आवाज़ हम सबकी
आबकारी आयुक्त नमित मेहता के निर्देशन में प्रदेशभर में अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष निरोधात्मक अभियान के तहत आबकारी विभाग लगातार बड़ी कार्रवाई कर रहा है। इसी क्रम में बुधवार को दौसा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे पर आबकारी निरोधक दल ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 50 लाख रुपए कीमत की अवैध बीयर की खेप जब्त की है। जानकारी के मुताबिक आबकारी विभाग को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी कि एक 10 चक्का ट्रक में अवैध शराब की बड़ी खेप परिवहन की जा रही है। सूचना के आधार पर अलूदा रेस्ट एरिया के पास नाकाबंदी की गई और संदिग्ध ट्रक को रुकवाकर उसकी तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान ट्रक से फॉर सेल इन पंजाब ओनली मार्का की 1460 पेटी बीयर बरामद हुई। जिमसें करीब 35 हजार बीयर के केन भर हुए थे। जनकी अनुमानित कीमत करीब 50 लाख रुपए आंकी गई है। मौके से यूपी निवासी ट्रक चालक प्रमोद कुमार को गिरफ्तार किया गया। आबकारी विभाग ने उसके खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। यह कार्रवाई अतिरिक्त आबकारी आयुक्त प्रदीप सिंह सांगावत के मार्गदर्शन में की गई। इस दौरान अतिरिक्त आबकारी आयुक्त जयपुर जोन प्रवीण कुमार, उपायुक्त ज्ञानप्रकाश मीणा, डीईओ दीप्ति मिश्रा, एईओ धर्मेंद्र कुमार शर्मा, पीओ हासम अली, आबकारी निरीक्षक कीर्ति सिंह और लोकेश कुमार यादव सहित कई अधिकारियों की टीम मौजूद रही।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लोगों से पैदल चलने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील का असर उदयपुर में देखने को मिला। बुधवार को जिला एवं सेशन न्यायाधीश ज्ञान प्रकाश गुप्ता अपने आवास से पैदल ही न्यायालय पहुंचे। जैसे ही अन्य न्यायिक अधिकारियों को इसकी जानकारी मिली, वे भी जिला एवं सेशन न्यायाधीश के आवास पर पहुंच गए। इसके बाद सभी अधिकारियों ने एक साथ पैदल न्यायालय तक का सफर तय किया और समाज को स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान अन्य न्यायालय के न्यायधीश गणपतलाल विश्नाई, जीतेन्द्र गोयल, मनीष जोशी, अजय मीणा, ममता मीणा, और चेताली गोयल सहित अन्य न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने जिला एवं सेशन न्यायाधीश के साथ पैदल न्यायालय पहुंचकर यह संदेश देने का प्रयास किया कि नियमित पैदल चलना न केवल स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है, बल्कि इससे पर्यावरण संरक्षण में भी सकारात्मक योगदान मिलता है। न्यायिक अधिकारियों की इस पहल की न्यायालय परिसर और शहर में सराहना की जा रही है।
उदयपुर जिले के वल्लभनगर उपखंड के करनपुर गांव में राष्ट्रीय पक्षी मोर के शिकार की आशंका ने इलाके में सनसनी फैला दी। ग्रामीणों के अनुसार मंगलवार देर रात करीब 12 बजे गांव के आसपास अचानक गोली चलने जैसी तेज आवाज सुनाई दी। रात के सन्नाटे में आवाज सुनते ही ग्रामीण सतर्क हो गए और घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। ग्रामीण कमलेश शर्मा, दुर्गेश उपाध्याय, भगवती लाल पाटीदार, गोपाल पाटीदार और प्रहलाद पाटीदार सहित अन्य लोग मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों का कहना है कि संभवतः शिकारियों को लोगों के आने की भनक लग गई, जिसके बाद वे अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। जब ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे तो पेड़ के नीचे एक मृत मोर पड़ा मिला। शव की स्थिति देखकर आशंका जताई गई कि मोर का शिकार कुछ ही समय पहले किया गया था। इसके बाद ग्रामीणों ने मृत मोर को अपने कब्जे में लेकर वन विभाग को सूचना दी। बुधवार को वन विभाग की मौजूदगी में वल्लभनगर पशु चिकित्सालय में राष्ट्रीय पक्षी मोर का पोस्टमार्टम करवाया गया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद कार्यालय परिसर में ही मोर का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान पशु चिकित्सालय के उपनिदेशक डॉ. लजाराम मीणा, पशु चिकित्सक डॉ. कवि प्रिया, डॉ. अल्ताफ, पटवारी कमलेश, वन विभाग कर्मचारी नरेश पटेल और हेड कांस्टेबल भंवर खटीक मौजूद रहे। वल्लभनगर थानाधिकारी पूनाराम ने बताया कि ग्रामीण कमलेश शर्मा की रिपोर्ट पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस और वन विभाग की टीमें मामले की जांच में जुटी हैं। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मोर की मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।
उदयपुर शहर के सविना थाना क्षेत्र के सेक्टर 11 स्थित गवरी चौक में गुरुवार को साधु के भेष में घूम रहे दो संदिग्धों को स्थानीय लोगों ने पकड़ लिया। दोनों पर एक महिला के साथ सरेराह बदसलूकी करने का आरोप लगाया गया है। घटना के बाद इलाके में काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही। जानकारी के मुताबिक स्थानीय निवासी गजेश बाबेल वहां से गुजर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने देखा कि साधु के कपड़ों में घूम रहे दो युवक एक महिला के साथ कथित रूप से छेड़छाड़ कर रहे हैं। महिला की आवाज सुनकर गजेश बाबेल और आसपास मौजूद लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और दोनों संदिग्धों को घेर लिया। स्थानीय लोगों ने जब दोनों से पूछताछ की तो वे कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए। पूछताछ के दौरान दोनों ने खुद को पंजाब का निवासी बताते हुए कहा कि वे खाटू श्यामजी के दर्शन के लिए जा रहे हैं। हालांकि लोगों ने जब उनसे सवाल किया कि खाटू श्यामजी जाने के रास्ते के बजाय वे गुजरात सीमा से सटे उदयपुर में क्या कर रहे हैं, तो दोनों चुप हो गए। संदेह बढ़ने पर लोगों ने उनसे पहचान पत्र और आधार कार्ड मांगा, लेकिन दोनों कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखा सके। पूछताछ के दौरान उनके बयान भी लगातार बदलते रहे, जिससे लोगों का शक और गहरा गया। मामले की जानकारी मिलते ही स्थानीय पार्षद भी मौके पर पहुंचे। वहीं सूचना पर सविना थाना पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची और दोनों संदिग्धों को हिरासत में ले लिया। घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में काफी आक्रोश देखने को मिला। पुलिस फिलहाल दोनों युवकों से गहन पूछताछ कर रही है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।
उदयपुर शहर के समीप स्थित सीसारमा क्षेत्र में भीषण गर्मी के बीच अब पानी की समस्या लगातार गहराती जा रही है। गुरुवार को क्षेत्र की आक्रोशित महिलाओं ने जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर अपनी समस्या को लेकर ज्ञापन सौंपा और जल्द समाधान की मांग की। महिलाओं ने आरोप लगाया कि जलदाय विभाग की लापरवाही के चलते क्षेत्र में लंबे समय से पानी की सप्लाई प्रभावित हो रही है। कई बार शिकायत करने के बावजूद विभाग की ओर से केवल आश्वासन दिए गए, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं किया गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक पाइपलाइन में खराबी आने के कारण घरों तक नियमित पानी नहीं पहुंच पा रहा है। हालात ऐसे बन गए हैं कि लोगों को मजबूरी में बाहर से पानी के टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं। इससे आमजन को आर्थिक और दैनिक दोनों तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। महिलाओं का कहना है कि जब से क्षेत्र में सीवरेज लाइन का निर्माण कार्य हुआ है, तब से पानी सप्लाई की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। कई जगह पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने की आशंका भी जताई जा रही है। ज्ञापन देने पहुंची महिलाओं ने जिला प्रशासन से मांग की कि जलदाय विभाग को तुरंत निर्देश देकर पाइपलाइन की मरम्मत करवाई जाए और नियमित पेयजल सप्लाई सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके। फिलहाल जिला प्रशासन ने समस्या के जल्द समाधान का आश्वासन दिया है।
उदयपुर शहर के घंटाघर थाना क्षेत्र स्थित पिपली चौक बुधवार देर रात अचानक गोलियों की आवाज से दहल उठा। इलाके में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब हिस्ट्रीशीटर बदमाशों की गैंग ने तीन युवकों पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमलावरों ने पहले फायरिंग की और फिर जान बचाकर भाग रहे युवकों पर धारदार हथियारों से वार किए। एएसपी उमेश ओझा ने बताया कि सिलावटवाड़ी निवासी सलमान, मोहसिन उर्फ पिनाक्यू और मोहम्मद नाजिम बुधवार रात मोहल्ले में एक दुकान के बाहर बैठे हुए थे। इसी दौरान रात करीब 11 बजे दो बाइक पर सवार इमरान कुजड़ा गैंग से जुड़े हिस्ट्रीशीटर बड़ा मेवाती, मोहिन, करण सेन, हुसैन, इरदिश उर्फ छोटू समेत 8 से 10 बदमाश मौके पर पहुंचे और युवकों पर तीन फायर किए। फायरिंग में सलमान के रीढ़ की हड्डी के पास गोली लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं मोहसिन और नाजिम जान बचाकर भागने लगे तो बदमाशों ने उनका पीछा कर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। मोहसिन के हाथ और पीठ पर गंभीर चोटें आईं, जबकि नाजिम को भी मामूली चोटें लगी हैं। अचानक हुई इस वारदात से पूरे इलाके में दहशत फैल गई और मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। घटना को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी फरार हो गए। सूचना मिलते ही घंटाघर थानाधिकारी कर्मवीर सिंह पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। हालात को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया। एफएसएल टीम ने घटनास्थल से कारतूस के खोखे, खून के नमूने और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि दोनों पक्षों के बीच पुरानी रंजिश के चलते यह हमला किया गया। फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। वारदात का सीसीटीवी फुटेज भी सामने है जिसके आधार पर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
जालोर जिले के बागोड़ा क्षेत्र के दादाल गांव में इंडस्ट्रियल पार्क को लेकर चल रहा विरोध अब टकराव की स्थिति तक पहुंच गया है। ग्रामीण पिछले छह दिनों से धरने पर बैठकर इंडस्ट्रियल पार्क के लिए भूमि आवंटन का विरोध कर रहे हैं। मंगलवार को राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के नेता थान सिंह डोली भी धरना स्थल पहुंचे और ग्रामीणों के समर्थन में नारेबाजी की। इसी दौरान इंडस्ट्रियल पार्क प्रबंधन की ओर से ट्रैक्टर और जेसीबी मशीनों के जरिए जमीन समतल करने का काम शुरू किया गया। ग्रामीणों ने इसका विरोध करते हुए साफ कहा कि वे इस जमीन पर इंडस्ट्रियल पार्क नहीं बनने देंगे। आरोप है कि विरोध के दौरान कंपनी स्टाफ की तरफ से तेज रफ्तार में ट्रैक्टर दौड़ाए गए, जिससे धरना स्थल पर अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें डराने और दबाव बनाने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई। वहीं दूसरी तरफ कंपनी स्टाफ ने ग्रामीणों पर पथराव करने और काम में बाधा डालने के आरोप लगाए हैं। सूचना मिलने पर बागोड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया। इंडस्ट्रियल पार्क प्रबंधन से जुड़े अशोक जैन ने बताया कि सरकार के साथ एमओयू साइन होने के बाद करीब एक महीने पहले 8 हेक्टेयर जमीन आवंटित की गई थी। यहां हॉस्पिटल, सोलर फार्म, बैटरी स्टोरेज और अन्य फैक्ट्रियां स्थापित करने की योजना है, जिसके तहत जमीन समतलीकरण का कार्य किया जा रहा था।
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