आवाज़ हम सबकी
तस्वीरों में दिखाई दे रहा यह नजारा उदयपुर के सीलावट वाड़ी क्षेत्र का है। सड़कों पर बहता यह पानी किसी मानसूनी बारिश या जलभराव का नहीं है, बल्कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत किए गए सीवरेज कार्य की भारी लापरवाही का नतीजा है। सीवरेज लाइन में हुए लीकेज के कारण लगातार गंदा और दूषित पानी सड़कों पर जमा हो रहा है, जिससे स्थानीय निवासियों के साथ-साथ यहाँ से गुजरने वाले राहगीरों का जीना भी मुहाल हो गया है। हैरानी की बात तो यह है कि जिस जगह पर यह गंदा पानी जमा हो रहा है, ठीक उसी स्थान पर एक पवित्र मंदिर भी स्थित है। मंदिर के ठीक सामने इस तरह की गंदगी जमा होने से स्थानीय लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं और श्रद्धालुओं को मंदिर जाने के लिए इस गंदे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। उदयपुर एक विश्व प्रसिद्ध टूरिस्ट सिटी है, जहाँ रोजाना हजारों की संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक आते हैं। ऐसे में शहर के बीचों-बीच स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत हुए इस घटिया निर्माण और प्रशासनिक अनदेखी के कारण पूरे शहर की छवि खराब हो रही है। अधिकारियों की इस लापरवाही ने न केवल पर्यटन को ठेस पहुंचाई है, बल्कि स्थानीय जनता के स्वास्थ्य पर भी बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। क्षेत्र के लोग अब प्रशासन से जल्द से जल्द इस सीवरेज लीक को ठीक करने की मांग कर रहे हैं ताकि उन्हें इस गंभीर समस्या से निजात मिल सके।
शुक्रवार को चेटक सर्कल क्षेत्र में लोगों की आवाजाही और यातायात सामान्य रूप से चल रहा था। इसी दौरान शिवाली रेस्टोरेंट के मुख्य गेट के बाहर अचानक बिजली के तारों में शॉर्ट सर्किट हुआ और देखते ही देखते वहां से चिंगारियां निकलने लगीं। कुछ ही क्षणों में तारों के आसपास धुआं और आग की लपटें दिखाई देने लगीं, जिससे मौके पर मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। घटना ऐसे स्थान पर हुई जहां दिनभर बड़ी संख्या में लोग और वाहन गुजरते हैं। आग की सूचना फैलते ही आसपास मौजूद लोग सतर्क हो गए और कुछ समय के लिए क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यदि आग समय रहते नियंत्रित नहीं होती तो यह आसपास के अन्य बिजली तारों तक फैल सकती थी और किसी वाहन को भी अपनी चपेट में ले सकती थी। इसी बीच मौके पर मौजूद समाजसेवी अनूप तिवारी ने सूझबूझ और त्वरित निर्णय का परिचय दिया। उन्होंने पास में पड़ी रेत का उपयोग करते हुए आग को फैलने से पहले ही नियंत्रित करने का प्रयास शुरू किया। उनकी तत्परता का परिणाम यह रहा कि आग पर कुछ ही देर में काबू पा लिया गया और स्थिति सामान्य हो गई। आग बुझने के बाद क्षेत्र में लोगों की भीड़ जमा हो गई। राहत की बात यह रही कि इस पूरे घटनाक्रम में किसी प्रकार की जनहानि या भारी नुकसान की सूचना सामने नहीं आई। वहीं, आग पर तत्काल नियंत्रण होने से एक संभावित बड़ी दुर्घटना टल गई।
इस्लामी कैलेंडर के अनुसार ज़िल हिज्जा महीने की 18वीं तारीख को मनाई जाने वाली ईद-ए-ग़दीर शिया समुदाय के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक मानी जाती है। यह दिन उस ऐतिहासिक घटना की याद दिलाता है जब पैगंबर हज़रत मुहम्मद ने ग़दीर-ए-ख़ुम के स्थान पर हज़रत अली को अपना उत्तराधिकारी और पहला इमाम घोषित किया था। इसी अवसर पर उदयपुर की शिया जामा मस्जिद में विशेष धार्मिक आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समुदाय के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर इस पर्व की अहमियत को याद किया। मस्जिद में धार्मिक वातावरण के बीच इबादत और दुआओं का सिलसिला चला, वहीं उपस्थित लोगों ने हज़रत अली की शिक्षाओं और उनके जीवन से प्रेरणा लेने का संकल्प भी दोहराया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता मौलाना फ़िरोज़ मिर्ज़ा रहे, जिन्होंने अपनी तक़रीर में ईद-ए-ग़दीर के धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व को बताया। उन्होंने कहा कि यह दिन केवल एक धार्मिक पर्व नहीं बल्कि सत्य, न्याय, नेतृत्व और इंसानियत के मूल्यों को अपनाने का संदेश भी देता है। उन्होंने हज़रत अली के व्यक्तित्व, उनके ज्ञान, साहस और समाज के प्रति समर्पण को मानवता के लि
उदयपुर के प्रतापनगर थाना क्षेत्र में सोशल मीडिया के दुरुपयोग का मामला आया। प्रतापनगर थाना क्षेत्र के बेडवास निवासी शंकरलाल जाट ने रिपोर्ट दर्ज करवाई कि आरोपी पूरण चौधरी ने अपनी फेसबुक आईडी पर उनकी पत्नी की फोटो स्टोरी के रूप में अपलोड कर वायरल कर दी। शिकायत में बताया गया कि इससे परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची और उन्हें मानसिक पीड़ा का सामना करना पड़ा। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के साथ आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नियमों के उल्लंघन के खिलाफ की जा रही परिवहन विभाग की कार्रवाई उस समय विवादों में घिर गई, जब मौके पर मौजूद लोगों और विभागीय अधिकारियों के बीच तीखी बहस की स्थिति बन गई। मामला गोगुंदा क्षेत्र का है, जहां आरटीओ टीम नियमित जांच अभियान के तहत वाहनों की जांच कर रही थी। जानकारी के मुताबिक जांच के दौरान एक ट्रैक्टर को अटैचमेंट लगाकर कथित रूप से व्यावसायिक कार्य करते हुए पाया गया। परिवहन नियमों के तहत जांच के बाद आरटीओ टीम ने वाहन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए लगभग 80 हजार रुपये का चालान बनाया। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई नियमानुसार की गई थी। बताया जा रहा है कि चालान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आरटीओ टीम ट्रैक्टर को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए थाने ले जाने की तैयारी कर रही थी। इसी दौरान भाजपा के मंडल अध्यक्ष निखिल कोठारी मौके पर पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने कार्रवाई को लेकर आरटीओ कर्मियों से बहसबाजी शुरू कर दी और विभागीय कार्रवाई का विरोध किया। आरटीओ टीम का आरोप है कि विवाद के दौरान राजकीय कार्य में बाधा उत्पन्न हुई। साथ ही अधिकारियों के साथ अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज किए जाने की भी शिकायत की गई है। विभाग का यह भी आरोप है कि विवाद के बीच ट्रैक्टर को मौके से ले जाया गया। घटना के बाद आरटीओ टीम ने पूरे घटनाक्रम की लिखित शिकायत गोगुंदा थाने में प्रस्तुत की। परिवाद में राजकार्य में बाधा पहुंचाने, सरकारी कार्रवाई में हस्तक्षेप करने तथा अभद्र व्यवहार किए जाने के आरोप लगाए गए हैं। शिकायत मिलने के बाद गोगुंदा थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों, मौके पर मौजूद लोगों के बयान, उपलब्ध दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की पड़ताल कर रही है। वहीं इस घटना को लेकर क्षेत्र में विभिन्न चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। परिवहन विभाग का कहना है कि नियमों के तहत की जाने वाली कार्रवाई में किसी प्रकार का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सरकारी भूमि पर कब्जा कर अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ उदयपुर विकास प्राधिकरण ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। प्राधिकरण क्षेत्राधिकार में आने वाले राजस्व ग्राम डांगियों की पंचोली में यूडीए की टीम ने अतिक्रमण हटाकर सरकारी भूमि को मुक्त कराया। यूडीए आयुक्त अभिषेक खन्ना और सचिव हेमेन्द्र नागर के निर्देशानुसार तहसीलदार प्राधिकरण डॉ. अभिनव शर्मा और रणजीतसिंह विडू के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। प्राधिकरण के अनुसार राजस्व ग्राम डांगियों की पंचोली सहित अन्य भूमि राजस्व रिकॉर्ड में उदयपुर विकास प्राधिकरण के नाम दर्ज है और यह सरकारी भूमि है। प्राधिकरण का कहना है कि कुछ दलालों और भू-माफियाओं द्वारा हाल ही में इस भूमि पर अवैध निर्माण कार्य शुरू किया गया था। प्रारंभिक स्तर पर ही इन निर्माण कार्यों को रोक दिया गया था। इसके बावजूद राजकीय अवकाश के दौरान चोरी-छिपे निर्माण किए जाने की सूचना मिलने पर प्राधिकरण ने उदयपुर विकास प्राधिकरण अधिनियम-2023 के तहत संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर सुनवाई का अवसर दिया। सुनवाई के दौरान निर्माणकर्ताओं द्वारा भूमि स्वामित्व से जुड़े वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर नियमानुसार अतिक्रमण हटाने का निर्णय लिया गया। कार्रवाई के दौरान करीब 15 से 20 पक्की बाउंड्रीवाल, निर्माणाधीन मकान और अन्य अस्थायी निर्माणों को ध्वस्त किया गया।प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक इस कार्रवाई से लगभग 7 लाख वर्गफीट सरकारी भूमि अतिक्रमण मुक्त कराई गई है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 150 करोड़ रुपये बताई जा रही है। यूडीए ने स्पष्ट किया कि अभियान के दौरान किसी भी रहवासी मकान को नहीं हटाया गया और न ही ऐसे निर्माणों को नुकसान पहुंचाया गया, जिनमें स्थानीय परिवार लंबे समय से निवास कर रहे हैं। प्राधिकरण ने आमजन से भी अपील की है कि बिना वैध दस्तावेजों वाली भूमि खरीदने से बचें। यूडीए का कहना है कि भू-माफिया पहले बाउंड्रीवाल और बाड़ लगाकर कब्जा करते हैं और बाद में ऐसे भूखंड कम कीमत पर बेचने का प्रयास करते हैं। कार्रवाई के दौरान प्राधिकरण दल और होमगार्ड जाब्ता भी मौके पर मौजूद रहा।
उदयपुर के भैरवगढ़ मार्ग पर रात करीब 9 बजे एक कार की टक्कर से लेपर्ड गंभीर रूप से घायल हो गया था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उसके मुंह पर गहरी चोट लगी थी और खून बह रहा था। हादसे के बाद वह कुछ देर तक सड़क पर पड़ा रहा, लेकिन लोगों की आवाजाही बढ़ने पर घिसटते हुए सड़क किनारे झाड़ियों में जाकर छिप गया। घटना की सूचना मिलते ही सुखेर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और वन विभाग को भी जानकारी दी गई। अंबेरी वन क्षेत्र के फॉरेस्टर पंकज खटीक ने लेपर्ड की लोकेशन ट्रेस कर रेस्क्यू टीम को मौके पर बुलाया। इसके बाद झाड़ियों में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। टॉर्च की रोशनी पड़ते ही घायल लेपर्ड गुर्राता और दहाड़ता हुआ दूसरी दिशा में भाग निकला, जिसके बाद टीम ने दोनों ओर से घेराबंदी कर दी। रात करीब 12 बजकर 45 मिनट पर शूटर अजीतसिंह राणावत ने ट्रैंक्यूलाइजिंग गन से निशाना साधकर शॉट दागा। दवा का असर शुरू होने के बाद टीम ने करीब 20 मिनट इंतजार किया और फिर उसके पास पहुंचने का प्रयास किया। हालांकि उस समय तक लेपर्ड पूरी तरह बेहोश नहीं हुआ था। इसी दौरान लेपर्ड ने अचानक हमला कर वन विभाग के सदस्य जितेंद्र सिंह देवड़ा को घायल कर दिया। हमले में उनके दोनों हाथों और चेहरे पर चोटें आईं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अपनी जान बचाने के लिए जितेंद्र सिंह देवड़ा ने भी लेपर्ड को पकड़ लिया। शोर सुनकर अन्य वनकर्मी, मौके पर मौजूद लोग और एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनंत कुमार भी उनकी सहायता के लिए दौड़े। करीब आधे घंटे बाद लेपर्ड पूरी तरह निढाल हो गया, जिसके बाद टीम ने उसे जाल की मदद से सुरक्षित पकड़ा। अतिरिक्त सुरक्षा के तौर पर उसे बांधकर वाहन में शिफ्ट किया गया और सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल पार्क स्थित लेपर्ड रेस्क्यू सेंटर पहुंचाया गया। घटना चित्रकूट नगर के उस पहाड़ी क्षेत्र में हुई, जहां पहले भी लेपर्ड की आवाजाही सामने आ चुकी है।
Stay updated with the latest morning news from Udaipur and surrounding areas
Live virtual tour of the magnificent City Palace complex
Traditional Rajasthani folk music and dance performances
Featuring successful local entrepreneurs and their stories