आवाज़ हम सबकी
उदयपुर के तितरड़ी स्थित मेवाड़ बीएससी नर्सिंग महाविद्यालय परिसर में आयोजित छात्रों की गूंज कार्यक्रम के दौरान शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं और रोजगार के मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए। एआईसीसी और पीसीसी के निर्देशानुसार आयोजित कार्यक्रम में छात्रों को लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी द्वारा कोटा में आयोजित संवाद का प्रदर्शन प्रोजेक्टर के माध्यम से दिखाया गया। कार्यक्रम के बाद उदयपुर देहात जिला कांग्रेस अध्यक्ष रघुवीर सिंह मीणा ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि देश का युवा शिक्षा और रोजगार के गंभीर संकट से जूझ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रश्नपत्र लीक की लगातार घटनाएं, परीक्षाओं का रद्द होना, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और बढ़ती बेरोजगारी ने करोड़ों युवाओं के भविय को संकट में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि छात्रों को परीक्षा केंद्र की परीक्षा के साथ-साथ धैर्य और मानसिक तनाव की परीक्षा भी देनी पड़ रही है। उदयपुर देहात एवं शहर जिला कांग्रेस सह-प्रभारी डिंपल कुंवर राठौड़ ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े विवादों और संस्थागत विफलताओं ने छात्रों के बीच निराशा, तनाव और असुरक्षा का माहौल बना दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रटाचार और अक्षमता के कारण पेपर लीक, परीक्षाओं का रद्द होना और भर्ती प्रक्रियाओं में देरी जैसी समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं। उदयपुर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष फतेह सिंह राठौड़ ने कहा कि पेपर लीक, परीक्षा का खराब प्रबंधन, रद्द होती भर्तियां, बढ़ती फीस, निजीकरण और घोटालों के कारण छात्रों के सपने टूट रहे हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों की गूंज केवल अभियान नहीं बल्कि युवाओं के अधिकारों की आवाज है और शिक्षा व्यवस्था में सुधार समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। कार्यक्रम में पीसीसी उपाध्यक्ष हीरालाल दरांगी, लोकसभा प्रत्याशी ताराचंद मीणा, पूर्व विधायक प्रीति गजेंद्र सिंह शक्तावत, पीसीसी महासचिव पंकज शर्मा, पीसीसी सचिव भीम सिंह चुंडावत सहित कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
एकतरफा रिश्ते की नाराजगी किस हद तक पहुंच सकती है, इसका चौंकाने वाला मामला मध्यप्रदेश के भोपाल से सामने आया है, जहां एक युवती ने उदयपुर निवासी युवक पर लगातार साइबर उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। पीड़िता के अनुसार उसकी बहन ने विवाह के लिए जीवनसाथी डॉट कॉम पर प्रोफाइल बनाई थी। इसी दौरान उदयपुर निवासी युवक से संपर्क हुआ और परिवार की मौजूदगी में दोनों की एक मुलाकात भी हुई। हालांकि युवक का व्यवहार संदिग्ध लगने पर परिवार ने रिश्ते को आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया। युवती का आरोप है कि इसके बाद युवक लगातार कॉल और मैसेज कर उसे परेशान करने लगा। जुलाई 2025 में उसका नंबर ब्लॉक करने के बावजूद आरोपी अलग-अलग नंबरों से संपर्क करने की कोशिश करता रहा और परिवार के अन्य सदस्यों को भी परेशान करने लगा। पीड़िता ने आरोप लगाया कि जनवरी 2026 में युवक ने उसके घर के पते पर ओला, उबर और रैपिडो के माध्यम से लगातार बुकिंग कराईं। एक ही दिन में करीब 500 टैक्सी और बाइक उसके घर पहुंच गईं। आरोपी ने उज्जैन के लिए लंबी दूरी की राइड बुक की थी, जिसके कारण अधिक कमाई की उम्मीद में कई ड्राइवरों ने बुकिंग स्वीकार कर ली और उन्हें भी परेशानी का सामना करना पड़ा। युवती के मुताबिक ब्लॉक किए जाने के बाद आरोपी ने किसी अन्य व्यक्ति की तस्वीर का इस्तेमाल कर फर्जी प्रोफाइल बनाई और उसके निजी जीवन की जानकारी जुटाने का प्रयास किया। इतना ही नहीं, उसने युवती की गोद भराई के फर्जी निमंत्रण पत्र भी छपवाए। इन कार्डों में मेहमानों को चांदी का सिक्का देने का उल्लेख किया गया, ताकि अधिक से अधिक लोग कार्यक्रम में पहुंचें। बाद में हॉकर के जरिए पूरी कॉलोनी में ये कार्ड बंटवाए गए। पीड़िता का आरोप है कि शिकायत दर्ज होने के बाद आरोपी ने एआई की मदद से शादी और हनीमून की फर्जी तस्वीरें बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दीं। मामले की शिकायत मध्यप्रदेश महिला आयोग में की गई है, जहां हाल ही में युवती ने अपने बयान दर्ज कराए हैं और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं साइबर एक्सपर्ट शृंगारिता खरे के अनुसार एआई से किसी व्यक्ति की फर्जी या मॉर्फ्ड तस्वीरें बनाना निजता का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत कार्रवाई का प्रावधान है। फिलहाल महिला आयोग पूरे मामले की जांच कर रहा है।
करीब चार साल पुराने इस चर्चित मामले में सुखेर थाना पुलिस लगातार महिला आरोपी की तलाश कर रही थी। थानाधिकारी भरत योगी ने बताया कि मध्यप्रदेश के मंदसौर निवासी टीना नट को विशेष टीम ने पिपलिया मंडी क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। आरोपी पुलिस से बचने के लिए लगातार अपनी लोकेशन बदल रही थी और मोबाइल फोन भी बंद रखती थी। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी टीना नट की मुलाकात व्यवसायी पीयूष गलुंडिया से किराए का मकान लेने के सिलसिले में हुई थी। आरोप है कि इसके बाद महिला ने पीयूष को झूठे छेड़छाड़ और दुष्कर्म के मामले में फंसाने की धमकी देकर उससे पैसों की मांग शुरू कर दी। लगातार मिल रही धमकियों और मानसिक दबाव के कारण व्यवसायी तनाव में आ गया था। यह मामला 29 जून 2022 का है, जब पीयूष गलुंडिया ने अपने मित्र सुनील भंडारी के घर फंदा लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर दी थी। घटना के बाद पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट मिला था। सुसाइड नोट में पीयूष ने लिखा था कि टीना नट द्वारा उसे लगातार झूठे आरोपों में फंसाने की धमकियां दी जा रही हैं और वह इसी मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर यह कदम उठा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की थी। लंबे समय तक गिरफ्तारी से बचती रही महिला पर पुलिस ने 10 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया था। अब गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी से पूछताछ कर पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
पुणे में मंगेतर की हत्या करने वाली 20 साल की सिया गोयल ने सोशल मीडिया अकाउंट पर केतन अग्रवाल (26) के साथ कई रोमांटिक पोस्ट किए थे। कभी प्रपोजल की तस्वीरें, कभी फूल देकर प्यार जताने वाले पल, तो कभी डांस और गले मिलने के वीडियो। दोनों की नवंबर में होने वाली शादी की तैयारियां भी सोशल मीडिया पोस्ट का हिस्सा थीं। इस साल फरवरी में सगाई के बाद सिया ने इंस्टाग्राम पर एक केक की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा था- मेरे दिल को उसका घर मिले एक महीना पूरा हुआ। उसने केतन को टैग भी किया था। पुलिस के मुताबिक, 18 जून को केतन की मौत के दिन लोहगढ़ किले पर एक युवक 33°C तापमान में हुडी पहनकर आया था। पुलिस ने जांच में इसे ही आधार बनाकर एक-एक कड़ियां जोड़ीं। आखिरकार सिया और उसे बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी (22) को केतन की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया। सोशल मीडिया पर सिया और उसके मंगेतर केतन का रिश्ता किसी परफेक्ट लव स्टोरी जैसी थी। 19 जून को सिया का बर्थडे था। केतन ने एक महीने पहले यानी 19 मई से ही काउंटडाउन सेलिब्रेशन शुरू कर दिया था। वह रोज उसे अलग-अलग तरीके से अपनी मंगेतर सरप्राइज देता। सिया सोशल मीडिया पर इसके वीडियो पोस्ट करती थी। ये पोस्ट अब वायरल हो रहे हैं। एक पोस्ट में केतन अपनी कार फूलों से सजाकर सिया को गिफ्ट देता दिखा। सिया ने इसका वीडियो पोस्ट कर लिखा- उसने 'पसंद है तुम्हें' वाली बात को बहुत सीरियसली से ले लिया। बैकग्राउंड में 'पसंद है तुम्हें' गाना भी बज रहा था। एक स्टोरी में उसने केतन की तस्वीर को ‘दैट स्माइल’ कैप्शन के साथ शेयर किया था। केतन की मौत के अगले दिन सिया ने इंस्टाग्राम पर एक इमोशनल पोस्ट लिखी- ‘केतन तुम मुझे मेरे जन्मदिन पर अकेला छोड़ गए। वापस आ जाओ।’पुलिस के अनुसार, सिया और चेतन करीब तीन साल से एक-दूसरे को जानते थे। लेकिन सिया के परिवार ने उसकी शादी केतन से तय कर दी थी। केतन के परिवार के अनुसार, सिया पहले शादी को लेकर संकोच जता चुकी थी और एक बार शादी टालने की बात भी कह चुकी थी। पुलिस के अनुसार, सिया यह शादी नहीं चाहती थी। उसे लगता था मंगतेर केतन उसके और चेतन के बीच आ रहा है। इसलिए उसने केतन को मारने की साजिश रची। वह अपने बर्थडे से एक दिन पहले 18 जून को ट्रैकिंग के बहाने केतन को अपने साथ लोहगढ़ किले लेकर गई। वहां बॉयफ्रेंड चेतन के साथ मिलकर मंगेतर को करीब 400 फीट गहरी खाई में धेकल दिया। सिया ने पुलिस को गुमराह करने के लिए बताया था कि केतन का पैर फिसल गया था। पुलिस ने भी हादसा मानकर केस दर्ज किया था।जांच टीम के एक अधिकारी ने बताया कि किले के टिकट काउंटर पर लगे CCTV कैमरों की जांच के दौरान हमें केतन और सिया साथ-साथ चलते दिखाई दिए। फुटेज को ध्यान से देखने पर पुलिस ने पाया कि दोनों से करीब 20 फीट पीछे एक युवक भी चल रहा था। उसने शॉर्ट्स और हुडी पहन रखी थी। उसने हुडी को इतना नीचे खींच रखा था कि उसका चेहरा दिखाई नहीं दे रहा था। इसके ऊपर उसने हेडसेट भी लगा रखा था। एक दूसरी फुटेज में दिखा कि सिया अचानक पीछे मुड़ती है और उसी समय हुडी पहना युवक झट से नीचे बैठ जाता है। पुलिस ने उस दिन के तापमान की जांच की तो पता चला कि 18 जून को उस समय 33 डिग्री सेल्सियस तापमान था। ऐसे में सवाल उठा कि इतनी गर्मी में कोई हुडी क्यों पहनेगा। परिवार शोक में था, इसलिए पुलिस ने शुरुआत में ज्यादा पूछताछ नहीं की गई।पुलिस को कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और डिजिटल कम्युनिकेशन डेटा की जांच से पता चला सिया चेतन नाम के लड़के से लगातार संपर्क में थी। दोनों के बीच 1 जनवरी से 18 जून तक 2004 कॉल्स हुए। इससे दोनों के बीच गहरे संबंध के संकेत मिले। पुलिस ने चेतन की तस्वीरों और सोशल मीडिया प्रोफाइल की जांच की। जब उसकी तस्वीरों को CCTV फुटेज में दिख रहे हुडी वाले युवक से मैच किया गया तो हत्या का शक और मजबूत हो गया। इसके बाद पुलिस ने चेतन चौधरी को हिरासत में लिया।पूछताछ में चेतन से जब पूछा गया कि सिया और तुमने भागकर शादी क्यों नहीं की। इस पर उसने बताया कि सिया सगाई तोड़कर भागने के पक्ष में नहीं थी। उसे लगता था कि इससे उसके परिवार की बदनामी होगी। इसके बाद पुलिस ने सिया और चेतन दोनों को गिरफ्तार कर हत्या और आपराधिक साजिश के आरोप में मामला दर्ज किया।केतन की बहन संजना और अन्य परिजन से पता चला कि सिया कई बार केतन को लोहगढ़ किले ले जाने की जिद कर चुकी थी। 31 मई को वह उसे वहां ले गई थी। इसके बाद 4 जून को भी उसने वहां जाने के लिए कहा, लेकिन केतन की मां ने इजाजत नहीं दी। पुलिस के अनुसार सिया और उसका बॉयफ्रेंड चेतन, बाली (इंडोनेशिया) में होने वाले प्री-वेडिंग फोटोशूट से पहले ही केतन को रास्ते से हटाना चाहते थे। हालांकि, आखिरी समय में ट्रिप कैंसिल हो गई, क्योंकि केतन का पासपोर्ट रहस्यमय तरीके से गायब हो गया था। पुलिस को शक है कि सिया ने ही पासपोर्ट चुराया था। इसके बाद सिया ने 14 जून को फिर लोहगढ़ जाने की जिद की तो केतन चला गया। उस दिन भी सिया ने केतन को खाई में धक्का देने की कोशिश की थी, लेकिन वह झाड़ी पकड़कर बच गया। जब केतन ने पूछा कि उसे धक्का क्यों दिया गया, तो सिया ने सांप दिखने का नाटक किया और ऐसा दिखाया कि उसने केतन की जान बचाई है।
बाल संरक्षण कानूनों की खुलेआम अनदेखी का यह मामला शहर के सूरजपोल थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां 100 फीट रोड माली कॉलोनी स्थित सीगड़ी डोसा रेस्टोरेंट पर मानव तस्करी विरोधी यूनिट ने औचक कार्रवाई की। सहायक उपनिरीक्षक रेखा के नेतृत्व में पहुंची टीम ने मौके पर जांच की तो बच्चों से विधि विरुद्ध तरीके से काम करवाए जाने की जानकारी सामने आई। पुलिस के अनुसार मानव तस्करी विरोधी यूनिट को काफी समय से इस संबंध में शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों के सत्यापन के बाद टीम ने रेस्टोरेंट पर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान यह सामने आया कि रेस्टोरेंट संचालक कैलाश द्वारा बच्चों से श्रम कराया जा रहा था, जो बाल संरक्षण और श्रम कानूनों के विपरीत है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि बच्चों को उनकी क्षमता और निर्धारित समय से अधिक काम करने के लिए मजबूर किया जाता था। आरोप है कि बच्चों की मेहनत की कमाई भी उनके पास नहीं पहुंचती थी और उसे अवैध रूप से रोका जाता था। इतना ही नहीं, काम के दौरान उनके साथ दुर्व्यवहार किए जाने और उनकी मूलभूत जरूरतों की उपेक्षा करने की बातें भी सामने आई हैं। पुलिस का कहना है कि ऐसे हालातों में बच्चों को मानसिक और शारीरिक दोनों तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए रेस्टोरेंट संचालक कैलाश के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और किशोर न्याय अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। फिलहाल मामले की जांच सूरजपोल थाने के सहायक उपनिरीक्षक सोहनलाल द्वारा की जा रही है।
उदयपुर में मंगलवार को पीड़ित परिवार की ओर से पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा गया और पूरे मामले में निष्पक्ष जांच के साथ आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई। ज्ञापन में पीडिता के पिता ने आरोप लगाया कि उनकी पुत्री जब नाबालिग थी, तब हाथीपोल क्षेत्र निवासी आरोपी मतीन खान उसके संपर्क में आया और विश्वास में लेकर वर्ष 2023 में एक कैफे में उससे संबंध बनाए। इसके बाद आरोपी नेे फोटो और अन्य सामग्री के आधार पर युवती को लगातार ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। परिवार का आरोप है कि आरोपी ने सोशल मीडिया पर फोटो वायरल करने, बदनाम करने और परिवार की प्रतिष्ठा खराब करने की धमकी देकर युवती से समय-समय पर रुपए वसूले। ज्ञापन में दावा किया गया है कि आरोपी ने करीब 10 से 15 लाख रुपए तक की राशि ऐंठ ली। इतना ही नहीं, युवती ने दबाव में आकर घर के सोने के आभूषण भी आरोपी को दे दिए। परिजनों के अनुसार आरोपी लगातार युवती पर हिन्दू धर्म छोड़कर मुस्लिम धर्म अपनाने और निकाह करने का दबाव बनाता रहा। परिवार ने बताया कि 16 फरवरी को उनकी बेटी का विवाह बाघपुरा के रहने वाले एक युवक के साथ हुआ, लेकिन शादी के बाद भी आरोपी का उत्पीड़न बंद नहीं हुआ। आरोप है कि आरोपी ने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट डालीं, दामाद को धमकियां दीं और उसे पत्नी को छोड़ने के लिए दबाव बनाया। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि आरोपी ने सोशल मीडिया पर दक्ष इज टारगेट और श्मशान बना दूंगा जैसे संदेश पोस्ट किए। परिजनों का दावा है कि आरोपी और उसके साथियों ने पूर्व में धारदार हथियार लेकर दामाद का पीछा किया, जबकि एक अन्य घटना में आरोपी उनके घर पहुंचकर जान से मारने की धमकी भी दे चुका है। परिवार का कहना है कि पिछले 15 दिनों से लगातार मिल रही धमकियों और मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर 21 जून को उनकी बेटी और दामाद ने ने विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया। दोनों अस्पताल में भर्ती हैं। अब परिवार ने पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर आरोपी और उसके सहयोगियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। इसके साथ ही पीडित परिवार ने अंबामाता थाना पुलिस पर भी लापरवाही के गंभीर आरोप लगाये है।
अरावली की पहाड़ियों को काटकर किए जा रहे अवैध निर्माणों के खिलाफ उदयपुर विकास प्राधिकरण लगातार सख्ती बरत रहा है। इसी कड़ी में मंगलवार को यूडीए की टीम ने एकलिंगजी स्थित कैलाशपुरी तालाब के समीप स्थित पहाड़ी भूमि पर बनाए जा रहे अवैध व्यावसायिक निर्माण पर कार्रवाई करते हुए उसे सील कर दिया। यूडीए कमिश्नर अभिषेक खन्ना ने बताया कि राजस्व ग्राम मूणवास की पहाड़ी भूमि को काटकर बिना स्वीकृति के व्यावसायिक निर्माण किया जा रहा था। मामले की जानकारी मिलने पर प्राधिकरण की टीम ने प्रारंभिक स्तर पर ही मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य रुकवाया और संबंधित पक्ष को बिना अनुमति किसी भी प्रकार का निर्माण नहीं करने के लिए पाबंद किया था। इसके बावजूद निर्माण कार्य लगातार जारी रखा गया। यूडीए सचिव राजपाल सिंह ने बताया कि इसके बाद उदयपुर विकास प्राधिकरण अधिनियम-2023 की धारा 32 के तहत प्रकरण दर्ज कर संबंधित पक्ष को नोटिस जारी किया गया। नोटिस के जवाब में भी निर्माणकर्ता कोई वैध स्वीकृति प्रस्तुत नहीं कर सका और मौके पर निर्माण जारी रहा। स्थिति को गंभीर मानते हुए प्राधिकरण ने सख्त कार्रवाई करते हुए पूरे निर्माण को सीज कर दिया। यूडीए कमिश्नर अभिषेक खन्ना ने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार का निर्माण शुरू करने से पहले नियमानुसार स्वीकृति अवश्य प्राप्त करें, क्योंकि बिना अनुमति किए गए निर्माणों का नियमन संभव नहीं होता। यह कार्रवाई तहसीलदार डॉ. अभिनव शर्मा के निर्देशन में भू-अभिलेख निरीक्षक राजेंद्र सेन, बाबूलाल तेली, पटवारी दीपक जोशी और होमगार्ड जाब्ते की मौजूदगी में हुई। यूडीए ने स्पष्ट किया है कि अवैध कब्जों और निर्माणों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
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