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डूंगरपुर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतरराज्यीय महिला चोर गिरोह का राजफाश किया है। पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे ऑपरेशन शिकंजा के तहत कोतवाली थाना पुलिस ने 2000 रुपए के इनामी और कुख्यात हिस्ट्रीशीटर कमलेश चौधरी को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकेश सांखला, सीओ तपेन्द्र मीणा के मार्गदर्शन और थानाधिकारी अजय सिंह के नेतृत्व में टीम ने अहम भूमिका निभाई। पुलिस ने परंपरागत पुलिसिंग और मुखबिर सूचना के आधार पर वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर उसका पीसी रिमांड लिया और चोरी हुए जेवरात बरामद किए। मामला उस समय सामने आया जब डूंगरपुर निवासी मधुबाला ने थाने में रिपोर्ट दी कि 1 मार्च को वह अपनी 13 वर्षीय पुत्री के साथ रोडवेज बस में सवार हुईं, जहां भीड़ का फायदा उठाकर अज्ञात बदमाश ने उनके बैग से चार सोने की चूड़ियां और एक जोड़ी सोने के टॉप्स चोरी कर लिए। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी कमलेश चौधरी एक शातिर अपराधी है, जो महिला गिरोह के साथ मिलकर मेलों, त्योहारों और भीड़भाड़ वाले आयोजनों में इस तरह की वारदातों को अंजाम देता था। आरोपी के खिलाफ उदयपुर, पाली और सिरोही सहित कई जिलों में चोरी, नकबजनी, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के 27 से अधिक मामले दर्ज हैं। पुछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी उदयपुर के गोवर्धनविलास थाने का हिस्ट्रीशीटर है। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
डूंगरपुर जिले में अवैध गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए बनाई गई जिला विशेष टीम लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में टीम को शराब तस्करों के खिलाफ 72 घंटों के भीतर तीसरी बड़ी सफलता मिली है। यह कार्रवाई बिछीवाड़ा थाना सर्कल में की गई, जहां टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दिन के समय एक तीन पहिया टेम्पो में स्क्रैप और कबाड़ के नीचे अवैध शराब छिपाकर बॉर्डर पार गुजरात भेजी जा रही है। सूचना के आधार पर टीम ने राष्ट्रीय राजमार्ग 48 पर निगरानी शुरू की। कुछ देर बाद मुखबिरी के अनुसार एक तीन पहिया टेम्पो वहां से गुजरता दिखाई दिया, जिसे टीम ने रोककर चालक से पूछताछ की। चालक के संतोषजनक जवाब नहीं देने पर वाहन की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान स्क्रैप और कबाड़ के नीचे छिपाकर रखे गए 35 कार्टन अवैध अंग्रेजी शराब बरामद हुई। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें राजसमंद निवासी नानु गुर्जर और भीलवाडा निवासी मुकेश जोगी शामिल हैं। जब्त की गई शराब की अनुमानित कीमत करीब 2 लाख 50 हजार रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई मनीष कुमार के सुपरविजन में की गई। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर वाहन को डिटेन किया और आगे की कार्रवाई के लिए बिछीवाड़ा थाने को सौंप दिया है।
डूंगरपुर जिले के दोवड़ा थाना क्षेत्र में स्थित वन मंडल की आंतरी रेंज के अंतर्गत नाका दामड़ी के डोलवर क्षेत्र में बुधवार को एक मादा लेपर्ड मृत अवस्था में पाई गई। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। लेपर्ड के मृत मिलने की खबर फैलते ही आसपास के ग्रामीणों की भीड़ भी मौके पर जमा हो गई। वन विभाग ने मृत मादा लेपर्ड के शव को कब्जे में लेकर दोवड़ा वन नाका पहुंचाया। जांच के लिए पशु चिकित्सा विभाग की टीम को मौके पर बुलाया गया। पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सचिन पाटीदार, डॉ. निशांत परमार और डॉ. युक्ति परमार ने मादा लेपर्ड की जांच की। जांच के दौरान डॉक्टरों ने पुष्टि की कि मादा लेपर्ड गर्भवती थी और उसके गर्भ में दो शावक पल रहे थे, जिनकी मादा लेपर्ड के साथ ही मौत हो गई। देर शाम वन विभाग और पशु चिकित्सा टीम की मौजूदगी में मादा लेपर्ड का पोस्टमार्टम किया गया।पोस्टमार्टम के बाद नियमानुसार लेपर्ड का अंतिम संस्कार किया गया। हालांकि प्रारंभिक जांच में मौत के स्पष्ट कारण सामने नहीं आ सके हैं। वन विभाग का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि कुछ दिन पहले साबला क्षेत्र में एक लेपर्ड के शिकार की घटना सामने आई थी, जिसमें शिकारियों ने उसके नाखून और जबड़ा काट लिया था। ऐसे में इस मादा लेपर्ड की मौत को लेकर भी शिकार की आशंका जताई जा रही है। वन विभाग सभी पहलुओं से मामले की गहन जांच में जुटा हुआ है।
डूंगरपुर में सरकारी टीचर, उनकी पत्नी और भाभी की सड़क हादसे में मौत हो गई। तीनों एक बाइक पर बैठकर शादी समारोह से घर लौट रहे थे। इसी दौरान आगे चल रहे ट्रॉले ने अचानक ब्रेक लगा दिया, जिससे बाइक ट्रॉले में घुस गई।कोतवाली थाने के SI रमेशचंद्र ने बताया कि ढेड़को का वेला निवासी मगनलाल (50) पुत्र कमलाशंकर खराड़ी प्राइमरी स्कूल पारगी फला नेगाला में सरकारी टीचर थे। मगनलाल के ससुराल हिराता गोलआंबा में एक शादी समारोह था, जिसमे शामिल होकर वो पत्नी विमला खराड़ी (45) और चचेरी भाभी ललिता (45) पत्नी विश्राम खराड़ी के साथ बाइक से घर आ रहे थे। रात करीब 8 बजे डूंगरपुर शहर से आगे बढ़ते ही बोरी मोड़ के पास आगे चल रहे ट्रॉले ने अचानक ब्रेक लगा दी, जिससे बाइक ट्रॉले में घुस गई।घटना कोतवाली थाना क्षेत्र में बोरी गांव के पास गुरुवार रात 8 बजे की है। टीचर के भाई की 3 साल पहले मौत हो चुकी है। हादसे के बाद 14 बच्चे अनाथ हो गए। एक ही परिवार में एक साथ 3 मौत होने से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।हादसे में टीचर मगनलाल और उनकी पत्नी विमला देवी की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में गंभीर रूप से घायल हुई ललिता को डूंगरपुर अस्पताल में प्राइमरी ट्रीटमेंट के बाद उदयपुर रेफर कर दिया गया। शुक्रवार सुबह उदयपुर में इलाज के दौरान ललिता ने भी दम तोड़ दिया।टीचर मगनलाल और उसकी पत्नी के 7 बच्चे है। जिनमें 5 बेटियां और 2 बेटे है। तीन बेटियों की शादी हो चुकी है। वहीं चचेरी भाभी ललिता खराड़ी के भी 7 बच्चे है। जिनमें 5 लड़कियां और 2 लड़के है। ललिता के पति विश्राम खराड़ी की 3 साल पहले मौत हो गई थी। इसके बाद ललिता ही बच्चों की परवरिश कर रही थी। लेकिन अब हादसे में इन 3 मौत से दोनों परिवारों के 14 बच्चों के सिर से माता-पिता का साया उठ गया।
जल जीवन मिशन में हुए भ्रष्टाचार के मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो राजस्थान द्वारा गठित एसआईटी ने मंगलवार सुबह बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। 2024 में दर्ज एक में सामने आए तथ्यों के आधार पर एसीबी की करीब डेढ़ दर्जन टीमों ने जयपुर, बाड़मेर, उदयपुर, करौली, दिल्ली सहित अन्य राज्यों में एकसाथ दबिश दी और 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में दिनेश गोयल, वर्तमान मुख्य अभियंता प्रशासन, के.डी. गुप्ता, मुख्य अभियंता ग्रामीण, सुभांशु दीक्षित, तत्कालीन सचिव आरडब्ल्यूएसएसएम और वर्तमान अतिरिक्त मुख्य अभियंता जयपुर क्षेत्र-द्वितीय, सुशील शर्मा वित्तीय सलाहकार अक्षय ऊर्जा, निरिल कुमार मुख्य अभियंता चूरू, विशाल सक्सेना अधिशाषी अभियंता जो कि अभी संस्पेंड चल रहे है। इसके अलावा अरुण श्रीवास्तव अतिरिक्त मुख्य अभियंता जो अब सेवानिवृत्त हो चुके है। साथ ही डी.के. गौड तत्कालीन मुख्य अभियंता और तकनीकी सदस्य और महेन्द्र प्रकाश सोनी अधीक्षण अभियंता सेवानिवृत्त शामिल हैं। अनुसंधान में सामने आया कि मैसर्स श्री गणपति ट्यूबवैल कंपनी और मैसर्स श्री श्याम ट्यूबवैल कंपनी द्वारा आयरल इंटरनेशनल लिमिटेड के फर्जी कार्यपूर्णता प्रमाण पत्र तैयार किए गए। इन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मिलीभगत कर करीब 960 करोड़ रुपये के टेंडर हासिल किए गए। इसके अलावा, पीएचईडी के उच्च अधिकारियों द्वारा 50 करोड़ रुपये से अधिक के मेजर प्रोजेक्ट्स की निविदाओं में नियमों के विरुद्ध साइट विजिट प्रमाण पत्र अनिवार्य कर टेंडर प्रक्रिया में हेरफेर की गई, जिससे टेंडर पुलिंग हुई और ऊंचे टेंडर प्रीमियम स्वीकृत किए गए। इससे हजारों करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार के तथ्य उजागर हुए। प्रकरण में अनुसंधान के लिए पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ की अध्यक्षता में एसआईटी गठित की गई। महानिरीक्षक पुलिस राजेश सिंह और उपमहानिरीक्षक डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में कार्रवाई की गई, जबकि अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव की निगरानी में पूछताछ और आगे की कार्रवाई जारी है।
बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ थाना क्षेत्र के बावलिया पाड़ा गांव स्थित एक सरकारी स्कूल में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब स्कूल में खेलते हुए तीसरी कक्षा में पढ़ने वाले 9 वर्षीय छात्र राधेश्याम की आंखों में गलती से फेवीक्विक गिर गया। आंखों में तेज जलन के कारण मासूम ने घबराकर आंखों को मसल लिया, जिससे कुछ ही पलों में दोनों आंखों की पलकें बुरी तरह आपस में चिपक गईं। बच्चे के तेज रोने और चीख-पुकार पर स्कूल स्टाफ मौके पर पहुंचा और स्थिति को संभालने की कोशिश की। तत्काल परिजनों को सूचना दी गई, जिसके बाद परिवार के लोग बच्चे को लेकर कुशलगढ़ अस्पताल पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन आंखों की गंभीर स्थिति और ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण बच्चे को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में भी स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने राधेश्याम को बेहतर इलाज के लिए उदयपुर स्थित एमबी हॉस्पिटल रेफर कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार फेवीक्विक में मौजूद केमिकल के कारण आंखों की पलकें चिपक गई थीं, जिससे बिना विशेषज्ञ उपचार के उन्हें खोलना संभव नहीं था। वहीं इस हादसे ने सरकारी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा, निगरानी और स्कूल परिसर में खतरनाक सामग्री की उपलब्धता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन से मांग की जा रही है कि स्कूलों में सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।