आवाज़ हम सबकी
मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय परिसर सोमवार को बड़ी संख्या में छात्रनेता और विद्यार्थी प्रशासनिक भवन के बाहर एकत्र हुए और लंबे समय से छात्रसंघ चुनाव नहीं कराए जाने के विरोध में प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। आंदोलन उस समय और उग्र हो गया जब कुछ छात्रनेता प्रशासनिक भवन की छत पर चढ़ गए और वहीं से चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर नारे लगाने लगे। छत पर छात्रों के चढ़ने से विश्वविद्यालय प्रशासन और सुरक्षा कर्मियों में भी हलचल मच गई। हालांकि स्थिति को समझाइश के माध्यम से नियंत्रित करने का प्रयास किया गया। प्रदर्शन कर रहे छात्रनेताओं का कहना था कि प्रदेश में नगर निकाय और पंचायत चुनावों की तैयारियां चल रही हैं, लेकिन विश्वविद्यालयों में पिछले करीब चार वर्षों से छात्रसंघ चुनाव नहीं कराए गए हैं। उनका आरोप था कि इससे छात्रों का लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व पूरी तरह समाप्त हो गया है। छात्रनेताओं ने कहा कि छात्रसंघ नहीं होने के कारण हॉस्टल, परीक्षा, छात्रवृत्ति, प्रवेश प्रक्रिया, परिवहन और अन्य शैक्षणिक समस्याओं को ठोस तरीके से उठाने वाला कोई निर्वाचित प्रतिनिधि मौजूद नहीं है। उनका कहना था कि सरकार युवाओं के लोकतांत्रिक अधिकारों की लगातार अनदेखी कर रही है। प्रदर्शन के दौरान प्रशासनिक भवन के बाहर काफी देर तक नारेबाजी होती रही। छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द छात्रसंघ चुनाव की घोषणा नहीं की गई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा और प्रदेशभर के विश्वविद्यालयों में व्यापक स्तर पर विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।
राजसमंद जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एएनटीएफ को सूचना मिली थी कि श्रीनाथजी मंदिर थाना क्षेत्र के बागोल गांव में चारभुजा मंदिर के पास स्थित एक खेत में भारी मात्रा में अवैध गांजे के पौधे लगाए गए हैं। सूचना के आधार पर एएनटीएफ टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई की। पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो खेत में बड़ी संख्या में गांजा के हरे पौधे लगे हुए मिले। कार्रवाई के दौरान खेत पर कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था। इसके बाद पुलिस ने पटवारी को मौके पर बुलाकर राजस्व रिकॉर्ड की जांच करवाई। जांच में सामने आया कि संबंधित खेत जमनी बाई खटीक के नाम दर्ज है। पुलिस ने आसपास के लोगों से भी पूछताछ की, जिन्होंने खेत जमनी बाई का होना बताया। जब पुलिस ने उनकी तलाश की तो जानकारी मिली कि वह फिलहाल गुजरात में हैं। इसके बाद स्थानीय पुलिस ने खेत में लगे सभी गांजा के पौधों को उखड़वाकर जब्त कर लिया। कार्रवाई के दौरान कुल 340 हरे गांजा के पौधे बरामद किए गए। पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों की खेती के मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साथ ही खेत की मालकिन की भूमिका और अवैध खेती के नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
श्रावण माह के पहले सोमवार को लेकर उदयपुर स्थित महाकालेश्वर मंदिर में तड़के से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया। भगवान शिव का जलाभिषेक करने और मंगला आरती के दर्शन के लिए दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में लंबी कतारों में अपनी बारी का इंतजार किया। पूरे परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा। इस पावन अवसर पर भगवान महाकाल का आकर्षक और विशेष श्रृंगार किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भव्य आरती संपन्न हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। श्रद्धालुओं ने भगवान महाकाल के समक्ष शीश झुकाकर अपने जीवन में सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और परिवार के कल्याण की प्रार्थना की। आरती के बाद मंदिर परिसर से बाबा महाकाल की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। ढोल-नगाड़ों, और धार्मिक ध्वजाओं के साथ निकली शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। महिलाएं, पुरुष और बच्चे भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए भक्ति में सराबोर नजर आए। पूरा वातावरण हर-हर महादेव और बम-बम भोले के उद्घोष से गूंजता रहा। श्रावण के पहले सोमवार पर दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह दिखाई दिया। कई श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक कर भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना की और मनोकामनाएं मांगीं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं के विशेष इंतजाम किए। दर्शन व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए आवश्यक प्रबंध किए गए, जिससे श्रद्धालुओं को आसानी से दर्शन हो सके। श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के माहौल में सावन के पहले सोमवार का यह धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
कोटड़ा थाना क्षेत्र के जोगीवड़ और इमली के बीच उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब शैक्षणिक भ्रमण से लौट रही छात्राओं से भरी बसों पर अज्ञात बदमाशों ने अचानक पथराव कर दिया। घटना राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय कोटड़ा की छात्राओं के साथ हुई, जो विश्वास स्वरूपम नाथद्वारा के शैक्षणिक भ्रमण से वापस लौट रही थीं। जानकारी के मुताबिक विद्यालय की कुल 269 छात्राएं पांच बसों में सवार होकर कोटड़ा लौट रही थीं। रात करीब 9 बजे जैसे ही बसें जोगीवड़ और इमली के बीच पहुंचीं, सड़क किनारे छिपे बदमाशों ने एकाएक बसों पर पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। अचानक हुए हमले से बसों में सवार छात्राओं में चीख-पुकार मच गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बस चालकों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए बसों की रफ्तार बढ़ाई और सभी छात्राओं को सुरक्षित कोटड़ा पहुंचाया। पथराव में पांचों बसों के आगे, पीछे और साइड के कई शीशे चकनाचूर हो गए। गनीमत रही कि टूटे हुए शीशों के बावजूद कोई छात्रा या स्टाफ सदस्य गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ और बड़ा हादसा टल गया। घटना की जानकारी मिलते ही विद्यालय प्रशासन और शिक्षक कोटड़ा थाना पहुंचे, जहां अज्ञात बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लांबाहल्दू और जोगीवड़ क्षेत्र में पहले भी वाहनों पर पथराव और लूटपाट जैसी घटनाएं हो चुकी हैं। अब स्कूली छात्राओं की बसों को निशाना बनाए जाने से अभिभावकों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों ने मांग की है कि इस मार्ग पर रात्रिकालीन पुलिस गश्त बढ़ाई जाए और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को होने से रोका जा सके।
उदयपुर जिले में घर में घुसकर मां-बेटी की हत्या के मामले में खुलासा हो गया है। पुलिस ने मामले में मृतका लूंगा बाई के मुंह बोले बेटे जयमीन उर्फ बंटी दवे (37) को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने कर्ज के बोझ से परेशान होकर लूट के लिए वारदात को अंजाम दिया था। घटना उदयपुर जिले के वल्लभनगर थाना इलाके में मुण्डोल की ती। उदयपुर एसपी डॉ अमृता दुहन ने बताया- वारदात का खुलासा तब हुआ जब मृतका लूंगा बाई का गोद लिया बेटा नानालाल गायरी शनिवार सुबह करीब 9 बजे घर पहुंचे। बाहर से दरवाजा बंद था। आवाज देने पर भी अंदर से कोई आवाज नहीं आई। जब नानालाल ने पास स्थित अपने काका के मकान की छत से देखा। मां लूंगा बाई बिस्तर पर खून से लथपथ पड़ी थीं। दरवाजा खोलकर देखा गया तो मृतका की बेटी अमरी बाई की लाश मुख्य गेट के पास पड़ी थी। वहीं, लूंगा बाई की लाश चारपाई पर पड़ी थी। शरीर पर पहने सोने-चांदी के जेवर गायब थे। डॉ अमृता दुहन ने बताया- मुण्डोल गांव में रहने वाली 70 साल की लूंगा बाई और अपनी मानसिक रूप से विक्षिप्त बेटी अमरी बाई (47) के घर में अकेली रहती थी। लूंगा बाई के पति रुपाजी और बेटे चतरा की पहले ही मौत हो चुकी थी। परिवार में कोई वारिस नहीं बचा था।इस बात का फायदा उठाते हुए आरोपी जयमीन दवे ने एक साल पहले से उनके घर आना-जाना शुरू कर दिया। महिला को विश्वास में लेकर खुद को धर्म का बेटा बना लिया। आरोपी की मंशा महिला को झांसे में लेकर उसकी संपत्ति का कानूनी वारिस बनने की थी।उदयपुर एसपी बताा- जब लूंगा बाई ने अपनी संपत्ति जयमीन के नाम करने से मना कर दिया तो आरोपी ने उन्हें रास्ते से हटाने और जेवर लूटने की योजना बनाई। आरोपी भारी कर्ज में डूबा हुआ था। लगातार बढ़ते आर्थिक दबाव और पैसों की तंगी को दूर करने के लिए शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात के समय मां-बेटी पर अचानक हमला कर दिया। आरोपी ने धारदार हथियार से लूंगा बाई और अमरी बाई की गर्दन व सीने पर दर्जनों वार किए। गहने लूटकर फरार हो गया। फॉरेन्सिक और डॉग स्क्वायड की टीम ने जुटाए साक्ष्यमामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल (FSL) यूनिट, डॉग स्क्वायड, चल मोबाइल अनुसंधान इकाई और साइबर विशेषज्ञों को मौके पर बुलाया गया। खून के धब्बों और सबूतों को इकट्ठा किया। पुलिस ने दोनों शवों को वल्लभनगर के सेटेलाइट अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया।आरोपी जयमीन दवे मूलतः वल्लभनगर के डांगियों का चौराहा का रहने वाला है। आरोपी की वल्लभनगर में राशन की दुकान थी, जिसे गड़बड़ी की शिकायत पर 21 मई को जिला रसद विभाग की ओर से सीज की गई थी। हाल ही में वह उदयपुर के प्रतापनगर स्थित आर्ची गैलेक्सी अपार्टमेंट के सी-ब्लॉक में रह रहा था। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी गांव वालों के बीच घूमता रहा। वह लगातार घटना से जुड़ा अपडेट ले रहा था। खुद को बेगुनाह दिखाते हुए मां-बेटी के लिए न्याय की मांग कर रहा था, जिससे किसी को उस पर शक न हो।आरोपी का गांव में आकर न्याय की गुहार लगाना और लगातार अपडेट लेना ही पुलिस के लिए शक की वजह बन गया। पुलिस को सबूतों और मुखबिर की सुचना से आरोपी की पूरी चाल समझ ली। इसके बाद पुलिस ने उसे अरेस्ट कर लिया। आरोपी जयमिन विवाहित है। उसके एक बेटा है।
जिला उपभोक्ता आयोग तृतीय की अध्यक्ष देवेंद्र मोहन माथुर और सदस्य पवन कुमार भारद्वाज की पीठ ने उपभोक्ता प्रमोद कुमार खंडेलवाल की ओर से दायर दो अलग-अलग परिवादों का निस्तारण करते हुए यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। आयोग ने माना कि दोनों मामलों में रिलायंस स्टोर की ओर से उपभोक्ताओं को दी जाने वाली सेवाओं में कमी रही और कंपनी ने अनुचित व्यापारिक प्रथा अपनाई। पहला मामला 24 मार्च 2025 का है। परिवादी प्रमोद कुमार खंडेलवाल ने आमेर रोड स्थित रिलायंस स्मार्ट प्वाइंट से ब्रिटानिया टोस्ट का एक पैकेट खरीदा था। आरोप था कि स्टोर ने पैकेट पर अंकित मूल्य से एक रुपए अधिक वसूले। सुनवाई के दौरान आयोग ने पाया कि परिवादी ने अपने दावे के समर्थन में पर्याप्त तथ्य प्रस्तुत किए, जबकि रिलायंस स्टोर अपनी सफाई में ठोस साक्ष्य पेश नहीं कर सका। इसके बाद आयोग ने इसे सेवा में कमी और अनुचित व्यापारिक प्रथा माना। आयोग ने एक रुपए की राशि 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित लौटाने, मानसिक संताप के लिए 2 हजार 500 रुपए और वाद व्यय के लिए 2 हजार 500 रुपए, कुल 5 हजार रुपए देने के निर्देश दिए। साथ ही आयोग ने प्रमोद कुमार खंडेलवाल को जागरूक उपभोक्ता बताते हुए उनके प्रयासों की सराहना भी की। दूसरा मामला 11 मार्च 2025 का है, जब परिवादी ने रामगढ़ मोड़ स्थित रिलायंस स्मार्ट बाजार से 3 हजार 754 रुपए 32 पैसे की खरीदारी की थी। होली के अवसर पर स्टोर ने 2 हजार 499 रुपए या उससे अधिक की खरीदारी पर मात्र 9 रुपए अतिरिक्त देकर एक किलो चीनी देने का ऑफर घोषित किया था। खरीदारी पूरी होने के बाद जब परिवादी ने ऑफर के तहत चीनी मांगी तो कैशियर ने बारकोड नहीं होने का हवाला देकर चीनी देने से इनकार कर दिया। बाद में न तो चीनी दी गई और न ही उसके बदले कोई राशि लौटाई गई। आयोग ने अपने फैसले में कहा कि यदि कोई व्यापारी किसी ऑफर के माध्यम से ग्राहकों को आकर्षित करता है तो उस ऑफर का लाभ उपलब्ध कराना उसका कानूनी और नैतिक दायित्व है। आयोग ने रिलायंस को परिवादी से 9 रुपए लेकर एक किलो चीनी या उसके बराबर बाजार मूल्य देने और मानसिक परेशानी और वाद दाखिल करने में जो खर्च हुआ उसके बदले में 5 हजार रुपए का भुगतान करने के आदेश दिए। इस प्रकार दोनों मामलों में रिलायंस स्मार्ट प्वाइंट और रिलायंस स्मार्ट बाजार पर कुल 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया।
डिजिटल दौर में साइबर अपराध लगातार नए तरीके अपना रहे हैं और अब उदयपुर पुलिस ऐसे गिरोहों पर लगातार शिकंजा कस रही है। बीते चौबीस घंटों के दौरान जिले के गोगुंदा, प्रतापनगर और सूरजपोल थाना क्षेत्रों में साइबर अपराध और बैंकिंग धोखाधड़ी से जुड़े कई गंभीर प्रकरण दर्ज किए गए हैं। जांच में ऐसे बैंक खातों का खुलासा हुआ है, जिनका इस्तेमाल साइबर ठग अवैध रूप से रकम ट्रांसफर करने और ठगी की राशि को इधर-उधर करने के लिए कर रहे थे। गोगुंदा थाना क्षेत्र में गोगुंदा निवासी आरोपी प्रकाश मेघवाल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि उसने फर्जी तरीके से बैंक खाते का दुरुपयोग कर अवैध धनराशि प्राप्त की। प्रतापनगर थाना पुलिस ने भी अलग-अलग कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किए हैं। पहली कार्रवाई में बोहरा गणेश जी चौराहा निवासी रींकू यादव, दूसरी में एफ ब्लॉक निवासी हरि सिंह राजपूत, तीसरी में पुरोहितों की मादड़ी निवासी भैरू सिंह चारण और चौथी कार्रवाई जयराम कॉलोनी निवासी नवीन सिंह के खिलाफ की गई है। इन सभी मामलों में आरोप है कि उनके बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम के लेनदेन में किया गया। वहीं सूरजपोल थाना क्षेत्र में परिवादिनी माया कुमारी ने शिकायत दर्ज कराई कि मोबाइल पर एक मैसेज आने के दौरान उनके खाते से अलग अलग ट्राजेंक्शन जरिये करीब डेढ रुपये निकाल लिए गए। इस मामले में थानाधिकारी पुलिस निरीक्षक सूर्यभान सिंह के निर्देशन में अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अब इन सभी मामलों के तार जोड़ते हुए साइबर ठगी के पूरे नेटवर्क और उसके सरगनाओं तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
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