आवाज़ हम सबकी
भरतपुर ACB ने रिश्वत के मामले में असिस्टेंट इंजीनियर गोविंद प्रसाद को 30 हजार रुपए लेते गिरफ्तार किया है। ट्रैप के बाद आरोपी के घर की तलाशी में 43 लाख 38 हजार रुपए नकद और 20 किलो चांदी की सिल्लियां मिलीं। हिंडौन की दो दुकानों, मानसरोवर जयपुर के हाउसिंग बोर्ड मकान समेत अन्य संपत्तियों के दस्तावेज भी बरामद हुए हैं। ACB अब नकदी, चांदी और संपत्तियों के स्रोत की जांच कर रही है।
झालावाड़ जिले से बड़ी खबर सामने आ रही है। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में मंगलवार सुबह अचानक भूकंप के झटके महसूस किए जाने से हड़कंप मच गया। महज ढाई घंटे के अंतराल में तीन बार धरती हिलने से सहमे लोग अपने घरों और स्कूलों से बाहर खुले मैदानों में निकल आए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 3 मापी गई है, जिसका केंद्र जमीन के 15 किलोमीटर अंदर था। पिंडवाड़ा क्षेत्र के नोलाई, बरखेड़ी, खजुरी, नापाखेड़ी और आवर गांवों में सुबह करीब 7:15 बजे पहला झटका लगा, जिसके बाद 8:20 और 9:53 बजे फिर से झटके महसूस किए गए। अचानक धरती हिलने से मकानों की दीवारों में दरारें आ गईं। उस वक्त स्कूलों में बच्चे पढ़ाई कर रहे थे, जिन्हें तुरंत सुरक्षित बाहर निकालकर मैदान में बैठाया गया और सुरक्षा के लिहाज से स्कूलों में छुट्टी कर दी गई। प्रशासन ने ग्रामीणों से सतर्क रहने और अफवाहों से बचने की अपील की है।
उदयपुर जिले के ऋषभदेव थाना क्षेत्र से चिकित्सा कर्मियों की सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया था। सीएचसी ऋषभदेव में इलाज के बाद नशे में धुत होकर पहुंचे परिजनों ने नर्सिंग स्टाफ के साथ गाली-गलौज और गंभीर मारपीट की थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के निर्देशन और थानाधिकारी हेमंत अहारी के नेतृत्व में पुलिस ने यह कार्रवाई की है। प्रार्थी एवं नर्सिंग ऑफिसर पुष्पेंद्र डामोर ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 9 सितंबर की शाम कानुवाड़ा में बाइक दुर्घटना के घायलों को सीएचसी लाया गया था, जिनका समय पर उपचार कर दिया गया था। इसके बाद रात करीब 9:05 बजे घायल के परिजन शराब के नशे में अस्पताल पहुंचे और "सही इलाज नहीं करने" का झूठा आरोप लगाते हुए नर्सिंग स्टाफ से मारपीट और अभद्रता करने लगे। पुलिस ने तकनीकी सहयोग और आसूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी राकेश, आशीष, दिलीप और दिनेश को गिरफ्तार कर लिया। चारों आरोपियों को खेरवाड़ा न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
राजस्थान में अवैध मदिरा के कारोबार के खिलाफ आबकारी विभाग का 'विशेष निरोधात्मक अभियान' पूरी सख्ती के साथ जारी है। आबकारी आयुक्त नमित मेहता के निर्देश पर की जा रही ताबड़तोड़ कार्रवाई के तहत बीकानेर में एक ट्रक से 65 लाख रुपए की अवैध शराब पकड़ी गई है, वहीं प्रदेशभर में हजारों लीटर वॉश नष्ट करते हुए कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आबकारी आयुक्त नमित मेहता के निर्देशन में चल रहे विशेष अभियान के तहत लूनकरणसर आबकारी थाना टीम ने बीकानेर में भारतमाला रोड सेजड़ासर सरहद पर बड़ी कार्रवाई की। मुखबिर की सूचना पर नाकाबंदी कर एक ट्रक को रोका गया, जिसमें पशु आहार और लकड़ी के भूसे के कट्टों के नीचे छुपकर पंजाब निर्मित अंग्रेजी शराब के 732 कार्टन ले जाए जा रहे थे। जब्त शराब की अनुमानित कीमत करीब 65 लाख रुपए है, और मौके से चालक जयराम विश्नोई को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा प्रदेश के अन्य जिलों में भी आबकारी टीमों ने दबिश देकर बड़ी कार्रवाई की है। सवाई माधोपुर, श्रीगंगानगर, सूरतगढ़, अनूपगढ़, झालावाड़, जोधपुर, सिरोही, बांसवाड़ा और बूंदी में अवैध शराब और महुआ वॉश के खिलाफ धरपकड़ की गई। पूरे प्रदेश में चलाए गए इस अभियान के तहत एक ही दिन में 87 अभियोग दर्ज कर 19 हजार 220 लीटर वॉश नष्ट किया गया है और 23 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध मदिरा के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति के तहत यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
उदयपुर से बड़ी खबर सामने आ रही है। पंचायती राज संस्थाओं के विभिन्न पदों के लिए होने वाली आरक्षण की लॉटरी को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। नगरीय निकाय चुनावों के व्यस्त कार्यक्रम और प्रशासनिक व्यस्तताओं के चलते ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग ने यह बड़ा फैसला लिया है। ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग के उपायुक्त एवं उप शासन सचिव (प्रथम) जसवन्त सिंह ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। तय कार्यक्रम के अनुसार 17 सितंबर को जिला परिषद सदस्य, प्रधान और पंचायत समिति सदस्यों के आरक्षण के लिए लॉटरी प्रस्तावित थी, जबकि 18 सितंबर को सरपंच एवं वार्ड पंच पदों के लिए लॉटरी होनी थी।लेकिन, इसी दौरान 17 सितंबर को नगरीय निकायों के अध्यक्ष पद के लिए नामांकन पत्रों की जांच और 18 सितंबर को चुनाव चिन्हों का आवंटन निर्धारित होने के कारण प्रशासनिक व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए पंचायती राज संस्थाओं की इन लॉटरियों को स्थगित करना पड़ा है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि नगरीय निकाय चुनाव पूर्ण होने के बाद पंचायती राज चुनावों के लिए आरक्षण की नई तिथियां पृथक से जारी की जाएंगी।
उदयपुर नगर निगम चुनाव के नतीजों में मुस्लिम प्रतिनिधित्व को लेकर भी सियासी चर्चा तेज है। 80 वार्डों के परिणाम में कांग्रेस के टिकट पर मैदान में उतरे पांचों मुस्लिम प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की है। वहीं भाजपा के दो मुस्लिम प्रत्याशी चुनाव जीतने में सफल नहीं रहे। इन नतीजों के बीच शहर के अलग-अलग इलाकों में हुए करीबी मुकाबले और स्थानीय राजनीतिक समीकरण भी चर्चा में हैं। उदयपुर नगर निगम चुनाव में कांग्रेस के पांच मुस्लिम प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की है। इनमें हिदायतुल्ला, मीना बानो, हीना कौसर बानो, साजिद खान और रूखसार खान शामिल हैं। वहीं भाजपा का कोई भी मुस्लिम प्रत्याशी जीत नहीं सका। चुनाव परिणामों में स्थानीय समीकरणों का असर भी नजर आया। आयड़ और खांजीपीर जैसे इलाकों में भाजपा को हार मिली। वहीं साजिद खान ने 2790 वोटों से सबसे बड़ी जीत दर्ज की, जबकि आकाश वागरेचा महज 50 वोटों से जीते।
उदयपुर नगर निगम चुनाव में जीत के बाद भाजपा के विजयी पार्षदों की बाड़ेबंदी आखिरकार परिणाम आने के बाद कुछ देर के लिए खुल गई। 80 में से 53 वार्डों में जीत दर्ज करने वाले भाजपा पार्षद आज शहर लौटे और सीधे मतगणना स्थल पर पहुंच कर जीत की शपथ ली। खास बात यह रही कि बाड़ेबंदी से लौटे पार्षद सीधे एक साथ बस से पहुंचे और शपथ लेने के बाद उसी बस से वापस रवाना हो गए। इस दौरान कई महिला पार्षदों से मिलने उनके पति और बच्चे भी पहुंचे। बारिश के बावजूद परिवारजन अपनों की एक झलक पाने और उन्हें बधाई देने के लिए घंटों इंतजार करते नजर आए। देखिए ये रिपोर्ट... उदयपुर नगर निगम चुनाव में जीत के बाद भाजपा पार्षदों की बाड़ेबंदी का आज पहला चरण समाप्त हुआ और दूसरा चरण शुरू हो गया। 80 वार्डों में से 53 वार्डों पर जीत दर्ज करने वाले भाजपा के विजयी पार्षद बाड़ेबंदी से लौटकर उदयपुर पहुंचे। सभी पार्षदों को बस से लाया गया। बस से उतरते ही पार्षदों ने जीत की शपथ ली और इसके बाद वापस बस में सवार होकर रवाना हो गए। अब महापौर के चुनाव वाले दिन ये पार्षद फिर से नजर आ सकेंगे। लेकिन इस पूरे घटनाक्रम में सबसे भावुक तस्वीरें उस वक्त देखने को मिलीं, जब बाड़ेबंदी से लौटे पार्षदों से मिलने उनके परिवारजन पहुंचे। कई महिला पार्षदों के पति और बच्चे उन्हें मिलने के लिए पहुंचे। लंबे समय बाद अपनों से मुलाकात की बेताबी परिवारजनों के चेहरों पर साफ नजर आई। जीत की खुशी के बीच परिवार से मिलने का यह पल पार्षदों के लिए भी खास रहा। बारिश भी परिवारजनों के उत्साह को नहीं रोक सकी।बारिश के दौरान भी लोग भीगते हुए अपने विजयी पार्षदों का इंतजार करते रहे। जैसे ही बस पहुंची, परिवारजन अपनों से मिलने के लिए आगे बढ़े। किसी ने फूल-मालाओं से स्वागत किया तो किसी ने गले मिलकर जीत की बधाई दी।वहीं बाड़ेबंदी में शामिल रहे पार्षदों का पूरा कार्यक्रम भी बेहद सधे अंदाज में नजर आया।पार्षद बस से पहुंचे, शपथ ग्रहण की औपचारिकता पूरी की और फिर उसी बस में सवार होकर वापस रवाना हो गए। जीत के बाद भी पार्टी ने पार्षदों को एकजुट रखने की कवायद जारी रखी।इधर चुनाव में हारने वाले प्रत्याशियों को बाड़ेबंदी से मुक्त कर दिया गया।जीतने वाले पार्षदों की वापसी के साथ अब निगम में नई सत्ता के गठन की कवायद भी तेज हो गई है। भाजपा के 53 पार्षदों के साथ स्पष्ट बहुमत में होने से बोर्ड गठन का रास्ता साफ है, लेकिन अब सबकी नजरें महापौर के नाम और आगे होने वाले सियासी समीकरणों पर टिकी हैं। बाड़ेबंदी से लौटे विजयी पार्षदों के लिए आज का दिन जीत की खुशी के साथ अपनों से मुलाकात का भी रहा। बारिश में भी परिवारों का इंतजार, बस से उतरते ही बधाइयां और फिर शपथ के बाद उसी बस से वापसी—उदयपुर नगर निगम चुनाव की यह तस्वीर जीत के बाद के सियासती बंधन के साथ-साथ पारिवारिक रिश्तों की गर्माहट भी बयां करती नजर आई।
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