आवाज़ हम सबकी
उदयपुर जिले के सुखेर थाना अंतर्गत राम नगर राजीव गांधी स्कूल क्षेत्र में शनिवार और रविवार की दरमियानी रात जमकर उपद्रव और हिंसा हुई। इस खौफनाक घटना के बाद से पूरे इलाके में भारी तनाव और दहशत का माहौल बना हुआ है। पीड़ित परिवार के डालू कालबेलिया के मुताबिक, शनिवार रात जब माता-पिता भटेवर गए हुए थे और घर पर बच्चे अकेले थे, तब पास ही दुकान पर सामान लेने गई बेटी के साथ छेड़छाड़ और अपहरण करने का प्रयास किया। लड़की दौड़कर घर पहुंची और भाई को इसकी जानकारी दी। भाई इसका विरोध करने दुकान पहुंचा तो उसके साथ चार लोगों ने मारपीट की। उस रात सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची तो बदमाश भाग निकले। लेकिन बदमाशों के हौसले इतने बुलंद थे कि वे अगले दिन यानी रविवार रात को फिर से अपने साथियों और साथी महिलाओं के साथ पीड़ित के घर आ धमके। रविवार रात को आरोपियों ने सरेआम जान से मारने और बच्ची को उठा ले जाने की धमकी दी और देखते ही देखते पत्थरों व लाठियों से हमला कर दिया। उपद्रवियों ने पीड़ित के घर के बाहर खड़े 8 ऑटो टेम्पो, एक कार और तीन मोटरसाइकिलों में जमकर तोड़फोड़ की और उन्हें क्षतिग्रस्त कर दिया। इस हिंसक झड़प और मारपीट में पीड़ित परिवार के विजय और रमेश गंभीर रूप से घायल हो गए। पीड़ित परिवार ने नाथू, राहुल, संतोष, भैरा, लालू, कालू और ललिता सहित अन्य लोगों पर इस हमले का सीधा आरोप लगाया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पार्षद योगेश कुमावत ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि इस वारदात में शामिल एक-एक आरोपी को पुलिस तुरंत गिरफ्तार करे। उन्होंने यह भी दो टूक कहा कि इलाके में अवैध रूप से कब्जा जमाकर रह रहे इन बदमाशों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश में जुटी है, लेकिन इस घटना ने स्थानीय निवासियों की सुरक्षा पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है।
झीलों की नगरी उदयपुर में भू-माफियाओं के हौसले और पुलिस के ढुलमुल रवैये को लेकर वकीलों का गुस्सा अब सड़कों से होता हुआ कलेक्ट्रेट परिसर तक पहुंच गया है। सवीना थाने के सीआई दलबीर सिंह को पद से हटाने की मांग पर अड़े वकीलों ने सोमवार सुबह कलेक्ट्रेट के भीतर बैठकर उग्र विरोध-प्रदर्शन किया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पूरा विवाद गोविंद नगर स्थित देवेन्द्र अग्रवाल के एक प्लॉट से शुरू हुआ, जिस पर कब्जा करने की नीयत से आरोपी कौशल आमेटा ने पथराव किया था। इस मामले में जब साथी वकील राजेश जाजोदिया शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंचे, तो आरोपी आमेटा भी वहां आ गया और पुलिस की मौजूदगी में ही वकील को जान से मारने की धमकी दे डाली। वकीलों का गंभीर आरोप है कि इस खुलेआम गुंडागर्दी के बावजूद सीआई दलबीर सिंह ने कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे क्षेत्र में भू-माफिया पनप रहे हैं। रविवार को सवीना थाने में करीब 3 घंटे तक चले भारी हंगामे और एएसपी उमेश ओझा की समझाइश के बाद भी जब ठोस कार्रवाई का असर नहीं दिखा, तो सोमवार सुबह वकीलों का धैर्य जवाब दे गया। वकील गोलबंद होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और परिसर के अंदर ही बैठकर धरने पर बैठ गए। वकीलों के पूर्व महासचिव चेतनपुरी गोस्वामी का कहना है कि जब तक सीआई को लाइन हाजिर या निलंबित नहीं किया जाता, तब तक वकीलों का यह आंदोलन जारी रहेगा। दूसरी ओर, सीआई दलबीर सिंह का कहना है कि दोनों पक्षों के परिवाद पर पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। वकीलों ने एसपी डॉ. अमृता दुहन के नाम ज्ञापन सौंपकर आरोपी की तुरंत गिरफ्तारी और सीआई के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग उठाई है।
उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के सादाबाद क्षेत्र स्थित मंस्या गांव के मूल निवासी और वर्तमान में राजस्थान के डीग जिले के बडेसरा गांव में रह रहे 13 वर्षीय जुड़वां भाइयों—विनय और विष्णु की रहस्यमयी गुमशुदगी का बेहद खौफनाक अंत सामने आया है। दोनों मासूमों के शव उनके घर से महज 250 मीटर की दूरी पर देशराज के वाड़े में कड़बी के पूंजों यानी चारे के ढेर में छिपे हुए बरामद हुए थे। घटना के बाद डीग पुलिस और एफएसएल (FSL) की टीम ने मौके पर पहुंचकर बारीकी से साक्ष्य जुटाए। पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्चों के सिर पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए। यही नहीं, एक बच्चे की गर्दन पर धारदार हथियार से दो बार और दूसरे की गर्दन पर एक वार किया गया था, साथ ही गला दबाने के निशान भी मिले। पुलिस को संदिग्ध मकान से खून से सने कपड़े और वारदात में इस्तेमाल कुल्हाड़ी भी बरामद हुई। मामले में नया मोड़ तब आया जब बच्चों के नाना घनश्याम ने 20 अक्टूबर को जनूथर थाने में अपनी ही बेटी प्रीति और उसके प्रेमी राजेश के खिलाफ हत्या व आपराधिक साजिश की नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस की कड़ी पूछताछ में आरोपियों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। पुलिस के अनुसार, स्वर्गीय निरंजन की 35 वर्षीया पत्नी प्रीति और उसके प्रेमी राजेश (40) के बीच अवैध संबंध थे। दोनों मासूम भाइयों को इस रिश्ते की भनक लग गई थी। अपने अफेयर का राज खुलने के खौफ में मां ने ही अपने प्रेमी के साथ मिलकर दोनों बेटों की निर्मम हत्या कर दी। फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
शहर के सिद्धार्थनगर आवासीय क्षेत्र में लेपर्ड की लगातार आवाजाही से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है। पिछले पांच दिनों के भीतर क्षेत्र में लेपर्ड के आने की यह दूसरी घटना सामने आई है। लगातार हो रही घटनाओं के कारण लोग अपने घरों से बाहर निकलने में भी सावधानी बरत रहे हैं। मंगलवार देर रात एक कैमरे में कैद हुए फुटेज में लेपर्ड की खौफनाक गतिविधि दिखाई दी। फुटेज के अनुसार, घात लगाकर बैठे लेपर्ड ने सीढ़ियों पर चढ़ रहे एक पिल्ले को महज दो सेकंड से भी कम समय में गर्दन से दबोच लिया। इसके बाद वह पिल्ले को लेकर तेजी से झाड़ियों में गायब हो गया। इस घटना ने इलाके में रहने वाले लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। आवासीय क्षेत्र में लेपर्ड की बार-बार मौजूदगी से लोगों को अपने बच्चों और पालतू जानवरों की सुरक्षा की चिंता सता रही है। घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और लेपर्ड को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया। वन विभाग ने स्थानीय निवासियों से रात के समय विशेष सतर्कता बरतने, सुनसान जगहों पर अकेले जाने से बचने और बच्चों व पालतू जानवरों को सुरक्षित रखने की अपील की है। अब क्षेत्रवासियों को लेपर्ड के पकड़े जाने का इंतजार है।
उदयपुर के सुखेर थाना क्षेत्र स्थित पुलक विहार से एक सनसनीखेज और रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है। कॉलोनी में स्थित हनुमान मंदिर में एक समाजकंटक द्वारा अपने बेटे और गुर्गों के साथ मिलकर जमकर तोड़फोड़ करने और कॉलोनीवासियों को जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी अजीतपाल सिंह राणावत अपने पुत्र और कुछ अन्य लोगों के साथ पुलक विहार स्थित हनुमान मंदिर पहुंचा और वहां तोड़फोड़ शुरू कर दी। जब मंदिर में हो रही तोड़फोड़ की आवाज सुनकर स्थानीय कॉलोनीवासी मौके पर एकत्र हुए और इसका विरोध किया, तो आरोपी आपा खो बैठा। आरोप है कि उसने लोहे के सरियों और लट्ठ से लोगों पर हमला कर दिया। इतना ही नहीं, प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आरोपी ने बंदूक निकालकर कॉलोनीवासियों के पीछे दौड़ लगाई और खुलेआम ललकारते हुए कहा कि 'अगर दोबारा कोई इस मंदिर के आसपास नजर आया तो गोली मार दूंगा'। इसके बाद आरोपी ने दहशत फैलाने की नीयत से अपनी तेज रफ्तार कार को एकत्रित भीड़ पर दौड़ा दी। अचानक हुए इस जानलेवा हमले से पूरी कॉलोनी में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। घटना के बाद से कॉलोनी के निवासियों में भारी डर और रोष का माहौल है। दहशतजदा कॉलोनीवासी एकजुट होकर सुखेर थाने पहुंचे और आरोपी अजीतपाल सिंह और उसके साथियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई है।
झीलों की नगरी उदयपुर में अक्टूबर का आधा महीना बीतने के बावजूद गर्मी से राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। आमतौर पर अक्टूबर में मौसम सुहावना होने लगता है, लेकिन इस बार तेज धूप और बढ़ते तापमान ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। शहर में दिन का अधिकतम तापमान लगातार 35 से 36 डिग्री सेल्सियस के पार बना हुआ है। इसके चलते दोपहर के समय गर्मी का असर साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। वहीं, रात के तापमान में भी लगातार उतार-चढ़ाव दर्ज किया जा रहा है। आंकड़ों पर नजर डालें तो 12 अक्टूबर को न्यूनतम तापमान 17.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो महज छह दिनों में 4.4 डिग्री बढ़कर 21.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। रात के तापमान में हुई इस बढ़ोतरी से लोगों को सुबह और देर रात भी गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है। दिन में तेज धूप और रात में उमस के कारण आमजन परेशान हैं। लोगों को उम्मीद थी कि अक्टूबर के दूसरे पखवाड़े में मौसम ठंडा होगा, लेकिन फिलहाल गर्मी का असर बरकरार है। अब सभी की निगाहें मौसम में होने वाले बदलाव और तापमान में गिरावट पर टिकी हैं।
उदयपुर-अहमदाबाद नेशनल हाईवे-48 पर स्थित बारा गांव में शुक्रवार देर रात करीब 1:30 से 2 बजे के बीच 6 से 7 हथियारबंद बदमाश वृद्ध लालाराम कलाल के घर में घुस गए। सोते हुए दंपती को दबोचकर बदमाशों ने रिवॉल्वर तान दी और जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित वृद्धा सरिता देवी ने बताया कि बदमाशों ने उनके और उनके पति के हाथ-पैर बांध दिए तथा मुंह पर कपड़ा ठूंस दिया। एक बदमाश ने उनके बाल पकड़कर घसीटा और सीढ़ियों के नीचे ले जाकर उनके साथ मारपीट की। इस बर्बरता में लालाराम को गंभीर चोटें आई हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बदमाश घर में रखी करीब 40 तोला सोने के जेवर, चांदी के आभूषण और 7 लाख रुपये की नकदी लूटने के साथ ही घर के बाहर खड़ी कार भी लेकर फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही डीएसपी छगन पुरोहित और टीडी थानाधिकारी देवेंद्र सिंह राठौड़ पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। एफएसएल टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस अब आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालकर बदमाशों की तलाश में जुटी है। इस बड़ी वारदात से इलाके में दहशत का माहौल है।
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