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उदयपुर के हिरण मगरी थाना क्षेत्र में घरेलू नौकर द्वारा मालिक के विश्वास को छलने का मामला सामने आया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घर से सोने का कड़ा चुराकर भागने वाले नौकर शुभम सोलंकी को धर दबोचा है। पकड़ा गया आरोपी मूल रूप से मध्यप्रदेश के देवास का रहने वाला है, जो पीड़ित के घर में काम करता था। घटना 23 सितंबर की है, जब पीड़ित प्रतीक जैन अपने घर से जिम जाने के लिए निकले। जिम जाने से पहले उन्होंने रोजाना की तरह अपने हाथ में पहना करीब 5 तोले वजनी सोने का कड़ा उतारा और कमरे में स्थित ड्रेसिंग टेबल पर रख दिया। घर में काम कर रहे नौकर शुभम की नजर इस महंगे कड़े पर पड़ गई। जैसे ही मकान मालिक घर से बाहर निकले, नौकर ने मौका पाकर कड़ा उठाया और सीधे अपने बैग में छुपाकर वहां से रफूचक्कर हो गया। शाम को जब प्रतीक जैन वापस घर लौटे और कड़ा गायब देखा, तो उनके होश उड़ गए। काफी तलाश करने के बाद जब कड़ा नहीं मिला, तो उन्होंने हिरण मगरी थाने पहुंचकर मामला दर्ज कराया। जांच अधिकारी और पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जब पड़ताल शुरू की और शक के आधार पर नौकर शुभम सोलंकी से कड़ाई से पूछताछ की, तो वह टूट गया और उसने चोरी की बात कबूल कर ली। पुलिस अब आरोपी से यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या उसने इससे पहले भी कहीं ऐसी चोरियों को अंजाम दिया है।
जयपुर में स्वास्थ्य विभाग और खाद्य सुरक्षा टीम की इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया है। सीएमएचओ डॉ. मनीष मित्तल ने बताया कि टीम को भांकरोटा स्थित धारव पब्लिक स्कूल (DPS) की कैंटीन में अनियमिताओं की गुप्त सूचना मिली थी, जिसके बाद दोपहर करीब 3 बजे औचक निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान सामने आया कि कैंटीन संचालक के पास सिर्फ कैंटीन चलाने का लाइसेंस था। लेकिन नियम-कायदों को दरकिनार कर कैंटीन परिसर के भीतर ही एक बड़ी बेकरी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित कर ली गई थी। संचालक के पास बेकरी प्रोडक्ट्स बनाने और नॉनवेज रखने या बेचने का कोई वैध लाइसेंस नहीं था। जब टीम ने रसोई और स्टोर रूम की तलाशी ली, तो वहां रखे डीप फ्रिज में काफी मात्रा में फ्रोजन नॉनवेज बरामद हुआ। इसी फ्रोजन नॉनवेज का इस्तेमाल कर विभिन्न प्रकार के नॉनवेज बेकरी आइटम्स तैयार किए जा रहे थे और उन्हें शहर के अन्य व्यावसायिक आउटलेट्स पर सप्लाई किया जा रहा था। इसके साथ ही, कैंटीन में स्कूली विद्यार्थियों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करते हुए मोमोज, पास्ता, नूडल्स, बर्गर और फ्रेंच फ्राइज जैसे हानिकारक जंक फूड तैयार कर बेचे जा रहे थे। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर मौजूद मैनेजर राकेश गुप्ता को पाबंद करते हुए नॉनवेज बेकरी प्रोडक्ट्स और जंक फूड की मैन्युफैक्चरिंग को तत्काल प्रभाव से बंद करवा दिया है। मौके से पनीर और यूज्ड कुकिंग ऑयल के सैंपल लेकर जांच के लिए स्टेट लैब भिजवाए गए हैं, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उदयपुर के प्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ. महिपाल सिंह सांखला ने लगातार दूसरी बार विश्व के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों की प्रतिष्ठित सूची में स्थान प्राप्त कर मेवाड़ सहित पूरे राजस्थान का गौरव बढ़ाया है। स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी और एल्सेवियर द्वारा जारी इस वैश्विक सूची में उनका चयन उनकी उत्कृष्ट वैज्ञानिक उपलब्धियों, शोध कार्यों और नवाचारों का प्रमाण है। वर्तमान में डॉ. सांखला के.आर. मंगलम यूनिवर्सिटी में कार्यरत हैं। वे फॉरेंसिक साइंस, नैनो टेक्नोलॉजी और पर्यावरण विषविज्ञान जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में शोध कर रहे हैं। इन क्षेत्रों में उनका योगदान विज्ञान और समाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। उनके अब तक 200 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित हो चुके हैं, जबकि 100 से ज्यादा पेटेंट उनके नाम दर्ज हैं। यह उपलब्धि उनकी निरंतर मेहनत, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और अनुसंधान के प्रति समर्पण को दर्शाती है। डॉ. सांखला की सफलता देश के युवा विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि लगन, परिश्रम और नवाचार के माध्यम से वैश्विक स्तर पर पहचान बनाई जा सकती है। लगातार दूसरी बार विश्व के शीर्ष वैज्ञानिकों में शामिल होना उनकी प्रतिभा और शोध की गुणवत्ता को रेखांकित करता है। उनकी इस शानदार उपलब्धि पर मेवाड़वासियों को गर्व है। यह सफलता भारतीय विज्ञान जगत के लिए भी गौरवपूर्ण क्षण है।
उदयपुर के व्यस्ततम सूरजपोल से गुलाबबाग मार्ग पर नगर निगम की अतिक्रमण रोधी कार्रवाई पर निष्पक्षता के सवाल खड़े हो गए हैं। मौके से सामने आए वीडियो साफ तौर पर बयां कर रहे हैं कि निगम कर्मचारियों की कार्रवाई में किस तरह से दोहरा मापदंड अपनाया गया। वीडियो में देखा जा सकता है कि टीम एक विशेष दुकान के शटर के बाहर रखे सामान को निशाना बनाकर दोबारा उठा रही है, जबकि इसी मार्ग पर उससे कुछ ही दूरी पर शटर से बाहर पड़े सामान को पूरी तरह नज़रअंदाज कर दिया गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निगम की टीम मानो किसी एक ही दुकान पर कार्रवाई का मन बनाकर आई थी और दूसरी दुकान की तरफ देखने तक की मनाही थी। मामले को लेकर स्थानीय दुकानदारों में भारी रोष देखा जा रहा है।
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR No. 11191011260145/2026 के अनुसार, पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कलिंजरा डैम के पास रेड डालकर एक आरोपी के पास से 1 किलोग्राम 975 ग्राम कीमती 'हाइब्रिड गांजा' और अन्य मुद्दामाल जब्त किया था, जिसकी कुल बाजार कीमत 79 लाख 67 हजार 500 रुपये (लगभग 80 लाख) आंकी गई थी। पुलिस तफ्तीश में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि राजस्थान से इस महंगे नशे की सप्लाई और ट्रांसपोर्टेशन में एक मिठाई कारोबारी और उदयपुर निवासी उसके साथी की भी भूमिका थी। पुलिस ने दोनों को 25 मई 2026 को गिरफ्तार कर साबरमती सेंट्रल जेल भेज दिया था। जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान आरोपी के वकील ने अदालत में मिठाई कारोबार का जीएसटी रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र पेश करते हुए उसे एक प्रतिष्ठित कारोबारी साबित करने की कोशिश की। इस बीच, आरोपी पर दर्ज पुराने मामलों FIR No. 415/2019 एवं 416/2019 का ब्योरा भी अदालत में पेश किया गया। विशेष एनडीपीएस कोर्ट के जज ए. एन. वोरा ने मामले में चार्जशीट पेश हो जाने और बरामद नशीले पदार्थ की मात्रा कमर्शियल मात्रा (Commercial Quantity) से कम होने के तकनीकी आधार पर 29 जुलाई 2026 को दोनों को 25-25 हजार रुपये के मुचलके पर सशर्त जमानत दे दी। जमानत मिलने के बाद मिठाई कारोबारी ने अपनी स्कॉर्पियो कार को छुड़ाने के लिए धारा 497 B.N.S.S. के तहत सेशंस कोर्ट में अर्जी लगाई थी। उसने दलील दी कि वह गाड़ी का वैध मालिक है, गाड़ी धूप-बारिश में सड़ रही है और उसे अपने व्यापारिक कामों के लिए वाहन की जरूरत है। लेकिन अदालत ने इस दलील को सिरे से खारिज कर दिया। एसओजी क्राइम ब्रांच (SOG) और सरकारी वकील (APP) ने कड़ा विरोध जताते हुए कोर्ट को बताया कि इस लग्जरी वाहन का इस्तेमाल प्रतिबंधित नशीले पदार्थों के परिवहन के लिए किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ए. एन. वोरा ने 24 अगस्त 2026 को सुनाए अपने फैसले में कहा कि आरोपी इस बात का कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया कि उसकी गाड़ी का इस्तेमाल इस गंभीर अपराध में कैसे हुआ। इस बात की पूरी संभावना है कि यदि वाहन उसे वापस सौंप दिया गया, तो वह इसका उपयोग फिर से इसी तरह के नशे के काले कारोबार में करेगा। अदालत ने सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालय के नजीर फैसलों भोला सिंह बनाम बिहार राज्य और बिश्वजीत डे बनाम असम राज्य का हवाला देते हुए कारोबारी की गाड़ी की कस्टडी अर्जी पूरी तरह खारिज कर दी। मिठाई जैसे आम और भरोसेमंद खाद्य कारोबार से जुड़े किसी व्यक्ति का अंतरराष्ट्रीय स्तर के महंगे नशे 'हाइब्रिड गांजा' की तस्करी नेटवर्क में शामिल होना समाज और पुलिस प्रशासन के लिए एक बेहद गंभीर और चिंताजनक विषय है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या रेस्टोरेंट और मिठाई के कारोबार की आड़ में बेनामी धन को खपाने का काम तो नहीं किया जा रहा था।
राजसमंद के खमनोर थाना इलाके में पुरानी रंजिश ने जानलेवा मोड़ ले लिया। घोड़च निवासी 22 वर्षीय संजय डांगी जब अपनी कार से उदयपुर जा रहा था, तभी रास्ते में पीछे से आ रही एक कार ने उसकी गाड़ी को जोरदार टक्कर मार दी। गाड़ी टकराते ही पीड़िता की कार रुक गई, जिसके बाद हमलावर कार से नीचे उतरा और गाली-गलौज करते हुए संजय के साथ मारपीट शुरू कर दी। पीड़ित संजय डांगी के अनुसार, हमलावर किशनलाल डांगी ने मारपीट करते हुए धमकी दी कि वह पिछले दो महीने से उसकी रेकी कर रहा था। इसके बाद आरोपी ने लाठी या डंडे से कार के सारे शीशे फोड़ दिए। सिर पर खून सवार आरोपी किशनलाल एक लीटर की बोतल में पेट्रोल भरकर लाया और संजय की कार पर छिड़ककर आग लगा दी। कार को धूं-धूं कर जलता देख संजय ने खेतों की तरफ भागकर अपनी जान बचाई। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। पीड़ित ने थाने पहुंचकर आपबीती सुनाई और बताया कि दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर आपसी विवाद चल रहा है, जिसका मुकदमा पहले से दर्ज है। खमनोर थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS 2023) की धारा 115(2), 126(2) और 326(f) के तहत केस दर्ज कर लिया है। मामले की आगे की जांच एएसआई नारायण सिंह को सौंपी गई है।
पर्यटन नगरी उदयपुर में हर दिन आम जनता और पर्यटकों को हो रही ट्रैफिक की भीषण समस्या को देखते हुए जिला पुलिस कप्तान डॉ. अमृता दुहन ने मोर्चा संभाल लिया है। एसपी कार्यालय में आयोजित इस अहम बैठक में शहर की बिगड़ी यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कड़े और अभूतपूर्व फैसले लिए गए। बैठक में एसपी डॉ. अमृता दुहन ने पुलिस अधिकारियों और नगर निगम को निर्देश दिए कि सड़कों पर लंबे समय से स्थायी रूप से खड़ी रहने वाली बसों और वाहनों के खिलाफ तुरंत विशेष चेकिंग अभियान चलाया जाए। उन्होंने बापू बाजार, सूरजपोल पुलिस चौकी, जगदीश चौक, गणगौर घाट और रानी रोड जैसे प्रमुख इलाकों में बाधक बन रहे अवैध ठेलों और अतिक्रमणों को तत्काल हटाने के सख्त निर्देश दिए। सूरजपोल क्षेत्र में अमृत नमकीन के सामने स्थित कॉम्प्लेक्स के बाहर से अतिक्रमण हटाकर पेंसिल डिवाइडर लगाने तथा उदियापोल क्षेत्र के कुछ मार्गों को वन-वे करने की रणनीति बनाई गई। बैठक में मौजूद महापौर पारस सिंघवी ने कहा कि यदि उदयपुर शहर को बचाना है और इसकी अंतरराष्ट्रीय पर्यटन साख को बनाए रखना है तो यातायात व्यवस्था में अभूतपूर्व सुधार करना होगा। उन्होंने गुलाब बाग पार्किंग स्थल पर स्टे हटने के बाद जल्द ही 125 बसों और 300 से अधिक कारों की पार्किंग शुरू होने की उम्मीद जताई, जिससे मुख्य शहर पर दबाव कम होगा। एसपी डॉ. अमृता दुहन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पुलिस और नगर निगम की संयुक्त टीमें मैदान में उतरकर कार्रवाई करेंगी। शुरुआत में व्यापारी वर्ग और आमजन से सहयोग की अपील की जाएगी, लेकिन व्यवस्था में सहयोग न करने वालों के खिलाफ पुलिस सख्त रुख अपनाएगी। एसपी ने भरोसा जताया कि पर्यटन सीजन शुरू होने से पहले शहर को ट्रैफिक जाम से पूरी तरह मुक्ति दिलाने के लिए सभी विभाग मिलकर ठोस और स्थायी कदम उठाएंगे।
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