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उदयपुर की अंबामाता थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए पिछले तीन साल से फरार चल रहे 5 हजार रुपए के इनामी आरोपी को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। बुजुर्ग को बिजनेस में भारी मुनाफे का झांसा देकर एक करोड़ सत्तर लाख रुपए हड़पने वाले इस शातिर आरोपी की गिरफ्तारी से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। थानाधिकारी राजेंद्र सिंह चारण ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान मावली निवासी प्रभुलाल कितावत के रूप में हुई है, जिस पर पूर्व में भी धोखाधड़ी के 3 गंभीर मामले दर्ज हैं। मामला साल 2023 का है, जब फतहपुरा निवासी पीड़ित कमल किशोर पारीक ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया था कि आरोपी प्रभुलाल साल 2020 से उनके मकान में किराएदार के रूप में रह रहा था। इसी दौरान उसने परिवार से घनिष्ठ संबंध बना लिए और कपड़ों का एक नया शोरूम खोलने के नाम पर भारी मुनाफे का लालच दिया। विश्वास में लेकर आरोपी ने साल 2020 से 2022 के बीच अलग-अलग किस्तों में कुल 1 करोड़ 70 लाख रुपए ऐंठ लिए। जब पीड़ित ने अपने पैसे या मुनाफा वापस मांगा, तो आरोपी ने उन्हें बैंक के बाउंस चेक थमा दिए और साल 2023 से अचानक फरार हो गया। पुलिस लंबे समय से इस शातिर ठग की तलाश में जुटी हुई थी। आखिरकार मुखबिर की पुख्ता सूचना और तकनीकी सर्विलांस की मदद से पुलिस ने मावली निवासी इस इनामी आरोपी को धर दबोचा। गुरुवार को पुलिस ने आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश किया, जहां से न्यायालय ने उसे 3 दिन के पुलिस रिमांड पर सौंप दिया है। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि ठगी की इस रकम का और अन्य मामलों का पूरा हिसाब-किताब खंगाला जा सके।
उदयपुर की गोवर्धन थाना पुलिस ने कुरियर के जरिए गुजरात भेजी जा रही 3 लाख की शराब पकड़ी। अहमदाबाद हाईवे स्थित एक कुरियर वेयरहाउस पर 42 प्लास्टिक की बाल्टियों में 2386 पव्वे छिपाए हुए थे। शराब को बाल्टियों में छिपाकर कुरियर के माध्यम से गुजरात भेजा जा रहा था। फिलहाल गोवर्धन विलास थाना पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है।थानाधिकारी सुनील चारण ने बताया कि अहमदाबाद हाईवे स्थित कुरियर कंपनी के वेयरहाउस से 42 बाल्टियां व्हाइटिंग चॉक पाउडर के नाम से बुक की गई थी। जिनके अंदर लकड़ी का बुरादा भरा था और उनके अंदर शराब छिपी थी।मुखबिर से मिली सूचना मिलने के बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। वहां कुरियर कंपनी में बाल्टियां खुलवाईं तो उनके अंदर बुरादे के बीच शराब छिपी हुई दिखी। पुलिस ने बाल्टियों से अलग-अलग ब्रांड की शराब जब्त की। शराब की कीमत करीब पौने 3 लाख रुपए है। इसे उदयपुर से गुजरात के जामनगर में तस्करी कर ले जाया जा रहा था।गोवर्धन विलास थानाधिकारी सुनील चारण ने बताया कि शराब की तस्करी के लिए आरोपियों ने प्लास्टिक की नई बाल्टियों का प्रयोग किया और इनकी पैकिंग इस तरह की गई, ताकि किसी को शक नहीं हो। पुलिस ने कुरियर पार्सल और इसमें उपयोग ली गई पिकअप गाड़ी को जब्त कर लिया है। साथ ही इसे बुक कराने वाले आरोपियों की कुरियर कंपनी से जानकारी लेकर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
उदयपुर के टीला का खेड़ा इलाके में बुधवार को फाइव स्टार होटल राफेल के वाहन की चपेट में आने से लोकेश भोई नाम के युवक की दर्दनाक मौत हो गई थी। मृतक अपने परिवार में अकेला कमाने वाला सदस्य था, जिसके जाने के बाद उसकी पत्नी और मासूम बच्चे के भरण-पोषण पर संकट के बादल मंडरा गए हैं। हादसे के बाद से ही ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और दुर्घटनास्थल पर ही ग्रामीण महिलाएं धरने पर बैठ गईं। गुरुवार शाम तक भी मृतक के शव का पोस्टमार्टम नहीं हो सका था। हादसे के बाद ग्रामीणों का उग्र रूप और बढ़ता माहौल देखकर उदयसागर में होटल राफेल की अवैध जेटी को हटा दिया गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि गांव के छोटे और बेहद संकरे रास्ते से होटल प्रबंधन के भारी वाहन और गाड़ियां तेज रफ्तार में गुजरते हैं, जो आए दिन हादसों का कारण बनते हैं। ग्रामीणों का साफ कहना है कि होटल की इस मनमानी और अवैध अतिक्रमण की वजह से ही यह दर्दनाक हादसा हुआ है। घटनास्थल पर माहौल गरमाने पर भीम आर्मी के रोशन लाल मेघवाल, पूर्व सरपंच औनार सिंह देवड़ा, मण्डल उपाध्यक्ष राजेन्द्र कुमार टांक, पूर्व वार्ड पंच गोपाल सिंह और शंकर पटेल पहुंचे। वहीं शाम को उदयपुर ग्रामीण विधायक फूल सिंह मीणा भी मौके पर पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया। ग्रामीणों की मांग पर हादसे में होटल का वाहन होने की आशंका की रिपोर्ट दर्ज हुई। मामला दर्ज होने के बाद परिवारजन पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के लिए अस्पताल पहुंचे।
उदयपुर जिले की वल्लभनगर तहसील के भमरासिया ग्राम पंचायत में 24 अक्टूबर 2026 को हुए सरपंच चुनाव में धांधली का गंभीर मामला सामने आया है। पराजित प्रत्याशी दुर्गाशंकर मेघवाल ने जिला निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर सनसनीखेज खुलासे किए हैं। आरोप है कि सरपंच उम्मीदवार जगदीश भाट ने ओबीसी वर्ग से होने के बावजूद अपने दस्तावेज में खुद को 'ढोली' जाति का बताकर फर्जी जाति प्रमाण पत्र पेश किया और एससी के लिए आरक्षित सीट पर चुनाव लड़ा। प्रार्थी का कहना है कि मतदान से एक दिन पहले यानी 23 अक्टूबर को ही रिटर्निंग ऑफिसर के सामने लिखित शिकायत और पुख्ता सबूत पेश किए गए थे, जिसमें जगदीश भाट के सभी दस्तावेजों में जाति 'भाट' दर्ज होने की बात थी, लेकिन रिटर्निंग अधिकारी ने इस आपत्ति को सिरे से खारिज कर दिया। प्रार्थी और ग्रामवासियों ने मांग की है कि इस फर्जीवाड़े की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, आरोपी उम्मीदवार को सरपंच पद से हटाया जाए और गलत प्रमाण पत्र जारी करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए।
उदयपुर के भुवाणा स्थित सर्विस रोड पर होटल संचालकों की मनमानी चरम पर पहुंच गई है। होटल मालिक बिना किसी अनुमति के सड़क पर अवैध पार्किंग करवा रहे हैं, जिससे आए दिन भीषण ट्रैफिक जाम लग रहा है। हद तो तब हो जाती है जब विरोध करने पर होटल वाले स्थानीय निवासियों के साथ अभद्रता और बदसलूकी पर उतारू हो जाते हैं। आम नागरिक सवाल उठा रहे हैं कि सार्वजनिक सड़क को निजी पार्किंग बनाने की इजाजत इन होटल वालों को किसने दी? परेशान क्षेत्रवासियों ने अब नगर निगम से इस अवैध कब्जे और तानाशाही के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
खेरोदा थाना इलाके के बाठेड़ा कलां गांव से एक युवती के रहस्यमय तरीके से लापता होने का मामला सामने आया है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, गत 19 अक्टूबर 2026 को दिन के समय प्रार्थी की पुत्री घर पर बिना बताए कहीं चली गई, जो काफी समय बीत जाने के बाद भी अपने घर वापस नहीं लौटी। परिजनों ने अपने स्तर पर सगे-सम्बन्धियों और संभावित ठिकानों पर उसकी काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग हाथ नहीं लगा। परेशान परिजनों ने आखिरकार थाने पहुंचकर इसकी सूचना दी। प्रार्थी की रिपोर्ट के आधार पर खेरोदा थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। इस पूरे प्रकरण की जांच और अग्रिम अनुसंधान हेड कांस्टेबल उदयलाल को सौंपा गया है। पुलिस अब विभिन्न तकनीकी साक्ष्यों, कॉल डिटेल्स और आसपास के क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुटी है ताकि लापता युवती का जल्द से जल्द सुराग लगाया जा सके और उसे सुरक्षित बरामद किया जा सके।
उदयपुर सेंट्रल जेल के अंदर कैदियों के लिए प्रतिबंधित सामग्री (तंबाकू) ले जाने और साक्ष्य मिटाने के आरोप में दो जेल कर्मियों, प्रहरी पंकज कुमार और आरएसी के हेड कॉन्स्टेबल गिरधारी सिंह के खिलाफ सूरजपोल थाने में मुकदमा दर्ज हुआ है। जेल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच के बाद दोनों की कथित मिलीभगत उजागर हुई। मामले ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।जांच में सामने आया कि हेड कॉन्स्टेबल गिरधारी सिंह ने इस मामले को दबाने के लिए आरोपी प्रहरी पंकज कुमार के साथ मिलीभगत कर ली। गिरधारी सिंह आरोपी प्रहरी पंकज कुमार को जानबूझकर सीसीटीवी कैमरे की नजरों से हटाकर किनारे बने तलाशी कक्ष में ले गया। वहां पंकज की वर्दी से मिली तंबाकू को जब्त करने और वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना देने के बजाय दोनों ने कथित तौर पर उसे नष्ट कर दिया। आरोप है कि तंबाकू जेल के अंदर कैदियों तक पहुंचाई जानी थी। इस घटना ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।उदयपुर सेंट्रल जेल प्रशासन ने घटना के बाद इस गंभीर लापरवाही और मिलीभगत की विस्तृत जांच रिपोर्ट महानिदेशालय कारागार जयपुर को भेजी थी। जेल मुख्यालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों ही कर्मियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं, पुलिस ने दोनों के खिलाफ जांच और कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।मामला बीते 29 सितंबर 2026 का है। सुबह करीब 10 बजे की शिफ्ट में जब ड्यूटी पर तैनात होने वाले सुरक्षाकर्मियों की तलाशी ली जा रही थी। तब मुख्य प्रवेश द्वार पर तैनात आरएसी (RAC) के तलाशी कर्मियों को ड्यूटी प्रहरी पंकज कुमार पर संदेह हुआ। आरएसी के हेड कांस्टेबल गिरधारी सिंह ने जब पंकज की तलाशी ली। तब पाया कि उसने कैदियों के इस्तेमाल के लिए अपनी वर्दी के भीतर भारी मात्रा में तंबाकू छिपा रखा था। इसके बाद गिरधारी सिंह ने बाहर आकर दूसरे साथी कर्मी को हाथ के इशारे से सब ठीक होने का संकेत भी दिया। इस पूरी घटना को जेल अधीक्षक सहित अन्य बड़े अफसरों से पूरी तरह छिपाकर रखा गया था। लेकिन इसी बीच इस मामले की भनक जेल के खुफिया तंत्र को लग गई। जिसके बाद जेल प्रशासन ने उस दिन के सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो दोनों कर्मियों की यह करतूत कैमरे में साफ कैद मिली।
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