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मेरठ में देश को झकझोर देने वाले बहुचर्चित 'नीले ड्रम हत्याकांड' में अदालत ने ऐतिहासिक और कड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने पति सौरभ राजपूत की हत्या के जुर्म में उसकी पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल दोनों को फांसी की सजा सुनाई है। इस खौफनाक वारदात में सौरभ के शव को पांच टुकड़ों में काटकर नीले ड्रम में भर दिया गया था। फैसला सुनाए जाने के दौरान जब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये मुस्कान और साहिल को जोड़ा गया, तो दोनों फूट-फूटकर रो पड़े। अदालत ने इस मामले को 'नृशंस हत्याकांड' करार देते हुए किसी भी तरह की नरमी बरतने से साफ इनकार कर दिया है। उत्तर प्रदेश के मेरठ में 3 मार्च 2025 को हुए सनसनीखेज सौरभ राजपूत हत्याकांड में अदालत ने इंसाफ का बड़ा ऐलान किया है। जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा ने फैसला सुनाते हुए कहा कि यह एक अत्यंत नृशंस हत्याकांड है, जिसके लिए किसी भी प्रकार की माफी स्वीकार नहीं की जा सकती। अदालत ने मुख्य आरोपी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल को दोषी मानते हुए फांसी की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर धारा 302 के तहत पचास-पचास हजार और धारा 238A के तहत बीस-बीस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जब सजा का ऐलान हुआ, तो दोनों की आंखों से आंसू छलक आए और वे सदमे में नजर आए। सुनवाई के दौरान जब जज ने मुस्कान से उसकी आखिरी इच्छा पूछी, तो उसने रोते हुए बस इतना कहा कि "मेरी बच्चियों का ख्याल रखा जाए।" वहीं, साहिल खामोश खड़ा रहा। फैसला आने के बाद मृतक सौरभ के परिवार ने राहत की सांस ली है। सौरभ की मां और भाई ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था और अदालत के इस फैसले से उन्हें शांति मिली है। कानूनी जानकारों का मानना है कि देश की अदालतों में किसी महिला को फांसी की सजा सुनाया जाना अपने आप में एक बड़ा और कड़ा संदेश है, जो ऐसे जघन्य अपराधों के खिलाफ एक मजबूत मिसाल पेश करता है।
चूरू जिले के तारानगर तहसील के चंगोई गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां सरपंच का चुनाव लड़ने की जिद में एक पिता ने अपने ही इकलौते बेटे और बहू की बोलेरो से कुचलकर हत्या कर दी। घटना मंगलवार रात करीब 12:50 बजे की है। परिवार में पिछले कई दिनों से इस बात को लेकर विवाद चल रहा था कि पिता रामचंद्र जाट इस बार सरपंच का चुनाव लड़ना चाहता था, जबकि उसका बेटा रविंद्र और बहू महिंद्रा इसके सख्त खिलाफ थे। पुलिस ने आरोपी पिता को डिटेन कर लिया है और बोलेरो गाड़ी को भी जब्त कर लिया है। जानकारी के अनुसार, चंगोई गांव निवासी रामचंद्र जाट का गांव में ही धर्मकांटा है और वह हाल ही में अलग बनी ग्राम पंचायत चंगोई से सरपंच पद का चुनाव लड़ना चाहता था। उसका 40 वर्षीय बेटा रविंद्र जो ई-मित्र चलता था और 35 वर्षीय बहू महिंद्रा उसे लगातार चुनाव लड़ने से मना कर रहे थे, जिसके चलते घर में अक्सर कलह होती थी। मंगलवार रात को भी घर पर विवाद के बाद पिता और पुत्र धर्मकांटा पर चले गए थे, जहां कुछ देर बाद बहू महिंद्रा भी पहुंच गई। वहां तीनों के बीच फिर से तीखी बहस और झगड़ा हुआ। जब रविंद्र और महिंद्रा वहां से लौट रहे थे, तभी पीछे से रामचंद्र ने अपनी बोलेरो गाड़ी से दोनों को कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस सनसनीखेज वारदात के बाद से गांव में मातम पसरा हुआ है और सरकारी अस्पताल में ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई है। तारानगर पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है।
राजस्थान के बांसवाड़ा जिले की कुशलगढ़ विधानसभा क्षेत्र में पंचायती राज चुनाव से ठीक पहले दल-बदल की राजनीति गरमा गई है। भारत आदिवासी पार्टी यानी BAP को उस वक्त बड़ा झटका लगा, जब उसके 45 सक्रिय कार्यकर्ताओं ने एक साथ पार्टी छोड़ दी और कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली। क्षेत्रीय कांग्रेस विधायक रमिला खड़िया की मौजूदगी में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान BAP छोड़कर आए सभी कार्यकर्ताओं का गर्मजोशी के साथ माला पहनाकर स्वागत किया गया। चुनाव से ऐन पहले इतने बड़े पैमाने पर कार्यकर्ताओं का पाला बदलना कुशलगढ़ क्षेत्र की स्थानीय राजनीति में भारी हलचल पैदा कर रहा है। एक तरफ जहां कांग्रेस आगामी पंचायती राज चुनावों को लेकर अपना धरातली संगठन मजबूत करने में जुटी है, वहीं दूसरी तरफ सांसद राजकुमार रोत की BAP पार्टी के लिए अपने कार्यकर्ताओं को एकजुट रखना एक बड़ी चुनौती बनता दिख रहा है। अब देखना यह होगा कि चुनाव से पहले शुरू हुआ दल-बदल का यह सिलसिला स्थानीय चुनावी नतीजों और क्षेत्र के सियासी समीकरणों पर कितना असर डालता है।
भीलवाड़ा में एक नाबालिग किशोरी के साथ घिनौने अपराध का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़िता ने अपनी मां के साथ थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई है कि आरोपी युवक ने पहले उसे जबरन एक होटल में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया और इस दौरान उसके अश्लील फोटो व वीडियो बना लिए। इसके बाद आरोपी इन्हीं वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर लंबे समय से उसे ब्लैकमेल कर रहा था और लगातार डरा-धमकाकर कई बार उसके साथ अपनी हवस का शिकार बना चुका था। मामला तब और गंभीर हो गया जब रविवार, 11 अक्टूबर को पीड़िता की मां और छोटी बहन मौसी के घर गई हुई थीं और घर पर नाबालिग अपनी बुजुर्ग दादी के साथ अकेली थी। इस बात की भनक लगते ही आरोपी युवक मौका पाकर जबरन घर में घुस गया और पीड़िता के कमरे में जाकर अंदर से दरवाजा बंद कर दिया। इसके बाद उसने एक बार फिर नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने की कोशिश की। कमरे के अंदर सुगबुगाहट और पीड़िता के घबराने पर दादी ने दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी ने अंदर से कुंडी बंद रखी। इस पर सतर्क दादी ने तुरंत जोर-जोर से शोर मचाकर आसपास के पड़ोसियों को इकट्ठा कर लिया। संयोगवश उसी समय पीड़िता की मां और बहन भी घर लौट आईं। परिजनों, रिश्तेदारों और पड़ोसियों ने मिलकर कड़ी मशक्कत के बाद दरवाजा खुलवाया और आरोपी युवक को रंगे हाथों मौके पर ही दबोच लिया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और आरोपी को अपनी हिरासत में ले लिया। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म की विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में आक्रोश का माहौल है।
उदयपुर के बड़गांव उपखंड अंतर्गत राजस्व गांव डुलावतों का गुड़ा और माताजी का खेड़ा के ग्रामीणों में पंचायती राज पुनर्गठन को लेकर भारी असंतोष व्याप्त है। ग्रामीणों ने उदयपुर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर डुलावतों का गुड़ा और माताजी का खेड़ा को मिलाकर नवीन ग्राम पंचायत बनाने की मांग की थी। प्रशासन द्वारा दिए गए आश्वासनों और आपत्तियों के बावजूद जब नई पंचायत का गठन नहीं हुआ, तो करीब 200 से अधिक ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों के अनुसार, वर्तमान में उनकी ग्राम पंचायत कड़िया मुख्यालय यहां से 8 से 10 किलोमीटर दूर स्थित है। क्षेत्र पहाड़ी और दुर्गम होने के कारण ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं और बुजुर्गों को पंचायत से जुड़े कार्यों और मतदान के लिए 8 से 10 किलोमीटर पैदल यात्रा करनी पड़ती है। इस क्षेत्र में लगभग 70 प्रतिशत आबादी अनुसूचित जनजाति समुदाय की है, जो आर्थिक और भौगोलिक विषमताओं के कारण सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाती है। ग्रामीणों का तर्क है कि पड़ोस की गोगुंदा पंचायत समिति में महज 1,153 मतदाताओं पर 'विजय बावड़ी' को ग्राम पंचायत का दर्जा दिया गया है, जबकि उनके क्षेत्र में 1,206 से अधिक मतदाता मौजूद हैं। सभी मापदंड पूरे होने के बावजूद उपेक्षा से नाराज ग्रामीणों ने अब चुनावों में शत-प्रतिशत मतदान बहिष्कार का कड़ा कदम उठाने का निर्णय लिया है।
उदयपुर के सूरजपोल थाना क्षेत्र से एक युवती के अचानक लापता होने का मामला सामने आया है। घटना के बाद परिजनों में चिंता का माहौल है। युवती के परिजन सूरजपोल थाने पहुंचे और पुलिस को पूरे मामले की जानकारी देते हुए शिकायत दर्ज कराई। परिजनों ने अपनी शिकायत में दुर्गेश उर्फ कालू नाम के युवक पर उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने का आरोप लगाया है। परिवार की ओर से युवती की तलाश कर उसे जल्द से जल्द सुरक्षित बरामद करने की मांग की गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सूरजपोल थाना पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 140(3) के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। वहीं, पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस की टीमें युवती और नामजद युवक की तलाश में जुटी हुई हैं। पुलिस संभावित ठिकानों पर जानकारी जुटाने के साथ ही मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। फिलहाल युवती का कोई सुराग मिला है या नहीं, इसे लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है। पुलिस का कहना है कि मामले में जांच और तलाश की कार्रवाई जारी है। अब पुलिस की जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
उदयपुर के हिरण मगरी थाना क्षेत्र में घरेलू नौकर द्वारा मालिक के विश्वास को छलने का मामला सामने आया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घर से सोने का कड़ा चुराकर भागने वाले नौकर शुभम सोलंकी को धर दबोचा है। पकड़ा गया आरोपी मूल रूप से मध्यप्रदेश के देवास का रहने वाला है, जो पीड़ित के घर में काम करता था। घटना 23 सितंबर की है, जब पीड़ित प्रतीक जैन अपने घर से जिम जाने के लिए निकले। जिम जाने से पहले उन्होंने रोजाना की तरह अपने हाथ में पहना करीब 5 तोले वजनी सोने का कड़ा उतारा और कमरे में स्थित ड्रेसिंग टेबल पर रख दिया। घर में काम कर रहे नौकर शुभम की नजर इस महंगे कड़े पर पड़ गई। जैसे ही मकान मालिक घर से बाहर निकले, नौकर ने मौका पाकर कड़ा उठाया और सीधे अपने बैग में छुपाकर वहां से रफूचक्कर हो गया। शाम को जब प्रतीक जैन वापस घर लौटे और कड़ा गायब देखा, तो उनके होश उड़ गए। काफी तलाश करने के बाद जब कड़ा नहीं मिला, तो उन्होंने हिरण मगरी थाने पहुंचकर मामला दर्ज कराया। जांच अधिकारी और पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जब पड़ताल शुरू की और शक के आधार पर नौकर शुभम सोलंकी से कड़ाई से पूछताछ की, तो वह टूट गया और उसने चोरी की बात कबूल कर ली। पुलिस अब आरोपी से यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या उसने इससे पहले भी कहीं ऐसी चोरियों को अंजाम दिया है।
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