आवाज़ हम सबकी
उदयपुर के मीरा कन्या महाविद्यालय में प्रिंसिपल को एपीओ करने के मामले को लेकर चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को कॉलेज कैंपस में एक बार फिर हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जब कुछ छात्राओं ने कॉलेज के मुख्य गेट पर तालाबंदी कर दी। तालाबंदी की खबर फैलते ही कैंपस में भीड़ जमा हो गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया। सूचना मिलने पर हाथीपोल थानाधिकारी राजूदेवी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने गेट पर मौजूद छात्राओं को समझाइश दी और ताला खोलने के लिए कहा, लेकिन छात्राएं अपनी मांगों पर अड़ी रहीं। काफी देर तक चली बहस और हंगामे के बाद जब हालात काबू में नहीं आए, तो पुलिस ने सख्त रुख अपनाया। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहीं दो छात्राओं को हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया। करीब आधे घंटे बाद दोनों छात्राओं को पाबंद कर रिहा कर दिया गया। हिरासत में ली गई छात्राओं की पहचान दिव्या सालवी और रितिका सालवी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि दोनों एपीओ किए गए कॉलेज प्रिंसिपल दीपक माहेश्वरी के समर्थन में अन्य छात्राओं को एकत्र कर रही थीं। इसी दौरान गेट पर ताला लगाया गया, ताकि छात्राएं बाहर न जा सकें और विरोध जारी रहे। छात्रा दिव्या सालवी ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनका किसी भी राजनीतिक संगठन से कोई संबंध नहीं है। उनका कहना है कि वे केवल रिजल्ट संबंधी समस्याओं और कॉलेज के माहौल को लेकर चर्चा करना चाहती थीं। विवाद की जड़ स्कूटी वितरण कार्यक्रम के दौरान हुई कहासुनी को माना जा रहा है, जिसके बाद प्रिंसिपल को एपीओ किया गया। इसी कार्रवाई के बाद से कॉलेज दो गुटों में बंटा हुआ नजर आ रहा है।
उदयपुर एक बार फिर देश के अग्नि योद्धाओं की शारीरिक दक्षता और खेल कौशल का गवाह बन रहा है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ऑल इंडिया फायर सर्विस स्पोर्ट्स एंड फायर सर्विस मीट-2026 का आयोजन उदयपुर में कर रहा है। इसका उद्घाटन राजस्थान के जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने मशाल जलाकर किया। 27 से 31 जनवरी तक चलने वाली इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में ईआरटीओ, एयरपोर्ट अथॉरिटी सहित विभिन्न केंद्रीय संगठनों की फायर सेफ्टी टीमें विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से लगभग 1500 फायर ऑफिसर, फायर फाइटर्स और फायरमैन हिस्सा ले रहे हैं। प्रतिष्ठित आयोजन ऑल इंडिया फायर सर्विस स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड द्वारा कराया जा रहा है। आयोजन ऑल इंडिया फायर सर्विस स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड द्वारा करवाया जा रहा है। प्रतियोगिता में खेलों के साथ-साथ फायर फाइटर्स के पारंपरिक और तकनीकी खेल भी आयोजित होंगे।इस मौके पर मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने कहा- हम सभी धरती पुत्र हैं। हमें सेवा करने का अवसर मिला है। भले ही यह नौकरी हो, लेकिन इसे पहले सेवा भाव से निभाना चाहिए। फायर ऑफिसर एवं कर्मचारी देश के किसी भी कोने में आगजनी या आपदा जैसी स्थिति में अपनी जान की परवाह किए बिना दूसरों की जान बचाने के लिए तत्पर रहते हैं, यही सच्ची देश सेवा है।टूर्नामेंट के समन्वयक और निगम में मुख्य अग्निशमन अधिकारी बाबूलाल चौधरी ने बताया कि इसमें एथलेटिक्स, आर्म रेसलिंग, बैडमिंटन, क्रिकेट, लॉन टेनिस, टेबल टेनिस, कुश्ती, सीढ़ी दौड़, मस्टर, ‘सबसे ताकतवर अग्निशामक’ और ‘अल्टीमेट फायर फाइटर’ जैसी विशेष प्रतियोगिताएं होंगी। आयोजन का मुख्य उद्देश्य अग्निशमन सेवा से जुड़े कर्मियों की फिटनेस को परखना और उनके बीच टीम वर्क व खेल भावना को प्रोत्साहित करना है। इस दौरान उनके फायर स्किल्स की भी परीक्षा होगी, जिसमें भारी होज पाइप के साथ दौड़ (होज रन), सीढ़ियों पर चढ़कर बचाव कार्य (लैडर ड्रिल) और हाइड्रेंट तकनीक का सटीक प्रदर्शन (फायर ड्रिल) करना होगा। नियमित खेल में फुटबॉल, बैडमिंटन, टेनिस, तैराकी, साइक्लिंग, जैवलिन थ्रो, टेबल टेनिस और एथलेटिक्स (100-200 मीटर व रिले रेस) की प्रतियोगिताएं होंगी।खास बात यह है कि भारत साल 2029 में गुजरात में वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स की मेजबानी करने जा रहा है, ऐसे में अंतरराष्ट्रीय स्तर के बड़े आयोजन की तैयारी और खिलाड़ियों के चयन के लिहाज से उदयपुर का यह टूनामेंट काफी महत्वपूर्ण हैं।
करोड़ों की धोखाधड़ी के मामले में फिल्ममेकर विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी सहित 3 लोगों की जमानत याचिका राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर ने खारिज कर दी है। हाईकोर्ट ने माना कि इस स्तर पर जमानत की सुविधा दिया जाना उचित नहीं है। राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस विनोद कुमार भारवनी ने इस मामले में सुनवाई की। इस दौरान विशिष्ट लोक अभियोजक ने जमानत प्रार्थना पत्र का विरोध किया। उनका तर्क था कि इस मामले में अभी जांच चल रही है। अब तक की जांच में पाया गया है कि आरोपी विक्रम भट्ट और श्वेताम्बरी भट्ट ने अलग-अलग नामों से अलग-अलग फर्जी बिल तैयार करवाकर शिकायतकर्ता से पैसा ट्रांसफर करवाया है। उस पैसे को अपने खातों में डलवाकर खुद ने ही उपयोग में ले लिया। उन्होंने कहा- इस प्रकार आरोपियों ने मिलकर शिकायतकर्ता से अलग-अलग नाम के अकाउंट में 4 करोड़ 23 लाख 13 हजार 424 रुपए लिए। इसमें से 1 करोड़ 65 लाख 69 हजार 955 रुपए खुद के ही खातों में डलवाकर कर्जा उतारने के लिए उपयोग में ले लिए। विशिष्ट लोक अभियोजक ने कहा- आपराधिक कृत्य में प्रार्थी मेहबूब अंसारी की सक्रिय भूमिका जांच के दौरान सामने आई है। उन्होंने यह भी कहा- प्रार्थी द्वारा गवाहों पर भी दबाव बनाया जा रहा है, महत्वपूर्ण अनुसंधान अभी बाकी है। अलग से अभी पूछताछ करनी है। अगर इस समय यदि प्रार्थी को जमानत पर छोड़ दिया गया तो वे गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं, इसलिए जमानत आवेदन निरस्त किया जाए। हाईकोर्ट ने श्वेताम्बरी वी. भट्ट पत्नी विकम भट्ट, विक्रम भट्ट पुत्र प्रवीण भट्ट और मेहबूब अंसारी पुत्र उस्मान अंसारी के जमानत आवेदन पत्र को निरस्त कर दिया।
उदयपुर जिले के खेरोदा थाना क्षेत्र के वाना चौराहे पर एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने पुलिस की नाकाबंदी देख अपनी दिशा बदल ली। मंगलवाड़ की तरफ से आ रही गुजरात नंबर की इस स्कॉर्पियो के चालक ने पुलिस से बचने के लिए गाड़ी को रॉन्ग साइड में दौड़ाना शुरू कर दिया। तस्करों के इस खतरनाक मंसूबे को भांपते हुए कांस्टेबल कुलदीप ने दौड़कर गाड़ी के आगे कीलों वाली पट्टी स्टॉप स्टिक बिछा दी। कीलों के ऊपर से गुजरते ही स्कॉर्पियो का अगला टायर धमाके के साथ फट गया, लेकिन तस्करों की सनक ऐसी थी कि वे फटे टायर के साथ ही गाड़ी को काफी दूर तक घसीटते हुए ले गए। पुलिस टीम ने जब चारों तरफ से घेराबंदी की, तो आरोपी घने अंधेरे का फायदा उठाते हुए पास के जंगलों में ओझल हो गए। जब पुलिस ने लावारिस मिली स्कॉर्पियो की तलाशी ली, तो अधिकारी भी दंग रह गए। गाड़ी के अंदर पिछली सीटों को हटाकर प्लास्टिक के 22 कट्टे भरे हुए थे, जिनमें कुल 468 किलोग्राम अवैध डोडा चूरा छिपाया गया था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब 90 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस को गाड़ी से 5 अलग-अलग जिलों की फर्जी नंबर प्लेट्स भी बरामद हुई हैं, जिन्हें तस्कर पुलिस की पहचान से बचने के लिए इस्तेमाल करते थे। फिलहाल, पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और चेचिस नंबर के जरिए वाहन के असली मालिक तक पहुँचने की कोशिश की जा रही है। मामले की जांच कानोड थानाधिकारी मुकेश चंद को सौंपी गई है, जो फरार तस्करों के नेटवर्क को खंगाल रहे हैं।
उदयपुर के बड़गांव क्षेत्र में शुक्रवार सुबह लेपर्ड के मूवमेंट से लोगों में दहशत का माहौल बन गया। बड़गांव मेन रोड पर हल्दीघाटी हाउस के पास स्थित श्री कॉम्पलेक्स कॉलोनी में अचानक लेपर्ड आबादी क्षेत्र में आ पहुंचा। कॉलोनीवासियों के अनुसार, लेपर्ड एक घर के एंट्री प्वाइंट पर फाटक से जुड़ी दीवार पर चढ़ा और कुछ सेकेंड रुकने के बाद कूदकर आगे की ओर निकल गया। यह पूरी घटना घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब सामने आया है। बड़गांव के प्रशासक संजय व्यास ने बताया कि कॉलोनी निवासी मदनलाल व्यास के घर के पास लेपर्ड देखा गया था, जिसके बाद वह गली से होते हुए आगे निकल गया। व्यास परिवार के सदस्य दीपक व्यास ने बताया कि सुबह करीब सवा छह बजे सामने रहने वाली एक महिला ने गली से लेपर्ड निकलने की सूचना दी और सीसीटीवी फुटेज देखने को कहा। जब कैमरे चेक किए गए तो सुबह 5 बजकर 52 मिनट पर लेपर्ड घर के एंट्री प्वाइंट पर चढ़ता हुआ दिखाई दिया। दीपक व्यास के अनुसार लेपर्ड वहां से आगे कृषि विज्ञान केंद्र की दिशा में चला गया। उन्होंने यह भी बताया कि गत वर्ष 16 जनवरी 2025 को भी इसी गली में लेपर्ड सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ था। घटना की जानकारी फैलते ही कॉलोनी में हड़कंप मच गया। लोग अपने घरों से बाहर निकलने से कतराने लगे और बच्चों को अकेले बाहर न भेजने की सख्त हिदायत दी गई। कॉलोनीवासियों की सूचना पर प्रशासक संजय व्यास ने संबंधित अधिकारियों को पूरे मामले से अवगत कराया। फिलहाल क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी गई है और लोगों को पूरी सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
उदयपुर शहर में सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला सूरजपोल थाना क्षेत्र का है, जहां गुरुवार देर रात तेज रफ्तार कार और बाइक सवार जोमेटो डिलीवरी बॉय के बीच आमने-सामने की भीषण भिड़ंत हो गई। हादसा रात करीब 12 बजे सूरजपोल गेट पर हुआ। टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक सवार युवक उछलकर सड़क पर दूर जा गिरा और गंभीर रूप से घायल हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार सूरजपोल से मल्लातलाई की ओर जा रही थी। इसी दौरान बापूबाजार की तरफ से सूरजपोल गेट की ओर रॉन्ग साइड से आ रहा जोमेटो डिलीवरी बॉय अचानक कार के सामने आ गया। दोनों के बीच सीधी टक्कर हो गई। हादसे में बाइक और कार का बोनट बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। तेज आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। घायल युवक की हालत गंभीर देख लोगों ने एंबुलेंस को सूचना दी और उसे तुरंत एमबी हॉस्पिटल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका उपचार जारी है। घटना की सूचना मिलते ही सूरजपोल थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और प्रत्यक्षदर्शियों से हादसे की जानकारी जुटाई। प्रारंभिक जांच में बाइक सवार के रॉन्ग साइड से आने की बात सामने आई है।
डूंगरपुर जिले में एंटी करप्शन ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दोवड़ा थाने में तैनात हेड कॉन्स्टेबल अशोक कुमार पाटीदार और कॉन्स्टेबल प्रकाश पाटीदार को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। यह रिश्वत लोकेट ऐप के जरिए लोगों से ठगी के एक मामले में FIR दर्ज नहीं करने की एवज में मांगी गई थी। एसीबी के डीएसपी रतनसिंह राजपुरोहित ने बताया कि 18 जनवरी को एक परिवादी ने शिकायत दर्ज कराई थी। परिवादी ने बताया कि वह नयागांव स्थित इंडियन पेट्रोल पंप के पास खड़ा था, तभी दोवड़ा थाने की पुलिस गाड़ी वहां पहुंची। पुलिसकर्मियों ने उससे एक व्यक्ति का पता पूछा, फिर नाम पूछकर उसका मोबाइल ले लिया। मोबाइल की जांच करते हुए उस पर ऑनलाइन गेम के जरिए ठगी करने का आरोप लगाया गया और उसे गाड़ी में बैठाकर थाने की ओर ले जाने लगे। रास्ते में कॉन्स्टेबल प्रकाश पाटीदार ने कहा कि वह सीआई से बात करके मामला दर्ज नहीं होने देगा और मोबाइल भी वापस कर देगा। साथ ही मुकदमा दर्ज होने पर जेल और जमानत में परेशानी का डर दिखाया गया। बाद में परिवादी को रास्ते में उतारकर उससे दो लाख रुपए की मांग की गई। एसीबी द्वारा 28 जनवरी को सत्यापन कराया गया, जिसमें 1.50 लाख रुपए की रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद ट्रैप की कार्रवाई की गई। दोनों आरोपी परिवादी को कार में बैठाकर फलोज तिराहे तक ले गए और रकम डैशबोर्ड पर रखवाई। इसके बाद आरोपी कार लेकर फरार हो गए। एसीबी टीम ने पीछा करते हुए आसपुर रोड पर एक होटल के पास दोनों को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन रिश्वत की राशि बरामद नहीं हो सकी है। फिलहाल एसीबी टीम आरोपियों से पूछताछ कर रही है और राशि की बरामदगी के प्रयास जारी हैं।
Stay updated with the latest morning news from Udaipur and surrounding areas
Live virtual tour of the magnificent City Palace complex
Traditional Rajasthani folk music and dance performances
Featuring successful local entrepreneurs and their stories