आवाज़ हम सबकी
उदयपुर के कुराबड रोड पर मीठा नीम क्षेत्र में सोमवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब तेज रफ्तार में चल रहा 407 ट्रक अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से सीधे एक मकान में जा घुसा। हादसा इतना तेज था कि घर का मुख्य गेट पूरी तरह टूट गया, वहीं पास में बनी दुकान की दीवार भी गिर गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार 407 ट्रक सड़क पर तेज गति से आ रहा था, तभी ट्रक का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क से सीधे मकान में घुस गया। हादसे के दौरान घर के बाहर खड़ा एक टेंपो और मोटरसाइकिल भी ट्रक की चपेट में आ गए, जिससे दोनों वाहनों को भारी नुकसान पहुंचा। गनीमत रही कि हादसे के समय घर के बाहर या दुकान के आसपास कोई मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा जनहानि का खतरा टल गया। हालांकि तेज आवाज और दीवार गिरने से इलाके में दहशत का माहौल बन गया और आसपास के लोग तुरंत मौके पर जमा हो गए। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन को मौके पर छोड़कर फरार हो गया। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना तुरंत डबोक थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और क्षतिग्रस्त मकान, दुकान और वाहनों का जायजा लिया। डबोक थाना पुलिस ने फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है और ट्रक को जब्त कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से चालक की पहचान करने में जुटी है।
उदयपुर में अवैध निर्माण के खिलाफ यूडीए कमिश्नर राहुल जैन के निर्देशन में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। इसी कड़ी में शुक्रवार को राजस्व ग्राम कालारोही के आराजी संख्या 822 पर स्थित होटल आर्याइन पर प्राधिकरण ने सीज की कार्रवाही को अंजाम दिया। जांच में सामने आया कि निर्माणकर्ता ने फार्म हाउस की जमीन पर बिना किसी मंजूरी के बहुमंजिला होटल खड़ी कर दी थी और धड़ल्ले से व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। सचिव हेमेंद्र नागर ने बताया कि इस अवैध निर्माण के विरुद्ध प्राधिकरण अधिनियम-2023 की धारा 32 के तहत नोटिस जारी किया गया था। हालांकि, निर्माणकर्ता ने रूपांतरण या स्वीकृति के कोई भी दस्तावेज पेश नहीं किए, जिसके बाद आज उपायुक्त सुरेंद्र बी पाटीदार के नेतृत्व में यूडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर होटल को पूरी तरह सीज कर दिया। कार्रवाई के दौरान तहसीलदार रणजीतसिंह विठू सहित राजस्व और पुलिस विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे। गौरतलब है कि यूडीए की टीम ने इससे ठीक एक दिन पहले गुरुवार को कलड़वास क्षेत्र में भी ऐसी ही सख्त कार्रवाई को अंजाम दिया था। वहां शिवलाल पटेल द्वारा भवानी होटल के नाम से किए गए अवैध व्यावसायिक निर्माण को सीज किया गया था। प्राधिकरण ने स्पष्ट कर दिया है कि अनुमोदित प्लान के विरुद्ध या बिना रूपांतरण के किए गए किसी भी निर्माण को बख्शा नहीं जाएगा। एक के बाद एक हुई इन दो बड़ी कार्यवाहियों ने शहर के उन होटल संचालकों की नींद उड़ा दी है जो नियमों को ताक पर रखकर बिना स्वीकृति इमारतें तान रहे हैं। यूडीए प्रशासन ने भविष्य में भी इस तरह के अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान जारी रखने के संकेत दिए हैं।
उदयपुर शहर में सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला सूरजपोल थाना क्षेत्र का है, जहां गुरुवार देर रात तेज रफ्तार कार और बाइक सवार जोमेटो डिलीवरी बॉय के बीच आमने-सामने की भीषण भिड़ंत हो गई। हादसा रात करीब 12 बजे सूरजपोल गेट पर हुआ। टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक सवार युवक उछलकर सड़क पर दूर जा गिरा और गंभीर रूप से घायल हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार सूरजपोल से मल्लातलाई की ओर जा रही थी। इसी दौरान बापूबाजार की तरफ से सूरजपोल गेट की ओर रॉन्ग साइड से आ रहा जोमेटो डिलीवरी बॉय अचानक कार के सामने आ गया। दोनों के बीच सीधी टक्कर हो गई। हादसे में बाइक और कार का बोनट बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। तेज आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। घायल युवक की हालत गंभीर देख लोगों ने एंबुलेंस को सूचना दी और उसे तुरंत एमबी हॉस्पिटल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका उपचार जारी है। घटना की सूचना मिलते ही सूरजपोल थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और प्रत्यक्षदर्शियों से हादसे की जानकारी जुटाई। प्रारंभिक जांच में बाइक सवार के रॉन्ग साइड से आने की बात सामने आई है।
डूंगरपुर जिले में एंटी करप्शन ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दोवड़ा थाने में तैनात हेड कॉन्स्टेबल अशोक कुमार पाटीदार और कॉन्स्टेबल प्रकाश पाटीदार को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। यह रिश्वत लोकेट ऐप के जरिए लोगों से ठगी के एक मामले में FIR दर्ज नहीं करने की एवज में मांगी गई थी। एसीबी के डीएसपी रतनसिंह राजपुरोहित ने बताया कि 18 जनवरी को एक परिवादी ने शिकायत दर्ज कराई थी। परिवादी ने बताया कि वह नयागांव स्थित इंडियन पेट्रोल पंप के पास खड़ा था, तभी दोवड़ा थाने की पुलिस गाड़ी वहां पहुंची। पुलिसकर्मियों ने उससे एक व्यक्ति का पता पूछा, फिर नाम पूछकर उसका मोबाइल ले लिया। मोबाइल की जांच करते हुए उस पर ऑनलाइन गेम के जरिए ठगी करने का आरोप लगाया गया और उसे गाड़ी में बैठाकर थाने की ओर ले जाने लगे। रास्ते में कॉन्स्टेबल प्रकाश पाटीदार ने कहा कि वह सीआई से बात करके मामला दर्ज नहीं होने देगा और मोबाइल भी वापस कर देगा। साथ ही मुकदमा दर्ज होने पर जेल और जमानत में परेशानी का डर दिखाया गया। बाद में परिवादी को रास्ते में उतारकर उससे दो लाख रुपए की मांग की गई। एसीबी द्वारा 28 जनवरी को सत्यापन कराया गया, जिसमें 1.50 लाख रुपए की रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद ट्रैप की कार्रवाई की गई। दोनों आरोपी परिवादी को कार में बैठाकर फलोज तिराहे तक ले गए और रकम डैशबोर्ड पर रखवाई। इसके बाद आरोपी कार लेकर फरार हो गए। एसीबी टीम ने पीछा करते हुए आसपुर रोड पर एक होटल के पास दोनों को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन रिश्वत की राशि बरामद नहीं हो सकी है। फिलहाल एसीबी टीम आरोपियों से पूछताछ कर रही है और राशि की बरामदगी के प्रयास जारी हैं।
बेडवास क्षेत्र में गुरुवार को लोगों का सब्र टूट गया। सड़क हादसे में नाबालिग छात्र की मौत से आक्रोशित स्थानीय निवासियों ने सड़क पर टायर जलाकर प्रदर्शन किया और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बेडवास कॉलोनी को बसे लगभग 25 साल हो चुके हैं, लेकिन अब तक यहां सड़क सुरक्षा के नाम पर कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं और कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। ताजा मामला बुधवार शाम का है, जब एक तेज रफ्तार पिकअप ने स्कूल से घर लौट रहे नाबालिग छात्र को चपेट में ले लिया। हादसा इतना भीषण था कि छात्र की मौके पर ही मौत हो गई।हादसे के बाद पिकअप चालक मौके से फरार हो गया। घटना का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिससे हादसे की भयावहता साफ नजर आती है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और फरार ड्राइवर की तलाश शुरू कर दी गई है। हादसे में जान गंवाने वाले छात्र की पहचान गौरांश शर्मा के रूप में हुई है। मृतक के परिवार में मातम पसरा हुआ है, वहीं पूरे क्षेत्र में गुस्से का माहौल है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि आरोपी चालक को जल्द गिरफ्तार कर उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके। लोगों ने प्रशासन से स्पीड कंट्रोल, सड़क संकेतक और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की भी मांग की है।
यूजीसी द्वारा जनवरी 2026 में लागू किए गए नए कानून Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulation 2026 के विरोध में उदयपुर जिला कलेक्ट्रेट परिसर में विप्र फाउंडेशन, सर्व ब्राह्मण समाज और सवर्ण संगठनों के सदस्यों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए इस अधिसूचना को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग उठाई।प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस अधिसूचना के तहत सभी विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में 90 दिनों के भीतर इक्विटी कमेटियों के गठन का प्रावधान किया गया है, जिन्हें शिकायतों की जांच के व्यापक अधिकार दिए गए हैं। समाज के लोगों का आरोप है कि यह कानून सामाजिक समरसता को कमजोर करेगा। विप्र फाउंडेशन जोन वन के प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र पालीवाल ने कहा कि यह कानून भारत के संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 21 की भावना के अनुरूप नहीं है और समान अवसर के सिद्धांत को कमजोर करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कानून सनातन धर्म की एकता को खंडित करने वाला है और समाज में टकराव की स्थिति पैदा करेगा। पालीवाल ने यह भी कहा कि इस कानून के माध्यम से एसटी, एससी और ओबीसी वर्ग के छात्रों को सवर्ण समाज के छात्रों के खिलाफ झूठी शिकायत करने का अवसर मिलेगा, जिससे विश्वविद्यालयों का सामाजिक संतुलन बिगड़ेगा। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस कानून को वापस नहीं लिया तो देशभर में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन के बाद जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष निर्णय की मांग की गई।
वीआईपी रोड पर बैंक ऑफ बड़ौदा के सामने बना वही खतरनाक गड्ढा, जिसने दो दिन पहले दो जिंदगियां छीन ली थीं, अब मिट्टी और बजरी से भर दिया गया है। नगर निगम की ओर से देर से की गई इस कार्रवाई से सड़क पर चलने वाले वाहन चालकों को थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन स्थायी समाधान अभी भी अधूरा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गड्ढे को केवल ऊपर से भर दिया गया है। सड़क की मजबूती, लेवलिंग और ड्रेनेज सिस्टम पर कोई काम नहीं हुआ। बारिश या भारी ट्रैफिक होने पर यह भराव फिर से बैठ सकता है और बड़ा हादसा दोबारा हो सकता है। सबसे गंभीर बात यह है कि मौके पर अब भी कोई स्पीड ब्रेकर, चेतावनी बोर्ड या रिफ्लेक्टर नहीं लगाया गया है।आपको बता दे कि इसी स्थान पर तेज रफ्तार कार गड्ढे से बचने के प्रयास में बेकाबू हो गई थी और नाश्ते के ठेले को उड़ाते हुए चार लोगों को कुचल दिया था। इसमें दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि दो घायलों का इलाज अब भी जारी हैं। हादसे के बाद विधायक द्वारा स्थायी मरम्मत और सुरक्षा इंतजाम का आश्वासन दिया गया था, लेकिन फिलहाल सिर्फ खानापूर्ति होती नजर आ रही है। क्षेत्रवासी प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि सड़क का पक्का निर्माण, स्पीड ब्रेकर, साइन बोर्ड और बैरिकेड्स लगाए जाएं, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे को होने से रोका जा सके।
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