आवाज़ हम सबकी
हरियाली अमावस्या के मेले के दौरान फतेहसागर झील के ओवरफ्लो गेट के सामने अचानक चट्टान खिसकने से हादसा हो गया। यहां सेक्टर-9 निवासी हरजीत सिंह सरदार छोटी दुकान लगाकर बैठे थे। इसी दौरान ऊपर की तरफ से अचानक चट्टान खिसककर नीचे आ गिरी। चट्टान की चपेट में आने से हरजीत सिंह सरदार के पैर में चोट आई। हादसे में उनके साथ मौजूद दो अन्य लोग भी घायल हो गए। अचानक चट्टान गिरने से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हादसे की सूचना मिलने के बाद सिविल डिफेंस की डी.क्यू.आर.टी. टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। जवानों ने तत्परता दिखाते हुए चट्टानों के बीच फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। रेस्क्यू के बाद तीनों घायलों को एंबुलेंस की सहायता से महाराणा भूपाल चिकित्सालय के लिए रवाना किया गया। हादसे के दौरान सिविल डिफेंस की टीम में बोट ऑपरेटर कैलाश मेनारिया, रेस्क्यूअर विपुल चौधरी, विजय नकवाल, नरेश चौधरी, हीरालाल प्रजापत और प्रकाश राठौड़ मौजूद रहे। टीम की तत्परता के चलते चट्टानों के बीच फंसे लोगों को समय रहते बाहर निकाला जा सका और उन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। हादसे के बाद मेले में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं।
उदयपुर के शनि महाराज मंदिर में हरियाली अमावस्या के अवसर पर भगवान शनि देव का दो दिवसीय जन्मोत्सव धार्मिक श्रद्धा के साथ शुरू हुआ। मंदिर ट्रस्ट की ओर से आयोजित जन्मोत्सव को लेकर सुबह से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही।जन्मोत्सव के पहले दिन भगवान शनि देव का पंचामृत से स्नान करवाया गया। इसके बाद उन्हें रजत मुकुट धारण करवाकर विधिवत पूजा-अर्चना की गई और भोग लगाया गया। विशेष अवसर पर भगवान शनि देव को झूले में झुलाने की परंपरा भी निभाई गई। श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन किए और पूजा-अर्चना कर अपनी मनोकामनाओं के लिए प्रार्थना की। मंदिर के मंत्री विजय जोशी ने बताया कि हरियाली अमावस्या पर शनि देव का विशेष जन्मोत्सव आयोजित करने की परंपरा है। इसी के तहत भगवान को विशेष श्रृंगार करवाया गया। शाम को भगवान शनि देव को विशेष सोने का चोला भी धारण करवाया गया। मंदिर में यह विशेष श्रृंगार वर्ष में एक-दो बार ही किया जाता है। शाम को पुजारियों की ओर से महाआरती का आयोजन किया गया। महाआरती के बाद नवग्रह यज्ञ हुआ और पुजारियों ने पूर्णाहुति दी। इसके बाद मेवाड़ के कलाकारों की ओर से शनि देव के नाम भजन संध्या और कथा का आयोजन किया गया। भजन और धार्मिक प्रस्तुतियों से मंदिर परिसर भक्तिमय नजर आया।जन्मोत्सव का दूसरा दिन गुरुवार को आयोजित होगा। इस दौरान शाम 7 बजे मंदिर परिसर में विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें श्रद्धालुओं के लिए प्रसादी की व्यवस्था रहेगी। इस तरह शनि महाराज मंदिर में शुरू हुआ दो दिवसीय जन्मोत्सव आज पूजा-अर्चना, विशेष श्रृंगार, झूला उत्सव, महाआरती, नवग्रह यज्ञ और भजन संध्या के साथ भक्तिमय रहा।
उदयपुर के शिल्पी और डॉ. इकबाल सक्का की इस अनोखी कलाकृति में आकार भले ही बेहद छोटा है, लेकिन इसके जरिए दिया गया संदेश काफी बड़ा है। डॉ. सक्का ने चांदी पर सिर्फ 1 सेंटीमीटर आकार का तिरंगा तैयार किया है। इस कलाकृति को बनाने में उन्होंने राई के दाने से भी छोटी कटिंग का इस्तेमाल किया।तिरंगे पर चांदी के भीतर हिंदू धर्म का ओम, अरबी में अल्लाह, सिख धर्म का खंडा और ईसाइयों का क्रॉस उकेरा गया है। चारों धार्मिक प्रतीकों को एक ही तिरंगे में शामिल कर डॉ. सक्का ने कौमी एकता और विश्व शांति का संदेश देने का प्रयास किया है।डॉ. सक्का का कहना है कि भारत में हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई समाज के लोग मिलजुलकर रहते हैं। इसी तरह पूरी दुनिया में भी लोगों को प्रेम, भाईचारे और आपसी सद्भाव के साथ रहना चाहिए। उनका कहना है कि इसी संदेश को उन्होंने इस कलाकृति के माध्यम से दुनिया तक पहुंचाने की कोशिश की है। इस बेहद छोटी कलाकृति को तैयार करने में 1 ग्राम चांदी और 1 ग्राम तांबे का इस्तेमाल किया गया है। डॉ. सक्का के अनुसार इस तिरंगे को तैयार करने में करीब 36 घंटे का समय लगा।अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी सूक्ष्म कला के लिए पहचान बना चुके डॉ. इकबाल सक्का के नाम 211 विश्व रिकॉर्ड दर्ज होने का दावा किया गया है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर तैयार की गई इस कलाकृति को लेकर उन्होंने इसे राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर को भेंट करने की इच्छा जताई है। इसके लिए डॉ. सक्का की ओर से पत्र के माध्यम से राजस्थान उच्च न्यायालय से संपर्क भी किया गया है। अब देखना होगा कि उनकी इस अनूठी कलाकृति को न्यायालय की ओर से स्वीकार किया जाता है या नहीं।
मामला उदयपुर के सूरजपोल थाना क्षेत्र का है, जहां बापू बाजार स्थित बख्तावरलाल क्लिनिक में इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई। मृतका की पहचान रामपुरा अम्बाबाड़ी निवासी भूमि तेली के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक भूमि के हाथ-पैर में दर्द था। इसी परेशानी के चलते उसके ससुर सुबह करीब 8 बजे उसे इलाज के लिए बख्तावरलाल क्लिनिक लेकर पहुंचे थे। यहां चिकित्सकीय उपचार के दौरान भूमि को बोतल चढ़ाई गई। परिजनों का कहना है कि बोतल चढ़ाए जाने के कुछ देर बाद ही उसकी हालत अचानक बिगड़ गई। उसके मुंह से झाग निकलने लगा और वह बेहोश हो गई। हालात गंभीर होने पर परिजन उसे तत्काल जागृति हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद भूमि को मृत घोषित कर दिया। इसके बावजूद परिजन उसे लेकर एमबी अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे बचाने के लिए सीपीआर दिया, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी।महिला की मौत के बाद परिजनों में आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में समाजजन और परिजन एमबी अस्पताल की मोर्चरी के बाहर एकत्रित हो गए। परिजनों ने आरोप लगाया कि भूमि सामान्य स्थिति में इलाज के लिए क्लिनिक पहुंची थी, लेकिन इलाज के दौरान कथित लापरवाही हुई और उसे अधिक डोज दिए जाने के कारण उसकी हालत बिगड़ी।परिजनों ने डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए डॉक्टर के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग भी उठाई है।फिलहाल महिला की मौत को लेकर परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। मामला सामने आने के बाद इलाज के दौरान हुई महिला की मौत और लगाए गए लापरवाही के आरोपों ने स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
उदयपुर के बड़गांव क्षेत्र की एक कॉलोनी में लेपर्ड के मूवमेंट से लोगों में दहशत का माहौल है। रिहायशी इलाके में घूमते लेपर्ड की तस्वीरें कॉलोनी में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई हैं। फुटेज सामने आने के बाद कॉलोनीवासियों की चिंता बढ़ गई है। जानकारी के अनुसार लेपर्ड बड़गांव के बालकेश्वर महादेव मंदिर के बाहर से गुजरते हुए गायत्री नगर कॉलोनी की ओर आया। 8 अगस्त की सुबह का एक सीसीटीवी फुटेज में वह रिहायशी इलाके में घूमता दिखाई दे रहा है। इसी दौरान कॉलोनी के कई श्वानों ने उसका पीछा करना शुरू कर दिया। श्वानों के पीछे दौड़ने पर लेपर्ड वहां से भागकर आगे निकल गया। इसके बाद भी रात में कॉलोनी में कुत्तों के शोर से लोगों को लेपर्ड की आवाजाही लग रही और वे भयभीत है।कॉलोनी निवासी मयंक श्रीमाली ने बताया- करीब 2 दिन पहले भी क्षेत्र में लेपर्ड के आने की जानकारी सामने आई थी। उस समय लोगों को इसकी जानकारी थी, लेकिन अब सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद लोगों में डर बढ़ गया है। रिहायशी इलाके में लेपर्ड की मौजूदगी के चलते लोग खासकर सुबह और देर रात घर से बाहर निकलने में सावधानी बरत रहे हैं। कॉलोनीवासियों ने वन विभाग से क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने और लेपर्ड की गतिविधियों पर नजर रखने की मांग की है।
राज्य सरकार की ओर से जारी तबादला सूची के बाद उदयपुर और सलूंबर में प्रशासनिक स्तर पर बदलाव देखने को मिला है। 183 आरएएस अधिकारियों के स्थानांतरण में इन दोनों जिलों से जुड़े 14 अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं।उदयपुर नगर निगम में हरिसिंह देवल को नया उपायुक्त नियुक्त किया गया है। वहीं आरएएस अधिकारी महावीर खराड़ी की उदयपुर वापसी हुई है। उन्हें जनजाति विभाग में अतिरिक्त आयुक्त की जिम्मेदारी दी गई है।तबादला सूची में झाड़ोल के उपखंड अधिकारी कपिल कुमार कोठारी का नाम भी शामिल है। खास बात यह है कि झाड़ोल क्षेत्र में पिछले दिनों मुख्यमंत्री की रात्रि जनसुनवाई हुई थी। मुख्यमंत्री के दौरे और जनसुनवाई के बाद झाड़ोल के उपखंड अधिकारी को बदलने की चर्चा भी इस प्रशासनिक फेरबदल से जुड़ रही है। वहीं उदयपुर नगर निगम के उपायुक्त डॉ. नरेश सोनी, लोक सेवाओं के सहायक निदेशक हेमराज गुर्जर और गिर्वा के सहायक कलक्टर निलेश कुमार कलाल का भी तबादला किया गया है। इन अधिकारियों का करीब दो महीने बाद ही दोबारा तबादला हुआ है। इसी तरह यूडीए में आए रमेशचंद्र बहेड़िया का भी वापस तबादला कर दिया गया है। कुछ अधिकारियों को नई जिम्मेदारी मिलने के महज दो महीने के भीतर ही फिर से दूसरी जगह भेज दिया गया है। सरकार के इस प्रशासनिक फेरबदल के बाद उदयपुर और सलूंबर जिले में कई विभागों के कामकाज में बदलाव देखने को मिलेगा। नई जिम्मेदारियों के साथ अधिकारियों के सामने अब प्रशासनिक व्यवस्थाओं को संभालने की चुनौती भी रहेगी।
कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद लोगों की नजर उस वक्त एक महिला पर टिक गई, जब वह हाथ जोड़कर अपने बच्चे को वापस दिलाने की गुहार लगाते हुए रोने लगी। सलूंबर जिले के मउड़ी निवासी लीला पटेल अपने नाबालिग बच्चे की कस्टडी को लेकर अधिकारियों के पास फरियाद लेकर पहुंची थीं। लीला पटेल के मुताबिक उसका पति से तलाक हो चुका है। महिला का कहना है कि अदालत ने नाबालिग बच्चे की कस्टडी उसके पक्ष में दी थी। इसके बावजूद उसका पति बच्चे को जबरन अपने साथ लेकर चला गया। बच्चे के दूर चले जाने के बाद से महिला लगातार उसे वापस पाने के लिए परेशान है। महिला ने आरोप लगाया कि जिस दौरान उसके बच्चे को उससे अलग किया गया, उस समय उसके पति के साथ कुछ पुलिसकर्मी भी मौजूद थे। लीला पटेल का आरोप है कि इस दौरान उसके साथ बदसलूकी भी की गई। अपनी इसी पीड़ा को लेकर वह सोमवार को उदयपुर जिला कलेक्ट्रेट पहुंची और अधिकारियों के सामने न्याय की गुहार लगाई। कलेक्ट्रेट परिसर में अपनी बात बताते-बताते महिला भावुक हो गई और फूट-फूटकर रोने लगी। महिला को इस हालत में देखकर वहां मौजूद लोग भी भावुक नजर आए। लोगों ने उसे संभालकर शांत कराया और पूरे मामले की शिकायत सलूंबर जिला पुलिस अधीक्षक के समक्ष रखने की सलाह दी। अब महिला की मांग है कि उसे उसका बच्चा वापस दिलाया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर उसे न्याय दिलाया जाए।
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