आवाज़ हम सबकी
भीलवाड़ा में एक नाबालिग किशोरी के साथ घिनौने अपराध का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़िता ने अपनी मां के साथ थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई है कि आरोपी युवक ने पहले उसे जबरन एक होटल में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया और इस दौरान उसके अश्लील फोटो व वीडियो बना लिए। इसके बाद आरोपी इन्हीं वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर लंबे समय से उसे ब्लैकमेल कर रहा था और लगातार डरा-धमकाकर कई बार उसके साथ अपनी हवस का शिकार बना चुका था। मामला तब और गंभीर हो गया जब रविवार, 11 अक्टूबर को पीड़िता की मां और छोटी बहन मौसी के घर गई हुई थीं और घर पर नाबालिग अपनी बुजुर्ग दादी के साथ अकेली थी। इस बात की भनक लगते ही आरोपी युवक मौका पाकर जबरन घर में घुस गया और पीड़िता के कमरे में जाकर अंदर से दरवाजा बंद कर दिया। इसके बाद उसने एक बार फिर नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने की कोशिश की। कमरे के अंदर सुगबुगाहट और पीड़िता के घबराने पर दादी ने दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी ने अंदर से कुंडी बंद रखी। इस पर सतर्क दादी ने तुरंत जोर-जोर से शोर मचाकर आसपास के पड़ोसियों को इकट्ठा कर लिया। संयोगवश उसी समय पीड़िता की मां और बहन भी घर लौट आईं। परिजनों, रिश्तेदारों और पड़ोसियों ने मिलकर कड़ी मशक्कत के बाद दरवाजा खुलवाया और आरोपी युवक को रंगे हाथों मौके पर ही दबोच लिया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और आरोपी को अपनी हिरासत में ले लिया। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म की विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में आक्रोश का माहौल है।
उदयपुर के बड़गांव उपखंड अंतर्गत राजस्व गांव डुलावतों का गुड़ा और माताजी का खेड़ा के ग्रामीणों में पंचायती राज पुनर्गठन को लेकर भारी असंतोष व्याप्त है। ग्रामीणों ने उदयपुर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर डुलावतों का गुड़ा और माताजी का खेड़ा को मिलाकर नवीन ग्राम पंचायत बनाने की मांग की थी। प्रशासन द्वारा दिए गए आश्वासनों और आपत्तियों के बावजूद जब नई पंचायत का गठन नहीं हुआ, तो करीब 200 से अधिक ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों के अनुसार, वर्तमान में उनकी ग्राम पंचायत कड़िया मुख्यालय यहां से 8 से 10 किलोमीटर दूर स्थित है। क्षेत्र पहाड़ी और दुर्गम होने के कारण ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं और बुजुर्गों को पंचायत से जुड़े कार्यों और मतदान के लिए 8 से 10 किलोमीटर पैदल यात्रा करनी पड़ती है। इस क्षेत्र में लगभग 70 प्रतिशत आबादी अनुसूचित जनजाति समुदाय की है, जो आर्थिक और भौगोलिक विषमताओं के कारण सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाती है। ग्रामीणों का तर्क है कि पड़ोस की गोगुंदा पंचायत समिति में महज 1,153 मतदाताओं पर 'विजय बावड़ी' को ग्राम पंचायत का दर्जा दिया गया है, जबकि उनके क्षेत्र में 1,206 से अधिक मतदाता मौजूद हैं। सभी मापदंड पूरे होने के बावजूद उपेक्षा से नाराज ग्रामीणों ने अब चुनावों में शत-प्रतिशत मतदान बहिष्कार का कड़ा कदम उठाने का निर्णय लिया है।
उदयपुर के सूरजपोल थाना क्षेत्र से एक युवती के अचानक लापता होने का मामला सामने आया है। घटना के बाद परिजनों में चिंता का माहौल है। युवती के परिजन सूरजपोल थाने पहुंचे और पुलिस को पूरे मामले की जानकारी देते हुए शिकायत दर्ज कराई। परिजनों ने अपनी शिकायत में दुर्गेश उर्फ कालू नाम के युवक पर उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने का आरोप लगाया है। परिवार की ओर से युवती की तलाश कर उसे जल्द से जल्द सुरक्षित बरामद करने की मांग की गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सूरजपोल थाना पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 140(3) के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। वहीं, पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस की टीमें युवती और नामजद युवक की तलाश में जुटी हुई हैं। पुलिस संभावित ठिकानों पर जानकारी जुटाने के साथ ही मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। फिलहाल युवती का कोई सुराग मिला है या नहीं, इसे लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है। पुलिस का कहना है कि मामले में जांच और तलाश की कार्रवाई जारी है। अब पुलिस की जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
उदयपुर के हिरण मगरी थाना क्षेत्र में घरेलू नौकर द्वारा मालिक के विश्वास को छलने का मामला सामने आया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घर से सोने का कड़ा चुराकर भागने वाले नौकर शुभम सोलंकी को धर दबोचा है। पकड़ा गया आरोपी मूल रूप से मध्यप्रदेश के देवास का रहने वाला है, जो पीड़ित के घर में काम करता था। घटना 23 सितंबर की है, जब पीड़ित प्रतीक जैन अपने घर से जिम जाने के लिए निकले। जिम जाने से पहले उन्होंने रोजाना की तरह अपने हाथ में पहना करीब 5 तोले वजनी सोने का कड़ा उतारा और कमरे में स्थित ड्रेसिंग टेबल पर रख दिया। घर में काम कर रहे नौकर शुभम की नजर इस महंगे कड़े पर पड़ गई। जैसे ही मकान मालिक घर से बाहर निकले, नौकर ने मौका पाकर कड़ा उठाया और सीधे अपने बैग में छुपाकर वहां से रफूचक्कर हो गया। शाम को जब प्रतीक जैन वापस घर लौटे और कड़ा गायब देखा, तो उनके होश उड़ गए। काफी तलाश करने के बाद जब कड़ा नहीं मिला, तो उन्होंने हिरण मगरी थाने पहुंचकर मामला दर्ज कराया। जांच अधिकारी और पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जब पड़ताल शुरू की और शक के आधार पर नौकर शुभम सोलंकी से कड़ाई से पूछताछ की, तो वह टूट गया और उसने चोरी की बात कबूल कर ली। पुलिस अब आरोपी से यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या उसने इससे पहले भी कहीं ऐसी चोरियों को अंजाम दिया है।
जयपुर में स्वास्थ्य विभाग और खाद्य सुरक्षा टीम की इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया है। सीएमएचओ डॉ. मनीष मित्तल ने बताया कि टीम को भांकरोटा स्थित धारव पब्लिक स्कूल (DPS) की कैंटीन में अनियमिताओं की गुप्त सूचना मिली थी, जिसके बाद दोपहर करीब 3 बजे औचक निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान सामने आया कि कैंटीन संचालक के पास सिर्फ कैंटीन चलाने का लाइसेंस था। लेकिन नियम-कायदों को दरकिनार कर कैंटीन परिसर के भीतर ही एक बड़ी बेकरी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित कर ली गई थी। संचालक के पास बेकरी प्रोडक्ट्स बनाने और नॉनवेज रखने या बेचने का कोई वैध लाइसेंस नहीं था। जब टीम ने रसोई और स्टोर रूम की तलाशी ली, तो वहां रखे डीप फ्रिज में काफी मात्रा में फ्रोजन नॉनवेज बरामद हुआ। इसी फ्रोजन नॉनवेज का इस्तेमाल कर विभिन्न प्रकार के नॉनवेज बेकरी आइटम्स तैयार किए जा रहे थे और उन्हें शहर के अन्य व्यावसायिक आउटलेट्स पर सप्लाई किया जा रहा था। इसके साथ ही, कैंटीन में स्कूली विद्यार्थियों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करते हुए मोमोज, पास्ता, नूडल्स, बर्गर और फ्रेंच फ्राइज जैसे हानिकारक जंक फूड तैयार कर बेचे जा रहे थे। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर मौजूद मैनेजर राकेश गुप्ता को पाबंद करते हुए नॉनवेज बेकरी प्रोडक्ट्स और जंक फूड की मैन्युफैक्चरिंग को तत्काल प्रभाव से बंद करवा दिया है। मौके से पनीर और यूज्ड कुकिंग ऑयल के सैंपल लेकर जांच के लिए स्टेट लैब भिजवाए गए हैं, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उदयपुर के प्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ. महिपाल सिंह सांखला ने लगातार दूसरी बार विश्व के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों की प्रतिष्ठित सूची में स्थान प्राप्त कर मेवाड़ सहित पूरे राजस्थान का गौरव बढ़ाया है। स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी और एल्सेवियर द्वारा जारी इस वैश्विक सूची में उनका चयन उनकी उत्कृष्ट वैज्ञानिक उपलब्धियों, शोध कार्यों और नवाचारों का प्रमाण है। वर्तमान में डॉ. सांखला के.आर. मंगलम यूनिवर्सिटी में कार्यरत हैं। वे फॉरेंसिक साइंस, नैनो टेक्नोलॉजी और पर्यावरण विषविज्ञान जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में शोध कर रहे हैं। इन क्षेत्रों में उनका योगदान विज्ञान और समाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। उनके अब तक 200 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित हो चुके हैं, जबकि 100 से ज्यादा पेटेंट उनके नाम दर्ज हैं। यह उपलब्धि उनकी निरंतर मेहनत, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और अनुसंधान के प्रति समर्पण को दर्शाती है। डॉ. सांखला की सफलता देश के युवा विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि लगन, परिश्रम और नवाचार के माध्यम से वैश्विक स्तर पर पहचान बनाई जा सकती है। लगातार दूसरी बार विश्व के शीर्ष वैज्ञानिकों में शामिल होना उनकी प्रतिभा और शोध की गुणवत्ता को रेखांकित करता है। उनकी इस शानदार उपलब्धि पर मेवाड़वासियों को गर्व है। यह सफलता भारतीय विज्ञान जगत के लिए भी गौरवपूर्ण क्षण है।
उदयपुर के व्यस्ततम सूरजपोल से गुलाबबाग मार्ग पर नगर निगम की अतिक्रमण रोधी कार्रवाई पर निष्पक्षता के सवाल खड़े हो गए हैं। मौके से सामने आए वीडियो साफ तौर पर बयां कर रहे हैं कि निगम कर्मचारियों की कार्रवाई में किस तरह से दोहरा मापदंड अपनाया गया। वीडियो में देखा जा सकता है कि टीम एक विशेष दुकान के शटर के बाहर रखे सामान को निशाना बनाकर दोबारा उठा रही है, जबकि इसी मार्ग पर उससे कुछ ही दूरी पर शटर से बाहर पड़े सामान को पूरी तरह नज़रअंदाज कर दिया गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निगम की टीम मानो किसी एक ही दुकान पर कार्रवाई का मन बनाकर आई थी और दूसरी दुकान की तरफ देखने तक की मनाही थी। मामले को लेकर स्थानीय दुकानदारों में भारी रोष देखा जा रहा है।
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