आवाज़ हम सबकी
मामला जयपुर के पश्चिम जिले का है। 23 सितंबर की दोपहर करीब 3 बजे पुलिस को सूचना मिली कि 5वीं कक्षा में पढ़ने वाली दो सहेलियां स्कूल खत्म होने के बाद घर नहीं पहुंची हैं। डीसीपी जयपुर पश्चिम प्रशांत किरण के निर्देशन में तुरंत टीम गठित की गई और बच्चियों की तलाश शुरू की गई। पुलिस ने परिजनों से बच्चियों के फोटो और पहचान संबंधी दस्तावेज लेकर सभी पुलिस थानों, जीआरपी, बस स्टैंड और एयरपोर्ट पर अलर्ट जारी किया। जांच के दौरान जब पुलिस ने बच्चियों की सोशल मीडिया और इंटरनेट गतिविधियों की पड़ताल की, तो एक अहम सुराग मिला। पुलिस को पता चला कि दोनों बच्चियां अपनी मां और परिजनों के मोबाइल पर यूट्यूब पर मशहूर साउथ कोरियन के-पॉप बैंड 'बीटीएस' (BTS) के वीडियो देखा करती थीं। इसी सुराग के आधार पर जीआरपी और आरपीएफ की मदद से तलाश तेज की गई, जिसके बाद शाम करीब साढ़े सात बजे दोनों बच्चियों को जयपुर के गांधीनगर रेलवे स्टेशन पर सुरक्षित बैठा पाया गया। पुलिस और बाल कल्याण समिति के समक्ष काउंसलिंग के दौरान दोनों बच्चियों ने बताया कि वे बीटीएस पॉप बैंड की बहुत बड़ी फैन हैं और इन्हीं वीडियो से प्रेरित होकर साउथ कोरियन सिंगर व प्रोड्यूसर 'बैंग सी ह्यूक' से मिलने का सपना लेकर घर से निकल गई थीं। बाल कल्याण समिति के निर्देश के बाद दोनों बच्चियों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने सभी अभिभावकों और शिक्षकों से विशेष अपील की है। पुलिस का कहना है कि कम उम्र में बच्चे इंटरनेट का इस्तेमाल तो कर रहे हैं, लेकिन उन्हें इसकी आभासी दुनिया के खतरों और सीमाओं का अहसास नहीं है। ऐसे में बच्चों की डिजिटल गतिविधियों पर नजर रखना और उन्हें सही मार्गदर्शन देना बेहद जरूरी है।
राज्य में 14 से 30 सितंबर तक चलाए जा रहे विशेष निरोधात्मक अभियान के तहत आबकारी आयुक्त नमित मेहता के निर्देशन में उदयपुर और खेरवाड़ा आबकारी निरोधक टीम ने यह कार्रवाई अंजाम दी। प्रहराधिकारी करणी सिंह को मिली गुप्त सूचना के आधार पर नेशनल हाईवे पर एक टाटा ट्रक को रोका गया। सघन तलाशी के दौरान पाया गया कि ग्रेनाइट की स्लेबों के बीच 8 गुप्त चैंबर बनाकर अवैध अंग्रेजी शराब छुपा कर रखी गई थी। टीम ने मौके से चंडीगढ़ सप्लाई मार्क की विभिन्न ब्रांड्स की 240 बोतलें, पव्वे और बियर कैन जब्त किए हैं। मामले में केकड़ी निवासी अभियुक्त सुरेश बैरवा को गिरफ्तार किया गया है, जबकि उसका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
उदयपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने जलदाय विभाग के 72 घंटे में पानी सप्लाई करने के फैसले का कड़ा विरोध किया है। कांग्रेस अध्यक्ष फतेह सिंह राठौड़ ने कहा कि उदयपुर एक महत्वपूर्ण पर्यटन नगरी और तेजी से बढ़ता शहर है, जहां आबादी के साथ पानी की खपत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में 48 घंटे के अंतराल को बढ़ाकर 72 घंटे करना आम जनता, मध्यम वर्ग, किराएदारों और छोटे व्यवसायियों के लिए बड़ा संकट खड़ा करने वाला कदम है। कांग्रेस ने तंज कसते हुए कहा कि स्मार्ट सिटी योजना के तहत 24 घंटे जलापूर्ति के बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन अब 48 घंटे की व्यवस्था को भी बिगाड़ा जा रहा है। ज्ञापन में मांग की गई है कि 72 घंटे के अंतराल वाले फैसले को तुरंत निरस्त कर पुरानी 48 घंटे की व्यवस्था बहाल की जाए और भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए जल वितरण तंत्र को मजबूत करने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जाए।
बाड़मेर के गुड़ामालानी थाने में पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। पूर्व सरपंच को हनीट्रैप में फंसाकर अश्लील वीडियो बनाने और 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के आरोप में पुलिस ने राई देवी उर्फ रवीना सहित प्रकाश, भवानी और कमलेश को गिरफ्तार किया था। आरोप है कि गिरोह सरपंच से 83 हजार रुपये नकद और 90 हजार रुपये ऑनलाइन ऐंठ चुका था। बाड़मेर ग्रामीण क्षेत्र से पकड़े जाने के बाद मुख्य आरोपी राई देवी गुड़ामालानी पुलिस को चकमा देकर थाने से फरार हो गई। घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और फरार महिला की तलाश में जगह-जगह नाकेबंदी कर दबिश दी जा रही है।
उदयपुर के मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. शंकरलाल बामणिया पर टेंडरों में अनियमितता के आरोपों के मामले की जांच अब उदयपुर एसीबी स्पेशल यूनिट करेगी। इस संबंध में एसीबी मुख्यालय जयपुर से एसपी गोरधन लाल सौंकरिया ने आदेश जारी किए हैं। इसमें प्राथमिक जांच उदयपुर एसीबी स्पेशल यूनिट के एएसपी राजीव जोशी को सौंपी गई है। एसीबी एसपी गोरधन लाल ने बताया- एएसपी राजीव जोशी ये जांच रिपोर्ट तैयार कर एसीबी मुख्यालय भेजेंगे। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही एफआईआर दर्ज करने संबंधी अग्रिम निर्णय लिया जाएगा और आगे कानूनी कार्रवाई तय होगी। इधर, एएसपी राजीव जोशी ने कहा- उन्हें फिलहाल इस तरह के आदेश की जानकारी नहीं मिली है। निविदा में चहेती फर्मों को लाभान्वित करने का आरोप एसीबी के आदेश में बताया गया कि सीएमएचओ डॉ. बामणिया पर दवाइयां, सर्जिकल आइटम, उपकरणों की खरीद टेंडर में एजेंसियों की आपत्तियों को अनदेखा करने, टेंडर नियमों में बदलाव करने और चहेती फर्मों को लाभान्वित करने संबंधी आरोप हैं। एसीबी टीम अब इस संबंध में निविदा से जुड़े चिकित्सा विभाग के प्रत्येक रिकॉर्ड खंगालते हुए गडबड़ी के आरोपों की जांच करेगी। बता दें कि वित्तीय अनियमितता के आरोपों के बाद सीएमएचओ बामणिया को अक्टूबर 2025 में निलंबित कर दिया गया था। कुछ महीने बाद डॉ. बामणिया अपने निलंबन पर हाईकोर्ट से स्टे ले आए थे। हाईकोर्ट के आदेश पर ही वे वर्तमान में उदयपुर सीएमएचओ पद पर कार्यरत हैं। मेरे खिलाफ कानूनी कार्रवाई पर हाईकोर्ट स्टे मिला हुआ है: डॉ बामणिया मामले में सीएमएचओ डॉ बामणिया का कहना है कि हाईकोर्ट ने मुझ पर किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगाई हुई है। ऐसे में मेरे खिलाफ जांच किस आधार पर शुरू की। बाकी जिन 3 फर्मों को टेंडर के जरिए लाभ देने का मुझ पर आरोप लगा था। उन फर्मों में आई तकनीकी खामी के चलते मैंने तीनों टेंडर निरस्त कर दिए थे। मेरे बाद डॉ अशोक आदित्य ने वापस टेंडर किए थे। मैंने कोई अनियमितता नहीं की। इसके अलावा जो शिकायतकर्ता है उसका एड्रेस और नंबर तक नहीं हैं।
उदयपुर के प्रसिद्ध जयसमंद झील क्षेत्र से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। झील में गणपति विसर्जन के दौरान दो युवक गहरे पानी में समा गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची और राहत व बचाव कार्य शुरू किया। यह दर्दनाक हादसा जयसमंद झील के गामड़ी क्षेत्र में हुआ। जावद के मोटीकाकर निवासी 15 वर्षीय मावाराम और 25 वर्षीय शंकरलाल अन्य ग्रामीणों के साथ भगवान गणेश की प्रतिमा विसर्जित करने गामड़ी पहुंचे थे। विसर्जन के दौरान अचानक दोनों का संतुलन बिगड़ गया और वे गहरे पानी में चले गए। साथ मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन पानी का बहाव और गहराई अधिक होने के कारण दोनों गहरे पानी में चले गए। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और नागरिक सुरक्षा दल के गोताखोर मौके पर पहुंचे। गोताखोरों की टीम द्वारा झील में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। अब तक एक शव को बाहर निकाल लिया गया है। दूसरे व्यक्ति की तलाश लगातार जारी है। इस हादसे के बाद पूरे गांव और परिजनों में मातम छा गया है।
जिला परिषद सभागार में जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल, एडीएम प्रशासन दीपेंद्र सिंह राठौड़ और एडीएम सिटी जितेंद्र ओझा की उपस्थिति में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के समक्ष आरक्षण की लॉटरी निकाली गई। एडीएम सिटी जितेंद्र ओझा ने बताया कि उदयपुर जिला प्रमुख का पद इस बार अनारक्षित ओपन रखा गया है, जो पिछले कार्यकाल में अनारक्षित महिला के लिए आरक्षित था। जारी लॉटरी के अनुसार, बड़गांव सीट अनारक्षित ओपन, घासा सीट अनुसूचित जाति (SC ओपन) तथा भींडर, वल्लभनगर और मावली पंचायत समितियां अनारक्षित महिला वर्ग के लिए आरक्षित हुई हैं। इसके अलावा जनजातीय बाहुल्य क्षेत्रों की बात करें तो नाई, झाड़ोल, फलासिया, ओगणा, देवला, ऋषभदेव और कल्याणपुर पंचायत समितियों में एसटी महिला प्रधान बनेंगी। वहीं कुराबड़, गिर्वा, कोटड़ा, सुलाव, गोगुंदा, सायरा, खेरवाड़ा और नयागांव सीटें एसटी ओपन वर्ग के लिए तय की गई हैं। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिला स्तर पर लॉटरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब 24 सितंबर को उपखंड स्तर पर सरपंच और वार्ड पंच के पदों के लिए आरक्षण की लॉटरी निकाली जाएगी।
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