आवाज़ हम सबकी
राजसमंद जिले के खमनोर थाना क्षेत्र के शिशोदा गांव में पारिवारिक विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। लंबे समय से चल रहे जमीन विवाद के बीच एक बेटे ने अपने ही पिता पर हमला कर दिया। घटना में 75 वर्षीय भंवरलाल सोनी गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के मुताबिक पिता और बेटे के बीच जमीन को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के चलते आरोपी बेटे ने गुस्से में आकर अपने पिता भंवरलाल सोनी पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हमले में भंवरलाल सोनी के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर चोटें आईं। परिजनों और स्थानीय लोगों ने उन्हें लहूलुहान हालत में तत्काल नजदीकी चिकित्सालय पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही खमनोर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में मामला जमीन विवाद से जुड़ा सामने आया है। आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उसकी तलाश की जा रही है। साथ ही घटना के सभी पहलुओं की जांच कर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राजसमंद जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एएनटीएफ को सूचना मिली थी कि श्रीनाथजी मंदिर थाना क्षेत्र के बागोल गांव में चारभुजा मंदिर के पास स्थित एक खेत में भारी मात्रा में अवैध गांजे के पौधे लगाए गए हैं। सूचना के आधार पर एएनटीएफ टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई की। पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो खेत में बड़ी संख्या में गांजा के हरे पौधे लगे हुए मिले। कार्रवाई के दौरान खेत पर कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था। इसके बाद पुलिस ने पटवारी को मौके पर बुलाकर राजस्व रिकॉर्ड की जांच करवाई। जांच में सामने आया कि संबंधित खेत जमनी बाई खटीक के नाम दर्ज है। पुलिस ने आसपास के लोगों से भी पूछताछ की, जिन्होंने खेत जमनी बाई का होना बताया। जब पुलिस ने उनकी तलाश की तो जानकारी मिली कि वह फिलहाल गुजरात में हैं। इसके बाद स्थानीय पुलिस ने खेत में लगे सभी गांजा के पौधों को उखड़वाकर जब्त कर लिया। कार्रवाई के दौरान कुल 340 हरे गांजा के पौधे बरामद किए गए। पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों की खेती के मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साथ ही खेत की मालकिन की भूमिका और अवैध खेती के नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
राजसमंद में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने सरकारी अस्पताल में कथित रिश्वतखोरी के मामले का खुलासा करते हुए एक डॉक्टर को ट्रैप कार्रवाई में गिरफ्तार किया है। एसीबी की यह कार्रवाई एडिशनल एसपी हिम्मत सिंह चारण के नेतृत्व में आरके जिला अस्पताल में की गई। एसीबी के अनुसार परिवादी के पुत्र की आंख के पास एक गांठ थी, जिसे हटाने के लिए वह सरकारी अस्पताल पहुंचा था। आरोप है कि उपचार और ऑपरेशन की प्रक्रिया के लिए जूनियर स्पेशलिस्ट सर्जरी डॉ. पंकज जैन ने परिवादी से 2 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की। बाद में दोनों पक्षों के बीच 1800 रुपए में सहमति बनी। परिवादी ने इसकी शिकायत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से की। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान आरोपी डॉक्टर ने पहली किस्त के रूप में 500 रुपए ले लिए, जिससे शिकायत की पुष्टि हो गई। इसके बाद एसीबी टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई की। जैसे ही आरोपी डॉ. पंकज जैन परिवादी से शेष 1300 रुपए की रिश्वत ले रहा था, टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। एसीबी ने रिश्वत की राशि भी बरामद कर ली। फिलहाल एसीबी आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे प्रकरण की जांच जारी है और रिश्वतखोरी से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जाएगी।
बिजनोल ग्राम पंचायत क्षेत्र में पिछले कई दिनों से पेयजल संकट गहराने के कारण ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि करीब 20 दिनों से नियमित रूप से पीने के पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है, जबकि पिछले 45 दिनों से हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि 10 दिन में केवल एक बार और वह भी महज 15 मिनट के लिए पानी की सप्लाई दी जा रही है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। इसी समस्या को लेकर मंगलवार को ग्राम पंचायत मुख्यालय पर सैकड़ों ग्रामीण एकत्रित हुए और जलदाय विभाग के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया। महिलाओं ने खाली मटके फोड़कर अपना विरोध जताया और विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन कर रही महिलाओं का कहना है कि घरों में पीने तक का पानी उपलब्ध नहीं है और उन्हें दूर-दूर से पानी लाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जलदाय विभाग के उच्च अधिकारियों को कई बार समस्या से अवगत करवाया गया, लेकिन इसके बावजूद कोई समाधान नहीं निकला। जनप्रतिनिधियों को भी स्थिति बताई गई, फिर भी गांव में पानी की समस्या जस की तस बनी हुई है। धरना प्रदर्शन में समाजसेवी प्रवीण सिंह चुंडावत, शंभु सिंह, देवी सिंह, राम सिंह, भंवर सिंह, किशन सिंह, मथुरा लाल गुर्जर, लोकेश गुर्जर, उदय लाल, गोपाल गुर्जर, सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो कलेक्टर कार्यालय पर उग्र प्रदर्शन किया जाएगा।
राजसमंद जिले में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की स्थिति पर सवाल खड़े हो रहे हैं। एएनएम ट्रेनिंग सेंटर के पास पिछले करीब 8 साल से दो 108 एंबुलेंस खड़ी-खड़ी कबाड़ में तब्दील हो चुकी हैं, लेकिन अब तक उनका निपटारा नहीं किया गया है। इन एंबुलेंसों की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि इनके टायर, इंजन, रेडिएटर और सीटें तक गायब हो चुकी हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि असामाजिक तत्वों ने धीरे-धीरे इनके कीमती पार्ट्स चोरी कर लिए, जिससे अब ये वाहन पूरी तरह नकारा हो चुके हैं। चिंता की बात यह है कि जहां एक ओर ये एंबुलेंस बेकार पड़ी हैं, वहीं दूसरी ओर जिले में मरीजों को समय पर एंबुलेंस सुविधा नहीं मिल पा रही है। करीब 175 किलोमीटर के क्षेत्र में फैले राजसमंद जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत मात्र 22 एंबुलेंस ही संचालित हैं, जो जरूरत के मुकाबले बेहद कम हैं। इसका सबसे ज्यादा असर आपात स्थिति में देखने को मिलता है, खासकर सड़क दुर्घटनाओं और प्रसूता महिलाओं के मामलों में। कई बार समय पर एंबुलेंस नहीं पहुंचने के कारण परिजनों को निजी साधनों से मरीजों को अस्पताल ले जाना पड़ता है, जिससे जोखिम और बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इन दोनों कबाड़ एंबुलेंसों के स्थान पर नई एंबुलेंस शुरू की जाएं, तो मरीजों को बड़ी राहत मिल सकती है। वहीं इस पूरे मामले पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी हेमंत बिंदल ने बताया कि दोनों एंबुलेंसों के निस्तारण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और इसकी रिपोर्ट राज्य सरकार को भेज दी गई है।
राजसमंद जिले के नाथद्वारा के पास बिजनोल गांव के समीप मेंघटिया कला में हनुमान जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित भजन संध्या उस वक्त विवादों में आ गई, जब लोक गायक छोटू सिंह रावणा का विरोध शुरू हो गया। भजन संध्या के दौरान सर्व समाज के सैकड़ों युवा मौके पर पहुंचे और रवींद्र सिंह भाटी के समर्थन में नारेबाजी करने लगे। युवाओं ने रवसा तुम संघर्ष करो हम तुम्हारे साथ हैं और रवींद्र सिंह भाटी जिंदाबाद जैसे नारे लगाए, वहीं छोटू कहना मान ले, बोरी बिस्तर बांध ले जैसे विरोध के नारे भी लगाए गए। इस विरोध प्रदर्शन में गो रक्षा दल की टीम और युवराज सिंह दोवड़ाई की टीम भी शामिल रही। साथ ही सर्व समाज, विशेषकर राजपूत समाज के और गो रक्षक प्रवीण सिंह चुंडावत सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। आपको बता दे कि हालहि में दरअसल, यह पूरा विवाद सोशल मीडिया पर एक कमेंट के बाद शुरू हुआ। आपको बता दे कि हालहि में एक बच्चे द्वारा रवींद्र सिंह भाटी से मिलने की इच्छा जताने पर छोटू सिंह रावणा ने कमेंट किया था कि आप रील स्टार होते तो कई नेता आपके यहां आ जाते। इसी के बाद विवाद बढ़ गया। छोटू सिंह रावणा ने आरोप लगाया है कि इसके बाद उन्हें रवींद्र सिंह भाटी ने फोन कर जान से मारने की धमकी दी। गायक के अनुसार, उन्हें कहा गया कि तुझे पहले भी दो बार छोड़ दिया, इस बार ध्यान रखना। इसके विरोध में छोटू सिंह रावणा अपने समाज के हजारों लोगों के साथ थाने पहुंचे और मामला दर्ज करवाया। फिलहाल यह विवाद अब सामाजिक और राजनीतिक रूप ले चुका है और क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।