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सड़क पर अचानक आए एक मवेशी को बचाने की कोशिश एक परिवार के लिए दर्दनाक हादसे में बदल गई। गोगुंदा-उदयपुर मार्ग पर इसवाल पुलिया के समीप तेज रफ्तार स्विफ्ट कार अचानक संतुलन खो बैठी और सड़क से नीचे उतरकर करीब पांच फीट गहरी जगह में जा गिरी। कार इतनी तेज गति में थी कि नीचे गिरने के बाद उसने लगातार तीन पलटियां खाईं। जानकारी के मुताबिक सादड़ी निवासी एक परिवार स्विफ्ट कार से गोगुंदा से उदयपुर की ओर जा रहा था। जैसे ही वाहन इसवाल पुलिया पर पहुंचा, अचानक एक गाय कार के सामने आ गई। चालक ने गाय को बचाने के लिए तत्काल ब्रेक लगाए, लेकिन वाहन पर नियंत्रण नहीं रख पाया और कार सड़क किनारे से नीचे उतर गई। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार लोग अंदर फंस गए। आसपास मौजूद ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद कार में फंसे परिवार के सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाला। ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए घायलों को निजी वाहन की सहायता से उदयपुर जिला अस्पताल पहुंचाया। हादसे में मनीषा गंभीर रूप से घायल हुई हैं, जबकि उनके पति और दो मासूम बच्चों को हल्की चोटें आई हैं। बताया जा रहा है कि मनीषा के पति सादड़ी क्षेत्र में बैंक मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। जिला अस्पताल में चिकित्सकों की निगरानी में मनीषा का उपचार जारी है और उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। उधर हादसे की सूचना मिलते ही इसवाल चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाने के साथ हादसे के कारणों की जांच कर रही है। ग्रामीणों का कहना है कि हाईवे पर आवारा मवेशियों की बढ़ती आवाजाही लगातार हादसों का कारण बन रही है।
55 लाख की चोरी का मामला, 3 आरोपी गिरफ्तार:चोरों ने खाली जमीन और खेत में गाड़ दिए थे जेवरात, पुलिस ने जब्त किया माल घर में घुसकर 55 लाख के सोना-चांदी जेवरात और नकदी चोरी के मामले में फलासिया थाना पुलिस ने तीनों आरोपियों से चोरी का माल बरामद कर लिया है। चोरों ने ये जेवरात अपने घर के पीछे खाली जमीन में गाढ़ रखे थे और कुछ जेवरात खेत में गाढ़ दिए थे। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर ये माल बरामद किया।बता दें, चोरी के बाद तीनों आरोपियों ने जेवरात अलग-अलग तीन हिस्से में बांट दिए थे। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने माल बरामदगी के लिए इनसे सख्ती से पूछताछ की। जिसके बाद जेवरात बरामद हुए। थानाधिकारी सीताराम ने बताया कि चोरी कोल्यारी कस्बे में स्थित एक घर में 17 मई को हुई थी। जिसके बाद आरोपी लक्ष्मण पुत्र थावरा, प्रकाश वडेरा और रमेश वडेरा को जंगलों से गिरफ्तार किया था। थानाधिकारी ने बताया कि 18 मई 2026 को शेरसिंह पुत्र भगवत सिंह राजपूत ने थाने में रिपोर्ट दी थी। जिसमें बताया था कि 17 मई को वह और उनकी पत्नी उदयपुर किसी काम से गए थे। बेटा-बहू घर में ही थे।चोर मौका पाकर रात में पीछे के रास्ते से घर में घुसे। चोरों ने कमरों के ताले तोड़े, अलमारी का लॉकर तोड़ा और सोना-चांदी के जेवरात और नकदी चोरी कर ले गए। सुबह बेटा-बहू के जागने पर चोरी का पता चला।
उदयपुर में अघोषित बिजली कटौती की समस्या अब आमजन के लिए परेशानी का सबब बनती जा रही है। शहर की इस गंभीर समस्या को लेकर कांग्रेस कमेटी ने अधिकारियों के सामने मोर्चा खोल दिया है। प्रदर्शन के दौरान उदयपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष फतेह सिंह राठौड़ के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, पार्षद, मंडल अध्यक्ष, ब्लॉक अध्यक्ष और विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारी एकत्र हुए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पटेल सर्कल स्थित राजस्थान विद्युत निगम के कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस जिलाध्यक्ष फतेह सिंह राठौड़ ने विभाग के अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अधिकारी तो वातानुकूलित कमरों में बैठे हैं, जबकि आम जनता इस भीषण गर्मी में चैन की सांस नहीं ले पा रही है। उन्होंने कहा कि बिजली की लगातार हो रही ट्रिपिंग के कारण बुजुर्ग दम तोड़ रहे हैं और बच्चों की पढ़ाई में भारी व्यवधान आ रहा है। अध्यक्ष फतेह सिंह राठौड़ ने अधिकारियों को दो दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर अगले कुछ दिनों में बिजली व्यवस्था नहीं सुधारी गई, तो स्थिति बदल जाएगी। इसके बाद अधिकारी सड़क पर होंगे और जनता कुर्सी पर होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि एक साल पहले भी एडिशनल चीफ और एसी स्तर के अधिकारियों को इस समस्या को लेकर ज्ञापन दिया गया था, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि अधिकारियों की बैठकें सिर्फ दिखावे के लिए ली जा रही हैं, जबकि जनता को कोई राहत नहीं मिल रही है। कांग्रेस ने साफ लहजे में विभाग को अंतिम चेतावनी दी है कि वे अपनी कार्यशैली और व्यवस्था को तुरंत दुरुस्त करें, अन्यथा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को अपनी शैली में व्यवस्था सुधारना अच्छी तरह आता है।
उदयपुर के उदियापोल बस स्टैंड पर एक जयपुर निवासी पुलिसकर्मी के साथ चोरी और हमले की गंभीर घटना सामने आई। जानकारी के अनुसार, पुलिसकर्मी का पर्स और मोबाइल फोन बस स्टैंड क्षेत्र में चोरी हो गया। चोरी की वारदात के बाद पीड़ित पुलिसकर्मी अपने सामान की तलाश करते हुए संदिग्ध बदमाशों के ठिकाने तक पहुंच गया। जांच के दौरान उसे जानकारी मिली कि चोरी में शामिल कुछ आरोपी पास की कच्ची बस्ती में मौजूद हैं। जब पुलिसकर्मी वहां पहुंचकर अपने चोरी हुए सामान और आरोपियों के बारे में पूछताछ करने लगा, तब बदमाशों ने उस पर हमला कर दिया। आरोप है कि मुख्य सरगना लाखन और राजेंद्र ने अपने साथियों के साथ मिलकर पुलिसकर्मी को घेर लिया और चाकू से वार कर उसे घायल कर दिया। अचानक हुए हमले से क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। घायल पुलिसकर्मी को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार जारी है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीम गठित की है तथा आसपास के क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। इस घटना ने शहर में कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पुलिस आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का दावा कर रही है।
उदयपुर के उदियापोल बस स्टैंड पर एक जयपुर निवासी पुलिसकर्मी के साथ चोरी और हमले की गंभीर घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार पुलिसकर्मी का पर्स और मोबाइल फोन बस स्टैंड क्षेत्र में चोरी हो गया। घटना के बाद पुलिसकर्मी ने अपने स्तर पर चोरी करने वाले बदमाशों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान उसे सूचना मिली कि चोरी की वारदात में शामिल आरोपी कच्ची बस्ती क्षेत्र में मौजूद हैं। इस सूचना के आधार पर वह वहां पहुंचा और संदिग्धों की पहचान करने का प्रयास किया। बताया जा रहा है कि जैसे ही पुलिसकर्मी ने आरोपियों से पूछताछ करने की कोशिश की, मुख्य सरगना लाखन और राजेंद्र आक्रामक हो गए। दोनों आरोपियों ने पुलिसकर्मी पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हमले के बाद आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की मदद से घायल पुलिसकर्मी को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार जारी है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीमों का गठन किया है। प्रारंभिक जांच में चोरी और हमले की पुष्टि हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर उनके खिलाफ चोरी, हमला और अन्य संबंधित धाराओं में कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह घटना शहर में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर चिंता का विषय बन गई है।
उदयपुर | बहू ने सास के साथ मारपीट कर उसका हाथ तोड़ दिया, जिस पर हाथ में चिकित्सकों ने रोड़ डालने की सलाह दी है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार छोटी बाई पत्नी फतेहदास वैष्णव निवासी शांति नगर मस्जिद के पास सेक्टर 5 ने रिपोर्ट दी कि उसकी पुत्रवधु सरोज वैष्णव उसके लगातार मारपीट करती है। इस संबंध में पूर्व में भी कई बार हिरणमगरी पुलिस में शिकायतें दी थीं, किन्तु प्रभावी कार्यवाही नहीं होने से वह और अधिक हिंसक हो गई। 7 जून को मैं अपने घर पर मौजूद थी। उसी समय मेरी पुत्रवधु सरोज वैष्णव घर पर आई और बिना किसी कारण के मेरे साथ गाली गलोच करने लगी। विरोध करने पर उसने मुझे जान से मारने की धमकी दी तथा लाठी से मुझ पर हमला कर दिया। आरोपी ने मेरे सिर, हाथ एवं शरीर के अन्य भागों पर लगातार वार किए। हमले से उसके सिर में गंभीर चोट आई तथा उसका हाथ टूट गया। डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर हाथ में रोड डालना आवश्यक बताया। मौके पर आसपास के लोगों एवं पड़ोसियों ने बीच-बचाव किया। रिपोर्ट पर हिरणमगरी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बुधवार तड़के अचानक एक तेज धमाके ने कालाजी-गोराजी कॉलोनी के लोगों को चौंका दिया। रात करीब 3 बजे आई इस आवाज के बाद आसपास के निवासी अपने घरों से बाहर निकले तो सामने का दृश्य देखकर हैरान रह गए। एक विशालकाय पेड़ सड़क पर गिर चुका था और उसके नीचे खड़ी एक कार पूरी तरह दब गई थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पेड़ गिरने की आवाज इतनी तेज थी कि कुछ क्षणों के लिए लोगों को किसी बड़े हादसे की आशंका हो गई। मौके पर पहुंचे लोगों ने देखा कि पेड़ का अधिकांश हिस्सा कार पर आ गिरा, जिससे वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में कार का बड़ा हिस्सा चकनाचूर हो गया और वाहन को भारी नुकसान पहुंचा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह इलाका दिन के समय काफी व्यस्त रहता है और यहां लगातार लोगों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में यदि यह पेड़ दिन में गिरता तो स्थिति कहीं अधिक गंभीर हो सकती थी। पेड़ गिरने का समय अलसुबह होने के कारण सड़क पर कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद क्षेत्र में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लोगों ने राहत की सांस ली कि इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। वहीं क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से पुराने और जर्जर हो चुके पेड़ों का सर्वे कराने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते ऐसे पेड़ों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे की संभावना को रोका जा सके।
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