आवाज़ हम सबकी
झीलों की नगरी उदयपुर में अक्टूबर का आधा महीना बीतने के बावजूद गर्मी से राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। आमतौर पर अक्टूबर में मौसम सुहावना होने लगता है, लेकिन इस बार तेज धूप और बढ़ते तापमान ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। शहर में दिन का अधिकतम तापमान लगातार 35 से 36 डिग्री सेल्सियस के पार बना हुआ है। इसके चलते दोपहर के समय गर्मी का असर साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। वहीं, रात के तापमान में भी लगातार उतार-चढ़ाव दर्ज किया जा रहा है। आंकड़ों पर नजर डालें तो 12 अक्टूबर को न्यूनतम तापमान 17.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो महज छह दिनों में 4.4 डिग्री बढ़कर 21.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। रात के तापमान में हुई इस बढ़ोतरी से लोगों को सुबह और देर रात भी गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है। दिन में तेज धूप और रात में उमस के कारण आमजन परेशान हैं। लोगों को उम्मीद थी कि अक्टूबर के दूसरे पखवाड़े में मौसम ठंडा होगा, लेकिन फिलहाल गर्मी का असर बरकरार है। अब सभी की निगाहें मौसम में होने वाले बदलाव और तापमान में गिरावट पर टिकी हैं।
उदयपुर-अहमदाबाद नेशनल हाईवे-48 पर स्थित बारा गांव में शुक्रवार देर रात करीब 1:30 से 2 बजे के बीच 6 से 7 हथियारबंद बदमाश वृद्ध लालाराम कलाल के घर में घुस गए। सोते हुए दंपती को दबोचकर बदमाशों ने रिवॉल्वर तान दी और जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित वृद्धा सरिता देवी ने बताया कि बदमाशों ने उनके और उनके पति के हाथ-पैर बांध दिए तथा मुंह पर कपड़ा ठूंस दिया। एक बदमाश ने उनके बाल पकड़कर घसीटा और सीढ़ियों के नीचे ले जाकर उनके साथ मारपीट की। इस बर्बरता में लालाराम को गंभीर चोटें आई हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बदमाश घर में रखी करीब 40 तोला सोने के जेवर, चांदी के आभूषण और 7 लाख रुपये की नकदी लूटने के साथ ही घर के बाहर खड़ी कार भी लेकर फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही डीएसपी छगन पुरोहित और टीडी थानाधिकारी देवेंद्र सिंह राठौड़ पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। एफएसएल टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस अब आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालकर बदमाशों की तलाश में जुटी है। इस बड़ी वारदात से इलाके में दहशत का माहौल है।
कोचिंग नगरी कोटा से एक दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहां सपनों को उड़ान देने आए दो नाबालिग छात्र आपस में ऐसे भिड़े कि एक की लापरवाही ने एलन कोचिंग परिसर को रणक्षेत्र बना दिया। मामूली बात पर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ा कि एक छात्र ने दूसरे का सिर लहूलुहान कर दिया। आखिर इन दोनों के बीच ऐसा क्या हुआ था जिसके चलते टॉय गन से जानलेवा हमला करना पड़ा? आइए देखते हैं इस पूरी वारदात की एक-एक डिटेल। घटना शुक्रवार शाम करीब 6 बजे जवाहर नगर थाना क्षेत्र के एलन कोचिंग परिसर की है। पुलिस डीएसपी मनीष शर्मा के मुताबिक, दोनों नाबालिग छात्र कोटा में रहकर जेईई की तैयारी कर रहे हैं। इनमें से एक छात्र उत्तर प्रदेश का और दूसरा बिहार का रहने वाला है। किसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी इतनी बढ़ गई कि परिसर में ही इनके बीच मारपीट शुरू हो गई। गुस्से में आपा खो बैठे यूपी के छात्र ने टॉय गन के भारी-भरकम बट से बिहार के छात्र के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिया। हमले में घायल छात्र लहूलुहान होकर फर्श पर गिर पड़ा, जिससे वहां अफरातफरी और हड़कंप मच गया। आसपास मौजूद अन्य छात्रों की भारी भीड़ मौके पर जमा हो गई। घायल छात्र कोटा में अपनी मां के साथ किराए पर रहता है। घटना के तुरंत बाद उसे गंभीर हालत में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। पीड़ित छात्र की मां की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर झगड़े की असली वजह अभी सामने नहीं आई है, और पुलिस दोनों छात्रों से पूछताछ में जुटी है।
उदयपुर में चल रहे गरबा उत्सव के बीच आयोजकों की ओर से परिधानों और वेशभूषा को लेकर संदेश देने वाले पोस्टर लगाए गए हैं। शहर के प्रमुख गरबा स्थलों पर लगाए गए इन पोस्टरों में खासतौर पर बैकलेस और पश्चिमी शैली के परिधानों की तस्वीरें दिखाते हुए माताओं-बहनों से इस तरह के पहनावे से बचने का आग्रह किया गया है। पोस्टर्स के जरिये संदेश दिया गया है कि गरबा मूल रूप से मां शक्ति की भक्ति और आराधना का पावन उत्सव है, न कि फैशन और व्यक्तिगत प्रदर्शन का मंच। पोस्टरों में भारतीय संस्कृति और त्यौहार की गरिमा के अनुरूप पारंपरिक पोशाक पहनने पर जोर दिया गया है। आयोजकों का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य गरबा पंडालों में धार्मिक और सांस्कृतिक माहौल को बनाए रखना है। इस अपील को लेकर शहरवासियों और गरबा प्रेमियों के बीच मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं, जहाँ कुछ लोग इसे संस्कृति की रक्षा का प्रयास मान रहे हैं, वहीं अन्य इसे व्यक्तिगत पसंद का विषय बता रहे हैं। फिलहाल, यह विषय शहर में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
उदयपुर में आम जनता को पैदल चलने का पाठ पढ़ाने वाले और फुटपाथों से गाड़ियां हटवाने का दावा करने वाले नगर निगम प्रशासन को अपने ही 'नाक के नीचे' हो रहा भारी अतिक्रमण नजर नहीं आ रहा है। यह मामला नगर निगम उदयपुर की दीवार से ठीक सटी हुई ठक्कर बापा कॉलोनी का है, जहाँ प्रशासनिक दोहरे रवैये की पोल खुलकर सामने आ गई है। इस पूरे मार्ग पर टायरों को रिट्रेड करने वाली दुकानें स्थित हैं। दुकानें तो साइज में बेहद छोटी हैं, लेकिन इनका पूरा का पूरा कारोबार आधी से ज्यादा मुख्य सड़क पर फैला रहता है। दिनभर सड़क पर खुलेआम टायर बिखरे रहते हैं, जिससे न केवल यातायात अवरुद्ध होता है बल्कि राहगीरों का निकलना भी दुभर हो गया है। हैरानी की बात यह है कि निगम के आला अधिकारी रोज़ इसी रास्ते से गुजरते हैं, फिर भी उनकी नजर इस अवैध कब्जे पर नहीं पड़ती। जबकि यह मार्ग यातायात प्रबंधन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। सूरजपोल चौराहे पर जब भी वाहनों का दबाव बढ़ता है, तो आपातकालीन परिस्थितियों में दुपहिया वाहनों को इसी रास्ते से डाइवर्ट किया जा सकता है। नगर निगम की दीवार से सटा यह रास्ता सीधे पीछे की तरफ शक्तिनगर-मेवाड़ मोटर्स लिंक रोड पर जाकर खुलता है। सवाल यह खड़ा होता है कि नगर निगम जब पूरे शहर में बुलडोजर चलाकर व्यापारियों की चबूतरियां तोड़ रहा है और आम रहवासियों को गाड़ियां हटाने की हिदायत दे रहा है, तो फिर अपने ही दफ्तर के बगल में पूरी सड़क घेरकर बैठे टायर दुकानदारों पर मेहरबानी क्यों? करीब तीन साल पहले प्रदूषण और शिकायतों के चलते यहाँ कार्रवाई हुई थी, लेकिन अब फिर से रहवासी जहरीले प्रदूषण और इस अतिक्रमण से त्रस्त हैं। अब देखना होगा कि निगम का बुलडोजर इस 'अंधेरे' को कब साफ करता है।
कानोड़ क्षेत्र के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय आकोला से शिक्षा विभाग को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ कार्यवाहक प्रधानाचार्य भंवर लाल पर विद्या संबल योजना के तहत नियमों की धज्जियाँ उड़ाते हुए अपने ही रिश्तेदार को बैकडोर से राजनीति विज्ञान व्याख्याता के पद पर लगाने का गंभीर आरोप लगा है। मामला तब भड़का जब कानोड़ के जागरूक अभ्यर्थी सोहन लाल माली ने चयन प्रक्रिया की पोल खोलते हुए उच्च अधिकारियों से लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के मुताबिक, सीकर से बुलाए गए अभ्यर्थी प्रदीप के आवेदन और अटेंडेंस रजिस्टर के हस्ताक्षरों में भारी भिन्नता पाई गई, जो पूरी प्रक्रिया के फर्जीवाड़े की ओर इशारा करती है। धांधली की परतें खुलीं तो विभाग ने नरेंद्र दक की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित कर दी। लेकिन मामला यहीं नहीं थमा! आरोप है कि खुद को फंसता देख कार्यवाहक प्रधानाचार्य भंवर लाल ने 14 और 15 सितंबर को पुरानी चयन कमेटी के सदस्यों पर 31 अगस्त की बैक डेट में दस्तखत करने का अनुचित दबाव बनाया। जब सदस्यों ने इस फर्जीवाड़े का हिस्सा बनने से इनकार किया, तो उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर सर्विस बुक फाड़ने तक की धमकियां दी गईं और मनमाने ढंग से नई कमेटी का गठन कर दिया गया। लगातार बढ़ती शिकायतों पर मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (समग्र शिक्षा) भींडर ने तीन सदस्यीय एक और जांच टीम का गठन कर दिया। चारों तरफ से घिरने और कानूनी शिकंजे के डर से कार्यवाहक प्रधानाचार्य ने आनन-फानन में 12 अक्टूबर को अपने रिश्तेदार से इस्तीफा लिखवा दिया। हेडमास्टर की इस मनमानी की सजा अब स्कूल के उन मासूम छात्रों को भुगतनी पड़ रही है, जिनका पद फिर से खाली हो गया है। गौर करने वाली बात यह भी है कि विवादों से भंवर लाल का पुराना नाता रहा है; इससे पहले भी एक महिला कार्मिक से छेड़छाड़ और प्रताड़ना के मामले में उनके खिलाफ जांच लंबित है। अब देखना यह होगा कि शिक्षा विभाग इस पूरे फर्जीवाड़े पर केवल कागजी कमेटियां ही बनाता है या आरोपी प्रधानाचार्य पर कोई ठोस सख्त कार्रवाई भी करता है।
उदयपुर में केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर आयुक्तालय की एंटी-इवेजन विंग ने अवैध सिगरेट कारोबार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए डाकन कोटड़ा स्थित दो गोदामों पर छापेमारी की। इस दौरान 45.90 लाख रूपए कीमत की सिगरेट जब्त की गई। अधिकारियों के अनुसार, गोदामों में रखी सिगरेट बिना बिल और वैधानिक चेतावनी के मिली। जांच में सिगरेट के पैकेटों पर एक्सपायरी डेट और स्वास्थ्य संबंधी चेतावनी भी नहीं पाई गई। इन कमियों के आधार पर खेप के विदेशी माल होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, सिगरेट के विदेशी मूल की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। विभाग ने जब्त की गई सिगरेट को राजसात करने के लिए अदालत में परिवाद पेश किया है। फिलहाल, मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। जब्त सिगरेट की कुल संख्या के बारे में जानकारी सामने नहीं आई है।
Stay updated with the latest morning news from Udaipur and surrounding areas
Live virtual tour of the magnificent City Palace complex
Traditional Rajasthani folk music and dance performances
Featuring successful local entrepreneurs and their stories