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उदयपुर शहर में आयोजित होने वाली इस भव्य रथयात्रा के लिए रथ निर्माण का कार्य जोर-शोर से चल रहा है। रथ समिति के कार्यकर्ता कमल चौहान ने बताया कि रथ को बेहद कलात्मक और भव्य रूप दिया जा रहा है। इस विशेष रथ की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें लगभग 90 से 95 किलो चांदी का उपयोग किया गया है। यह पूरी चांदी भगवान के प्रति श्रद्धा रखने वाले भक्तों द्वारा भेंट स्वरूप दी गई है। रथ के निर्माण और मरम्मत का कार्य कुशल कारीगरों द्वारा किया जा रहा है, ताकि व्यवस्था में किसी भी तरह की कोई कमी न रहे। चांदी से सुसज्जित इस भव्य रथ में कई अनूठी कलाकृतियों को शामिल किया गया है। रथ को मजबूती और सुंदरता देने के लिए चार विशेष पिलर और आठ मेहराब बनाए गए हैं। इसके साथ ही रथ के आगे दो चांदी के घोड़े और एक सारथी की प्रतिमा भी लगाई गई है, जो रथ को खींचने की मुद्रा में नजर आएंगे। रथ के साइड कवर्स को भी चांदी की नक्काशी से खूबसूरती से ढका गया है। इस रथयात्रा का एक और मुख्य आकर्षण भगवान की रेवाड़ी होगी, जिसमें गणेश का स्वरूप विराजमान रहेगा। यह रेवाड़ी मुख्य रथ के आगे-आगे चलेगी, जिससे रथयात्रा की शुरुआत पारंपरिक और मंगलकारी तरीके से हो सके। रथ का मुख्य ढांचा तैयार होने के बाद अब घोड़ों और अन्य हिस्सों पर पेंटिंग और फिनिशिंग का कार्य शुरू किया जा रहा है, जिसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।
भारतीय विमानन क्षेत्र के लिए यह उपलब्धि तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है। उदयपुर के डबोक स्थित महाराणा प्रताप एयरपोर्ट पर पहली बार इंडिगो के एयरबस ए-320 जेट विमान की सफल लैंडिंग स्वदेशी सैटेलाइट आधारित नेविगेशन प्रणाली ‘गगन’ की सहायता से कराई गई। यह पहला अवसर है जब किसी बड़े यात्री जेट विमान ने इस स्वदेशी तकनीक के जरिए सुरक्षित लैंडिंग की है। जीपीएस एडेड जियो ऑगमेंटेड नेविगेशन प्रणाली का विकास इसरो और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने संयुक्त रूप से किया है। यह प्रणाली सैटेलाइट आधारित नेविगेशन के माध्यम से विमान की सटीक स्थिति का आकलन करती है और रनवे तक पहुंचने के लिए पायलट को अत्यंत सटीक मार्गदर्शन उपलब्ध कराती है। विशेषज्ञों के अनुसार विमान की सुरक्षित लैंडिंग के लिए सेंटीमीटर स्तर की सटीकता आवश्यक होती है। सामान्य जीपीएस सिग्नल वायुमंडल की चार्ज्ड परत से प्रभावित हो सकते हैं, लेकिन गगन प्रणाली पूरे देश में स्थापित 15 ग्राउंड रेफरेंस स्टेशनों की मदद से इन त्रुटियों की पहचान कर उन्हें सुधारती है। संशोधित जानकारी जीसैट-8 और जीसैट-10 सैटेलाइट के माध्यम से पायलट तक पहुंचाई जाती है, जिससे लैंडिंग अधिक सुरक्षित और सटीक हो जाती है। अब तक बड़े एयरपोर्ट पर इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम यानी आईएलएस जैसे महंगे ग्राउंड उपकरणों पर निर्भरता अधिक थी। गगन तकनीक के सफल उपयोग से ऐसे एयरपोर्ट, जहां आईएलएस उपलब्ध नहीं है या सीमित है, वहां भी बड़े विमानों की सुरक्षित लैंडिंग संभव हो सकेगी। इससे एयरपोर्ट संचालन अधिक आधुनिक और किफायती बनने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि धुंध, बारिश, कम दृश्यता और खराब मौसम जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी गगन प्रणाली पायलट को रनवे की सटीक दिशा और विमान की वास्तविक स्थिति की जानकारी देती रहेगी। इससे उड़ानों की सुरक्षा बढ़ेगी, डायवर्जन की संभावना कम होगी और यात्रियों को अधिक भरोसेमंद एवं सुरक्षित हवाई सेवा का लाभ मिलेगा।
उदयपुर के सुखेर थाना क्षेत्र में सोमवार रात करीब 10 बजे अशोका पैलेस के सामने 100 फीट रोड पर दो बाइक सवार युवकों की मामूली टक्कर हुई। टक्कर के बाद दोनों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो कुछ ही देर में मारपीट में बदल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आरोपी अविनाश डांगी, जीत निमावत के साथ बीच सड़क लात-घूंसों से मारपीट करने लगा। घटना के दौरान सड़क पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। जब मौजूद लोगों ने बीच-बचाव करने का प्रयास किया और आरोपी नहीं माना, तो गुस्साए लोगों ने उसे पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई कर दी। बीच सड़क हुए हंगामे के कारण कुछ देर के लिए यातायात भी प्रभावित रहा और ट्रैफिक जाम जैसे हालात बन गए। घटना की सूचना मिलते ही सुखेर थानाधिकारी भरत योगी पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने भीड़ को हटाकर स्थिति पर नियंत्रण किया, यातायात सुचारु कराया और आरोपी को हिरासत में ले लिया।सुखेर थानाधिकारी भरत योगी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी अविनाश डांगी शराब के नशे में था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि उसने पहले जीत निमावत के साथ मारपीट की थी। इसके बाद गुस्साई भीड़ ने उसकी पिटाई कर उसे पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने आरोपी अविनाश डांगी को गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं घटना से जुड़े अन्य तथ्यों और पूरे घटनाक्रम की भी जांच की जा रही है।
दुष्कर्म जैसे गंभीर अपराध के मामलों में झूठी शिकायत दर्ज कराना अब कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है। उदयपुर में ऐसे ही चार मामलों में पुलिस जांच के बाद अदालत ने परिवादियों पर जुर्माना लगाने का आदेश दिया है। पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन ने बताया कि अगस्त 2023 में एक प्रार्थी ने देव नलवाया के खिलाफ अपनी बेटी के साथ दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था। इसके बाद दिसंबर 2024 में एक अन्य प्रार्थी ने कुनाल खटीक के खिलाफ अपनी बेटी से दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया। वहीं वर्ष 2026 के फरवरी माह में एक युवती ने प्रवीण मीणा और अप्रैल माह में दूसरी युवती ने माजिद खान के खिलाफ सूरजपोल थाने में दुष्कर्म के मामले दर्ज कराए थे।सूरजपोल थाना पुलिस ने सभी मामलों की जांच की। जांच के दौरान चारों प्रकरण झूठे पाए गए। इसके बाद थानाधिकारी रतन सिंह चौहान ने अदालत से आग्रह किया कि झूठे मुकदमे दर्ज कर विपक्षी पक्ष को परेशान करने और न्यायालय का समय व्यर्थ करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।पुलिस के आवेदन पर सुनवाई करते हुए पॉक्सो-2 कोर्ट ने चारों मामलों में संबंधित परिवादियों पर एक-एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई इस बात का संदेश है कि गंभीर अपराधों में झूठे आरोप लगाकर किसी को फंसाने और न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ भी कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
ग्राम पंचायत वाटी के वार्ड पंचों ने जिला कलेक्टर को दिए ज्ञापन में आरोप लगाया कि पंचायत में लंबे समय से अनियमितताएं और भ्रष्टाचार हो रहा है। उनका कहना है कि महिला सरपंच की जगह सरपंच पति पूरे पंचायत कार्यों का संचालन कर रहे हैं और आम लोगों के छोटे-छोटे काम भी बिना पैसे लिए नहीं किए जाते। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि नल कनेक्शन, प्रधानमंत्री आवास, शौचालय, मुफ्त राशन, एपीओ, पट्टा और अन्य सरकारी कार्यों के बदले लोगों से रुपए मांगे जाते हैं। जो व्यक्ति पैसे नहीं देता, उसे बार-बार पंचायत के चक्कर लगवाए जाते हैं। पंचों ने यह भी आरोप लगाया कि गांवों में नियमित सफाई नहीं हो रही है और निर्माण कार्यों में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। साथ ही वार्ड पंचों के प्रस्तावों की अनदेखी की जाती है और लंबे समय तक बैठकें भी आयोजित नहीं की जातीं। वार्ड पंच वंदना सालवी ने आरोप लगाया कि सरपंच पति मनमानी करते हैं और निर्वाचित पंचों की बातों को नजरअंदाज किया जाता है। वहीं वार्ड पंच सीताराम ने आरोप लगाया कि म्यूटेशन के मामलों में भी गंभीर गड़बड़ियां की गई हैं और शिकायत के बावजूद जांच लंबित है। उन्होंने कहा कि पंचायत में जनप्रतिनिधियों की कोई सुनवाई नहीं हो रही। वार्ड पंच मोहन सिंह ने भी आरोप लगाया कि जमीन और म्यूटेशन के मामलों में पक्षपात किया जा रहा है और पंचायत सचिव भी शिकायतों पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। वार्ड पंचों ने कलेक्टर से ग्राम पंचायत की संपूर्ण जांच और ऑडिट कराने, सरपंच और सरपंच पति के खिलाफ कार्रवाई करने और दोषी पाए जाने पर सरपंच को पद से हटाने की मांग की है। अब सभी की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।
उदयपुर के रानी रोड स्थित प्रस्तावित नाइट फूड जोन का निर्माण कार्य इन दिनों तेज गति से चल रहा है। नगर निगम की ओर से विकसित की जा रही इस महत्वाकांक्षी परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए दिन और रात दोनों समय निर्माण कार्य कराया जा रहा है। फिलहाल फूड जोन में बनने वाली दुकानों और अन्य आवश्यक संरचनाओं का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। निर्माण एजेंसियां निर्धारित समय सीमा के भीतर परियोजना को पूरा करने के लक्ष्य के साथ लगातार कार्य में जुटी हुई हैं। नगर निगम की इस परियोजना का उद्देश्य शहरवासियों और उदयपुर आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों को देर रात तक सुरक्षित और व्यवस्थित स्थान पर खानपान की सुविधा उपलब्ध कराना है। इसके शुरू होने के बाद लोगों को रात के समय भी विभिन्न प्रकार के व्यंजन एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकेंगे। प्रस्तावित नाइट फूड जोन पर्यटन को भी नई गति देगा। इससे स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलने के साथ रोजगार के नए अवसर भी मिलने की उम्मीद है। शहर में देर रात तक घूमने आने वाले पर्यटकों के लिए यह सुविधा विशेष रूप से लाभदायक साबित होगी। नगर निगम की योजना के अनुसार रानी रोड स्थित यह नाइट फूड जोन अगले वर्ष तक पूरी तरह तैयार हो जाएगा। इसके बाद इसे आमजन के लिए शुरू किया जाएगा, जिससे उदयपुर की पर्यटन और खानपान सुविधाओं में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ जाएगी।
उदयपुर में प्रेम प्रसंग के चलते एक व्यक्ति की अपहरण कर हत्या कर दी गई। सुखेर थाना क्षेत्र में 26 जून को मावली निवासी हिम्मत सिंह सोलंकी (45) महिला मित्र का कैलाशपुरी में इंतजार कर रहे थे। तभी पिकअप में सवार होकर 7-8 लोग आए और हिम्मत सिंह का अपहरण करके करीब 10 किलोमीटर दूर पहाड़ी पर ले गए थे। इसके बाद हिम्मत सिंह की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी।हिम्मत सिंह के घर नहीं लौटने पर परेशान परिजनों ने इस संबंध में सुखेर थाने में शनिवार को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस पर पुलिस ने 27 जून को सर्च अभियान चलाया। इसके बाद हिम्मत सिंह का शव पेसेफिक अस्पताल के पीछे पहाड़ी पर शनिवार शाम करीब 5 बजे मिला था।घटना के विरोध में राजपूत करणी सेना और समाज के लोगों ने रविवार को एमबी हॉस्पिटल में प्रदर्शन किया। हिम्मत सिंह शादीशुदा थे। उनके दो बच्चे हैं।सुखेर के थानाधिकारी भरत योगी ने बताया- पुलिस चार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। साथ ही पुलिस ने महिला को भी आरोपी बनाया है।जानकारी के अनुसार- मावली निवासी हिम्मत सिंह 26 जून को कार से कैलाशपुरी गए थे। सड़क किनारे गाड़ी खड़ी करके हिम्मत सिंह एक महिला का इंतजार कर रहे थे। करीब 10 मिनट बाद बिना नंबर की सफेद पिकअप आई और उनकी कार को जोरदार टक्कर मार दी। पिकअप में से 7 से 8 बदमाश उतरे।बदमाश ने लाठियों और पत्थरों से कार के कांच तोड़ दिए और हिम्मत सिंह को लाठियों से बेरहमी से पीटा। फिर पिकअप में पटककर अपहरण कर ले गए थे।करणी सेना ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और मृतक परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की। इसके बाद जिला प्रशासन के साथ बातचीत हुई। इसमें मृतक के परिवार को 5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी देने का निर्णय हुआ। प्रदर्शन शांत होने के बाद मृतक के शव का पोस्टमॉर्टम कर परिजनों को सुपुर्द किया।
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