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राजस्थान में चांदीपुरा वायरस को लेकर चिंता बढ़ गई है। गुजरात में इलाज के दौरान डूंगरपुर जिले के रतनपुरा गांव की 6 वर्षीय बच्ची और सिरोही जिले की 2 वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। दोनों बच्चियों में चांदीपुरा वायरस की पुष्टि होने के बाद राजस्थान का स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है और प्रभावित जिलों में निगरानी तेज कर दी गई है। जानकारी के मुताबिक डूंगरपुर जिले के सीमलवाड़ा ब्लॉक के रतनपुरा गांव की 6 वर्षीय बच्ची 12 जुलाई को बीमार हुई थी। 13 जुलाई को परिजन उसे सीमलवाड़ा के एक निजी अस्पताल ले गए। इसके बाद बच्ची का उपचार मोडासा के निजी अस्पतालों में कराया गया। हालत गंभीर होने पर 14 जुलाई को गुजरात के हिम्मतनगर सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चांदीपुरा वायरस की आशंका के चलते उसी दिन सैंपल लिए गए। 15 जुलाई की सुबह करीब 5 बजे बच्ची की मौत हो गई। 23 जुलाई को गुजरात बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च सेंटर से प्राप्त जांच रिपोर्ट में चांदीपुरा वायरस की पुष्टि हुई। इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में सर्विलांस बढ़ा दिया है। डूंगरपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अलंकार गुप्ता ने बताया कि सीमलवाड़ा ब्लॉक के रतनपुरा गांव में 75 घरों का सर्वे किया गया और बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की गई, हालांकि वहां कोई नया संदिग्ध मामला सामने नहीं आया। प्रदेश में अब तक चांदीपुरा वायरस के तीन संदिग्ध मामले सामने आए हैं, जिनमें ये दोनों मौतें भी शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग ने सिरोही, उदयपुर और डूंगरपुर में 15 वर्ष तक के बच्चों की विशेष स्क्रीनिंग शुरू कर दी है। रैपिड रिस्पॉन्स टीमें तेज बुखार, उल्टी, दौरे और होश में बदलाव जैसे लक्षणों पर नजर रख रही हैं। साथ ही घर-घर सर्वे, स्कूलों में बच्चों की जांच, लोगों को जागरूक करने और किसी भी लक्षण पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेने की अपील की जा रही है। पशुपालन विभाग भी मवेशियों की जांच और प्रभावित क्षेत्रों में स्प्रे करवाने का कार्य कर रहा है।
उदयपुर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की स्पेशल यूनिट ने गुरुवार को ट्रैप कार्रवाई के दौरान गोवर्धनविलास थाना पुलिस के कांस्टेबल राजेन्द्र कुमार मीणा को रिश्वत लेते हुए पकड़ने का प्रयास किया। हालांकि आरोपी रिश्वत की राशि लेने के बाद नेशनल हाईवे पर ट्रैफिक का फायदा उठाकर मोटरसाइकिल से फरार हो गया। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव ने बताया कि एसीबी हेल्पलाइन पर शिकायत मिलने के बाद 19 जुलाई को स्पेशल यूनिट उदयपुर में परिवादी ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि गोवर्धनविलास थाने में उसके खिलाफ दर्ज मारपीट की शिकायत पर कार्रवाई नहीं करने की एवज में कांस्टेबल राजेन्द्र कुमार मीणा 3 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा था। शिकायत मिलने के बाद एसीबी के उप महानिरीक्षक पुलिस डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में स्पेशल यूनिट उदयपुर के प्रभारी अधिकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजीव जोशी के नेतृत्व में पुलिस निरीक्षक लक्ष्मण डांगी ने रिश्वत मांग का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगने की पुष्टि होने के बाद ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई गई। 23 जुलाई को एसीबी टीम ने तय योजना के अनुसार कार्रवाई की। आरोपी कांस्टेबल ने अपनी मांग के अनुसार परिवादी से 3 हजार रुपए की रिश्वत राशि ली। जैसे ही टीम ने उसे डिटेन करने का प्रयास किया, वह नेशनल हाईवे पर ट्रैफिक का फायदा उठाते हुए मोटरसाइकिल से फरार हो गया। फिलहाल एसीबी की टीम फरार आरोपी कांस्टेबल राजेन्द्र कुमार मीणा की तलाश में जुटी हुई है। मामले में भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत अग्रिम कानूनी कार्रवाई जारी है।
उदयपुर के डबोक क्षेत्र स्थित धुणी मात क्षेत्र में जेके लक्ष्मी सीमेंट फैक्ट्री से फैल रहे दूषित पानी की समस्या को लेकर गुरुवार को ग्रामीणों का आक्रोश सड़क पर दिखाई दिया। लंबे समय से समस्या का समाधान नहीं होने से नाराज प्रशासक, उपसरपंच और बड़ी संख्या में ग्रामीण एकजुट होकर फैक्ट्री के मुख्य गेट के बाहर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण पर नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि फैक्ट्री के कारण इलाके का भूजल और पर्यावरण प्रभावित हो रहा है। उनका कहना है कि पानी इतना दूषित हो चुका है कि वह पीने के साथ-साथ घरेलू उपयोग के लिए भी उपयुक्त नहीं रहा। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि फैक्ट्री प्रबंधन स्थानीय लोगों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रभावी कदम उठाने में पूरी तरह विफल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि दूषित पानी के कारण लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है और गंभीर बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रबंधन की लापरवाही के कारण आमजन के जीवन और स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है।मामले की सूचना मिलते ही डबोक थाना पुलिस मौके पर पहुंची और धरने पर बैठे ग्रामीणों से बातचीत कर समझाइश का प्रयास किया। हालांकि प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे और फैक्ट्री प्रबंधन के जिम्मेदार अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग करते रहे।प्रशासक नरेश मेघवाल ने बताया कि फैक्ट्री प्रबंधन ने पांच दिन के भीतर समस्या के समाधान का आश्वासन दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तय समय सीमा में दूषित पानी की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो ग्रामीण फैक्ट्री के बाहर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे। फिलहाल पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन और स्थानीय लोगों की नजर बनी हुई है।
बेकरिया थाना क्षेत्र का डांग का हेराल कला गांव गुरुवार को भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बीच छावनी में तब्दील नजर आया। जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के निर्देशन में पुलिस प्रशासन और वन विभाग ने संयुक्त रूप से जिले के मोस्ट वांटेड और बेकरिया थाने के हिस्ट्रीशीटर सिंगाराम गरासिया के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस के मुताबिक सिंगाराम गरासिया के खिलाफ जिले के अलग-अलग थानों में लूट, चोरी, डकैती, मारपीट और हत्या के प्रयास सहित कुल 23 आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह लंबे समय से वांछित चल रहा है। कार्रवाई के दौरान वन भूमि पर किए गए उसके अवैध निर्माणाधीन पक्के मकानों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। इसके साथ ही आरोपी के भाई मीठाराम के निर्माणाधीन पक्के मकान पर भी कार्रवाई की गई। पुलिस का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य अपराधियों में कानून का भय पैदा करना और आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास मजबूत करना है। बुलडोजर कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके में हड़कंप का माहौल रहा। पुलिस टीमों ने फरार आरोपियों की तलाश में गांव और आसपास के क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक मकानों की तलाशी भी ली। हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले ही सिंगाराम गरासिया, उसका भाई, साला और अन्य सहयोगी जंगलों की ओर फरार हो गए। इसके बाद पुलिस ने जंगलों में सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान कोटड़ा पुलिस उपाधीक्षक डूंगर सिंह चुंडावत, देवला तहसीलदार कुकवा राम, वन विभाग के अधिकारी, बेकरिया थानाधिकारी रामअवतार मीणा, सायरा थानाधिकारी शैतान सिंह नाथावत, पानरवा थानाधिकारी शब्बीर खान, मांडवा थानाधिकारी मुगलाराम, गोगुंदा और कोटड़ा थाना पुलिस का जाब्ता और पुलिस लाइन से अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी तक अभियान लगातार जारी रहेगा।
दिल्ली में छात्र आंदोलन के दौरान हुए लाठी चार्ज को लेकर विरोध लगातार बढता जा रहा है। गुरुवार से शहर के हाथीपोल पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दो दिवसीय अनशन शुरू किया। अनशन में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गोपाल नागर और राजीव गांधी पंचायती संगठन उदयपुर के सचिव हिदायत तुल्ला शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने नीट पेपर लीक प्रकरण में जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध दर्ज कराया। उदयपुर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष फतह सिंह राठौड़ ने कहा कि दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और धरना स्थल पर लोकसभा प्रतिपक्ष नेता राहुल गांधी के साथ पुलिस द्वारा किये गये बर्ताव के विरोध में प्रदेशभर में कांग्रेस कार्यकर्ता आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लाखों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े नीट पेपर लीक मामले में केंद्र सरकार को जवाब देना चाहिए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री को तत्काल पद से हटाया जाना चाहिए। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गोपाल नागर ने कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के आंदोलन के दौरान बल प्रयोग किया गया, जिससे कई छात्र घायल हुए। उन्होंने कहा कि इन्हीं घटनाओं के विरोध में वे दो दिन के उपवास पर बैठे हैं। वहीं राजीव गांधी पंचायती संगठन उदयपुर के सचिव हिदायत तुल्ला ने कहा कि शिक्षा और अपने अधिकारों की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं के साथ मारपीट लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि युवाओं का भविष्य सुरक्षित रहना चाहिए और उनकी आवाज को सुना जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के साथ दुर्व्यवहार का भी विरोध जताया। अनशन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कही।
सड़कों पर स्टंटबाजी करने वालों के खिलाफ उदयपुर पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए चार थाना क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाया। इस कार्रवाई के दौरान झाड़ोल, फलासिया, ओगणा और बाघपुरा थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाही करते हुए 50 पावर बाइक को जब्त कर मोटर वाहन अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया। झाड़ोल डीएसपी विवेक सिंह ने बताया कि थाना प्रभारियों के नेतृत्व में गश्त के दौरान कई युवक सार्वजनिक स्थानों और सड़कों पर पावर बाइक से खतरनाक स्टंट करते हुए पाए गए। स्टंटबाजी के कारण अन्य वाहन चालकों में भय का माहौल बन रहा था और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बढ़ रही थी। पुलिस ने अभियान के दौरान स्टंट करने वाले युवकों को मौके पर रोककर उनकी पावर बाइक जब्त की और सभी के खिलाफ एमवी एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई की। साथ ही युवाओं को यातायात नियमों का पालन करने और सार्वजनिक सड़कों पर किसी भी प्रकार की स्टंटबाजी नहीं करने की सख्त हिदायत भी दी गई। झाड़ोल पुलिस ने कहा कि सड़क सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। सार्वजनिक स्थानों पर स्टंटबाजी करने वालों के खिलाफ नियमित रूप से अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि यातायात नियमों का पालन करें और अपनी और दूसरों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिम्मेदारी के साथ वाहन चलाएं।
उदयपुर के आयड़ स्थित कलाल वाटी इलाके में मनीष चौधरी के मकान की तीसरी मंजिल पर बुधवार देर रात करीब 12 बजे हुई इस वारदात ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि झारखंड निवासी अजय कुमार और राहुल किराए के कमरे में रह रहे थे। देर रात दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई और विवाद इतना बढ़ गया कि राहुल ने धारदार हथियार से अजय कुमार पर हमला कर उसका गला रेत दिया। गंभीर चोट लगने से अजय कुमार की मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी ने साक्ष्य छिपाने की नीयत से मृतक के शव को एक बॉक्स में बंद कर दिया और मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही भूपालपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया, आवश्यक साक्ष्य जुटाए और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल नाकाबंदी कर विशेष सर्च अभियान शुरू किया गया। आरोपी की तलाश में पुलिस टीमों ने चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा सहित कई संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी ट्रेन के जरिए फरार होने की कोशिश कर रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने अजमेर में घेराबंदी कर आरोपी राहुल को डिटेन कर लिया। फिलहाल उससे गहन पूछताछ की जा रही है और हत्या के पीछे की वास्तविक वजह की जांच जारी है। इधर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मृतक अजय कुमार का शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले के हर पहलू की गहन जांच की जा रही है और पूछताछ के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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