आवाज़ हम सबकी
उदयपुर को स्मार्ट सिटी का तमगा मिले कई साल हो गए, लेकिन शहर की सड़कों पर कई जगहों की तस्वीर कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। सड़क पर सीवर लाइन और इलेक्ट्रिकल लाइन के लिए बनाए गए होल्स के ढक्कन जगह-जगह क्षतिग्रस्त और उबड़-खाबड़ हो चुके हैं। सड़क के बीचों-बीच मौजूद ये ढक्कन वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। खास तौर पर दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह स्थिति ज्यादा खतरनाक है। सड़क पर ये ढक्कन दूर से सामान्य नजर आते हैं, लेकिन जैसे ही वाहन इनके पास पहुंचता है, अचानक उबड़-खाबड़ हिस्सा सामने आ जाता है। ऐसे में वाहन चालक के पास अचानक धचका खाने या वाहन का संतुलन बिगड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता। देहलीगेट-बापू बाजार कॉर्नर पर भी ऐसा ही एक क्षतिग्रस्त ढक्कन लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। यहां से लगातार वाहनों की आवाजाही रहती है, ऐसे में किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। जनप्रतिनिधि उदयपुर को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने का दावा करते हैं, लेकिन सड़क पर बुनियादी सुविधाओं की यह स्थिति सवाल खड़े करती है। जरूरत है कि संबंधित विभाग ऐसे क्षतिग्रस्त ढक्कनों को चिह्नित कर जल्द दुरुस्त करवाएं, ताकि स्मार्ट सिटी की सड़कों पर किसी हादसे का इंतजार न करना पड़े।
अंजुमन चौक में आयोजित जलसे का आगाज बाद नमाज-ए-इशा कलाम-ए-पाक की तिलावत से हुआ। कार्यक्रम का संचालन मौलाना आजम रजवी ने किया। जलसे में मौलाना जुलकरनैन बल्यावी, मौलाना आस मोहम्मद मुजाहिदी और मौलाना सोबदार आलम सहित शहर और आसपास के कई उलमा-ए-किराम मौजूद रहे। उलमा ने पैगम्बरे इस्लाम की आमद से पहले दुनिया में फैली सामाजिक बुराइयों, उनकी पैदाइश के बाद समाज में आए सुधारों, जीवनचरित्र और शिक्षाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। लोगों से उनकी शिक्षाओं को जीवन में अपनाने और मोहब्बत, भाईचारे व इंसानियत का पैगाम आम करने की अपील की गई। जलसे में सूरत गुजरात से पहुंचे साबिर रजा अजहरी ने नातिया कलाम पेश किए। इस दौरान अंजुमन चौक सरकार की आमद मरहबा और दिलदार की आमद मरहबा के नारों से गूंज उठा। उधर, महावतवाड़ी मस्जिद में मंगलवार को बाद नमाज-ए-जौहर से मगरिब तक और मस्जिद मौला अली काजीवाड़ा में बाद नमाज-ए-मगरिब से बुधवार फज्र तक मुए मुबारक की जियारत कराई गई। बुधवार को बाद नमाज-ए-जौहर अंजुमन चौक से जुलूसे मोहम्मदी निकलेगा। जुलूस शहर के विभिन्न मार्गों से होकर गुजरेगा। अंजुमन तालीमुल इस्लाम ने अमन, सद्भाव और अनुशासन बनाए रखने, आतिशबाजी से बचने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है। ईद मिलादुन्नबी पर शहर के कई मुस्लिम बहुल इलाकों में आकर्षक रोशनी और सजावट भी की गई है।
तस्वीरें उदयपुर के शास्त्री सर्किल से भूपालपुरा जाने वाले मार्ग की हैं, जहां मंगलवार सुबह अचानक एक कार बेकाबू हो गई। देखते ही देखते कार सड़क किनारे खड़ी कई गाड़ियों से टकराती चली गई। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि कार में एक महिला सवार थी। महिला के मुताबिक, अचानक कार का संतुलन बिगड़ा और वह वाहन को संभाल नहीं सकीं। इसके बाद कार सीधे सड़क किनारे खड़े वाहनों से जा टकराई। टक्कर का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कार का टायर भी फट गया। वहीं सड़क किनारे खड़ी कई गाड़ियों को नुकसान पहुंचा। हादसे की सूचना और तेज टक्कर की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए और महिला को संभाला। घटना के बाद कुछ देर तक मौके पर भीड़ जमा रही। सड़क पर उस वक्त वाहनों की आवाजाही भी जारी थी। ऐसे में अगर कार किसी राहगीर या दूसरे वाहन से टकराती तो हादसा और भी गंभीर हो सकता था। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस पूरी घटना में किसी को गंभीर चोट नहीं आई और एक बड़ा हादसा टल गया। फिलहाल कार के अनियंत्रित होने की वजह महिला द्वारा बताए गए अचानक संतुलन बिगड़ने को माना जा रहा है। हादसे में क्षतिग्रस्त वाहनों को देखकर टक्कर की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
सेक्टर-14 स्थित आशीष वाटिका में आयोजित भाजपा कार्यकर्ता सम्मेलन में उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन ने खांजीपीर क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा कि यह इलाका पहले अपराधियों की शरणस्थली बन गया था।उन्होंने दावा किया कि खांजीपीर पुलिस चौकी क्षेत्र के पिछले 10 वर्षों के अपराधों का आंकड़ा देखा जाए तो शहर के कुल अपराधों में इस क्षेत्र की हिस्सेदारी करीब 25 प्रतिशत तक सामने आ सकती है।विधायक ने कहा कि अब खांजीपीर में डीवाईएसपी कार्यालय शुरू होने के बाद हालात में बदलाव आया है। उन्होंने आयड़ क्षेत्र का भी जिक्र करते हुए कहा कि वहां की स्थिति में भी सुधार हो रहा है।विधायक ताराचंद जैन ने नगर निगम चुनाव को लेकर कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि आगामी चुनाव में कांग्रेस दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाएगी, जबकि भाजपा प्रमुख वार्डों में मजबूती से जीत दर्ज करेगी।टिकट वितरण को लेकर उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं की राय और सभी समाजों के प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखते हुए प्रत्याशियों का चयन करेगी और किसी के साथ अन्याय नहीं होगा।सम्मेलन में विधायक ने पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया से हुई मुलाकात और मुखर्जी चौक के विकास कार्यों का भी जिक्र किया, लेकिन खांजीपीर और आयड़ को ‘मिनी पाकिस्तान’ बताए जाने वाले बयान ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरी हैं। अब देखना होगा कि विधायक के इस बयान पर राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।
मामला भींडर थाना क्षेत्र के चोल मोतिदा गांव का है, जहां एक नाबालिग लडकी के अचानक लापता होने से परिवार की चिंता बढ़ गई है। नाबालिग के भाई ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि वह महाराष्ट्र में मजदूरी करता है। इसी दौरान उसके इंस्टाग्राम पर उसकी बहन की एक अन्य युवक के साथ तस्वीर सामने आई। पुलिस को दी गई रिपोर्ट के मुताबिक 17 अगस्त को दोपहर करीब 2 से 3 बजे एक व्यक्ति ने प्रार्थी को फोन किया। आरोप है कि फोन करने वाले ने अपना परिचय नहीं दिया और गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। बाद में प्रार्थी ने तस्वीर में मौजूद युवक के बारे में जानकारी जुटाई तो उसकी पहचान नरेंद्र निवासी घोला कोट अडिंदा के रूप में होने की बात सामने आई। इसके बाद 19 अगस्त को दोपहर करीब 1 से 2 बजे प्रार्थी की नाबालिग बहन बिना बताए घर से निकल गई। देर शाम तक वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। इसकी जानकारी मिलने पर प्रार्थी महाराष्ट्र से भींडर पहुंचा और रिश्तेदारों और संभावित स्थानों पर नाबालिग बहन की तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। परिवार ने पुलिस को नाबालिग का हुलिया भी बताया है। प्रार्थी ने बताया कि उसकी बहन की लंबाई पांच फीट, रंग भूरा, आंखें और बाल काले हैं। उसके बाएं हाथ पर अंग्रेजी में नाम भी गुदा हुआ है। फिलहाल भींडर थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज किया है। मामले की जांच हेड कांस्टेबल सीताराम को सौंपी गई है। पुलिस युवती की तलाश के साथ धमकी देने वाले व्यक्ति और पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को भी खंगाल रही है।
गेहूं की कालाबाजारी, 7 राशन डीलर के लाइसेंस सस्पेंड:गोदाम पर 475.78 क्विंटल गेहूं कम पाया गया, हेराफेरी करने वालों से वसूलेंगे रुपएउदयपुर में जिला रसद विभाग प्रथम ने गेहूं की कालाबाजारी के मामले में देबारी और लकड़वास लैम्पस के अधीन संचालित 7 राशन डीलर के लाइसेंस सस्पेंड कर दिए हैं। गेहूं की हेराफेरी होने की शिकायत पर प्रवर्तन अधिकारी निशा मूंदड़ा मौके पर पहुंची। प्रवर्तन अधिकारी ने डीलर की दुकान पर स्टॉक रजिस्टर सहित अन्य रिकॉर्ड देखे। गोदाम पर गेहूं चेक किया तो उसमें 475.78 गेहूं कम पाया गया। इस संबंध में दोनों लैम्पस के व्यवस्थापक मांगीलाल व्यास से कम गेहूं का कारण पूछा गया। इस पर वे कोई संतोषजनक जबाव नहीं दे पाए। प्रवर्तन अधिकारी की जांच रिपोर्ट में अनियमितता पाए जाने पर जिला रसद अधिकारी ने लाइसेंस सस्पेंड कर दिया। इनके खिलाफ प्रतापनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। इन 7 सेंटर्स के किए लाइसेंस सस्पेंड प्रवर्तन अधिकारी निशान मूंदड़ा ने बताया कि देबारी लैम्पस अंतर्गत देबारी, भैंसड़ाकला, भैंसड़ाखुर्द और भल्लों का गुड़ा सेंटर आते हैं वहीं, लकड़वास लैम्पस के चांसदा व झामर कोटड़ा, धामधर और लकड़वास सेंटर हैं। इन कुल 7 सेंटर के लाइसेंस सस्पेंड किए हैं। हेराफेरी करने वालों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करते हुए राशि वसूल की जाएगी। वहीं, पुलिस द्वारा कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि इनके लाइसेंस सस्पेंड होने के बाद यहां के उपभोक्ताओं को राशन वितरण के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है।
गुप्तेश्वर महादेव रोड स्थित जय श्री विहार कॉलोनी में सेन्ट्रल एकेडमी स्कूल की बस बच्चों को लेकर निर्माणाधीन सड़क से गुजर रही थी। इसी दौरान अचानक बस सड़क के गड्ढे में उतर गई। बस में कई बच्चे सवार थे। हादसे के बाद बच्चों मं अफरा-तफरी मच गई और मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने बच्चों को बस से बाहर निकाला। हादसे में कुछ बच्चों को हल्की-फुल्की चोटें आई हैं। मौके पर मौजूद एक बच्चे ने चोट दिखाते हुए बताया कि उसे पहले भी शरीर के अलग-अलग हिस्सों में चोट लग चुकी है। हादसे के बाद अभिभावकों का गुस्सा भी सामने आया। एक महिला अभिभावक ने आरोप लगाया कि स्कूल बस के चालक बार-बार बदले जाते हैं और बस संचालन को लेकर पहले भी शिकायतें की जा चुकी हैं। अभिभावकों ने यह भी आरोप लगाया कि बच्चों को समय पर लाने-ले जाने में परेशानी हो रही है और रास्ते में छोटे-बड़े गड्ढों के कारण बच्चों को झटके लगते हैं। एक अभिभावक ने स्कूल प्रबंधन से शिकायत करने की बात कही, जबकि मौके पर मौजूद अन्य लोगों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी। अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन को पहले भी समस्याओं की जानकारी दी गई, लेकिन उनकी शिकायतों पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया। एक महिला अभिभावक ने स्कूल के एक अधिकारी से हुई बातचीत का हवाला देते हुए कहा कि सड़क पर गड्ढे होने की बात कहकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने की कोशिश की गई। वहीं उन्होंने बस चालक के व्यवहार को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। हालांकि चालक के शराब के नशे में होने सहित इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।हादसे के बाद बस चालक बस को मौके पर छोड़कर चला गया। अभिभावकों ने निर्माणाधीन सड़क पर सुरक्षा इंतजाम, चेतावनी संकेत और स्कूल बस संचालन की व्यवस्था की जांच की मांग की है। फिलहाल किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन घटना ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा और बस संचालन व्यवस्था पर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।
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