आवाज़ हम सबकी
उदयपुर के टेकरी क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता ने सूरजपोल थाने में उपस्थित होकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता ने बताया कि आरोपी राज उर्फ टिंकू पुत्र महेंद्र बंजारा, निवासी उत्तर प्रदेश ने उसके साथ छेड़छाड़ की और उसके अश्लील फोटो खींच लिए। इसके बाद आरोपी ने उस पर जबरन संबंध बनाने का दबाव बनाया। पीड़िता के मना करने पर आरोपी फोटो इंटरनेट पर वायरल करने की धमकी देने लगा। पुलिस ने धारा 75(2), 76, 308(4) बीएनएस और 66D, 66E, 67 आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जांच थानाधिकारी कमलेन्द्र सिंह द्वारा की जा रही है।
कोटड़ा थाना क्षेत्र के सड़ा गांव में एक युवती के अपहरण का मामला दर्ज कराया गया है। प्रार्थी ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि अभियुक्त किशन उसकी पुत्री को बहला-फुसलाकर अगवा कर ले गया। यह घटना मार्च महीने की बताई जा रही है, जिस पर परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने 3 नवंबर को मामला दर्ज किया। कोटड़ा थाना पुलिस ने बीएनएस की धारा 137(2) में केस दर्ज कर एएसआई लालाराम के नेतृत्व में जांच शुरू कर दी है।
उदयपुर पुलिस और नगर निगम प्रशासन भले ही शहर के विभिन्न इलाकों में अतिक्रमण हटाने का दावा कर रहे हों, लेकिन सूरजपोल क्षेत्र में प्रशासनिक मॉनिटरिंग की गंभीर लापरवाही सामने आ रही है। सूरजपोल चौराहे से गुलाबबाग की ओर मुख्य सड़क के समानांतर स्थित एक पूरी सार्वजनिक सड़क पर शहर के दो नामचीन मिठाई व्यापारियों ने पूरी तरह से अवैध कब्जा कर लिया है। भौगोलिक दृष्टि से यह सड़क ठीक उसी प्रकार की है जैसी बापू बाजार की ओर मछली मार्केट वाली गली है। जहां मछली मार्केट का मार्ग आमजन के लिए हमेशा सुगम और सुचारू रहता है, वहीं इस मार्ग पर मिठाई की दुकानों का पिछवाड़ा होने और आम लोगों की आवाजाही कम रहने का फायदा उठाकर व्यापारियों ने इसे पूरी तरह अपने उपयोग में ले लिया है। स्थानीय लोगों के अनुसार यह कब्जा अनजाने में नहीं, बल्कि आदतन किया गया है। अतीत में इनमें से एक व्यापारी ने तो हद पार करते हुए सार्वजनिक सड़क पर ही अवैध ट्यूबवेल खोद दिया था। उस समय मामला उजागर होने पर नगर निगम ने कार्रवाई भी की थी, लेकिन मॉनिटरिंग के अभाव में व्यापारियों ने दोबारा पूरी सड़क पर कब्जा जमा लिया है। प्रशासनिक भेदभाव पर सवाल उठाते हुए शहरवासी कह रहे हैं कि यदि कोई छोटा या सामान्य दुकानदार फुटपाथ पर थोड़ा सा सामान रख दे, तो नगर निगम का पूरा अमला तुरंत कार्रवाई करने पहुंच जाता है। लेकिन इन रसूखदार मिठाई व्यापारियों के आगे जिम्मेदार मौन साधे हुए हैं। मंगलवार को भी नगर निगम की ओर से राड़ाजी चौराहे पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई, लेकिन सूरजपोल की यह पूरी सड़क अधिकारियों की नजरों से ओझल ही रही। यदि इतना बड़ा कमर्शियल स्पेस व्यापारियों को बाजार में किराए पर लेना पड़े, तो उन्हें भारी कीमत चुकानी पड़े, लेकिन सरकारी सड़क फ्री में मिलने से प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
उदयपुर के नगर निगम प्रांगण में हाल ही में आयोजित एक कॉमेडी शो के दौरान स्टैंड-अप कॉमेडियन गौरव गुप्ता की प्रस्तुति शहरवासियों के बीच बड़े विवाद का विषय बन गई है। सोशल मीडिया से लेकर आम बैठकों तक इस बात पर तीखी आपत्ति जताई जा रही है कि कॉमेडी के नाम पर किस तरह अमर्यादित और स्तरहीन भाषा का इस्तेमाल किया गया। शहरवासियों का कहना है कि बाहरी कलाकारों द्वारा भरे मंच से मेवाड़ की संस्कृति और महिलाओं के संदर्भ में जिस प्रकार की टिप्पणियां की गईं, उसने स्थानीय लोगों की भावनाओं को आहत किया है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर नागरिकों में जनप्रतिनिधियों की चुप्पी को लेकर भी खासा रोष देखने को मिल रहा है। इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए शहरवासी कौशल आमेटा ने सोशल मीडिया पर खुलकर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने लिखा कि कॉमेडी के नाम पर उदयपुर शहर में बाहरी व्यक्ति गौरव गुप्ता आकर भरे मंच से जिस प्रकार कल नगर निगम प्रांगण में मेवाड़ की हमारी माताओं और बहनों के लिए अमर्यादित भाषा का प्रयोग कर चला गया और हमारे द्वारा चुने गए वार्डों के जनप्रतिनिधि चुप्पी साधे रहे और हंसते रहे, मेवाड़ का इससे ज्यादा अपमान क्या हो सकता है? जो रात-दिन महिला सशक्तिकरण की बातें करते रहते हैं। इसके बाद कई अन्य यूजर्स ने भी इसे कॉमेडी का हल्का स्तर बताते हुए नसीहत दी कि हंसाने के लिए कुछ और विषय होने चाहिए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी शहर के लोग लगातार सवाल उठा रहे हैं कि आखिर सांस्कृतिक गरिमा और स्थानीय मान-सम्मान के साथ इस तरह के खिलवाड़ की छूट कैसे दी जा सकती है। लोगों का साफ कहना है कि मनोरंजन और हंसाने के नाम पर स्तरहीन बातें परोसने के इस ट्रेंड पर अब कड़ा विराम लगना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से किसी क्षेत्र विशेष की भावनाओं को ठेस न पहुंचे। प्रशासन और आयोजकों की इस पर क्या प्रतिक्रिया रहती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
उदयपुर जिले के ऋषभदेव थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे-48 पर हुए भीषण सड़क हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर चार हो गई है। हादसे में गंभीर रूप से घायल दो और लोगों ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। मृतकों में ब्यावर निवासी फायरकर्मी बुद्धप्रकाश और हरियाणा के कुरुक्षेत्र निवासी ट्रेलर चालक संजीत अली शामिल हैं। दोनों ने उदयपुर के एमबी हॉस्पिटल में इलाज के दौरान अंतिम सांस ली। जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह माकडजपा गांव के पास तेज रफ्तार ट्रेलर और फायर ब्रिगेड की गाड़ी के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई थी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों वाहनों में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। इस दर्दनाक हादसे में फायर ब्रिगेड में सवार दो फायरमैन मौके पर ही जिंदा जल गए थे। वहीं, हादसे में गंभीर रूप से घायल अन्य लोगों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी था। इसी दौरान बुद्धप्रकाश और संजीत अली की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में शोक की लहर है। हादसे ने एक बार फिर नेशनल हाईवे पर तेज रफ्तार और सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
उदयपुर के कलड़वास औद्योगिक क्षेत्र में स्थित प्राचीन देव माता मंदिर के मुख्य द्वार के सामने फैक्ट्री के लिए भूखंड आवंटन किए जाने को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय ग्रामीणों और देव माता नवयुवक मंडल का आरोप है कि इस नए भूखंड आवंटन और आगामी फैक्ट्री निर्माण से मंदिर तक आने-जाने का मुख्य रास्ता पूरी तरह प्रभावित हो रहा है और श्रद्धालुओं की आवाजाही रुक गई है। इस गंभीर मामले को लेकर सोमवार को देव माता नवयुवक मंडल के बैनर तले ग्रामीणों ने रीको के अतिरिक्त महाप्रबंधक को एक कड़ा ज्ञापन सौंपा और तत्काल प्रभाव से इस आवंटन को रद्द करने की मांग की। ग्रामीणों ने प्रशासन को खुली चेतावनी दी है कि यदि इस समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो वे उदयपुर के मुख्य फोरलेन पर बैठकर धरना-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
उदयपुर जिले के डबोक थाना क्षेत्र के टोल प्लाजा इलाके से एक नाबालिग लड़की के संदिग्ध परिस्थितियों में अचानक लापता होने का मामला सामने आया है, जिसके बाद से इलाके में हड़कंप मचा हुआ है और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रार्थी ने थाने में औपचारिक रिपोर्ट दर्ज कराई है कि उनकी नाबालिग पुत्री बीती 29 अक्टूबर को शाम करीब 5 बजे बिना किसी को बताए घर से कहीं चली गई और इसके बाद से वापस नहीं लौटी। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों ने अपने स्तर पर रिश्तेदारों, आसपास के इलाकों और संभावित ठिकानों पर बेटी की गहन तलाश की, लेकिन जब उसका कोई सुराग नहीं मिला, तो उन्होंने तुरंत पुलिस की शरण ली। परिजनों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डबोक थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2) के तहत अज्ञात के खिलाफ अपहरण या बहला-फुसलाकर ले जाने का मामला दर्ज कर लिया है। इस पूरे सनसनीखेज मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की कमान सहायक उप निरीक्षक (ASI) मुकेश को सौंपी गई है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ-साथ टोल प्लाजा के पास के रास्तों और संदिग्ध मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल्स की मदद से लड़की की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही तकनीकी साक्ष्यों और टीम के इनपुट के आधार पर लापता नाबालिग को सुरक्षित ढूंढ निकाला जाएगा और इस घटना के पीछे के कारणों का पर्दाफाश किया जाएगा।
Stay updated with the latest morning news from Udaipur and surrounding areas
Live virtual tour of the magnificent City Palace complex
Traditional Rajasthani folk music and dance performances
Featuring successful local entrepreneurs and their stories