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उदयपुर की सवीना थाना पुलिस ने एक ऐसी बस को पकड़ा है, जिसने फर्जी नंबर प्लेट के जरिए परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली को सवालों के घेरे में खडा कर दिया है। जानकारी के मुताबिक सवीना थाने के एएसआई राजेन्द्र गुर्जर क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान सूचना मिली कि गीतांजली हॉस्पिटल के बाहर खड़ी एक बस के नंबर संदिग्ध हैं। पुलिस मौके पर पहुंची और बस की जांच शुरू की। बस पर आरजे-04 पीए-8751 नंबर अंकित था। पूछताछ में चालक ने अपना नाम दिनेश कुमार विश्नोई बताया जो कि जालोर जिले का रहने वाला है। पुलिस ने वाहन के दस्तावेज मांगे, लेकिन चालक कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने वाहन का ऑनलाइन सत्यापन किया। जांच में सामने आया कि बस के इंजन नंबर और चेसिस नंबर रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड से मेल नहीं खा रहे हैं। इससे यह आशंका और मजबूत हो गई कि एक ही रजिस्ट्रेशन नंबर का उपयोग दो अलग-अलग वाहनों में किया जा रहा था। पुलिस ने नंबर प्लेट की कूटरचना का मामला मानते हुए बस को जब्त कर लिया और चालक और वाहन मालिक के खिलाफ मामला दर्ज किया। गौरतलब है कि इसी वर्ष फरवरी महीने में न्युज- 91 ने स्टिंग ऑपरेशन के दौरान भी एक नंबर से दो बसों के संचालन का खुलासा हुआ था। इसके बावजूद सवाल यह है कि आखिर परिवहन विभाग ने तब क्या कार्रवाई की? क्या विभागीय जांच केवल कागजों तक सीमित रही? यदि पहले ही सख्ती होती तो क्या ऐसे मामले दोबारा सामने आते? अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि फर्जी नंबर प्लेट लगाकर कितने वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं और परिवहन विभाग की निगरानी व्यवस्था आखिर कितनी प्रभावी है? पुलिस कार्रवाई के बाद एक बार फिर परिवहन विभाग की जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े हो गए हैं।
उदयपुर नगर निगम ने शर्तों के उल्लंघन और निर्धारित दरों से अधिक शुल्क वसूलने के मामले में आसींद हवेली पार्किंग का ठेका रद्द कर दिया है। निगम प्रशासन द्वारा की गई जांच में पाया गया कि पार्किंग संचालक द्वारा आम नागरिकों से तय दरों से अधिक राशि वसूली जा रही थी, जिससे लोगों में असंतोष बढ़ रहा था। इसके अलावा ठेका शर्तों का पालन भी सही तरीके से नहीं किया जा रहा था। शिकायतों और निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर निगम ने सख्त कार्रवाई करते हुए ठेका तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया। नगर निगम ने ठेकेदार कुलदीप सिंह को आगामी तीन वर्षों के लिए ब्लैकलिस्ट भी कर दिया है, जिससे वह इस अवधि में निगम की किसी भी निविदा या ठेका प्रक्रिया में भाग नहीं ले सकेगा। इसके साथ ही ठेकेदार द्वारा जमा कराई गई 2 लाख 22 हजार रुपये की प्रतिभूति राशि भी जब्त कर ली गई है। निगम अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक सुविधाओं के संचालन में किसी भी प्रकार की अनियमितता या नियमों की अवहेलना बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस कार्रवाई को नगर निगम की जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। निगम ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी शिकायत मिलने पर ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि आम नागरिकों को बेहतर और निष्पक्ष सेवाएं मिल सकें।
करीब दो सप्ताह पहले खेत के टांके में मिले एक व्यक्ति के शव की गुत्थी को बाड़मेर पुलिस ने सुलझाने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक 4 जून को गरल गांव निवासी 42 वर्षीय तेजाराम का शव मालपुरा फांटा स्थित एक खेत के टांके में मिला था। इस मामले में मृतक के भाई महेशाराम ने अवैध संबंधों के चलते हत्या की आशंका जताते हुए रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। पुलिस अधीक्षक चूनाराम जाट के निर्देशन में की गई जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और अन्य सबूतों के आधार पर पुलिस ने मृतक की पत्नी नेतल और टैक्सी चालक गुमानसिंह को गिरफ्तार किया। पुलिस उप अधीक्षक रमेश कुमार शर्मा ने बताया कि महिला को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है, जबकि आरोपी गुमानसिंह को दो दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। जांच में सामने आया कि नेतल सोशल मीडिया पर काफी एक्टीव थी और इंस्टाग्राम पर उसके लगभग 42 हजार फॉलोअर्स हैं। पुलिस के अनुसार सोशल मीडिया के माध्यम से ही उसकी पहचान टैक्सी चालक गुमानसिंह से हुई थी। समय के साथ दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। इसी दौरान मृतक तेजाराम को दोनों के संबंधों की जानकारी होने लगी, जिससे परिवार में विवाद की स्थिति बनने लगी। पुलिस का कहना है कि 2 जून को महिला ने अपने पति को फोन कर कहा कि वह उससे परेशान हो चुकी है और घर छोड़कर जा रही है। इसके बाद उसने अपना मोबाइल बंद कर लिया। पत्नी से संपर्क नहीं होने पर तेजाराम ने गुमानसिंह से बात की। आरोपी ने उसे धोरीमन्ना बुलाया और पत्नी की तलाश में मदद करने का भरोसा दिया। पुलिस के अनुसार तेजाराम जालोर से धोरीमन्ना पहुंचा, जहां गुमानसिंह ने उसे शराब पिलाई। आरोप है कि नशे की हालत में उसे अपनी टैक्सी में बैठाकर करीब 30 किलोमीटर दूर मालपुरा फांटा ले जाया गया और खेत में बने टांके में धक्का देकर फेंक दिया गया। वारदात के बाद उसका मोबाइल और बैग भी मौके के पास छोड़ दिए गए। बाद में खेत मालिक की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। मोबाइल रिकॉर्ड, तकनीकी जांच और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
आवासीय पट्टों की मांग को लेकर उदयपुर में ग्रामीणों और आदिवासी समाज के लोगों ने प्रशासन का ध्यान अपनी ओर खींचने का प्रयास किया। बड़ी संख्या में लोग युडीए कार्यालय पहुंचे और वर्षों से लंबित पड़ी अपनी मांगों को अधिकारियों के सामने रखा। ग्रामीणों का कहना है कि वे वर्ष 1960 से संबंधित भूमि पर अपने परिवारों के साथ निवास कर रहे हैं। कई पीढ़ियां गुजर जाने के बावजूद उन्हें अब तक जमीन का मालिकाना हक नहीं मिला है। उनका आरोप है कि बार-बार आवेदन और मांगों के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। पीड़ित गणेश लाल भील ने कहा कि आदिवासी समाज की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पट्टों के अभाव में लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है और वे कई मूलभूत सुविधाओं से भी वंचित रह जाते हैं। वहीं किशन लाल खटीक ने बताया कि समाचार पत्रों के माध्यम से उन्हें 12 जून से 15 जुलाई तक आयोजित शहरी सेवा शिविरों की जानकारी मिली थी। इसके बाद ग्रामीणों ने पूरी तैयारी के साथ अपने दस्तावेज एकत्रित किए और संबंधित अधिकारियों से हस्ताक्षर करवाकर आवेदन प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि करीब 200 से 250 मकानों से जुड़े दस्तावेज और भूमि रिकॉर्ड प्रशासन को सौंपे गए हैं। ग्रामीणों ने यूडीए के अधिकारियों के सामने अपनी समस्या रखते हुए क्षेत्र का सर्वे कराने और नियमानुसार आवासीय पट्टे जारी करने की मांग की। उनका कहना है कि पट्टों के अभाव में विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं और सड़क, नाली, बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं की समस्याएं लगातार बनी हुई हैं। हालांकि अधिकारियों की ओर से ग्रामीणों को आश्वासन दिया गया है कि एक सप्ताह बाद मौके पर पहुंचकर सर्वे किया जाएगा। सर्वे रिपोर्ट तैयार होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों का कहना है कि उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण जरूरत अपने घर का कानूनी अधिकार है और वे जल्द समाधान की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
सेमारी कस्बे के मुख्य बस स्टैंड पर गुरुवार सुबह उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब कुछ बदमाशों ने एक खड़ी कार को निशाना बनाकर उसमें जमकर तोड़फोड़ की। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक तीन बाइक पर सवार करीब 9 युवक कल्याणपुर की तरफ से बस स्टैंड पहुंचे और सीधे कार के पास जाकर हंगामा शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि बदमाश गाली-गलौज करते हुए कार के शीशों पर बेल्ट से लगातार वार करने लगे। हमले में कार का पिछला कांच पूरी तरह टूट गया, जबकि आगे के कांच पर भी कई वार किए गए, लेकिन वह नहीं टूटा। अचानक हुई इस घटना से आसपास मौजूद लोगों में दहशत का माहौल बन गया। घटना के समय कार चालक धनकावाड़ा निवासी देवीलाल मीणा पास के एक होटल में चाय पीने गया हुआ था। कार में उस समय कोई मौजूद नहीं था। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी बदमाश मौके से फरार हो गए। कुछ देर बाद जब देवीलाल मीणा वापस अपनी कार के पास पहुंचा तो वाहन की हालत देखकर हैरान रह गया। कार का पिछला कांच टूटा हुआ था और वाहन को नुकसान पहुंचाया गया था। इसके बाद उसने सेमारी थाने पहुंचकर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज कराया। फिलहाल कार में तोड़फोड़ के पीछे के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश में जुटी हुई है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
झीलों की नगरी उदयपुर में मौसम ने अचानक अपना रंग बदल लिया। दिनभर गर्मी और उमस से परेशान रहे लोगों को शाम होते-होते बड़ी राहत मिली। आसमान में बादल छाने के बाद कई क्षेत्रों में हल्की बारिश हुई और ठंडी हवाओं का दौर शुरू हो गया। बारिश और हवाओं के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे वातावरण में ठंडक घुल गई। पिछले कई दिनों से तेज गर्मी और उमस के कारण लोग परेशान थे, लेकिन मौसम के इस बदलाव ने शहरवासियों को राहत पहुंचाई। सड़कों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर लोग मौसम का आनंद लेते दिखाई दिए। शाम के समय बादलों की आवाजाही के साथ हल्की बूंदाबांदी ने शहर के मौसम को और अधिक सुहावना बना दिया। बारिश के बाद वातावरण में ताजगी महसूस की गई और लोगों ने इसे गर्मी से राहत देने वाली बारिश बताया। मौसम में आए इस बदलाव का असर शहर के विभिन्न इलाकों में देखने को मिला। कई परिवार और युवा शाम के समय घरों से बाहर निकले और ठंडी हवाओं का आनंद लिया। मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में भी बादलों की आवाजाही और हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है। फिलहाल मौसम के इस बदले मिजाज ने उदयपुरवासियों को भीषण गर्मी और उमस से राहत देते हुए मौसम को खुशनुमा बना दिया है।
महाराणा प्रताप जयंती के उपलक्ष्य में गांधी ग्राउंड में आयोजित विशाल जनसभा में हजारों लोगों की मौजूदगी के बीच दो संदिग्ध युवक भीड़ का फायदा उठाकर चोरी की वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत सहित कई प्रमुख हस्तियां मौजूद थीं, जिसके चलते सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे। इसी दौरान कुछ लोगों की नजर दोनों युवकों की संदिग्ध गतिविधियों पर पड़ी। बताया जा रहा है कि आरोपी लोगों की जेबों से मोबाइल निकालने का प्रयास कर रहे थे। शक होने पर मौजूद लोगों ने दोनों पर नजर रखी और आखिरकार उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया। पकड़े जाने के बाद दोनों ने मौके से निकलने की कोशिश की, लेकिन लोगों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया। देखते ही देखते कार्यक्रम स्थल के बाहर लोगों की भीड़ जमा हो गई और माहौल गर्मा गया। मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपियों से पूछताछ करते हुए उनके अन्य साथियों के बारे में भी जानकारी लेने का प्रयास किया। घटना का वीडियो भी सामने आया है, आक्रोशित लोग दोनों सदिग्धों के साथ पिटाई करते हुए दिखाई दे रहे है। घटना की सूचना मिलते ही हाथीपोल थाना पुलिस और सुरक्षा कर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने भीड़ के बीच से दोनों आरोपियों को बाहर निकाला और हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। यह भी जांच की जा रही है कि वे किसी संगठित गिरोह से जुड़े हैं या नहीं और इससे पहले कितनी वारदातों में शामिल रहे हैं।
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