आवाज़ हम सबकी
बांसवाड़ा जिले में राज्य सरकार के शुद्ध आहार, मिलावट पर वार अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए आमजन की सेहत से खिलवाड़ का बड़ा खुलासा किया है। नया बस स्टैंड क्षेत्र में स्थित एक जूस सेंटर पर छापेमारी के दौरान टीम ने करीब 25 किलो सड़े हुए आम बरामद किए, जिनसे जूस तैयार किया जा रहा था। जांच में यह भी सामने आया कि 22 लीटर तैयार आमरस में अत्यधिक मात्रा में कृत्रिम रंग मिलाया गया था, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने मौके पर ही पूरे आमरस को नाले में फिंकवाकर नष्ट करवा दिया। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया। खाद्य सुरक्षा टीम ने शहर के अन्य प्रतिष्ठानों पर भी कार्रवाई करते हुए सैंपल लिए। अबीज फ्रूट एंड जूस सेंटर से आमरस, पूर्णिमा किराना स्टोर से कोल्ड ड्रिंक, श्याम किराना से मिसब्रांड पैकेज्ड पानी और दो डेयरियों से दूध के सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने आमजन से अपील की है कि गर्मी के मौसम में खाने-पीने की वस्तुओं को लेकर विशेष सतर्कता बरतें और किसी भी प्रकार की मिलावट की आशंका होने पर तुरंत विभाग को सूचना दें।
देश भर में शुक्रवार से कॉमर्शियल गैस का इस्तेमाल करने वाले व्यापारियों और होटल संचालकों को बड़ा झटका लगा है। राजस्थान एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष दीपक गहलोत ने नई रेट लिस्ट की पुष्टि करते हुए बताया कि 19 किलोग्राम वाला कॉमर्शियल सिलेंडर अब 2106 रुपए के बजाय 3099 रुपए में मिलेगा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और एलपीजी की कीमतों में आए उछाल को इस भारी बढ़ोतरी का मुख्य कारण बताया जा रहा है। तेल कंपनियों ने न केवल बड़े सिलेंडर, बल्कि 5 किलोग्राम वाले छोटे सिलेंडर की कीमतों में भी 241 रुपए का इजाफा किया है। पहले यह सिलेंडर 592 से 616 रुपए के बीच मिलता था, जिसके लिए अब उपभोक्ताओं को 833 से 857 रुपए तक चुकाने होंगे। इससे उन स्टूडेंट और मजदूरों पर सीधा असर पड़ेगा जो छोटे सिलेंडर का उपयोग करते हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो इस साल जनवरी से अब तक कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में कुल 1490 रुपए की बढ़ोतरी हो चुकी है। पिछले साल दिसंबर में जो सिलेंडर 1669 रुपए का था, वह 1 मई तक आते-आते 3000 के पार पहुँच गया है। लगातार चौथे महीने हुई इस वृद्धि ने खान-पान के कारोबार से जुड़े लोगों की कमर तोड़ दी है। हालांकि, राहत की खबर आम गृहणियों के लिए है। पेट्रोलियम कंपनियों ने 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों को यथावत रखा है। राजस्थान में घरेलू सिलेंडर आज भी 916.50 रुपए की पुरानी दर पर ही उपलब्ध रहेगा। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कॉमर्शियल गैस की कीमतों में इस ऐतिहासिक वृद्धि से आने वाले दिनों में होटलों और रेस्टोरेंट में खाने की थाली महंगी हो सकती है।
उदयपुर के डबोक थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे-27 पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने मेवाड़ की सांस्कृतिक दुनिया को बड़ा झटका दिया है। इस हादसे में प्रसिद्ध भजन गायक धनराज जोशी की मौत हो गई, जबकि कार चालक राजेन्द्र सोनेरी गंभीर रूप से घायल हो गया। डबोक थानाधिकारी गोपाल नाथ के ने बताया कि हादसा दरोली गांव और एयरपोर्ट के बीच सुबह करीब 5 बजे हुआ। धनराज जोशी बीती रात हल्दीघाटी क्षेत्र के सैमन गांव में आयोजित भजन संध्या में शामिल होकर चित्तौड़गढ़ के बड़वाई स्थित अपने निवास लौट रहे थे। इसी दौरान उनकी कार अचानक डिवाइडर पर चढ़ गई और अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसा इतना भीषण था कि कार सवार दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस पहुंची और दोनों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने धनराज जोशी को मृत घोषित कर दिया, जबकि ड्राइवर का इलाज जारी है। जानकारी के मुताबिक कार्यक्रम से लौटते समय कार में उनका बेटा और अन्य साथी भी मौजूद थे, लेकिन वे किसी काम से उदयपुर में ही उतर गए थे, जिससे वे इस हादसे से सुरक्षित बच गए। पुलिस ने शव को डबोक हॉस्पिटल की मोर्चरी में रखवाया है और पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा जाएगा। भावुक करने वाली बात यह है कि अपनी आखिरी भजन संध्या में धनराज जोशी ने कहा था कि“चलते रहेंगे काफिले हमारे बग़ैर भी… एक तारा टूट जाने से आसमान सूना नहीं होता… मैं चला जाऊँगा तो दूसरे धनराज जोशी पैदा हो जाएंगे।” उनके ये शब्द अब सच्चाई बनकर लोगों को भावुक कर रहे हैं। इस घटना के बाद से मेवाड़ और मारवाड़ में शोक की लहर है और उनके भजन हमेशा लोगों के दिलों में गूंजते रहेंगे। आपको बता दे कि धनराज जोशी अपने भजनों और खास कॉमेडी अंदाज के लिए बेहद लोकप्रिय थे। उनकी असमय मौत से उनके चाहने वालों में गहरा शोक व्याप्त है।
ठगी और लूट का यह खेल सोशल मीडिया के जरिए शुरू हुआ। उदयपुर के मानक चौक निवासी 29 वर्षीय विष्णु पटेल, जो इवेंट मैनेजमेंट का काम करते हैं, उनकी मुलाकात सोशल मिडिया के जरिये डॉली नाम की युवती से हुई। दोस्ती के जाल में फंसाकर डॉली ने विष्णु को मिलने के बहाने बुलाया। जैसे ही विष्णु वहां पहुँचा, पहले से घात लगाकर बैठे हिमांशु मेहता गोडाजी और उसके करीब 8-10 साथियों ने उसे घेर लिया। इन बदमाशों के पास लाठी और धारदार हथियार मौजूद थे। बदमाशों ने विष्णु को जबरन अपनी कार में बैठा लिया और रातभर उसे शहर के अलग-अलग इलाकों में घुमाते रहे। इस दौरान विष्णु के साथ बेरहमी से मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी देकर उसका मोबाइल छीन लिया गया। बदमाशों ने विष्णु के गले से सोने की चेन, हाथ से अंगूठी और जेब में रखे 11 हजार रुपए लूट लिए। यहीं नहीं, आरोपियों ने उसकी रिहाई के बदले 5 लाख रुपए की मांग की। दहशत में आए विष्णु ने जैसे-तैसे 50 हजार रुपए की व्यवस्था की, जिसके बाद बदमाश उसे गोवर्धन विलास थाना क्षेत्र में ऑडी शोरूम के बाहर पटककर फरार हो गए। जाते समय विष्णु ने कार का नंबर नोट कर लिया। इसी एक सुराग के आधार पर सुखेर थाना पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपी युवती डॉली और उसके साथी को दबोच लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से लूटी गई चेन, अंगूठी और नकदी बरामद कर ली है। थानाधिकारी भरत योगी ने बताया कि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में दबिश दी जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह इसी तरह सोशल मीडिया के जरिए संपन्न युवकों को जाल में फंसाता था और फिर हथियारों के दम पर उनसे मोटी रकम वसूलता था। पुलिस अब आरोपियों के पुराने रिकॉर्ड खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्होंने और कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।
उदयपुर के पहाड़ा क्षेत्र स्थित पंजाब नेशनल बैंक वाली गली, गणेश नगर में वन विभाग ने मुखबिर की सूचना के आधार पर गुरूवार को बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। जानकारी के अनुसार विभाग को सूचना मिली थी कि एक घर में अवैध रूप से कछुए पालकर रखे गए हैं। सूचना मिलते ही वन विभाग उदयपुर पूर्व रेंज की टीम मौके पर पहुंची और संबंधित मकान की गहन तलाशी शुरू की। तलाशी के दौरान टीम को तीसरी मंजिल पर बने एक कमरे में दो स्टार कछुए मिले, जिन्हें मौके पर ही जब्त कर लिया गया। कार्रवाई के दौरान संबंधित व्यक्ति नासीर हुसैन शेख को विभागीय कार्यालय बुलाया गया, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है। वन विभाग इस बात की जांच कर रहा है कि ये कछुए कहां से लाए गए और इसके पीछे कोई बड़ा तस्करी नेटवर्क तो नहीं जुड़ा हुआ है। बताया जा रहा है कि स्टार कछुओं की बाजार में काफी मांग रहती है, जिसके चलते इनकी तस्करी के मामले भी सामने आते रहते हैं। यह कार्रवाई उपवन संरक्षक अजय चितौड़ा के निर्देश पर की गई, जिसमें क्षेत्रीय वन अधिकारी रविंद्र सिंह शक्तावत, गणपत सिंह के साथ भेरूलाल, पुष्पेन्द्र, अनुराधा और दिग्विजय सिंह की अहम भूमिका रही। फिलहाल वन विभाग पूरे मामले की जांच कर रहा है।
उदयपुर में लगातार बढ़ रही गर्मी का असर अब इंसानों के साथ-साथ पक्षियों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। ऐसे में गुलाब बाग स्थित बर्ड पार्क में पक्षियों को राहत देने के लिए वन विभाग द्वारा विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। भीषण गर्मी और तेज धूप से बचाव के लिए बर्ड पार्क में ग्रीन नेट लगाए गए हैं, जिससे सीधी धूप को रोका जा सके और अंदर का तापमान नियंत्रित रखा जा सके। इसके अलावा पक्षियों को ठंडक देने के लिए कूलर भी लगाए गए हैं, ताकि उन्हें गर्म हवाओं से राहत मिल सके।अधिकारियों के मुताबिक गर्मी के मौसम में पक्षियों को सबसे ज्यादा खतरा हीट स्ट्रेस और पानी की कमी से होता है। इसे ध्यान में रखते हुए बर्ड पार्क में पानी की उपलब्धता भी सुनिश्चित की गई है और समय-समय पर देखरेख की जा रही है। वन विभाग का कहना है कि इन व्यवस्थाओं से न सिर्फ पक्षियों को आराम मिल रहा है, बल्कि उनके स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।गुलाब बाग बर्ड पार्क में किए गए इन इंतजामों को देखने आने वाले पर्यटक भी इस पहल की सराहना कर रहे हैं। यह कदम वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता का भी संदेश देता है कि बदलते मौसम में जीव-जंतुओं की देखभाल कितनी जरूरी है।
बांसवाड़ा जिले में जनगणना को लेकर प्रशासन ने पूरी तैयारियां कर ली हैं और 1 मई से डिजिटल एवं स्व-जनगणना अभियान की शुरुआत की जा रही है। जिला कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत सिंह यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी देते हुए बताया कि इस बार जनगणना प्रक्रिया में तकनीक का विशेष उपयोग किया जा रहा है। कलेक्टर ने बताया कि जिलेभर में जनगणना कार्य के लिए कुल 15 टीमें गठित की गई हैं, जिनमें 12 टीमें ग्रामीण क्षेत्रों में और 3 टीमें शहरी क्षेत्रों में काम करेंगी। इसके अलावा 3413 प्रगणक 16 मई से घर-घर जाकर जनगणना का कार्य शुरू करेंगे। इस बार की जनगणना की सबसे खास बात यह है कि इसमें डिजिटल और स्व-जनगणना प्रणाली को लागू किया गया है। नागरिक अब ऑनलाइन माध्यम से स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे, जिससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बनेगी। प्रशासन का कहना है कि जनगणना के दौरान किसी भी व्यक्ति को अपने मूल दस्तावेज जैसे आधार कार्ड या अन्य पहचान पत्र किसी को देने की आवश्यकता नहीं होगी। पूरी प्रक्रिया तीन स्तर की जांच से गुजरेगी, जिसके बाद अंतिम सत्यापन किया जाएगा। कलेक्टर ने लोगों से अपील की है कि वे जनगणना कार्य में सहयोग करें और सही जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि जिले की सटीक जनसंख्या और संसाधनों का आंकलन किया जा सके।
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