आवाज़ हम सबकी
मेयर पद की आरक्षण लॉटरी के बाद उदयपुर की राजनीति में अचानक हलचल बढ़ गई है। लंबे समय से चुनावी तैयारी में जुटे नेताओं ने अब अपने-अपने समीकरणों पर तेजी से काम शुरू कर दिया है। अनारक्षित ओपन सीट आने के बाद सामान्य वर्ग के पुरुष नेताओं के लिए मेयर पद की दौड़ खुली नजर आ रही है। बीजेपी में कई पुराने और चर्चित चेहरे दावेदारी की रेस में बताए जा रहे हैं। प्रमोद सामर, पारस सिंघवी, डॉ. रामकृपा शर्मा, तख्तसिंह शक्तावत और अतुल चंडालिया के नाम प्रमुखता से चर्चा में हैं। इसके अलावा केके गुप्ता, प्रेम सिंह शक्तावत और नानालाल वया जैसे नेताओं की सक्रियता भी चुनावी माहौल में चर्चा का विषय बनी हुई है। बीजेपी के भीतर सामान्य महिला चेहरों में अलका मुंदडा, कविता जोशी, पिंकी माड़ावत और किरण तांतेड़ के नाम सामने आ रहे हैं। वहीं ओबीसी पुरुष वर्ग से जगदीश सुथार, छोगालाल भोई, मनोहर चौधरी, योगेश कुमावत और विजय आहूजा जैसे नाम दावेदारी में माने जा रहे हैं। ओबीसी महिला वर्ग से हंसा माली और मंदाकिनी धाबाई भी अपनी दावेदारी रख सकती हैं। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस में भी मेयर पद को लेकर रणनीति बननी शुरू हो गई है। सामान्य पुरुष वर्ग में फतेह सिंह राठौड़, पंकज शर्मा, दिनेश श्रीमाली, अजय पोरवाल, अरूण टांक और मोहसिन खान के नाम चर्चा में हैं। महिला दावेदारों में नीलीमा सुखाड़िया, हितांशी शर्मा, राजीव सुहालका, सीमा चोर्डिया, नजमा मेवाफरोश और कामिनी गुर्जर के नाम सामने आ रहे हैं। लेकिन सियासत का अगला खेल वार्ड आरक्षण तय करेगा। जिस दावेदार का वार्ड आरक्षित हो जाएगा, उसके सामने नया वार्ड तलाशने की चुनौती होगी। ऐसे में दोनों दल अपने मजबूत चेहरों को सुरक्षित वार्ड से मैदान में उतारने की रणनीति बना सकते हैं। यानी मेयर की कुर्सी का रास्ता आरक्षण लॉटरी से खुल जरूर गया है, लेकिन टिकट किसे मिलेगा और कौन चुनावी मैदान में उतरेगा, इसका फैसला अभी बाकी है। आने वाले दिनों में वार्ड आरक्षण के बाद उदयपुर की सियासत में दावेदारों की तस्वीर और ज्यादा साफ होने की उम्मीद है।
पुनावली गांव में रहने वाले 65 वर्षीय लहरी लाल पालीवाल और उनकी 62 वर्षीय पत्नी राधा देवी बुधवार सुबह अचानक घर से लापता हो गए। दोनों घर पर अकेले रहते हैं। लहरी लाल दूध बेचने का काम करते हैं। बुधवार सुबह जब वह दूध देने नहीं पहुंचे तो पड़ोसी को चिंता हुई। पड़ोसी ने घर जाकर देखा तो दरवाजा खुला था, लेकिन अंदर दोनों मौजूद नहीं था। इसके बाद पड़ोसी ने लहरी लाल के बेटे मनोहर पालीवाल को फोन कर जानकारी दी। मनोहर राजकोट में निजी नौकरी करता है। माता-पिता के लापता होने की सूचना मिलने के बाद वह तुरंत सायरा पहुंचा। इसके बाद रिश्तेदारों और आसपास के लोगों की मदद से घर और आसपास के इलाकों में तलाश की गई, लेकिन दंपति का पता नहीं चला। बाद में सायरा थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। मनोहर पालीवाल ने बताया कि मंगलवार रात को उसकी मां से उसकी बात हुई थी सुबह लापता होने की सूचना मिली। जानकारी के मुताबिक मंगलवार रात करीब साढ़े 9 बजे परिवार के सदस्य कमल पालीवाल की लहरी लाल और राधा देवी से फोन पर बातचीत हुई थी। इसके बाद दोनों घर पर थे। लेकिन बुधवार सुबह दोनों अचानक गायब मिले। अब इस मामले में सबसे अहम अपडेट सामने आया है। लहरी लाल के मोबाइल की लोकेशन लखावली के पास मिली। मोबाइल लोकेशन सामने आने के बाद परिजन लखावली पहुंचे और संभावित स्थानों पर तलाश की, लेकिन वहां भी वृद्ध दंपति का कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस को भी इसकी जानकारी दी गई, जिसके बाद पुलिस टीम ने मोबाइल लोकेशन सहित अन्य माध्यमों से तलाश शुरू कर दी है। दंपति के लापता होने से परिवार की चिंता बढ़ती जा रही है। परिजनों ने उनके अपहरण की आशंका भी जताई है, हालांकि अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस संभावित स्थानों पर खोजबीन कर रही है और मोबाइल लोकेशन के आधार पर भी सुराग जुटाने का प्रयास किया जा रहा है। इधर, पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट परिजन और ग्रामीण गुरुवार को सायरा थाने पहुंचे थे। ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए वृद्ध दंपति को जल्द तलाशने की मांग की। बेटे मनोहर ने भी पुलिस प्रशासन से माता-पिता को जल्द खोजने की गुहार लगाई है। फिलहाल करीब 40 घंटे बीत चुके हैं और मोबाइल लोकेशन लखावली के पास मिलने के बावजूद दंपति का पता नहीं चल पाया है। अब पुलिस की जांच और मोबाइल लोकेशन से मिलने वाले सुरागों पर सभी की नजर है। फिलहाल पुलिस लापता दंपति की तलाश के प्रयास में जुटी है।
उमरड़ा की बंजारा बस्ती में मेसर्स प्योर लीला की केमिकल यूनिट को लेकर अब कंपनी के साथ प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यहां आए दिन टैंकरों के जरिए केमिकल लाकर खाली किया जाता है। बताया जा रहा है कि गुजरात से टैंकर यहां पहुंचते हैं और यूनिट में केमिकल खाली किया जाता है। गुरुवार रात भी एक टैंकर केमिकल लेकर पहुंचा। स्थानीय लोगों के मुताबिक केमिकल के संपर्क में आने से एक-दो लोगों के पैर जल गए। यदि यह जानकारी सही है तो मामला सीधे तौर पर लोगों की सुरक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है। इससे भी ज्यादा चिंता की बात यह है कि केमिकल यूनिट के बिल्कुल नजदीक सरकारी स्कूल संचालित है। आसपास 100 से ज्यादा परिवार भी निवास करते हैं। स्थानीय निवासियों ने यूनिट से होने वाले जल, वायु और मिट्टी प्रदूषण को लेकर शिकायत भी दर्ज कराई है। शिकायत के बाद ग्राम पंचायत ने मेसर्स प्योर लीला को नोटिस जारी किया। नोटिस में यूनिट संचालन से जुड़े सभी दस्तावेज, इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल की सूची, तैयार होने वाले उत्पाद और प्रदूषण नियंत्रण की व्यवस्था से संबंधित जानकारी मांगी गई है। लेकिन सवाल यह है कि जब पंचायत के सामने प्रदूषण की शिकायत पहुंच चुकी है, तो आए दिन टैंकरों से केमिकल खाली करने की गतिविधि कैसे जारी है? क्या प्रशासन ने मौके पर जाकर जांच की? क्या केमिकल की प्रकृति और उसके सुरक्षित भंडारण की जांच हुई? स्कूल और आबादी के इतने करीब यूनिट को संचालन की अनुमति किन शर्तों पर मिली? ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत और नोटिस के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। अब प्रशासन से मांग है कि मौके पर जांच कराई जाए, केमिकल की जांच हो और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
जयपुर पुलिस ने बुधवार को दिनदहाड़े कैदी गंगासहाय कुमावत (45) की हत्या करने वाले 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हिस्ट्रीशीटर महेंद्र गुर्जर की मौत का बदला लेने के लिए उसके बेटे ने कैदी गंगासहाय की हत्या की साजिश रची थी। वह काफी समय से इसकी प्लानिंग कर रहा था। इसके लिए उसने सुपारी किलर्स को हायर किया और उनसे सांगानेर ओपन जेल में सजा काट रहे गंगासहाय की रेकी करवाई। वारदात के लिए सुपारी की रकम देने के बाद, पुलिस से बचने के लिए आरोपी बेटा खुद नेपाल भाग गया। दरअसल, बुधवार शाम को करणी विहार इलाके के धाबास में सांगानेर ओपन (खुली) जेल के कैदी गंगासहाय कुमावत की सिर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। स्कूटी पर आए 2 बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया था।1. पुलिस ने 3 आरोपियों को किया गिरफ्तार डीसीपी (वेस्ट) प्रशांत किरण ने बताया- गंगासहाय हत्या केस में पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें आरोपी सोनू रजक (19) (निवासी पुना नगर, झारखंड, हाल निवासी- गणेश नगर, मोतीडूंगरी) और अमित राणा (22) (निवासी गणेश नगर, मोतीडूंगरी) शामिल हैं, जिन्होंने स्कूटी से आकर गंगासहाय को गोलियां मारी थीं। वहीं, तीसरे आरोपी कन्हैया लाल गुर्जर (40) (निवासी गोविंद देवी कॉलोनी, कोतवाली) ने दोनों को हथियार उपलब्ध करवाए थे। 2. हिस्ट्रीशीटर मामा ने दिलवाए हथियार, बेटे ने रची साजिश प्रशांत किरण ने बताया- कन्हैया लाल गुर्जर कोतवाली थाने का हिस्ट्रीशीटर है। साल 2018 में हिस्ट्रीशीटर महेंद्र गुर्जर की हत्या का बदला लेने के लिए उसके बेटे आयुष गुर्जर ने यह पूरी साजिश रची थी। हथियार उपलब्ध करवाने वाला आरोपी हिस्ट्रीशीटर कन्हैया लाल गुर्जर, रिश्ते में आयुष गुर्जर का मामा लगता है। आयुष झोटवाड़ा में ई-मित्र की दुकान चलाता था।3. दोस्तों को दी 30 हजार की सुपारी, रेकी कर खुद भागा नेपाल प्रशांत किरण ने बताया- आयुष गुर्जर ने कैदी गंगासहाय की हत्या के लिए अपने दोनों दोस्तों सोनू व अमित को राजी किया था। उसने हत्या के लिए उन्हें 30 हजार रुपए की सुपारी भी दी थी। पिछले करीब 15 दिन से दोनों हत्यारे सोनू और अमित रेकी कर रहे थे। वे सांगानेर खुली जेल तक जाकर कैदी गंगासहाय की बाइक की पड़ताल करते थे। पिता की हत्या का बदला हत्या से ही लेने का आयुष का इरादा पक्का था। पुलिस से बचने के लिए वह सुपारी देने के तीन दिन बाद ही नेपाल भाग गया और उसने अपना मोबाइल व हर कॉन्टैक्ट बंद कर दिया। 4. हेलमेट पहनकर आए बदमाश, स्कूटी फिसलने पर गिरे और फिर मारी गोली पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों हत्यारों के पास देसी पिस्टल और देसी कट्टा था, लेकिन हत्या में सिर्फ देसी पिस्टल से ही 4-5 राउंड फायर किए गए। जब गंगासहाय बाइक लेकर जा रहा था, तभी हेलमेट पहने दोनों बदमाश स्कूटी से उसके पास आए। पीछे बैठे बदमाश ने गंगासहाय पर गोली चलाई, जिससे वह बाइक सहित सड़क पर गिर गया। इसी दौरान अनियंत्रित होकर बदमाशों की स्कूटी भी फिसल गई और दोनों नीचे गिर पड़े। इसके बाद बदमाशों ने उठकर फिर फायरिंग की, जिससे दो और गोलियां गंगासहाय को लगीं। उसकी मौत की पुष्टि करने के बाद दोनों बदमाश स्कूटी लेकर फरार हो गए।5. सीसीटीवी से पकड़े गए आरोपी, 2018 में हथौड़े से हुआ था मर्डर वारदात के दौरान आरोपी अमित ने अपनी खुद की स्कूटी का इस्तेमाल किया था। पुलिस ने स्कूटी के नंबर-सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दबिश देकर दोनों शूटरों को पकड़ा। उनसे पूछताछ में हिस्ट्रीशीटर कन्हैयालाल द्वारा हथियार देने का पता चला, जिसके बाद उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया। दरअसल, जमीनी विवाद को लेकर महेंद्र और गंगासहाय का आपस में झगड़ा चल रहा था। साल 2018 में कहासुनी के दौरान गंगासहाय ने हथौड़े से वार कर महेंद्र गुर्जर की हत्या कर दी थी। इस मामले में गंगासहाय को उम्रकैद हुई थी और अच्छे व्यवहार के कारण उसे सांगानेर खुली जेल में भेजा गया था।
दयपुर में बारिश के दौर के बीच शहर के पास स्थित उदयसागर बांध में पानी की आवक लगातार बढ़ रही है। बांध का जलस्तर 21 फीट के पार पहुंचने के बाद जल संसाधन विभाग ने बुधवार दोपहर दो गेट खोल दिए। जल संसाधन विभाग के सहायक अभियंता नितेश नायक ने बताया कि बुधवार मध्यान्ह बांध के दो गेट एक-एक फीट तक खोले गए हैं। उदयसागर बांध की पूर्ण भराव क्षमता 24 फीट है और कैचमेंट क्षेत्र में लगातार बारिश होने के कारण बांध में पानी की आवक बनी हुई है। उदयपुर जिले में मंगलवार दोपहर बाद बारिश का दौर शुरू हुआ था। कुछ देर बारिश थमने के बाद शाम से रातभर रुक-रुककर बारिश होती रही। बुधवार सुबह भी शहर के कई हिस्सों में हल्की से तेज बारिश हुई। जिले के अधिकांश इलाकों में भी बारिश दर्ज की गई। जल संसाधन विभाग के कंट्रोल रूम के मुताबिक बुधवार सुबह 8 बजे तक पिछले 24 घंटे में जिले में सबसे ज्यादा बारिश उदयसागर रेनफॉल सेंटर पर करीब ढाई इंच दर्ज की गई। उदयसागर और वल्लभनगर क्षेत्र में भी अच्छी बारिश हुई है। लगातार बारिश और बांध में बढ़ती पानी की आवक को देखते हुए विभाग की ओर से जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। वहीं मौसम विभाग ने उदयपुर जिले में यलो अलर्ट जारी किया है। बारिश के चलते शहर और आसपास के क्षेत्रों में मौसम सुहावना हुआ है और तापमान में भी ठंडक महसूस की जा रही है।
हरियाली अमावस्या के मेले के दौरान फतेहसागर झील के ओवरफ्लो गेट के सामने अचानक चट्टान खिसकने से हादसा हो गया। यहां सेक्टर-9 निवासी हरजीत सिंह सरदार छोटी दुकान लगाकर बैठे थे। इसी दौरान ऊपर की तरफ से अचानक चट्टान खिसककर नीचे आ गिरी। चट्टान की चपेट में आने से हरजीत सिंह सरदार के पैर में चोट आई। हादसे में उनके साथ मौजूद दो अन्य लोग भी घायल हो गए। अचानक चट्टान गिरने से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हादसे की सूचना मिलने के बाद सिविल डिफेंस की डी.क्यू.आर.टी. टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। जवानों ने तत्परता दिखाते हुए चट्टानों के बीच फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। रेस्क्यू के बाद तीनों घायलों को एंबुलेंस की सहायता से महाराणा भूपाल चिकित्सालय के लिए रवाना किया गया। हादसे के दौरान सिविल डिफेंस की टीम में बोट ऑपरेटर कैलाश मेनारिया, रेस्क्यूअर विपुल चौधरी, विजय नकवाल, नरेश चौधरी, हीरालाल प्रजापत और प्रकाश राठौड़ मौजूद रहे। टीम की तत्परता के चलते चट्टानों के बीच फंसे लोगों को समय रहते बाहर निकाला जा सका और उन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। हादसे के बाद मेले में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं।
उदयपुर के शनि महाराज मंदिर में हरियाली अमावस्या के अवसर पर भगवान शनि देव का दो दिवसीय जन्मोत्सव धार्मिक श्रद्धा के साथ शुरू हुआ। मंदिर ट्रस्ट की ओर से आयोजित जन्मोत्सव को लेकर सुबह से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही।जन्मोत्सव के पहले दिन भगवान शनि देव का पंचामृत से स्नान करवाया गया। इसके बाद उन्हें रजत मुकुट धारण करवाकर विधिवत पूजा-अर्चना की गई और भोग लगाया गया। विशेष अवसर पर भगवान शनि देव को झूले में झुलाने की परंपरा भी निभाई गई। श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन किए और पूजा-अर्चना कर अपनी मनोकामनाओं के लिए प्रार्थना की। मंदिर के मंत्री विजय जोशी ने बताया कि हरियाली अमावस्या पर शनि देव का विशेष जन्मोत्सव आयोजित करने की परंपरा है। इसी के तहत भगवान को विशेष श्रृंगार करवाया गया। शाम को भगवान शनि देव को विशेष सोने का चोला भी धारण करवाया गया। मंदिर में यह विशेष श्रृंगार वर्ष में एक-दो बार ही किया जाता है। शाम को पुजारियों की ओर से महाआरती का आयोजन किया गया। महाआरती के बाद नवग्रह यज्ञ हुआ और पुजारियों ने पूर्णाहुति दी। इसके बाद मेवाड़ के कलाकारों की ओर से शनि देव के नाम भजन संध्या और कथा का आयोजन किया गया। भजन और धार्मिक प्रस्तुतियों से मंदिर परिसर भक्तिमय नजर आया।जन्मोत्सव का दूसरा दिन गुरुवार को आयोजित होगा। इस दौरान शाम 7 बजे मंदिर परिसर में विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें श्रद्धालुओं के लिए प्रसादी की व्यवस्था रहेगी। इस तरह शनि महाराज मंदिर में शुरू हुआ दो दिवसीय जन्मोत्सव आज पूजा-अर्चना, विशेष श्रृंगार, झूला उत्सव, महाआरती, नवग्रह यज्ञ और भजन संध्या के साथ भक्तिमय रहा।
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