की पट्टी और हार पहना। मंगलसूत्र पहनाने की रस्म के दौरान रश्मिका की आंखों में खुशी के आंसू थे।वहीं विजय देवरकोंडा ने धोती और कंधे पर सिंदूरी लाल रंग का दुपट्टा पहना। दोनों अपने पारंपरिक परिधान में खूबसूरत लग रहे थे। परिवार ने नजर से बचाने के लिए दोनों के चेहरे पर काला टीका लगाया था।होटल मेंमेटोस एकाया में शादी के बाद डीजे नाइट हुई। इसके लिए खासतौर पर फेमस डीजे गणेश (गणेश रंगनाथन) को बुलाया गया था। डीजे पर साउथ की फिल्मों और रश्मिका की बॉलीवुड फिल्म ‘एनिमल’, ‘छावा’ के गाने भी बजे। रश्मिका की साउथ की सुपरहिट फिल्म ‘पुष्पा’ का गाना 'श्रीवल्ली' भी डीजे पर बजाया गया।रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा 23 फरवरी को उदयपुर आ गए थे। 4 दिन होटल मेंमेटोस एकाया में प्री-वेडिंग और वेडिंग फंक्शन हुए। प्री-वेडिंग में दोनों के परिवार और दोस्तों के बीच ‘VIROSH प्रीमियर लीग’ मैच हुआ। पूल पार्टी और डिनर हुआ। 25 फरवरी से शादी के फंक्शन शुरू हुए थे। 4 दिन बाद अब दोनों, उनके परिवार और दो