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उदयपुर। राजस्थान सरकार ने राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) में अनियमितताओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रदेशभर के 51 अस्पतालों को योजना से निलंबित कर दिया है। वहीं 24 अस्पतालों पर कुल 2 करोड़ 96 लाख 48 हजार 353 रुपए की रिकवरी और जुर्माना लगाया गया है। इस कार्रवाई में उदयपुर के अस्पताल भी शामिल हैं। उदयपुर के पारस जेके हॉस्पिटल पर सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 85 लाख 34 हजार 304 रुपए की रिकवरी की गई है। इसके अलावा डॉ. चौधरी हॉस्पिटल से 6 लाख 5 हजार 259 रुपए और जीबीएच अमेरिकन हॉस्पिटल से 13 हजार 870 रुपए की रिकवरी के आदेश जारी किए गए हैं। सरकार के ऑडिट में इन अस्पतालों के क्लेम से जुड़ी विभिन्न अनियमितताएं सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई है। प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि जांच के दौरान फर्जी या डुप्लीकेट दस्तावेजों के आधार पर क्लेम, जरूरत से ज्यादा जांचें कराना, एक ही पैकेज की सेवाओं को अलग-अलग दिखाकर अतिरिक्त भुगतान लेना, आवश्यक दस्तावेजों के बिना क्लेम प्रस्तुत करना तथा ओपीडी मरीजों को अनुचित तरीके से आईपीडी में भर्ती दिखाकर भुगतान लेने जैसी गंभीर गड़बड़ियां सामने आईं। RGHS की अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. निधि पटेल ने सभी मामलों की विस्तृत सुनवाई और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच के बाद कार्रवाई के आदेश जारी किए। वहीं राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हरजीलाल अटल ने कहा कि सरकारी धन के दुरुपयोग को रोकने के लिए ऑडिट व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। भविष्य में भी फर्जी बिलिंग, अनियमित क्लेम और वित्तीय गड़बड़ी मिलने पर संबंधित अस्पतालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
तेज रफ्तार और लापरवाही एक बार फिर सड़क हादसे की वजह बनी। मामला उदयपुर-गोगुंदा हाईवे पर मदारडा के समीप का है, जहां अज्ञात वाहन ने बाइक सवार को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में रावलिया खुर्द निवासी हिम्मत मेघवाल गंभीर रूप से घायल हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के तुरंत बाद अज्ञात वाहन चालक मौके से फरार हो गया, हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलने के बावजूद 108 एम्बुलेंस समय पर मौके पर नहीं पहुंच सकी। ऐसे में आसपास मौजूद ग्रामीणों ने घायल को निजी वाहन से तत्काल गोगुंदा अस्पताल पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद घायल की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। मौके पर मौजूद महेंद्र सिंह राजपूत ने गोगुंदा पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची, मौका मुआयना किया और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी। पुलिस अब फरार वाहन चालक की तलाश में जुटी है। साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर वाहन की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।
करीब दो महीने पुराने वायरल वीडियो की जांच के बाद सायरा थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। सायरा थाना प्रभारी कानाराम सिरवी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने वायरल वीडियो की जांच की, जिसमें पुष्टि हुई कि घटना 12 मई को सायरा थाना क्षेत्र के कमोल गांव में हुई थी। जांच में सामने आया कि वीडियो में दिखाई दे रहा युवक कमोल निवासी चुनाराम भील है। पुलिस ने वीडियो में नजर आ रहे लोगों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि भील समाज के 52 गांवों के पंचों ने शराब पीने पर सामाजिक प्रतिबंध लगाया हुआ है। आरोप है कि चुनाराम शराब के नशे में घर पहुंचा और अपने पिता के साथ मारपीट की। अगले दिन समाज के लोगों ने बैठक बुलाई और शराबबंदी के नियम का उल्लंघन करने के आरोप में उस पर 11 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। आरोप है कि इसके बाद चुनाराम का पैर रस्सी से बांधकर उसे पेड़ पर उल्टा लटका दिया गया और उसके साथ मारपीट की गई। इस दौरान किसी ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। मामले में पुलिस ने शांति भंग करने के आरोप में अम्बालाल भील, लक्ष्मीलाल भील, बंशीलाल भील, पन्नाराम भील, रामाराम भील, पन्नाराम भील, वीराराम भील और पन्नालाल भील को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा पुलिस ने 20 से 25 अन्य लोगों के खिलाफ भी प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले में जिन लोगों की भूमिका सामने आएगी, उनके खिलाफ भी नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आस्था और श्रद्धा के माहौल के बीच भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा में बदमाशों ने भीड़ का फायदा उठाकर दो महिलाओं को निशाना बना लिया। शहर के गंगू कुंड स्थित इस्कॉन मंदिर से निकली भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा यूनिवर्सिटी रोड स्थित बड़ी पिपली तक पहुंची, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। इसी दौरान अज्ञात बदमाशों ने भीड़ में घुसकर चेन स्नेचिंग की दो वारदातों को अंजाम दिया। जानकारी के मुताबिक पहली घटना में अंजना देवी पुरोहित के गले से सोने की चेन खींच ली गई। महिला को जब इसका अहसास हुआ, तब तक बदमाश भीड़ में गायब हो चुके थे। आसपास मौजूद लोगों ने आरोपियों की तलाश की, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं लग सका। कुछ ही देर बाद बदमाशों ने दूसरी बुजुर्ग महिला लक्ष्मी देवी पालीवाल को भी निशाना बनाया। उन्होंने जब अपने गले पर हाथ लगाया तो उनकी सोने की चेन गायब मिली। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर मौजूद लोगों ने बदमाशों की तलाश की, लेकिन आरोपी फरार हो चुके थे। वारदात के बाद पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। पुलिस आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश में जुटी हुई है। इधर, सेक्टर-7 स्थित जगन्नाथ धाम से निकली भगवान जगन्नाथ की दूसरी रथयात्रा में सुरक्षा व्यवस्था के दौरान पुलिस पूरी तरह सतर्क रही। यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बीच पुलिस टीम को तीन व्यक्तियों की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। इसके बाद पुलिस ने तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस उनसे जानकारी जुटा रही है और पूरे मामले की जांच जारी है।
पत्नी की गुटखा खाने की आदत से परेशान पति ने उसकी हत्या कर दी। सिरोही में पूनम कंवर की हत्या के मामले में गिरफ्तार आरोपी पति गजेंद्र सिंह ने यह खुलासा किया है। आरोपी ने पुलिस को बताया कि पत्नी से गुटखा खाने और हर वक्त पैसों की डिमांड को लेकर झगड़ा होता रहता था। पैसे नहीं भेजने पर ससुराल वालों से झगड़ा करती थी। इससे वह गुस्सा और दुखी था। किसी भी तरह पत्नी से छुटकारा पाना चाहता था। इसके लिए उसने हत्या की प्लानिंग की। पत्नी को उदयपुर घुमाने लेकर गया था। घर लौटते समय कार में उसकी गला दबाकर हत्या कर दी और घरवालों को बताया कि उसे हार्ट अटैक आ गया। घरवालों को उसकी बनाई कहानी पर यकीन तक हो गया था और अंतिम संस्कार की तैयारी में थे। लेकिन उससे पहले पुलिस को शक हो गया और हत्याकांड की पूरी साजिश सामने आ गई।सिरोही के जावाल निवासी गजेंद्रसिंह राजपूत कोयंबटूर (तमिलनाडु) में इलेक्ट्रॉनिक्स शॉप चलाता है। उसकी शादी 5 साल पहले पाली जिले के सादड़ी के निकट सरथूर गांव की पूनम कंवर से हुई थी। दोनों के एक बेटी हुई। शादी के बाद गजेंद्र को पता चला कि उसकी पत्नी दिन-रात गुटखा खाती है, जिसके लिए उसने कई बार टोका था। मनाही के बाद भी वह गुटखा खाने की आदत को नहीं छोड़ रही थी।गजेंद्र कोयंबटूर में था, लेकिन पीछे से पूनम दिन-रात कॉल कर उससे पैसे की डिमांड करती थी। पैसे नहीं भेजने पर फोन पर उससे झगड़ा करती थी। उसने यह भी बताया कि पीहर-ससुराल में पत्नी का व्यवहार झगड़ालु था, जिसकी शिकायत लोग उससे करते थे। पूनम झगड़ा करके बेटी को लेकर पीहर सरथूर चली गई थी। जून में पूनम कंवर ने सादड़ी थाने में पति के खिलाफ दहेज प्रताड़ना की रिपोर्ट दी। इसके बाद पुलिस ने काउंसलिंग कराई। गजेंद्र ने सादड़ी पुलिस व पूनम के परिजनों को भरोसा दिलाया था कि वह पूनम को खुश रखेगा और उसका पूरा ख्याल रखेगा।सादड़ी थाने में आरोपी ने परिजनों से वादा किया था कि वह पत्नी व बेटी को अपने साथ कोयंबटूर ले जाएगा और वहीं रखेगा। परिजनों का भरोसा जीतने और दिखावे के लिए आरोपी ने ऐसा ही किया। पत्नी पूनम और अपनी बेटी को लेकर वह 30 जून को ही कोयंबटूर चला गया।करीब एक सप्ताह रहने के दौरान भी दोनों के बीच खटपट खत्म नहीं हुई। आरोपी ने पूनम की हत्या कर उसे हादसे का रूप देने की प्लानिंग पहले ही बना रखी थी। वह कोयंबटूर में पत्नी की हत्या नहीं करना चाहता था, क्योंकि उसे पता था कि यदि कोयंबटूर में हत्या कर हादसा बताया तो परिवार वालों को यकीन नहीं होगा और वह पकड़ा जाएगा।सिरोही एसपी पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि तय प्लान के हिसाब से आरोपी ने पत्नी पूनम कंवर को झीलों की नगरी उदयपुर घुमाने का लालच दिया। कहा- दो दिन घूमेंगे और फिर तुम लोगों (पत्नी और बच्ची) को पीहर छोड़ दूंगा।8 जुलाई को पत्नी व बेटी को लेकर उदयपुर घुमाने के लिए पहुंचा। 9 जुलाई को उनको लेकर उदयपुर के सेलिब्रेशन मॉल में ले गया। वहां पत्नी व बेटी के साथ सेल्फी ली और अपना स्टेट्स लगाया। इसके अलावा उदयपुर में कई जगहों पर उसने पत्नी और बच्ची के साथ सेल्फी ली और स्टेटस लगाए। ताकि उसके व पूनम के घर वालों को यकीन हो जाए कि अब दोनों खुश हैं और कोई शक भी नहीं करेगा।मामले की जांच कर रहे डीएसपी मुकेश सीरवी ने बताया कि आरोपी गजेंद्र सिंह ने उदयपुर से अपने एक दोस्त को फोन कर कहा कि वह पत्नी व बेटी को गांव छोड़ने जा रहा है तो वह उसके लिए एक कार की व्यवस्था कर दे। उसने यह भी कहा कि उसका पहचान पत्र (आईडी) गुम हो गया है तो वह अपनी आईडी से कार बुक कर ले, जिसका किराया वह दे देगा। उस दोस्त ने एक ट्रेवल एजेंट के जरिए राजसमंद के लिए कार की व्यवस्था कराई।9 जुलाई की रात को आरोपी उदयपुर से अपने गांव जाने के लिए रवाना हुआ। वह ड्राइवर के बगल वाली सीट पर बैठा, जबकि उसकी पत्नी पूनम अपनी तीन साल की बेटी के साथ पिछली सीट पर बैठी थी। उदयपुर से गोगुंदा पार करते ही पिछली सीट पर सो रही मां-बेटी को नींद आ गई। आरोपी ने कार को गोगुंदा से पिंडवाड़ा हाईवे के बजाय सायरा-रणकपुर रुट पर मोड़ने को कहा। आरोपी को पता था कि रात के समय सायरा-रणकपुर रोड पर ज्यादा वाहनों की आवाजाही नहीं है। आरोपी ने पुलिस को बताया कि एक जगह कार खड़ी कर ड्राइवर टॉयलेट करने गया था, तभी उसने पत्नी का गला दबा कर हत्या कर दी। उसी रात 2 बजे वह अपने गांव जावाल घर पहुंचा और नाटक किया कि उसकी पत्नी की बीच रास्ते हार्ट अटैक से मौत हो गई।10 जुलाई को परिवार के लोग जावाल पहुंचे तो उन्हें भी शक नहीं हुआ कि पूनम की मौत हादसा नहीं, बल्कि एक सोची समझी हत्या है। मृतक के भाई ने मामले में मर्ग (स्वभाविक मौत) की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने पूनम की बॉडी देखी तो उसके गले पर खरोंच के निशान थे। इस दौरान पुलिस को शक हुआ कि यह मामला हत्या का है तो मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया।2 दिन बाद मेडिकल बोर्ड की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कॉज ऑफ डेथ यानि मौत की वजह दम घुटना सामने आया। रिपोर्ट में बताया गया कि महिला का हार्ट एकदम स्वस्थ है। इसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले और संदेह के दायरे में लेकर आरोपी पति से पूछताछ शुरू की। सख्ती के बाद वह टूट गया। उसने हत्या की वजह, प्लानिंग और पकड़े जाने की सारी जानकारी दे दी।पुलिस को शक है कि गला दबा कर हत्या करने की घटना की जानकारी कार ड्राइवर को थी, जो बाद में फरार हो गया। कार सिरोही पुलिस ने जब्त कर ली है। हालांकि आरोपी ने पत्नी की हत्या में ड्राइवर की भूमिका नहीं बताई है, लेकिन पुलिस को आरोपी द्वारा बताई कहानी पर भरोसा शक है। ऐसे में फरार ड्राइवर की तलाश की जा रही है।
पहला मामला उदयपुर जिले के कुराबड़ थाना क्षेत्र के खेड़ी इलाके का है। पीडिता द्वारा दर्ज एफआईआर के मुताबिक घटना 19 मई की रात करीब 8 बजे की बताई गई है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि गणेश सुथार और उसके सात अन्य साथियों ने उसे डायन बताकर झूठे आरोप लगाए। शिकायत के मुताबिक आरोपियों ने महिला के साथ अभद्र गाली-गलौज की और जबरन संदिग्ध पेय पदार्थ पिला दिया। एफआईआर में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने महिला के साथ मारपीट की और उसकी लज्जा भंग करने की नीयत से उसके कपड़ों के साथ भी छेडछाड की। इस मामले में कुराबड़ थानाधिकारी पवन सिंह स्वयं जांच कर रहे हैं। पुलिस पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रही है और मामले में साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई जारी है। वहीं दूसरा मामला उदयपुर शहर के हिरण मगरी थाना क्षेत्र के सेक्टर-4 का है। पीडिता द्वारा दर्ज एफआईआर के मुताबिक 24 जून को सुबह करीब 11 बजकर 55 मिनट पर आरोपी संजय शर्मा ने पहले पीड़िता के साथ छेड़छाड़ की और इसके बाद दुष्कर्म उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। हिरण मगरी थानाधिकारी रविन्द्र चारण इस मामले की जांच कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं। दोनों मामलों में पुलिस साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच कर रही है।
जगदीश मंदिर में भगवान जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। रथ यात्रा समिति की ओर से शोभायात्रा को भव्य और दिव्य स्वरूप देने के लिए सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। इस वर्ष की रथयात्रा का मुख्य आकर्षण मंदिर का लगभग 370 वर्ष पुराना ऐतिहासिक रथ रहेगा, जो मंदिर के निर्माण काल से ही धार्मिक परंपरा का हिस्सा माना जाता है। रथ को सजाने-संवारने का काम पूरा हो चुका है।ऐतिहासिक रथ पर हाथी, घोड़े और ठाकुरजी के वाहन की आकर्षक नक्काशी इसकी भव्यता को और विशेष बनाती है। रथयात्रा के दिन इसी रथ पर जुगल जोड़ी सरकार और लड्डू गोपाल जी को विराजमान किया जाएगा। नगर भ्रमण से पहले रथ को मंदिर परिसर के परिक्रमा मार्ग में विधिवत घुमाया जाएगा। कार्यक्रम से जुड़े जगदीश पुजारी ने बताया कि धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत सुबह 5 बजे मंगला आरती से होगी। इसके बाद सुबह 5:30 बजे पुरुष सूक्त के मंत्रोच्चार के साथ भगवान का महास्नान कराया जाएगा। सुबह 10 बजे से 10:15 बजे तक शृंगार आरती होगी और भगवान को विशेष भोग अर्पित किया जाएगा। सुबह 11:30 बजे राजभोग आरती संपन्न होगी। राजभोग आरती के बाद रथयात्रा से जुड़ी सभी धार्मिक प्रक्रियाएं शुरू होंगी। विधि-विधान और पूजा-अर्चना के बाद रथ को परिक्रमा के लिए आगे बढ़ाया जाएगा। सूर्य मंदिर के समीप रथ का अल्प विश्राम होगा, जहां भगवान की विशेष आरती की जाएगी। इसके बाद भगवान जगन्नाथ ऐतिहासिक रथ में सवार होकर नगर भ्रमण पर निकलेंगे और श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे। रथयात्रा को लेकर भक्तों और पुजारी परिवार में भारी उत्साह का माहौल बना हुआ है।
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