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आवासीय पट्टों की मांग को लेकर उदयपुर में ग्रामीणों और आदिवासी समाज के लोगों ने प्रशासन का ध्यान अपनी ओर खींचने का प्रयास किया। बड़ी संख्या में लोग युडीए कार्यालय पहुंचे और वर्षों से लंबित पड़ी अपनी मांगों को अधिकारियों के सामने रखा। ग्रामीणों का कहना है कि वे वर्ष 1960 से संबंधित भूमि पर अपने परिवारों के साथ निवास कर रहे हैं। कई पीढ़ियां गुजर जाने के बावजूद उन्हें अब तक जमीन का मालिकाना हक नहीं मिला है। उनका आरोप है कि बार-बार आवेदन और मांगों के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। पीड़ित गणेश लाल भील ने कहा कि आदिवासी समाज की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पट्टों के अभाव में लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है और वे कई मूलभूत सुविधाओं से भी वंचित रह जाते हैं। वहीं किशन लाल खटीक ने बताया कि समाचार पत्रों के माध्यम से उन्हें 12 जून से 15 जुलाई तक आयोजित शहरी सेवा शिविरों की जानकारी मिली थी। इसके बाद ग्रामीणों ने पूरी तैयारी के साथ अपने दस्तावेज एकत्रित किए और संबंधित अधिकारियों से हस्ताक्षर करवाकर आवेदन प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि करीब 200 से 250 मकानों से जुड़े दस्तावेज और भूमि रिकॉर्ड प्रशासन को सौंपे गए हैं। ग्रामीणों ने यूडीए के अधिकारियों के सामने अपनी समस्या रखते हुए क्षेत्र का सर्वे कराने और नियमानुसार आवासीय पट्टे जारी करने की मांग की। उनका कहना है कि पट्टों के अभाव में विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं और सड़क, नाली, बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं की समस्याएं लगातार बनी हुई हैं। हालांकि अधिकारियों की ओर से ग्रामीणों को आश्वासन दिया गया है कि एक सप्ताह बाद मौके पर पहुंचकर सर्वे किया जाएगा। सर्वे रिपोर्ट तैयार होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों का कहना है कि उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण जरूरत अपने घर का कानूनी अधिकार है और वे जल्द समाधान की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
सेमारी कस्बे के मुख्य बस स्टैंड पर गुरुवार सुबह उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब कुछ बदमाशों ने एक खड़ी कार को निशाना बनाकर उसमें जमकर तोड़फोड़ की। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक तीन बाइक पर सवार करीब 9 युवक कल्याणपुर की तरफ से बस स्टैंड पहुंचे और सीधे कार के पास जाकर हंगामा शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि बदमाश गाली-गलौज करते हुए कार के शीशों पर बेल्ट से लगातार वार करने लगे। हमले में कार का पिछला कांच पूरी तरह टूट गया, जबकि आगे के कांच पर भी कई वार किए गए, लेकिन वह नहीं टूटा। अचानक हुई इस घटना से आसपास मौजूद लोगों में दहशत का माहौल बन गया। घटना के समय कार चालक धनकावाड़ा निवासी देवीलाल मीणा पास के एक होटल में चाय पीने गया हुआ था। कार में उस समय कोई मौजूद नहीं था। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी बदमाश मौके से फरार हो गए। कुछ देर बाद जब देवीलाल मीणा वापस अपनी कार के पास पहुंचा तो वाहन की हालत देखकर हैरान रह गया। कार का पिछला कांच टूटा हुआ था और वाहन को नुकसान पहुंचाया गया था। इसके बाद उसने सेमारी थाने पहुंचकर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज कराया। फिलहाल कार में तोड़फोड़ के पीछे के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश में जुटी हुई है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
झीलों की नगरी उदयपुर में मौसम ने अचानक अपना रंग बदल लिया। दिनभर गर्मी और उमस से परेशान रहे लोगों को शाम होते-होते बड़ी राहत मिली। आसमान में बादल छाने के बाद कई क्षेत्रों में हल्की बारिश हुई और ठंडी हवाओं का दौर शुरू हो गया। बारिश और हवाओं के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे वातावरण में ठंडक घुल गई। पिछले कई दिनों से तेज गर्मी और उमस के कारण लोग परेशान थे, लेकिन मौसम के इस बदलाव ने शहरवासियों को राहत पहुंचाई। सड़कों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर लोग मौसम का आनंद लेते दिखाई दिए। शाम के समय बादलों की आवाजाही के साथ हल्की बूंदाबांदी ने शहर के मौसम को और अधिक सुहावना बना दिया। बारिश के बाद वातावरण में ताजगी महसूस की गई और लोगों ने इसे गर्मी से राहत देने वाली बारिश बताया। मौसम में आए इस बदलाव का असर शहर के विभिन्न इलाकों में देखने को मिला। कई परिवार और युवा शाम के समय घरों से बाहर निकले और ठंडी हवाओं का आनंद लिया। मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में भी बादलों की आवाजाही और हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है। फिलहाल मौसम के इस बदले मिजाज ने उदयपुरवासियों को भीषण गर्मी और उमस से राहत देते हुए मौसम को खुशनुमा बना दिया है।
महाराणा प्रताप जयंती के उपलक्ष्य में गांधी ग्राउंड में आयोजित विशाल जनसभा में हजारों लोगों की मौजूदगी के बीच दो संदिग्ध युवक भीड़ का फायदा उठाकर चोरी की वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत सहित कई प्रमुख हस्तियां मौजूद थीं, जिसके चलते सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे। इसी दौरान कुछ लोगों की नजर दोनों युवकों की संदिग्ध गतिविधियों पर पड़ी। बताया जा रहा है कि आरोपी लोगों की जेबों से मोबाइल निकालने का प्रयास कर रहे थे। शक होने पर मौजूद लोगों ने दोनों पर नजर रखी और आखिरकार उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया। पकड़े जाने के बाद दोनों ने मौके से निकलने की कोशिश की, लेकिन लोगों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया। देखते ही देखते कार्यक्रम स्थल के बाहर लोगों की भीड़ जमा हो गई और माहौल गर्मा गया। मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपियों से पूछताछ करते हुए उनके अन्य साथियों के बारे में भी जानकारी लेने का प्रयास किया। घटना का वीडियो भी सामने आया है, आक्रोशित लोग दोनों सदिग्धों के साथ पिटाई करते हुए दिखाई दे रहे है। घटना की सूचना मिलते ही हाथीपोल थाना पुलिस और सुरक्षा कर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने भीड़ के बीच से दोनों आरोपियों को बाहर निकाला और हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। यह भी जांच की जा रही है कि वे किसी संगठित गिरोह से जुड़े हैं या नहीं और इससे पहले कितनी वारदातों में शामिल रहे हैं।
बुधवार को सुबह से उदयपुर में उत्सव जैसा माहौल दिखाई दिया। वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती पर निकली भव्य शोभायात्रा ने शहरवासियों को मेवाड़ के गौरवशाली इतिहास की याद दिला दी। शहर के प्रमुख मार्ग भगवा ध्वजों, स्वागत द्वारों और आकर्षक सजावट से सजे नजर आए। मोती मगरी से मेवाड के पूर्व राजघराने के सदस्य लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने हरी झंडी दिखाकर शोभायात्रा को रवाना किया। इसके बाद चेतक सर्कल से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारकों और अन्य गणमान्य अतिथियों की मौजूदगी में यात्रा आगे बढ़ी। इस दौरान शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी भी विशेष रूप से मौजूद रहे। शोभायात्रा में पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुन, ढोल-नगाड़ों की गूंज और सजे-धजे घोडों पर सवार युवाओं ने राजपूती शौर्य का प्रदर्शन किया। खुली जीपों में महापुरुषों की आकर्षक झांकियां लोगों के आकर्षण का केंद्र रहीं। युवा और बच्चे पारंपरिक वेशभूषा में गदा और प्रतीक स्वरूप धारदार हथियार लेकर शौर्य प्रदर्शन करते नजर आए। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि महाराणा प्रताप केवल एक समाज नहीं बल्कि पूरे राष्ट्र के प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने बताया कि 36 कौम के लोग, चाहे हिंदू हों या मुस्लिम, सभी महाराणा प्रताप के आदर्शों और पदचिन्हों पर चलने का संकल्प लेकर इस यात्रा में शामिल हुए हैं। जगह-जगह विभिन्न संगठनों और समाजों ने पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल और पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन स्वयं फील्ड में मौजूद रहे। संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण कर शांतिपूर्ण आयोजन सुनिश्चित किया गया। राष्ट्रभक्ति गीतों और प्रताप के जयकारों के बीच संपन्न हुई यह शोभायात्रा उदयपुर के इतिहास में एक यादगार आयोजन बन गई।
उदयपुर में मंगलवार रात करीब 10 बजे आयड़ क्षेत्र स्थित पुराने बस स्टैंड और जैन मंदिर के पास उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब दो युवकों के बीच हुआ विवाद अचानक हिंसक हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पहले दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, लेकिन कुछ ही देर में मामला मारपीट तक पहुंच गया। जानकारी के मुताबिक घायल युवक चेतन अपने दोस्तों के साथ जैन मंदिर के पास खड़ा था। इसी दौरान अरमान नामक युवक वहां पहुंचा। किसी बात को लेकर दोनों के बीच बहस शुरू हुई और देखते ही देखते विवाद बढ़ गया। आरोप है कि इसी दौरान अरमान ने धारदार हथियार निकालकर चेतन की कमर पर हमला कर दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से घायल चेतन को तुरंत महाराणा भूपाल चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसका उपचार शुरू किया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार घायल की हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही भूपालपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ कर आवश्यक जानकारी जुटाई। प्रारंभिक जांच में मामला आपसी विवाद से जुड़ा हुआ माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी की पहचान कर ली गई है और उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर तलाश की जा रही है। वहीं क्षेत्रवासियों ने ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और आरोपी की तलाश जारी है।
सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत उदयपुर विकास प्राधिकरण ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चिकलवास क्षेत्र में प्राधिकरण स्वामित्व की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया है। कार्रवाई के दौरान करीब 75 हजार वर्गफीट भूमि को कब्जामुक्त कर दोबारा प्राधिकरण के अधिकार में लिया गया, जिसकी बाजार कीमत लगभग 35 करोड़ रुपये बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक प्राधिकरण आयुक्त अभिषेक खन्ना और सचिव हेमेन्द्र नागर के निर्देशानुसार यह कार्रवाई की गई। पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन द्वारा हार्डकोर और हिस्ट्रीशीटर अपराधियों द्वारा सरकारी भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाने के संबंध में जिला कलक्टर को पत्र लिखा गया था, जिसके बाद मामला नियमानुसार उदयपुर विकास प्राधिकरण को भेजा गया। जांच में सामने आया कि राजस्व ग्राम चिकलवास की आराजी संख्या 3070, 3071, 3073 और 3075, जो प्राधिकरण के नाम दर्ज है, उस पर रोहिताश उर्फ रोहित श्रीमाली द्वारा कब्जा किया गया था। मामले में उदयपुर विकास प्राधिकरण अधिनियम-2023 की धारा 70 के तहत प्रकरण दर्ज कर नोटिस जारी किया गया। नोटिस के जवाब में भूमि स्वामित्व से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर प्राधिकरण ने अतिक्रमण हटाने का निर्णय लिया। इसके बाद 9 जून को मौके पर पहुंची टीम ने अवैध कब्जे को ध्वस्त कर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। प्राधिकरण आयुक्त अभिषेक खन्ना ने आमजन से अपील की है कि किसी भी भूखंड की खरीद से पहले उसके दस्तावेजों की वैधता अवश्य जांचें और सरकारी भूमि पर कब्जा कर सस्ते दामों में प्लॉट बेचने वाले लोगों से सावधान रहें। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। यह कार्रवाई तहसीलदार डॉ. अभिनव शर्मा के निर्देशन में भू-अभिलेख निरीक्षक राजेन्द्र सेन, बाबूलाल तेली, पटवारी हितेन्द्र सिंह तंवर और होमगार्ड जाब्ते की मौजूदगी में संपन्न हुई।
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