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उदयपुर के दूधतलाई स्थित करणी माता रोपवे पर गुरुवार को संयुक्त रोप रेस्क्यू ऑपरेशन की मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस अभ्यास का उद्देश्य रोपवे पर किसी भी आपात स्थिति या हादसे के दौरान राहत और बचाव कार्यों की तैयारियों को मजबूत करना रहा। मॉक ड्रिल में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सिविल डिफेंस की टीमों ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया। रेस्क्यू टीम निर्धारित नफरी, सरकारी वाहनों और अत्याधुनिक रेस्क्यू उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची। इस संयुक्त अभ्यास में रोपवे में फंसे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने, ऊंचाई पर रोप तकनीक के जरिए रेस्क्यू करने और आपदा के दौरान त्वरित प्रतिक्रिया की प्रक्रिया का अभ्यास किया गया। पूरी मॉक ड्रिल प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में संपन्न हुई। कार्यक्रम में जिला पुलिस अधीक्षक, नागरिक सुरक्षा विभाग के उप नियंत्रक, गिर्वा उपखंड अधिकारी, तहसीलदार, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और बटालियन एनडीआरएफ बड़ोदरा गुजरात के कमांडेंट सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। वहीं करणी माता रोपवे प्रबंधन की ओर से भी सहयोग किया गया। मॉक ड्रिल का आयोजन अतिरिक्त जिला कलेक्टर प्रशासन एवं प्रभारी अधिकारी आपदा प्रबंधन दीपेंद्र सिंह राठौर के निर्देशन में किया गया। अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के अभ्यास का उद्देश्य किसी भी संभावित हादसे के दौरान समय रहते प्रभावी रेस्क्यू सुनिश्चित करना और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को मजबूत बनाना है।
रवाड़ा क्षेत्र के नयागांव में स्थित प्रियदर्शी ज्वैलर्स शॉप एक बार फिर चोरों के निशाने पर आ गयी। बुधवार बीती रात तीन बदमाशों ने दुकान में चोरी की वारदात को अंजाम देने की कोशिश की। हालांकि बदमाश अपने मंसूबों में पूरी तरह कामयाब नहीं हो सके, लेकिन घटना ने इलाके में दहशत का माहौल जरूर बना दिया है। जानकारी के मुताबिक बदमाश दुकान के पीछे पहुंचे और वहां लगी खिड़की को तोड़कर अंदर घुसने का प्रयास किया। इसी दौरान उनकी गतिविधियां दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गईं। फुटेज में तीन संदिग्ध बदमाश साफ दिखाई दे रहे हैं, जो दुकान के आसपास घूमते और अंदर घुसने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं। चोरों ने अपनी पहचान छिपाने और सबूत मिटाने की नीयत से दुकान के अंदर लगे एक सीसीटीवी कैमरे को भी तोड़ दिया। इसके बावजूद कुछ फुटेज सुरक्षित रह गई, जिसके आधार पर पुलिस अब आरोपियों की तलाश में जुटी है। स्थानीय लोगों के ने बताया कि यह पहला मामला नहीं है। इसी प्रियदर्शी ज्वैलर्स की दुकान में इससे पहले भी तीन बार चोरी के प्रयास की घटनाएं हो चुकी हैं। लगातार चौथी बार दुकान को निशाना बनाए जाने से व्यापारियों में भारी नाराजगी और डर का माहौल है। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास के क्षेत्र में जांच शुरू कर दी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बदमाशों की पहचान करने का प्रयास कर रही है।
उदयपुर शहर में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए शुरू की गई सिटी बसें अब असामाजिक तत्वों की शरणस्थली बनती जा रही हैं। ताजा मामला रूट नंबर चार पर चलने वाली सिटी बस का है, जो बलीचा से अंबेरी पुलिया के बीच संचालित होती है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति बस के भीतर किसी महफिल की तरह बैठा है और बड़ी बेबाकी से शराब की बोतल निकालकर उसे पानी में मिला रहा है। हैरानी की बात यह है कि उस व्यक्ति के चेहरे पर न तो पुलिस का कोई खौफ है और न ही बस स्टाफ का। चलती बस में जहाँ अन्य सवारियां और महिलाएं भी मौजूद रहती हैं, वहाँ इस तरह सरेआम शराबखोरी करना न केवल अनैतिक है बल्कि सुरक्षा की दृष्टि से भी बेहद खतरनाक है। शहर के व्यस्ततम रूटों में से एक इस मार्ग पर यात्री खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सिटी बसों में सुरक्षा मानकों और निगरानी की भारी कमी है। यदि सार्वजनिक परिवहन में इसी तरह मधुशाला सजने लगेगी, तो आम आदमी और विशेषकर महिलाएं सुरक्षित सफर कैसे कर पाएंगी? वीडियो सामने आने के बाद अब जनता में भारी रोष है और प्रशासन से मांग की जा रही है कि न केवल ऐसे हुड़दंगियों पर लगाम कसी जाए, बल्कि बस कंडक्टर और ड्राइवर की जवाबदेही भी तय की जाए ताकि भविष्य में परिवहन के इन साधनों का दुरुपयोग न हो सके। अब देखना यह है कि उदयपुर पुलिस और नगर निगम इस गंभीर लापरवाही पर क्या कार्रवाई करते हैं।
उदयपुर जिले के झाड़ोल क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया, जहां बाइक अनियंत्रित होकर स्लिप होने से दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा एनएच-58 ई पर मगवास के पास हुआ। जानकारी के मुताबिक दोनों युवक उदयपुर से उपरेटा गांव की ओर जा रहे थे। बताया जा रहा है कि दोनों शराब के नशे में थे और तेज रफ्तार में बाइक चला रहे थे। इसी दौरान अचानक बाइक का संतुलन बिगड़ गया और वाहन सड़क पर फिसल गया। हादसा इतना जोरदार था कि दोनों युवक सड़क पर दूर तक घिसटते चले गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। इसी बीच घायल युवक ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाने या मदद करने के बजाय उनकी जेब से मोबाइल फोन निकाल लिए। घटना की सूचना मिलते ही 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची। एंबुलेंस कर्मियों ने प्राथमिक उपचार देते हुए दोनों घायलों को झाड़ोल उपजिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार एक युवक की हालत गंभीर बनी हुई है। इधर हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस भी अस्पताल पहुंची और पूरे मामले की जानकारी जुटाई। पुलिस अब दुर्घटना के कारणों की जांच के साथ-साथ घायल युवकों के मोबाइल चोरी करने वालों की तलाश में भी जुट गई है।
उदयपुर जिले के गोगुंदा थाना क्षेत्र से सामने आए इस दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक महंगा आईफोन निकालने के प्रयास में कुएं में उतरे गोताखोर की डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद मृतक के परिजन और समाज के लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। गोगुंदा थानाधिकारी श्याम सिंह चारण ने बताया कि मृतक की पहचान मचीन्द गांव निवासी 48 वर्षीय केशूलाल गमेती के रूप में हुई है। बुधवार दोपहर जोधावतों की भागल, मारूवास गांव में ज्वेलर कुलदीप सिंह अपने रिश्तेदार की मौत के 11वें कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इसी दौरान सामूहिक स्नान करते वक्त उनका आईफोन गहरे कुएं में गिर गया। मोबाइल निकालने के लिए दोपहर करीब 3 बजे स्थानीय गोताखोर केशूलाल गमेती को बुलाया गया। केशूलाल अपने बेटे रूपलाल के साथ मौके पर पहुंचे। बताया जा रहा है कि उन्होंने दो बार कुएं में उतरकर मोबाइल तलाशने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद तीसरी बार वे और अधिक गहराई में जाकर मोबाइल ढूंढने लगे, लेकिन फिर बाहर नहीं आ सके। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही गोगुंदा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद शव को कुएं से बाहर निकाला गया। मृतक के बेटे रूपलाल ने आरोप लगाया कि उसके पिता पूरे इलाके के अच्छे तैराकों में गिने जाते थे। उसने खुद तीसरी बार कुएं में उतरने से मना किया था, लेकिन कुलदीप सिंह के पिता ने एक और प्रयास करने के लिए कहा। रूपलाल का कहना है कि अगर उनके पिता तीसरी बार कुएं में नहीं उतरते तो आज जिंदा होते। फिलहाल मृतक के परिजन और समाज के लोग शव लेने से इनकार करते हुए ज्वेलर के पिता शंकर सिंह के खिलाफ मामला दर्ज करने और 20 लाख रुपए मुआवजे की मांग पर अड़े हुए हैं। गोगुंदा थानाधिकारी श्याम सिंह चारण पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर मौजूद हैं और परिजनों से समझाइश की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन परिवार अपनी मांगों पर अड़ा है। एक कीमती गैजेट को बचाने की जिद ने एक गरीब परिवार का सहारा छीन लिया है, जिससे पूरे क्षेत्र में गुस्से का माहौल है।
उदयपुर में युवाओं के बीच फैलते नशे के कारोबार पर पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। सुखेर थाना पुलिस की टीम गश्त के दौरान 200 फीट खेलगांव रोड स्थित मार्बल स्लरी पार्क के पास पहुंची, जहां एक संदिग्ध कार खड़ी दिखाई दी। कार में दो युवक और दो महिलाएं बैठे हुए थे। पुलिस को देखकर चारों घबराने लगे, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रोककर पूछताछ शुरू की। पूछताछ के दौरान चारों कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। शक गहराने पर पुलिस ने नियमानुसार कार की तलाशी ली। तलाशी के दौरान कार के डैशबोर्ड में रखी माचिस की डिब्बी से एक पारदर्शी प्लास्टिक थैली बरामद हुई। थैली में सफेद रंग का पाउडरनुमा पदार्थ मिला, जिसकी जांच करने पर वह एमडीएमए ड्रग्स निकला। पुलिस ने मौके से करीब 5 ग्राम अवैध एमडीएमए ड्रग्स जब्त कर लिया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने संजय माली, करणसिंह राव, मंजू वेद और लक्ष्मी मेघवाल को गिरफ्तार किया। वहीं ड्रग्स परिवहन में इस्तेमाल की जा रही कार को भी जब्त कर लिया गया। पुलिस जांच में यह भी सामने आ रहा है कि कार को नशे के सेवन और सप्लाई के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। फिलहाल सुखेर थाना पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि ड्रग्स कहां से लाई गई थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं। मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
उदयपुर के महासतिया क्षेत्र स्थित गंगु कुंड में गुरुवार सुबह का मंजर बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाला था। यहां अपने दो मासूम बेटों को स्विमिंग सिखाने पहुंचे एक पिता की देखते ही देखते पानी में डूबने से मौत हो गई। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि युवक काफी देर तक पानी में जिंदगी के लिए संघर्ष करता रहा, लेकिन आसपास मौजूद लोग उसे बचाने के लिए आगे नहीं आए। मृतक की पहचान ठोकर चौराहा निवासी 41 वर्षीय दुर्गा शंकर सालवी के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक दुर्गा शंकर गुरुवार सुबह करीब 7 बजे अपने 10 और 14 साल के दो बेटों को स्विमिंग कराने के लिए गंगु कुंड लेकर पहुंचे थे। बच्चे पानी में स्विमिंग कर रहे थे, जबकि दुर्गा शंकर कुंड की सीढ़ियों पर बैठे हुए थे। इसी दौरान अचानक उनका पैर फिसल गया और वे गहरे पानी में चले गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक एक व्यक्ति ने उन्हें पकड़ने की कोशिश भी की, लेकिन हाथ छूट गया और दुर्गा शंकर पानी में डूबने लगे। बताया जा रहा है कि वे करीब 10 मिनट तक पानी में छटपटाते रहे, लेकिन वहां मौजूद 20 से 30 लोग तमाशबीन बने रहे। किसी ने भी उन्हें बचाने के लिए पानी में उतरने की हिम्मत नहीं दिखाई। घटना की सूचना मिलते ही सिविल डिफेंस टीम मौके पर पहुंची। उप नियंत्रण नागरिक सुरक्षा विभाग उदयपुर के निर्देश पर गठित टीम ने तत्काल रेस्क्यू शुरू किया। टीम में कैलाश मेनारिया, गोताखोर विपुल चौधरी, रवि शर्मा और भवानी शंकर वाल्मीकि सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे। रेस्क्यू टीम ने युवक को बाहर निकालकर सीपीआर भी दिया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। सिविल डिफेंस के सदस्य कैलाश मेनारिया ने बताया कि मृतक को तैरना नहीं आता था। वहीं गंगु कुंड में स्विमिंग की अनुमति भी नहीं है, बावजूद इसके यहां रोजाना 30 से 40 लोग तैरने पहुंचते हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतने लोगों की आवाजाही के बावजूद यहां सुरक्षा के कोई इंतजाम क्यों नहीं हैं।
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