आवाज़ हम सबकी
उदयपुर शहर के व्यस्ततम इलाकों में शामिल उदीयापोल बस स्टैंड क्षेत्र में बुधवार सुबह मंदिर के अंदर हुई चोरी की घटना ने लोगों को हैरान कर दिया। जानकारी के अनुसार सुबह करीब 6 बजे से 7 बजे के बीच एक अज्ञात चोर उदय बाल वीर हनुमान मंदिर परिसर में दाखिल हुआ और वहां लगी साउंड मशीन चोरी कर मौके से फरार हो गया। बताया जा रहा है कि चोरी हुई साउंड मशीन की कीमत करीब 15 हजार से 20 हजार रुपए के बीच है। सुबह मंदिर पहुंचे लोगों को जब मशीन गायब मिली तो घटना की जानकारी सामने आई, जिसके बाद मंदिर परिसर में लोगों की भीड़ जमा हो गई। घटना को लेकर स्थानीय नागरिकों और मंदिर से जुड़े लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। लोगों का कहना है कि उदीयापोल बस स्टैंड जैसा भीड़भाड़ वाला इलाका होने के बावजूद मंदिर के भीतर चोरी होना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों ने सूरजपोल थाना पुलिस पर भी लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पुलिस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही और जांच में ढिलाई बरती जा रही है। मंदिर में चोरी की घटना के बाद इलाके में डर और नाराजगी का माहौल बना हुआ है। फिलहाल पुलिस की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं और लोग जल्द से जल्द आरोपी की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
मंदसौर जिले के कोटड़ा बुजुर्ग गांव में मंगलवार देर शाम उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब कुल्फी खाने के बाद कई बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। जानकारी के अनुसार गांव में रोजाना आने वाले कुल्फी विक्रेता से बच्चों ने दोपहर के समय कुल्फी खरीदी थी। इसके कुछ घंटों बाद करीब 12 से 15 बच्चों को उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी। बच्चों की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलते ही स्थानीय बीएमओ को मामले की जानकारी दी गई, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम तुरंत गांव पहुंची। मेडिकल टीम ने कुछ बच्चों का उपचार गांव में ही किया, जबकि करीब 7 बच्चों की हालत को देखते हुए परिजन उन्हें राजस्थान के भवानीमंडी स्थित निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। बताया जा रहा है कि अस्पताल में भर्ती 7 वर्षीय शिवम की हालत गंभीर बनी हुई है। हालांकि बीएमओ डॉ. दरबार सिंह का कहना है कि बच्चे की पहले से मेडिकल हिस्ट्री रही है और उसे पहले से बुखार की शिकायत भी थी। डॉक्टरों ने उसकी दोबारा जांच करवाने के निर्देश दिए हैं। वहीं बाकी सभी बच्चों की स्थिति फिलहाल सामान्य बताई जा रही है। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन भी अलर्ट हो गया। गरोठ और भानपुरा के नायब तहसीलदार सहित पुलिसकर्मी भी भवानीमंडी अस्पताल पहुंचे। एसडीएम राहुल चौहान ने बताया कि सुबह कुल्फी के सैंपल की जांच करवाई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग का प्राथमिक अनुमान है कि कुल्फी में इस्तेमाल मावे की वजह से बच्चों की तबीयत खराब हुई हो सकती है।
मंगलवार शाम करीब साढ़े छह बजे गोगुंदा-पिंडवाड़ा नेशनल हाईवे पर उस वक्त चीख-पुकार मच गई जब एक तेज रफ्तार कार अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर पार कर गई और सामने से आ रहे ट्रेलर से जा टकराई। हादसा गोगुंदा थाना क्षेत्र के मदारड़ा कट के पास हुआ, टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार की बॉडी पूरी तरह पिचक गई और चालक वाहन के अंदर बुरी तरह फंस गया। हादसे में बाडमेर जिले के निवासी 25 वर्षीय राहुल जाट की मौके पर ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर के बाद ट्रेलर भी सड़क किनारे उतर गया, जिससे कुछ देर के लिए हाईवे पर जाम जैसे हालात बन गए। आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद क्षतिग्रस्त कार में फंसे युवक को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। पुलिस के मुताबिक राहुल कार से उदयपुर की ओर जा रहा था। इसी दौरान तेज गति के कारण कार अचानक नियंत्रण से बाहर हो गई और डिवाइडर पार करते हुए रॉन्ग साइड पहुंच गई, जहां सामने से आ रहे ट्रेलर से उसकी सीधी भिड़ंत हो गई। सूचना पर हाईवे पेट्रोलिंग टीम के भगवत सिंह झाला और गोगुंदा थाने के एएसआई भरत सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाकर ट्रैफिक सुचारू करवाया और शव को गोगुंदा हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया। वहीं ट्रेलर को जब्त कर थाने में खड़ा कराया गया है। पुलिस के अनुसार परिजनों के पहुंचने के बाद शव का पोस्टमॉर्टम करवाया जाएगा।
उदयपुर के महाराणा भूपाल राजकीय चिकित्सालय में पार्किंग व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। अस्पताल की कार्डियोलॉजी पार्किंग से स्पोर्ट्स बाइक चोरी होने की घटना ने सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल दी है। खास बात यह है कि अस्पताल परिसर की पार्किंग ठेके पर संचालित की जाती है, जहां वाहन सुरक्षा और निगरानी के दावे किए जाते हैं। इसके बावजूद चोर आसानी से बाइक का लॉक तोड़कर वाहन लेकर फरार हो गए। पीड़ित अव्वास अली हुसैन के पुलिस में दी रिपोर्ट में बताया कि उन्होंने 9 मई की रात अपनी बजाज आरएस-200 बाइक कार्डियोलॉजी पार्किंग में खड़ी की थी। उनके पिता अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती थे। अगले दिन सुबह जब वे पार्किंग पहुंचे तो बाइक गायब मिली। पार्किंग गार्ड ने बताया कि दो युवक बाइक लेकर चेतक मार्ग की तरफ जाते दिखाई दिए थे। घटना की सूचना मिलने पर हाथीपोल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में दो युवक बाइक लेकर अस्पताल परिसर से निकलते हुए नजर आए। सवाल यह उठ रहा है कि जब पार्किंग का ठेका दिया गया है और वहां गार्ड तैनात हैं, तो फिर चोर इतनी आसानी से वाहन चोरी कर कैसे फरार हो गए। एमबी हॉस्पिटल में रोजाना हजारों मरीज और परिजन आते हैं। ऐसे में पार्किंग में सुरक्षा की कमी लोगों की चिंता बढ़ा रही है। घटना के बाद अस्पताल प्रशासन और पार्किंग ठेकेदार की जिम्मेदारी को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
देशभर में चर्चा का विषय बने नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर उदयपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बुधवार को विरोध प्रदर्शन किया। शहर जिला कांग्रेस कमेटी और देहात जिला कांगेेस कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में चेतक सर्कल पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एकत्र हुए और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया। उदयपुर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष फतह सिंह राठौड़ ने आरोप लगाया कि एनटीए की निष्क्रियता और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की लापरवाही के कारण पेपर लीक जैसी गंभीर घटना हुई है। उन्होंने कहा कि देशभर में नीट परीक्षा देने वाले करीब 22 लाख छात्र आज असमंजस और निराशा की स्थिति में हैं और उनके भविष्य पर संकट खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने मांग की कि एनटीए को तत्काल भंग किया जाए, शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें और भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए ठोस व्यवस्था लागू की जाए। वहीं उदयपुर ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष रघुवीर सिंह मीणा ने भी केंद्र सरकार पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि पूर्व में किसी सरकार के दौरान पेपर लीक हुआ तो कानून ने अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की, लेकिन वर्तमान सरकार को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि युवाओं के अधिकारों और भविष्य की सुरक्षा के लिए पार्टी सड़कों पर संघर्ष जारी रखेगी।
भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत उदयपुर एसीबी को यह बड़ी सफलता मिली है। जानकारी के अनुसार राज्य बीमा विभाग में कार्यरत यूडीसी शेखर मथुरिया पर परिवादी से रिश्वत मांगने का आरोप था। परिवादी ने एसीबी को शिकायत दी थी कि आरोपी सरकारी शिक्षिका के डेथ क्लेम को पास करने और अधिक राशि का बिल तैयार करवाने के बदले 7 लाख 50 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा है। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने पूरे मामले का सत्यापन किया। जांच के दौरान आरोपी और परिवादी के बीच 1 लाख 50 हजार रुपए में सौदा तय हुआ। इसके बाद एसीबी ने ट्रैप की योजना बनाई। एसीबी सीआई सोनू शेखावत के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी यूडीसी शेखर मथुरिया को 1 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान एसीबी टीम ने आरोपी से रिश्वत की राशि बरामद की और मौके पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की। ट्रैप की खबर मिलते ही विभाग में हड़कंप मच गया। फिलहाल एसीबी आरोपी से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस मामले में कोई अन्य कर्मचारी या अधिकारी भी शामिल है या नहीं। एसीबी अब आरोपी की संपत्ति और अन्य दस्तावेजों की भी जांच कर रही है।
उदयपुर शहर में बढ़ते सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल को देखते हुए नगर निगम ने सोमवार से विशेष अभियान की शुरुआत कर दी है। इसी अभियान के तहत निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना के निर्देश पर निगम पुलिस निरीक्षक मांगीलाल डांगी अपनी टीम के साथ कृषि उपज मंडी पहुंचे। यहां लघु एवं वन उपज के गोदाम की जांच के दौरान बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित प्लास्टिक कैरी बैग बरामद किए गए। जांच के दौरान दुकान नंबर 9 ए की प्रथम मंजिल पर स्थित गोदाम में प्लास्टिक के कट्टों में अलग-अलग रंगों के सिंगल यूज प्लास्टिक कैरी बैग रखे मिले। मौके पर मौजूद दिनेश जैन के गोदाम से कुल 21 बैग जब्त किए गए, जिनका कुल वजन 4 क्विंटल 68 किलोग्राम निकला। नगर निगम ने पूरे स्टॉक को जब्त करते हुए आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत प्रतिबंधित प्लास्टिक का निर्माण, उपयोग, भंडारण, खरीद-बिक्री और परिवहन दंडनीय अपराध है। इसके तहत दोषी पाए जाने पर 5 वर्ष तक का कारावास या 1 लाख रुपए तक का जुर्माना, या दोनों सजा हो सकती है। साथ ही राजस्थान नगरपालिका अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है। आयुक्त ने कहा कि पहले भी निगम द्वारा लगातार कार्रवाई के चलते शहर में प्लास्टिक का कारोबार लगभग बंद हो गया था, लेकिन अभियान धीमा पड़ते ही कुछ व्यापारियों ने फिर से प्रतिबंधित प्लास्टिक का कारोबार शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर निगम ने दोबारा सख्त अभियान शुरू किया है। निगम प्रशासन ने शहरवासियों और व्यापारियों से कपड़े या बायोडिग्रेडेबल थैलियों का उपयोग करने और Beat Plastic Pollution अभियान में सहयोग की अपील की है।
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