आवाज़ हम सबकी
उदयपुर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल Fateh Sagar पर गुरुवार शाम एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने वहां मौजूद लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जब फतह सागर की पाल पर टहल रहे थे, तभी उनकी नजर वहां रंग-बिरंगे गुब्बारे बेच रहे छोटे बच्चों पर पड़ी। बच्चों को देखते ही गहलोत सीधे उनके पास पहुंच गए और बेहद सहज अंदाज में बातचीत शुरू कर दी।पूर्व मुख्यमंत्री ने बच्चों से उनके नाम पूछे, पढ़ाई-लिखाई की जानकारी ली और यह भी जाना कि वे कब से गुब्बारे बेच रहे हैं। इस दौरान गहलोत का व्यवहार पूरी तरह आत्मीय नजर आया। बच्चों ने भी बिना किसी झिझक के बड़ी मासूमियत से उनके सवालों के जवाब दिए। फतह सागर की पाल पर हुए इस भावुक संवाद को वहां मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर लिया। अब यही वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग पूर्व मुख्यमंत्री के इस जमीनी अंदाज और संवेदनशील व्यवहार की जमकर सराहना कर रहे हैं।उधर, उदयपुर में इन दिनों कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और अधिकारी भी मौजूद हैं। बताया जा रहा है कि सभी नेता महाराष्ट्र के एक वरिष्ठ नेता के पारिवारिक समारोह में शामिल होने उदयपुर पहुंचे हैं। इसी व्यस्त कार्यक्रम के बीच अशोक गहलोत का बच्चों के बीच पहुंचना अब चर्चा का विषय बना हुआ है।
उदयपुर शहर से सटे अंबेरी पुलिया पर गुरु रात एक भीषण सड़क हादसे में दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब पिंडवाड़ा हाईवे पर तेज रफ्तार कार आगे चल रहे 407 मिनी ट्रक के पीछे जा घुसी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और कार में सवार लोग अंदर ही फंस गए।प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक मिनी ट्रक में टेंट का सामान भरा हुआ था। जैसे ही ट्रक चालक ने बेरियर के पास अचानक ब्रेक लगाया, पीछे से आ रही कार सीधे ट्रक में जा टकराई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोग तुरंत मदद के लिए दौड़ पड़े।सूचना मिलने पर सुखेर थानाधिकारी भरत योगी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। इसी दौरान 108 एंबुलेंस भी घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस और ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद कार में फंसे दोनों शवों को बाहर निकाला। हादसे में गंभीर रूप से घायल एक युवक को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। पुलिस के अनुसार हादसे के बाद मिनी ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। दोनों मृतकों के शव जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाए गए हैं और उनकी शिनाख्त की प्रक्रिया जारी है। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि कार सवार लोग झालावाड़ जिले के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस ने दोनों वाहनों को जब्त कर जांच शुरू कर दी है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का सीधा असर अब देश की तेल कीमतों पर पड़ता दिखाई दे रहा है। अमेरिका, इजरायल और इराक के बीच जारी तनावपूर्ण हालात के बीच पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तीन-तीन रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी गई है। नई कीमतें 15 मई से लागू हो गई हैं। करीब दो साल बाद ईंधन की कीमतों में यह बड़ा इजाफा हुआ है, जिससे आम आदमी की जेब पर अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है। तेल कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी और वैश्विक अस्थिरता के कारण लागत बढ़ी है। कंपनियों के अनुसार अभी भी उन्हें प्रति लीटर करीब 25 से 30 रुपए तक का घाटा उठाना पड़ रहा है। यही वजह है कि ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी का फैसला लिया गया। पेट्रोल और डीजल के साथ-साथ कई प्रमुख शहरों में सीएनजी की कीमतों में भी दो रुपए प्रति किलो तक की वृद्धि की गई है। इसका असर अब परिवहन लागत पर भी पड़ने की संभावना है। माना जा रहा है कि ट्रांसपोर्ट महंगा होने से रोजमर्रा के सामानों की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो सकती है।विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन की कीमतें बढ़ने से रसोई का बजट प्रभावित होगा और खाद्य पदार्थों सहित कई जरूरी वस्तुएं महंगी हो सकती हैं। ऐसे में आम जनता को आने वाले दिनों में महंगाई की दोहरी मार झेलनी पड़ सकती है।
उदयपुर शहर में बढ़ती छेड़छाड़, हुड़दंग और सार्वजनिक स्थानों पर अनुचित गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए उदयपुर पुलिस ने कालिका पेट्रोलिंग यूनिट को एक्टिव मोड पर रखा हुआ है। एसपी डॉ. अमृता दुहन के निर्देशन में 9 मई से शुरू किए गए डिकॉय ऑपरेशन के तहत पुलिस टीम लगातार संवेदनशील इलाकों में निगरानी कर रही है। इस अभियान की खास बात यह है कि महिला पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में देर रात तक पेट्रोलिंग कर रही हैं, ताकि संदिग्ध गतिविधियों में शामिल लोगों की पहचान कर तुरंत कार्रवाई की जा सके। पुलिस की नजर खास तौर पर पार्क, स्कूल-कॉलेज के आसपास, बस स्टैंड और भीड़भाड़ वाले इलाकों पर है। वहीं उन स्थानों पर भी फोकस किया जा रहा है, जहां महिलाओं और छात्राओं के साथ छेड़छाड़ या चेन स्नेचिंग जैसी घटनाओं की आशंका रहती है।इसी अभियान के दौरान कालिका पेट्रोलिंग यूनिट ने घंटाघर और अंबामाता थाना क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए 5 लोगों को सार्वजनिक स्थान पर शराब पीते और अनुचित व्यवहार करते हुए पकड़ा। सभी आरोपियों को संबंधित थाना पुलिस के सहयोग से डिटेन किया गया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक कार भी जब्त की है। एडिशनल एसपी सिटी उमेश ओझा के नेतृत्व में चल रहे इस अभियान के तहत अब तक 12 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। पुलिस का कहना है कि शहर के संवेदनशील इलाकों में यह विशेष अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
उदयपुर में गुरुवार को शौर्यचक्र से अलंकृत अमर शहीद मेजर मुस्तफा की जन्म जयंती के अवसर पर समाजसेवा और मानवता का संदेश देते हुए रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। शहीद मेजर मुस्तफा ट्रस्ट द्वारा आयोजित यह चतुर्थ रक्तदान शिविर शहर के सूरजपोल बाहर स्थित जिनदत्तसूरि जैन धर्मशाला प्रांगण में संपन्न हुआ। सुबह 9 बजे से शुरू हुए शिविर में युवाओं, सामाजिक संगठनों और विभिन्न वर्गों के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रक्तदान शिविर दोपहर 1 बजकर 30 मिनट तक चला, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान कर शहीद मेजर मुस्तफा को श्रद्धांजलि अर्पित की। आयोजकों ने बताया कि रक्तदान केवल जरूरतमंदों की जान बचाने का माध्यम ही नहीं, बल्कि शहीदों के प्रति सम्मान प्रकट करने का भी एक सार्थक प्रयास है। शिविर के दौरान लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक भी किया गया। कार्यक्रम स्थल पर सामाजिक सरोकारों से जुड़े कई लोग मौजूद रहे और उन्होंने युवाओं से अधिक से अधिक संख्या में रक्तदान करने की अपील की। आयोजन के दौरान देशभक्ति और सेवा भावना का माहौल देखने को मिला। आयोजकों ने कहा कि अमर शहीद मेजर मुस्तफा ने देश की रक्षा के लिए सर्वाेच्च बलिदान दिया था और उनकी स्मृति में इस तरह के सामाजिक कार्यक्रम आगे भी निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे।
राजस्थान सरकार की ओर से जारी तबादला सूची में उदयपुर जिले में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव देखने को मिला है। कार्मिक विभाग द्वारा जारी आदेशों के अनुसार कुल 187 आरएएस अधिकारियों के तबादले किए गए हैं, जिनमें उदयपुर जिले के कई महत्वपूर्ण पदों पर नए अधिकारियों की नियुक्ति हुई है। प्रभा गौतम को चित्तौड़गढ़ एडीएम और सांवरियाजी मंदिर मंडल की सीईओ पद से उदयपुर में आबकारी विभाग का अतिरिक्त आयुक्त लगाया गया है। प्रभा गौतम इससे पहले उदयपुर में एडीएम सिटी, जनजाति विभाग और वाणिज्यकर विभाग सहित कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुकी हैं। वहीं मनसुखराम डामोर को बांसवाड़ा जिले के घाटोल उपखंड अधिकारी पद से उदयपुर के बड़गांव उपखंड अधिकारी पद पर लगाया गया है। वे पहले मावली एसडीएम और यूडीए में भी सेवाएं दे चुके हैं। लतिका पालीवाल को उदयपुर में सहायक भू-प्रबंध अधिकारी बनाया गया है। वहीं रमेश चंद बहड़िया को भींडर एसडीएम पद से हटाकर उदयपुर विकास प्राधिकरण में उपायुक्त नियुक्त किया गया है। नगर निगम में उपायुक्त पद पर कार्यरत दिनेश कुमार मंडोवरा को अब टीएडी विभाग में उप निदेशक प्रोटेक्टिव लेजिस्लेशन की जिम्मेदारी दी गई है। उनकी जगह शत्रुघ्न सिंह गुर्जर को जयपुर विकास प्राधिकरण से उदयपुर नगर निगम में उपायुक्त लगाया गया है। इसके अलावा रक्षा पारीक को नाथद्वारा एसडीएम पद से उदयपुर स्मार्ट सिटी कंपनी में अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी बनाया गया है। वहीं हुकम कंवर को कोटा मुख्यालय से उदयपुर स्थित एचसीएम रीपा में उप निदेशक पद पर लगाया गया है। सरकार के इस प्रशासनिक फेरबदल को आगामी योजनाओं और व्यवस्थाओं को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
भीलवाड़ा के सुभाष नगर थाना क्षेत्र में एक निजी अस्पताल से जुड़ा बडा मामला सामने आया है, जहां वैलेंट हॉस्पिटल में मैनेजिंग डायरेक्टर पद पर कार्यरत रवि कुमार वर्मा ने फिनायल पीकर जान देने की कोशिश की। हालत बिगड़ने पर उन्हें तत्काल महात्मा गांधी हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया, जहां फिलहाल उनका इलाज जारी है और हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। खुदखुशी के प्रयास से पहले डॉक्टर रवि कुमार वर्मा ने अपने एक एडवोकेट मित्र को वीडियो भेजा। इस वीडियो में उन्होंने उदयपुर निवासी निजी अस्पताल संचालक डॉ. हेमंत खज्जा और अस्पताल से जुड़े अन्य लोगों पर करीब 15 लाख रुपए की धोखाधड़ी, मानसिक प्रताड़ना और आर्थिक शोषण के गंभीर आरोप लगाए हैं। डॉक्टर रवि कुमार वर्मा ने वीडियो में दावा किया कि पिछले आठ महीनों से उन्हें वेतन नहीं दिया गया। उनकी गाड़ी तक गिरवी रखवा दी गई और बैंक की ईएमआई लगातार बाउंस हो रही है। उन्होंने कहा कि उनकी पूरी जमा पूंजी खत्म हो चुकी है और हालात इतने खराब हो गए कि रहने और खाने तक के पैसे नहीं बचे। वीडियो में उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें बीच सड़क पर रोककर जातिसूचक अपमान किया गया और धमकियां दी गईं। साथ ही अस्पताल परिसर में स्थित उनका कमरा खाली करवाने के लिए दबाव बनाया जा रहा था। डॉक्टर ने पुलिस पर भी गंभीर सवाल उठाए। उनका कहना है कि वे पिछले चार दिनों से सुभाष नगर थाने के चक्कर लगा रहे थे, लेकिन उनकी शिकायत पर न तो मुकदमा दर्ज किया गया और न ही कोई ठोस कार्रवाई हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई करने के बजाय सीए महेश काबरा से समझौता कराने का प्रयास कर रही थी। सुभाष नगर थाना प्रभारी कैलाश विश्नोई ने बताया कि समझौता कराने या दबाव बनाने जैसी कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि हो सकता है डॉक्टर को थाने बुलाया गया हो। पुलिस के अनुसार डॉ. हेमंत खिज्जा से जुड़े मामले में दोनों पक्षों के बीच पैसों के लेन-देन का विवाद था।
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