आवाज़ हम सबकी
बाघपुरा थाने में बुधवार को दर्ज शिकायत के अनुसार पीड़िता ने आरोप लगाया है कि 19 जुलाई को उसके अंकल के बेटे दाउमा और दिनेश उसे अहमदाबाद लेकर गए थे। पीड़िता का दावा है कि वहां उसे एक फैक्ट्री के व्यक्ति को डेढ़ लाख रुपये में बेच दिया गया। इसके बाद उसे फैक्ट्री के एक कमरे में करीब पांच दिनों तक बंद रखा गया। पीड़िता ने आरोप लगाया कि इस दौरान उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए गए। उसने जब इस घटना की शिकायत पुलिस में करने की बात कही तो उसे जान से मारने की धमकी दी गई। घटना के बाद पीड़िता ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया और बुधवार को बाघपुरा थाने में लिखित शिकायत दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपों की जांच शुरू कर दी है। बाघपुरा थानाधिकारी गोपाल सिंह मीणा और जांच अधिकारी एएसआई प्रकाश चन्द्र मामले की जांच कर रहे हैं। पुलिस पीड़िता के आरोपों से जुड़े साक्ष्य जुटाने के साथ ही आरोपियों की भूमिका की पड़ताल कर रही है। जांच के दौरान अहमदाबाद स्थित उस फैक्ट्री और वहां से जुड़े लोगों की भूमिका को भी जांच के दायरे में लिया गया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि पीड़िता को किस परिस्थिति में अहमदाबाद ले जाया गया और मामले में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं। फिलहाल पुलिस की जांच और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उदयपुर के गोगुंदा क्षेत्र के पुनावली गांव में करीब 15 दिन पहले हुए वृद्ध दंपती हत्याकांड का सायरा पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझाते हुए मामले में शामिल छह आरोपियों में से पांच को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, बुधवार को संदिग्ध आरोपियों को डिटेन कर पूछताछ की गई थी। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर वृद्ध दंपती की हत्या करना स्वीकार किया। पुलिस जांच में सामने आया कि दंपती की गला घोंटकर हत्या की गई थी। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने फिल्म ‘दृश्यम’ देखकर हत्या की योजना बनाई थी। वृद्ध दंपती की हत्या के बाद से ही पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई थी। पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए और संदिग्धों से पूछताछ की। लगातार जांच और पूछताछ के बाद पुलिस को मामले में अहम सुराग मिले, जिसके आधार पर आरोपियों को पकड़ा गया। गिरफ्तार आरोपियों में कुशाल पालीवाल, चंदन यादव, दिलीप चौधरी, किशन और जीवन पालीवाल शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, वारदात में कुल छह आरोपी शामिल थे, जबकि पांच की गिरफ्तारी हो चुकी है और एक आरोपी को लेकर जांच जारी है। जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन मामले का विस्तृत खुलासा प्रेस कॉन्फ्रेंस में करेंगी। पुलिस अब हत्या के पीछे के कारण, आरोपियों की भूमिका और वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। साथ ही पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि हत्या की साजिश कब और कैसे रची गई तथा आरोपियों ने घटना के बाद पुलिस से बचने के लिए क्या-क्या प्रयास किए।
उदयपुर से करीब 18 किलोमीटर दूर उमरड़ा खेड़ा गांव में इन दिनों लेपर्ड का आतंक बना हुआ है। पिछले 18 घंटों में लेपर्ड पांच लोगों पर हमला कर चुका है। मंगलवार शाम लेपर्ड के हमले में गंभीर रूप से घायल लोगर लाल मीणा की बुधवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके बाद बुधवार को भी लेपर्ड ने गांव में चार अन्य लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। लगातार हो रहे हमलों से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। हालात को देखते हुए वन विभाग ने गांव को खाली करवाकर करीब 50 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया है। लेपर्ड को पकड़ने के लिए वन विभाग की ओर से चार पिंजरे लगाए गए हैं। इसके साथ ही अलग-अलग स्थानों पर कैमरा ट्रैप भी लगाए गए हैं। वन विभाग की टीमें लगातार इलाके में निगरानी कर रही हैं और लेपर्ड की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
नेशनल हाईवे-48 पर मेनार डाक बंगले के पास बुधवार शाम करीब 4 बजे यह भीषण सड़क हादसा हुआ। करीब 35 यात्रियों से भरी प्राइवेट बस मंगलवाड़ से सवारियां लेकर उदयपुर की तरफ आ रही थी। इसी दौरान तेज रफ्तार बस आगे चल रहे ट्रेलर को ओवरटेक करने की कोशिश में लाइन बदलते समय उससे टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस की छत और केबिन का हिस्सा उखड़कर बिखर गया। बस की सीटें और खिड़कियां भी क्षतिग्रस्त हो गईं। ड्राइवर सीट वाले हिस्से को छोड़कर बस का अगला भाग पूरी तरह टूट गया। हादसे के बाद बस चालक मौके से फरार हो गया।दुर्घटना की सूचना मिलते ही खेरोदा थाना पुलिस और हाईवे पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंची। आसपास के लोगों की मदद से बस में फंसे घायलों को बाहर निकाला गया और एंबुलेंस व निजी वाहनों से अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो घायलों ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।खेरोदा थानाधिकारी परमेश्वर पाटीदार ने बताया कि मृतकों में बंशीलाल टेलर निवासी पहाड़ा और भगवान लाल डांगी निवासी शोभागपुरा शामिल हैं, जबकि मृतक महिला की पहचान की जा रही है। हादसे में घायल 10 लोगों का इलाज जारी है और तीन घायलों की हालत गंभीर बताई गई है। हादसे के बाद हाईवे पर करीब एक घंटे तक जाम के हालात बने रहे। क्षतिग्रस्त बस को क्रेन की मदद से सड़क किनारे करवाकर यातायात व्यवस्था बहाल कराई गई। पुलिस के अनुसार बस की रफ्तार तेज थी और चालक ने ओवरटेक के दौरान लाइन बदलने की कोशिश की, जिसके चलते यह हादसा हुआ।
उदयपुर को स्मार्ट सिटी का तमगा मिले कई साल हो गए, लेकिन शहर की सड़कों पर कई जगहों की तस्वीर कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। सड़क पर सीवर लाइन और इलेक्ट्रिकल लाइन के लिए बनाए गए होल्स के ढक्कन जगह-जगह क्षतिग्रस्त और उबड़-खाबड़ हो चुके हैं। सड़क के बीचों-बीच मौजूद ये ढक्कन वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। खास तौर पर दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह स्थिति ज्यादा खतरनाक है। सड़क पर ये ढक्कन दूर से सामान्य नजर आते हैं, लेकिन जैसे ही वाहन इनके पास पहुंचता है, अचानक उबड़-खाबड़ हिस्सा सामने आ जाता है। ऐसे में वाहन चालक के पास अचानक धचका खाने या वाहन का संतुलन बिगड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता। देहलीगेट-बापू बाजार कॉर्नर पर भी ऐसा ही एक क्षतिग्रस्त ढक्कन लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। यहां से लगातार वाहनों की आवाजाही रहती है, ऐसे में किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। जनप्रतिनिधि उदयपुर को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने का दावा करते हैं, लेकिन सड़क पर बुनियादी सुविधाओं की यह स्थिति सवाल खड़े करती है। जरूरत है कि संबंधित विभाग ऐसे क्षतिग्रस्त ढक्कनों को चिह्नित कर जल्द दुरुस्त करवाएं, ताकि स्मार्ट सिटी की सड़कों पर किसी हादसे का इंतजार न करना पड़े।
अंजुमन चौक में आयोजित जलसे का आगाज बाद नमाज-ए-इशा कलाम-ए-पाक की तिलावत से हुआ। कार्यक्रम का संचालन मौलाना आजम रजवी ने किया। जलसे में मौलाना जुलकरनैन बल्यावी, मौलाना आस मोहम्मद मुजाहिदी और मौलाना सोबदार आलम सहित शहर और आसपास के कई उलमा-ए-किराम मौजूद रहे। उलमा ने पैगम्बरे इस्लाम की आमद से पहले दुनिया में फैली सामाजिक बुराइयों, उनकी पैदाइश के बाद समाज में आए सुधारों, जीवनचरित्र और शिक्षाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। लोगों से उनकी शिक्षाओं को जीवन में अपनाने और मोहब्बत, भाईचारे व इंसानियत का पैगाम आम करने की अपील की गई। जलसे में सूरत गुजरात से पहुंचे साबिर रजा अजहरी ने नातिया कलाम पेश किए। इस दौरान अंजुमन चौक सरकार की आमद मरहबा और दिलदार की आमद मरहबा के नारों से गूंज उठा। उधर, महावतवाड़ी मस्जिद में मंगलवार को बाद नमाज-ए-जौहर से मगरिब तक और मस्जिद मौला अली काजीवाड़ा में बाद नमाज-ए-मगरिब से बुधवार फज्र तक मुए मुबारक की जियारत कराई गई। बुधवार को बाद नमाज-ए-जौहर अंजुमन चौक से जुलूसे मोहम्मदी निकलेगा। जुलूस शहर के विभिन्न मार्गों से होकर गुजरेगा। अंजुमन तालीमुल इस्लाम ने अमन, सद्भाव और अनुशासन बनाए रखने, आतिशबाजी से बचने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है। ईद मिलादुन्नबी पर शहर के कई मुस्लिम बहुल इलाकों में आकर्षक रोशनी और सजावट भी की गई है।
तस्वीरें उदयपुर के शास्त्री सर्किल से भूपालपुरा जाने वाले मार्ग की हैं, जहां मंगलवार सुबह अचानक एक कार बेकाबू हो गई। देखते ही देखते कार सड़क किनारे खड़ी कई गाड़ियों से टकराती चली गई। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि कार में एक महिला सवार थी। महिला के मुताबिक, अचानक कार का संतुलन बिगड़ा और वह वाहन को संभाल नहीं सकीं। इसके बाद कार सीधे सड़क किनारे खड़े वाहनों से जा टकराई। टक्कर का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कार का टायर भी फट गया। वहीं सड़क किनारे खड़ी कई गाड़ियों को नुकसान पहुंचा। हादसे की सूचना और तेज टक्कर की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए और महिला को संभाला। घटना के बाद कुछ देर तक मौके पर भीड़ जमा रही। सड़क पर उस वक्त वाहनों की आवाजाही भी जारी थी। ऐसे में अगर कार किसी राहगीर या दूसरे वाहन से टकराती तो हादसा और भी गंभीर हो सकता था। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस पूरी घटना में किसी को गंभीर चोट नहीं आई और एक बड़ा हादसा टल गया। फिलहाल कार के अनियंत्रित होने की वजह महिला द्वारा बताए गए अचानक संतुलन बिगड़ने को माना जा रहा है। हादसे में क्षतिग्रस्त वाहनों को देखकर टक्कर की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
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