आवाज़ हम सबकी
आमजन को सरकारी सेवाएं सरल और प्रभावी तरीके से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार की ओर से 12 जून से 15 जुलाई तक ग्रामीण और शहरी सेवा शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार को जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल उदयपुर विकास प्राधिकरण यानी यूडीए पहुंचे और यहां संचालित शहरी सेवा शिविर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिला कलेक्टर ने शिविर में दी जा रही विभिन्न सेवाओं, आवेदन प्राप्ति की प्रक्रिया, शिकायत निस्तारण व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से यह भी जाना कि आमजन को किस प्रकार की सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं और उनकी समस्याओं का समाधान किस समय सीमा में किया जा रहा है। कलेक्टर गौरव अग्रवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी आवेदन और प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए ताकि आमजन को राहत मिल सके। निरीक्षण के दौरान यूडीए आयुक्त अभिषेक खन्ना और सचिव हेमेन्द्र नागर सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने जिला कलेक्टर को शिविर की कार्यप्रणाली और अब तक प्राप्त आवेदनों के बारे में जानकारी दी। जिला कलेक्टर ने शिविर में मौजूद व्यवस्थाओं का अवलोकन करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। गौरतलब है कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार 12 जून से 15 जुलाई तक आयोजित होने वाले इन ग्रामीण और शहरी सेवा शिविरों का उद्देश्य आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान करना और सरकारी सेवाओं को लोगों तक आसानी से पहुंचाना है।
उदयपुर जिले के मावली थाना क्षेत्र में एक विवाहिता ने अपने पति और सास के खिलाफ घरेलू प्रताड़ना, मारपीट और दहेज मांगने के आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया है। पीड़िता प्रविणा बानू ने पुलिस को दी रिपोर्ट में कई गंभीर आरोप लगाए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक प्रविणा बानू ने उसके पति उदयलाल खटीक के साथ लव मैरिज की थी। विवाहिता का आरोप है कि शादी के बाद उसके पति का व्यवहार बदल गया और वह लगातार परेशान करने लगा। महिला ने बताया कि उसका पति शराब का आदी है और अक्सर देर रात घर लौटता था। पीड़िता के मुताबिक जब भी वह पति को शराब छोड़ने और देर रात घर आने को लेकर समझाने का प्रयास करती, तो विवाद शुरू हो जाता था। आरोप है कि पति उसके साथ मारपीट करता था और कई बार उसका गला दबाकर जान से मारने का प्रयास भी किया। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि पति उससे अपने पिता के घर से तीन लाख रुपए लाने की मांग करता था। विवाहिता का कहना है कि उसकी सास प्रताबी बाई और पति उदयलाल ने मिलकर उसे घर से निकाल दिया। इसके बाद वह गाडरीयावास में पानी की टंकी के पास किराए के मकान में रहने को मजबूर है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि पति ने उसके नाम पर मकान निर्माण के लिए समूह ऋण और पर्सनल लोन ले रखा है, लेकिन अब उसकी किश्तें भी जमा नहीं कर रहा है। मामले की शिकायत मिलने के बाद मावली थाना पुलिस ने पति उदयलाल खटीक और उसकी मां प्रताबी बाई खटीक के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
फर्जी एमटेक डिग्री लगाकर सरकारी नौकरी का लाभ लेने के मामले में एसओजी ने जलदाय विभाग के एक जूनियर इंजीनियर (जेईएन) को गिरफ्तार किया है। आरोपी दुर्गाशंकर मेनारिया उदयपुर जिले की भींडर तहसील के वाना गांव का निवासी है। एसओजी के एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि वर्ष 2018-19 में आरपीएससी की समूह अनुदेशक, सर्वेयर व सहायक शिक्षुता सलाहकार ग्रेड-द्वितीय भर्ती के दस्तावेज सत्यापन के दौरान आरोपी की मानव भारती विश्वविद्यालय, सोलन (हिमाचल प्रदेश) से जारी एमटेक (इलेक्ट्रिकल पावर सिस्टम) की डिग्री संदिग्ध पाई गई। यूनिवर्सिटी से जांच कराने पर डिग्री फर्जी निकली। जांच में सामने आया कि संबंधित पद के लिए केवल स्नातक योग्यता आवश्यक थी, इसके बावजूद आरोपी ने एमटेक की डिग्री लगाकर खुद को ज्यादा योग्य दिखाने के लिए फर्जी डिग्री लगाई। पूछताछ में यह भी सामने आया कि इसी डिग्री के आधार पर उसने वर्ष 2015 से 2020 तक सिरोही के माधव विश्वविद्यालय में सहायक तकनीकी अधिकारी के पद पर कार्य किया और वहां से प्राप्त अनुभव प्रमाण पत्र को भी सरकारी नौकरी के आवेदन में लगाया। तकनीकी शिक्षा निदेशालय, जोधपुर की शिकायत पर एसओजी थाने में मामला दर्ज किया गया था। आरोपी को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया गया है। एसओजी अब फर्जी डिग्री प्रकरण में शामिल दलालों और अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। बता दें कि हाल में उदयपुर में नियुक्त शिक्षकों को एसओजी ने डमी कैंडिडेट से परीक्षा िदलवाने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इसके अलावा अन्य कई मामलों में भी जांच जारी है।
उदयपुर जिले के खेरिया घाटा में शुक्रवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब यात्रियों से भरी एक बस अचानक नियंत्रण खो बैठी। नेशनल हाईवे-58 ई पर हुए इस हादसे में बस के ब्रेक फेल हो गए और वाहन खाई की ओर बढ़ने लगा। जिस मार्ग से बस गुजर रही थी, उसके एक तरफ करीब 150 से 200 फीट गहरी खाई थी, जिससे यात्रियों की सांसें थम गईं। जानकारी के मुताबिक बस में झाड़ोल क्षेत्र के बोराणा, देवास और आसपास के गांवों के लोग सवार थे। सभी श्रद्धालु उदयपुर होते हुए हरिद्वार यात्रा पर जा रहे थे। यात्रा शुरू होने के कुछ ही समय बाद खेरिया घाटा के पास बस के ब्रेक अचानक जवाब दे गए। इसके बाद बस करीब एक से दो मिनट तक अनियंत्रित हालत में खाई के किनारे-किनारे दौड़ती रही। बस के भीतर बैठे यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। हर कोई अपनी जान बचाने की दुआ कर रहा था। इसी बीच चालक ने समझदारी दिखाते हुए बस को सड़क की दूसरी ओर मौजूद पत्थरों की तरफ मोड़ दिया। पत्थरों से टकराने के बाद बस रुक गई और एक बड़ा हादसा टल गया। यदि बस खाई में गिर जाती तो भारी जनहानि हो सकती थी। हादसे में 25 से अधिक यात्री घायल हो गए। इनमें से पांच यात्रियों को गंभीर चोटें आने पर तत्काल उदयपुर के एमबी हॉस्पिटल रेफर किया गया, जहां उनका उपचार जारी है। घटना की सूचना मिलते ही नाई थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। बस में सवार यात्रियों ने बताया कि ब्रेक फेल होने के बाद करीब डेढ़ से दो मिनट तक सभी लोगों की सांसें अटकी रहीं। यात्रियों को लग रहा था कि बस किसी भी समय खाई में गिर सकती है, लेकिन चालक की सूझबूझ ने सभी की जान बचा ली। वहीं स्थानीय लोगों ने अधूरे पड़े रणघाटी और खेरिया घाटा हाईवे निर्माण कार्य पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि लंबे समय से सड़क का कार्य अधूरा होने और मार्ग सिंगल होने के कारण यहां लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। लोगों ने प्रशासन से हाईवे निर्माण कार्य जल्द पूरा कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके।
सड़क पर अचानक आए एक मवेशी को बचाने की कोशिश एक परिवार के लिए दर्दनाक हादसे में बदल गई। गोगुंदा-उदयपुर मार्ग पर इसवाल पुलिया के समीप तेज रफ्तार स्विफ्ट कार अचानक संतुलन खो बैठी और सड़क से नीचे उतरकर करीब पांच फीट गहरी जगह में जा गिरी। कार इतनी तेज गति में थी कि नीचे गिरने के बाद उसने लगातार तीन पलटियां खाईं। जानकारी के मुताबिक सादड़ी निवासी एक परिवार स्विफ्ट कार से गोगुंदा से उदयपुर की ओर जा रहा था। जैसे ही वाहन इसवाल पुलिया पर पहुंचा, अचानक एक गाय कार के सामने आ गई। चालक ने गाय को बचाने के लिए तत्काल ब्रेक लगाए, लेकिन वाहन पर नियंत्रण नहीं रख पाया और कार सड़क किनारे से नीचे उतर गई। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार लोग अंदर फंस गए। आसपास मौजूद ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद कार में फंसे परिवार के सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाला। ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए घायलों को निजी वाहन की सहायता से उदयपुर जिला अस्पताल पहुंचाया। हादसे में मनीषा गंभीर रूप से घायल हुई हैं, जबकि उनके पति और दो मासूम बच्चों को हल्की चोटें आई हैं। बताया जा रहा है कि मनीषा के पति सादड़ी क्षेत्र में बैंक मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। जिला अस्पताल में चिकित्सकों की निगरानी में मनीषा का उपचार जारी है और उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। उधर हादसे की सूचना मिलते ही इसवाल चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाने के साथ हादसे के कारणों की जांच कर रही है। ग्रामीणों का कहना है कि हाईवे पर आवारा मवेशियों की बढ़ती आवाजाही लगातार हादसों का कारण बन रही है।
55 लाख की चोरी का मामला, 3 आरोपी गिरफ्तार:चोरों ने खाली जमीन और खेत में गाड़ दिए थे जेवरात, पुलिस ने जब्त किया माल घर में घुसकर 55 लाख के सोना-चांदी जेवरात और नकदी चोरी के मामले में फलासिया थाना पुलिस ने तीनों आरोपियों से चोरी का माल बरामद कर लिया है। चोरों ने ये जेवरात अपने घर के पीछे खाली जमीन में गाढ़ रखे थे और कुछ जेवरात खेत में गाढ़ दिए थे। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर ये माल बरामद किया।बता दें, चोरी के बाद तीनों आरोपियों ने जेवरात अलग-अलग तीन हिस्से में बांट दिए थे। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने माल बरामदगी के लिए इनसे सख्ती से पूछताछ की। जिसके बाद जेवरात बरामद हुए। थानाधिकारी सीताराम ने बताया कि चोरी कोल्यारी कस्बे में स्थित एक घर में 17 मई को हुई थी। जिसके बाद आरोपी लक्ष्मण पुत्र थावरा, प्रकाश वडेरा और रमेश वडेरा को जंगलों से गिरफ्तार किया था। थानाधिकारी ने बताया कि 18 मई 2026 को शेरसिंह पुत्र भगवत सिंह राजपूत ने थाने में रिपोर्ट दी थी। जिसमें बताया था कि 17 मई को वह और उनकी पत्नी उदयपुर किसी काम से गए थे। बेटा-बहू घर में ही थे।चोर मौका पाकर रात में पीछे के रास्ते से घर में घुसे। चोरों ने कमरों के ताले तोड़े, अलमारी का लॉकर तोड़ा और सोना-चांदी के जेवरात और नकदी चोरी कर ले गए। सुबह बेटा-बहू के जागने पर चोरी का पता चला।
उदयपुर में अघोषित बिजली कटौती की समस्या अब आमजन के लिए परेशानी का सबब बनती जा रही है। शहर की इस गंभीर समस्या को लेकर कांग्रेस कमेटी ने अधिकारियों के सामने मोर्चा खोल दिया है। प्रदर्शन के दौरान उदयपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष फतेह सिंह राठौड़ के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, पार्षद, मंडल अध्यक्ष, ब्लॉक अध्यक्ष और विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारी एकत्र हुए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पटेल सर्कल स्थित राजस्थान विद्युत निगम के कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस जिलाध्यक्ष फतेह सिंह राठौड़ ने विभाग के अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अधिकारी तो वातानुकूलित कमरों में बैठे हैं, जबकि आम जनता इस भीषण गर्मी में चैन की सांस नहीं ले पा रही है। उन्होंने कहा कि बिजली की लगातार हो रही ट्रिपिंग के कारण बुजुर्ग दम तोड़ रहे हैं और बच्चों की पढ़ाई में भारी व्यवधान आ रहा है। अध्यक्ष फतेह सिंह राठौड़ ने अधिकारियों को दो दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर अगले कुछ दिनों में बिजली व्यवस्था नहीं सुधारी गई, तो स्थिति बदल जाएगी। इसके बाद अधिकारी सड़क पर होंगे और जनता कुर्सी पर होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि एक साल पहले भी एडिशनल चीफ और एसी स्तर के अधिकारियों को इस समस्या को लेकर ज्ञापन दिया गया था, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि अधिकारियों की बैठकें सिर्फ दिखावे के लिए ली जा रही हैं, जबकि जनता को कोई राहत नहीं मिल रही है। कांग्रेस ने साफ लहजे में विभाग को अंतिम चेतावनी दी है कि वे अपनी कार्यशैली और व्यवस्था को तुरंत दुरुस्त करें, अन्यथा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को अपनी शैली में व्यवस्था सुधारना अच्छी तरह आता है।
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