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मामला चित्तोडगढ के सोनियाणा रीको औद्योगिक क्षेत्र का है, जहां ट्रांसपोर्ट कंपनी के बल्कर की जीपीएस लोकेशन एक सुनसान जगह पर मिली। कंपनी को बल्कर के वहां खड़े होने पर संदेह हुआ और पुलिस को सूचना दी गई। गंगरार थाना पुलिस मौके पर पहुंची तो वहां सीमेंट से भरा बल्कर, एक ट्रैक्टर और पांच मोटरसाइकिलें खड़ी मिलीं। पुलिस ने मौके पर मौजूद लोगों से पूछताछ की। पुलिस के अनुसार बल्कर से सीमेंट निकालकर उसे प्लांट में मिलाने की बात सामने आई। इसके बाद नाथूलाल उर्फ लालू जाट निवासी सोनियाणा, शंकरलाल शर्मा निवासी सोनियाणा और नारायणलाल बैरवा निवासी परयुरिया को गिरफ्तार किया गया। पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र यादव ने बताया कि बल्कर गुजरात से 44.360 मीट्रिक टन सीमेंट लेकर सुजानगढ़ के लिए निकला था। मौके पर ट्रांसपोर्ट कंपनी के प्रतिनिधि को बुलाया गया। जांच के दौरान बल्कर की कंपनी सील टूटी मिली। इसके बाद बल्कर को श्री श्याम धर्मकांटा ले जाकर वजन कराया गया। वजन में बल्कर के अंदर 39.270 मीट्रिक टन सीमेंट मिला। इस तरह लोड किए गए सीमेंट की तुलना में 5.090 मीट्रिक टन सीमेंट कम पाया गया। पुलिस के अनुसार चोरी किया गया सीमेंट करीब 6 टन बताया गया है। ट्रांसपोर्ट कंपनी के प्रतिनिधि की रिपोर्ट पर गंगरार थाने में मामला दर्ज किया गया। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि सीमेंट चोरी का काम कब से चल रहा था और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में भी जुटी है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने बल्कर, एक ट्रैक्टर और पांच मोटरसाइकिलें जब्त की हैं। कार्रवाई करने वाली टीम में एएसआई शिवलाल, एएसआई देवेंद्र सिंह, कांस्टेबल श्योपत्त मंडा, श्योजीराम और मनोज कुमार शामिल रहे।
मामला डूंगरपुर के विकासनगर पटवार हल्का और पंचायत समिति झांतरी के मोजा डूंगरपुर स्थित खसरा नंबर 962 से जुड़ा है। इस भूमि में परिवादी की भी हिस्सेदारी दर्ज है। भूमि के शुद्धिकरण के लिए परिवादी ने करीब एक साल पहले संबंधित पत्रावली तत्कालीन पटवारी शीतल भट्ट को सौंपी थी। आरोप है कि पत्रावली लंबित रहने के दौरान परिवादी ने अलग-अलग समय पर पटवारी को कुल 6 लाख 50 हजार रुपए दिए। इसके बावजूद भूमि शुद्धिकरण का काम आगे नहीं बढ़ा। परेशान होकर परिवादी ने 19 फरवरी को एसीबी चौकी डूंगरपुर में लिखित शिकायत दी। शिकायत के मुताबिक इससे एक दिन पहले 18 फरवरी को परिवादी दोबारा तत्कालीन पटवारी शीतल भट्ट से मिला था। इस दौरान उसे बताया गया कि संबंधित पत्रावली एसडीएम कार्यालय भेज दी गई है और वहां से काम करवाने के लिए डेढ़ लाख रुपए और देने होंगे। शिकायत मिलने के बाद भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने प्राथमिक जांच शुरू की और रिश्वत मांग की पुष्टि के लिए सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान डेढ़ लाख रुपए की रिश्वत मांगने की पुष्टि हो गई। इसके बाद एसीबी चौकी डूंगरपुर में तत्कालीन पटवारी शीतल भट्ट के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया। रिश्वत की रकम लेते हुए कार्रवाई के लिए एसीबी ने ट्रैप की तैयारी भी शुरू कर दी थी, लेकिन इसी दौरान परिवादी के बड़े भाई का निधन हो गया। पारिवारिक परिस्थितियों के चलते परिवादी करीब डेढ़ से दो माह तक व्यस्त रहा। इसी वजह से उस समय रिश्वत की रकम लेते हुए ट्रैप कार्रवाई नहीं हो सकी। अब एसीबी मामले से जुड़े दस्तावेजों और अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। 6 लाख 50 हजार रुपए पहले दिए जाने के आरोप और डेढ़ लाख रुपए की रिश्वत मांग की पुष्टि के आधार पर प्रकरण में अग्रिम अनुसंधान जारी है।
पूरे मामले की शुरुआत शुक्रवार दोपहर हुए विवाद से बताई जा रही है। परिजनों के मुताबिक भीलवाड़ा के नांदसा निवासी यशप्रताप सिंह और चित्तौड़गढ़ के मीनाड़ा निवासी यशपाल सिंह झाला के बीच पहले से रंजिश चल रही थी। शुक्रवार दोपहर दोनों पक्षों में झगड़ा हुआ था। इसी विवाद के बाद शाम करीब 5 बजकर 43 मिनट पर कुछ लोग तीन एसयूवी में सवार होकर प्रतापनगर थाना क्षेत्र के एयरपोर्ट मार्ग स्थित कपिल विहार कॉलोनी पहुंचे। आरोप है कि यहां पहुंचने के बाद बदमाशों ने घर के बाहर खड़ी गाड़ियों पर पत्थर बरसाए और तोड़फोड़ शुरू कर दी। शोर सुनकर दिव्यराज सिंह की मां 52 वर्षीय उर्मिला कंवर घर से बाहर आईं। इसी दौरान काली स्कॉर्पियो उनकी तरफ आती दिखाई देती है। सामने आए सीसीटीवी फुटेज में स्कॉर्पियो महिला को टक्कर मारती नजर आ रही है। गंभीर रूप से घायल उर्मिला कंवर को निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिवार और समाज में भारी आक्रोश है। शनिवार को बड़ी संख्या में समाज के लोग मोर्चरी पर जमा हुए और शव लेने से मना कर दिया। श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के प्रदेश उपाध्यक्ष जीवन सिंह सेनवाड़ा ने घटना की निंदा करते हुए पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि परिवार की ओर से पहले ही चार बार पुलिस को शिकायतें दी गई थीं। शिकायतों में रंजिश, गाड़ियों से टक्कर मारने और लगातार विवाद की जानकारी पुलिस को दी गई थी। उनका कहना है कि समय रहते कार्रवाई होती तो शायद यह वारदात टाली जा सकती थी। वहीं यशप्रताप सिंह चुंडावत ने दावा किया कि पिछले कई महीनों से पुलिस को शिकायतें दी जा रही थीं, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने दो बार गाड़ी से टक्कर मारने, घर के शीशे तोड़ने और वाहन में तोड़फोड़ की घटनाओं का भी जिक्र किया। उनका आरोप है कि घटना से पहले भी कुछ युवक गाड़ियों में सवार होकर विवाद करने पहुंचे थे। प्रदर्शनकारियों ने यशपाल सिंह झाला, विशाल शर्मा और यशवर्धन सिंह चुंडावत समेत अन्य लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। यशप्रताप सिंह ने पुलिस की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खडे किये है। उनका कहना है कि पुलिस इस मामले में पहले दी गई शिकायतों पर कार्रवाही करती तो आज इस वारदात को टाला जा सकता था। पुलिस ने इस मामले में 9 जनों के खिलाफ नामजद और एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोपियों में यशपाल सिंह झाला, यशवर्धन सिंह, विशाल शर्मा, नरेन्द्र सिंह, सोनु प्रजापत, निहाल चौधरी, गर्वित सिंह, लक्की शेखावत, रिषभ गोस्वामी और एक अज्ञात का नाम शामिल है। समाजजनों का कहना है कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक शव नहीं उठाया जाएगा। बाईट - जीवन सिंह सेनवाडा, प्रदेश उपाध्यक्ष श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना बाईट - यशप्रताप सिंह वीओ 2- वही इस मामले डीएसपी छवि शर्मा ने बताया कि परिजनों की शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। और पुलिस टीम आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास में जुट गयी है और जल्द ही आरेापियों को गिरफ्तार किया जायेगा। उन्होने बताया की अब तक जांच में यह सामने आया है कि पैसों की लेन देन का कोई मामला है जिसके चलते दोनों पक्षों के बीच रंजिश थी। बाईट - छवि शर्मा, डीएसपी
राजसमंद जिले के खमनोर थाना क्षेत्र के शिशोदा गांव में पारिवारिक विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। लंबे समय से चल रहे जमीन विवाद के बीच एक बेटे ने अपने ही पिता पर हमला कर दिया। घटना में 75 वर्षीय भंवरलाल सोनी गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के मुताबिक पिता और बेटे के बीच जमीन को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के चलते आरोपी बेटे ने गुस्से में आकर अपने पिता भंवरलाल सोनी पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हमले में भंवरलाल सोनी के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर चोटें आईं। परिजनों और स्थानीय लोगों ने उन्हें लहूलुहान हालत में तत्काल नजदीकी चिकित्सालय पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही खमनोर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में मामला जमीन विवाद से जुड़ा सामने आया है। आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उसकी तलाश की जा रही है। साथ ही घटना के सभी पहलुओं की जांच कर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रतापनगर थाना क्षेत्र की ढेबर कॉलोनी में गुरुवार रात एक मामूली कहासुनी ने ऐसा मोड़ लिया कि मामला हाथापाई और मारपीट तक पहुंच गया। घटना के दौरान सड़क पर लोगों की भीड़ लग गई और कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया। जानकारी के मुताबिक ढेबर कॉलोनी निवासी गोपाल वाघेला रात को भोजन के बाद टहलने के लिए घर से निकले थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात देवराज नामक युवक से हुई। किसी पुरानी बात को लेकर दोनों के बीच बहस शुरू हो गई। आरोप है कि देवराज नशे की हालत में था और विवाद बढ़ने पर उसने अपना आपा खो दिया। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि आरोपी ने गाली-गलौज करते हुए गोपाल वाघेला के साथ मारपीट शुरू कर दी। अचानक हुए हमले में गोपाल वाघेला को शरीर के कई हिस्सों में चोटें आईं। घटना के समय आसपास मौजूद लोगों और नाबालिग बच्चों में भी दहशत फैल गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल हस्तक्षेप कर दोनों को अलग किया और स्थिति को शांत कराया। सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और घायल को उपचार के लिए अस्पताल लेकर गए। इलाज के बाद गोपाल वाघेला ने प्रतापनगर थाने में आरोपी देवराज के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई। प्रतापनगर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि घटनास्थल से जुड़े सभी तथ्यों की जांच की जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान लिए जाएंगे और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं क्षेत्रवासियों ने कॉलोनी में बढ़ती ऐसी घटनाओं पर चिंता जताते हुए नियमित पुलिस गश्त और असामाजिक तत्वों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
उदयपुर शहर के पंचवटी स्थित ज्वेलरी शॉप से एक करोड़ की ज्वेलरी चोरी के मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। हालांकि मास्टरमाइंड सहित अभी 3 आरोपी फरार हैं। पुलिस की टीम प्रदेश सहित बाहरी राज्यों में दबिश देते हुए फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है। जिसके बाद ही इनसे ज्वेलरी बरामद की जाएगी। मामला हाथीपोल थाना इलाके का है। यूपी के इटावा में छिपा था थानाधिकारी राजू देवी ने बताया कि आगरा निवासी धनपाल उर्फ धांधु वर्मा को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी यूपी के इटावा में छिपा था। आरोपी इतने शातिर हैं कि ट्रेप होने से बचने के लिए मोबाइल भी नहीं रखते थे। पुलिस बाकी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर ज्वेलरी बरामद करेगी।पुलिस के अनुसार- 28 जुलाई को आरोपी धनपाल और उसके साथी मनोज कुमार उर्फ डॉक्टर, आनंद वर्मा और एक अन्य के साथ आगरा से सीकर स्थित खाटूश्याम मंदिर पहुंचे थे। दर्शन करने के बाद सभी सीकर के पास पलसाना गांव गए थे। वहां एक ज्वेलरी शॉप में चोरी की तैयारी थी लेकिन रात में गार्ड की तैनातगी के कारण उनका प्लान फेल हो गया था। आरोपी 29 जुलाई को सुबह सभी उदयपुर आ गए। यहां पंचवटी में नवीन ज्वेलरी शॉप की रैकी की। इसके बाद रात को वारदात को अंजाम दिया। एक-दो आरोपियों ने उदयपुर में पहले नौकरी की हुई है। ऐसे में आरोपी उदयपुर शहर से परिचित थे और इसीलिए वारदात करने पहुंचे थे।आरोपी 79 मिनट में करोड़ों के सोना-चांदी, डायमंड के जेवर और नकदी चुराकर ले गए थे। जिसमें 350 ग्राम सोना, 12 किलो चांदी, 22 लाख के डायमंड और 9.75 लाख रुपए की ज्वेलरी लेकर भागे थे।
उदयपुर जिला मुख्यालय पर गुरुवार को बारां फला, लखमान क्षेत्र के ग्रामीण और पीड़ित परिवार न्याय की मांग को लेकर पहुंचे। पीड़ित नन्दलाल मीणा ने जिला पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया कि 5 अगस्त की सुबह करीब साढ़े सात बजे उनका बेटा आशिष सहित कई बच्चे स्कूल जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में कुछ लोगों ने उन्हें रोक लिया और लाठी, लोहे के पाइप, पत्थरों, धारदार हथियारों और अन्य हथियारों से हमला कर दिया। ज्ञापन में बताया कि बच्चों की चीख-पुकार सुनकर हिम्मत मीणा, प्रेमचंद मीणा, ओमप्रकाश मीणा और सुशील मीणा बीच-बचाव के लिए पहुंचे, लेकिन उनके साथ भी मारपीट की गई और जान से मारने की कोशिश की गई। इस हमले में कई लोगों को गंभीर चोटें आईं। पीड़ित परिवार का कहना है कि मुख्य आरोपी नाना ने बच्चों को रास्ते में रोककर जमीन को लेकर विवाद किया और रोहित नाम के छात्र के साथ मारपीट की इस मारपीट में रोहित के सिर पर चार टांके आए, आशिष के सिर पर छह टांके लगे, जबकि बादल के हाथ में गंभीर चोट आने से फ्रैक्चर हो गया। पीड़ित पक्ष का कहना है कि घटना की रिपोर्ट टीड़ी थाने में दर्ज कराई गई थी। उनका आरोप है कि पुलिस कुछ नामजद आरोपियों को थाने लेकर आई, लेकिन मुख्य आरोपी नाना को छोड़ दिया गया। परिवार का कहना है कि आरोपी अब गांव में खुलेआम घूमकर लोगों में डर का माहौल बना रहा है, जिससे किसी भी समय बड़ी घटना होने की आशंका बनी हुई है। इसी को लेकर पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई, सभी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी और गांव में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
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