आवाज़ हम सबकी
उदयपुर के भूपालपुरा थाना क्षेत्र के सरदारपुरा इलाके में गुरुवार रात अज्ञात चोरों ने बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोरों ने एक सूने मकान का ताला तोड़कर घर में प्रवेश किया और सोने-चांदी के कीमती आभूषणों के साथ नकदी पर हाथ साफ कर दिया। जानकारी के अनुसार मकान मालिक चतर लाल सोमानी गुरुवार रात अपने परिवार के साथ भीलवाड़ा में एक शादी समारोह में शामिल होने गए हुए थे। इसी दौरान चोरों ने मौके का फायदा उठाया। मुख्य दरवाजे का ताला तोड़कर चोर घर के अंदर घुसे और अलमारी के ताले तोड़कर करीब 20 तोला सोना, चांदी के आभूषण और नकदी चोरी कर ली। शुक्रवार सुबह जब परिवार भीलवाड़ा से लौटकर घर पहुंचा तो घर के अंदर का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। सारा सामान बिखरा हुआ था और अलमारी के ताले टूटे हुए मिले। इसके बाद तत्काल भूपालपुरा थाना पुलिस को सूचना दी गई। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि चोर आयड़ नदी की ओर से मकान में घुसे और वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हो गए। सूचना पर एफएसएल टीम भी मौके पर पहुंची और जरूरी साक्ष्य जुटाए। वहीं भूपालपुरा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। फिलहाल पुलिस अज्ञात चोरों की तलाश में जुटी हुई है। क्षेत्र में लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है और लोग सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
गोगुंदा कस्बे के मेघवाल मोहल्ले में अज्ञात चोरों ने तीन सूने मकानों को निशाना बनाकर बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया। सबसे पहले चोर मोहनलाल मेघवाल के घर में घुसे, जहां कमरे में रखी तीन लोहे की पेटियों के ताले तोड़ दिए गए। पेटियों में रखा सामान पूरी तरह अस्त-व्यस्त मिला। चोर यहां से करीब डेढ़ तोला सोना, पौन किलो चांदी के जेवरात और लगभग 50 हजार रुपये से अधिक की नगदी चोरी कर ले गए। इस घटना में मोहनलाल को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। इसके बाद चोरों ने मांगीलाल मेघवाल के घर को निशाना बनाया। अलमारी में रखे सोने का मादलिया, आधा किलो से अधिक चांदी के जेवरात, बैग में रखे करीब 7 हजार रुपये नगद और बर्तन चोरी कर लिए गए। इसके बाद चोरों ने मोहनलाल के मकान के पास स्थित हमेरलाल के घर के ताले भी तोड़ दिए, लेकिन इसी दौरान मोहल्लेवासियों के जाग जाने से चोर मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही मोहल्ले में अफरा-तफरी मच गई। पीड़ित मोहनलाल ने गोगुंदा पुलिस को सूचना दी, जिस पर पुलिस जाब्ता मौके पर पहुंचा और मौका मुआयना किया। पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि मोहनलाल और उनकी पत्नी मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। वर्षों की मेहनत से जोड़ी गई पूंजी चोरी हो जाने से दंपती सदमे में हैं। लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं से क्षेत्रवासियों ने पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग तेज कर दी है।
यूजीसी द्वारा जनवरी 2026 में लागू किए गए नए कानून Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulation 2026 के विरोध में उदयपुर जिला कलेक्ट्रेट परिसर में विप्र फाउंडेशन, सर्व ब्राह्मण समाज और सवर्ण संगठनों के सदस्यों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए इस अधिसूचना को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग उठाई।प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस अधिसूचना के तहत सभी विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में 90 दिनों के भीतर इक्विटी कमेटियों के गठन का प्रावधान किया गया है, जिन्हें शिकायतों की जांच के व्यापक अधिकार दिए गए हैं। समाज के लोगों का आरोप है कि यह कानून सामाजिक समरसता को कमजोर करेगा। विप्र फाउंडेशन जोन वन के प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र पालीवाल ने कहा कि यह कानून भारत के संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 21 की भावना के अनुरूप नहीं है और समान अवसर के सिद्धांत को कमजोर करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कानून सनातन धर्म की एकता को खंडित करने वाला है और समाज में टकराव की स्थिति पैदा करेगा। पालीवाल ने यह भी कहा कि इस कानून के माध्यम से एसटी, एससी और ओबीसी वर्ग के छात्रों को सवर्ण समाज के छात्रों के खिलाफ झूठी शिकायत करने का अवसर मिलेगा, जिससे विश्वविद्यालयों का सामाजिक संतुलन बिगड़ेगा। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस कानून को वापस नहीं लिया तो देशभर में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन के बाद जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष निर्णय की मांग की गई।
वीआईपी रोड पर बैंक ऑफ बड़ौदा के सामने बना वही खतरनाक गड्ढा, जिसने दो दिन पहले दो जिंदगियां छीन ली थीं, अब मिट्टी और बजरी से भर दिया गया है। नगर निगम की ओर से देर से की गई इस कार्रवाई से सड़क पर चलने वाले वाहन चालकों को थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन स्थायी समाधान अभी भी अधूरा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गड्ढे को केवल ऊपर से भर दिया गया है। सड़क की मजबूती, लेवलिंग और ड्रेनेज सिस्टम पर कोई काम नहीं हुआ। बारिश या भारी ट्रैफिक होने पर यह भराव फिर से बैठ सकता है और बड़ा हादसा दोबारा हो सकता है। सबसे गंभीर बात यह है कि मौके पर अब भी कोई स्पीड ब्रेकर, चेतावनी बोर्ड या रिफ्लेक्टर नहीं लगाया गया है।आपको बता दे कि इसी स्थान पर तेज रफ्तार कार गड्ढे से बचने के प्रयास में बेकाबू हो गई थी और नाश्ते के ठेले को उड़ाते हुए चार लोगों को कुचल दिया था। इसमें दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि दो घायलों का इलाज अब भी जारी हैं। हादसे के बाद विधायक द्वारा स्थायी मरम्मत और सुरक्षा इंतजाम का आश्वासन दिया गया था, लेकिन फिलहाल सिर्फ खानापूर्ति होती नजर आ रही है। क्षेत्रवासी प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि सड़क का पक्का निर्माण, स्पीड ब्रेकर, साइन बोर्ड और बैरिकेड्स लगाए जाएं, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे को होने से रोका जा सके।
उदयपुर के भुवाणा स्थित खसरा नंबर 1961 की आधा बीघा जमीन अब बड़े राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गई है। मंगलवार को कांग्रेस ने कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन कर भाजपा सरकार और स्थानीय विधायक पर गंभीर आरोप लगाए। शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष फतह सिंह राठौड़ ने कहा कि जिले में आदिवासियों की जमीनों को हड़पना अब आम बात हो गई है। उन्होंने दावा किया कि भुवाणा के मूल खातेदार ने पहले यह जमीन दो करोड़ रुपये में चित्तौड़गढ़ के एक व्यक्ति को बेची थी, लेकिन सत्ता के दबाव में खेल पलट दिया गया। कांग्रेस का आरोप है कि पुलिस अधिकारियों और भाजपा नेताओं ने मिलकर खातेदार को सुखाड़िया यूनिवर्सिटी के गेस्ट हाउस में बंधक बनाया। आरोप के मुताबिक, रिवॉल्वर और लाठियों के दम पर महज 12 लाख रुपये में जमीन की फिर से रजिस्ट्री करवाई गई। इतना ही नहीं, पीड़ित खातेदार को ही ठगी के फर्जी मामले में फंसाकर जेल भेज दिया गया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश की भाजपा सरकार को पर्ची सरकार करार देते हुए कहा कि उदयपुर में जमीनों के जितने भी विवाद सामने आ रहे हैं, उनमें सत्ताधारी दल के नेताओं और अधिकारियों की मिलीभगत साफ नजर आ रही है। पूर्व सांसद रघुवीर सिंह मीणा और फतह सिंह राठौड़ ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की है कि पीड़ित आदिवासी परिवार को उसकी जमीन वापस दिलाई जाए। उन्होंने इस मामले में लिप्त पुलिस अधिकारियों के खिलाफ तुरंत कड़ी कार्रवाई करने और विधायक के इस्तीफे की भी मांग की है। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि वे गरीबों और आदिवासियों का शोषण बर्दाश्त नहीं करेंगे और यदि जल्द ही न्याय नहीं मिला, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।
उदयपुर एक बार फिर देश के अग्नि योद्धाओं की शारीरिक दक्षता और खेल कौशल का गवाह बन रहा है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ऑल इंडिया फायर सर्विस स्पोर्ट्स एंड फायर सर्विस मीट-2026 का आयोजन उदयपुर में कर रहा है। इसका उद्घाटन राजस्थान के जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने मशाल जलाकर किया। 27 से 31 जनवरी तक चलने वाली इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में ईआरटीओ, एयरपोर्ट अथॉरिटी सहित विभिन्न केंद्रीय संगठनों की फायर सेफ्टी टीमें विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से लगभग 1500 फायर ऑफिसर, फायर फाइटर्स और फायरमैन हिस्सा ले रहे हैं। प्रतिष्ठित आयोजन ऑल इंडिया फायर सर्विस स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड द्वारा कराया जा रहा है। आयोजन ऑल इंडिया फायर सर्विस स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड द्वारा करवाया जा रहा है। प्रतियोगिता में खेलों के साथ-साथ फायर फाइटर्स के पारंपरिक और तकनीकी खेल भी आयोजित होंगे।इस मौके पर मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने कहा- हम सभी धरती पुत्र हैं। हमें सेवा करने का अवसर मिला है। भले ही यह नौकरी हो, लेकिन इसे पहले सेवा भाव से निभाना चाहिए। फायर ऑफिसर एवं कर्मचारी देश के किसी भी कोने में आगजनी या आपदा जैसी स्थिति में अपनी जान की परवाह किए बिना दूसरों की जान बचाने के लिए तत्पर रहते हैं, यही सच्ची देश सेवा है।टूर्नामेंट के समन्वयक और निगम में मुख्य अग्निशमन अधिकारी बाबूलाल चौधरी ने बताया कि इसमें एथलेटिक्स, आर्म रेसलिंग, बैडमिंटन, क्रिकेट, लॉन टेनिस, टेबल टेनिस, कुश्ती, सीढ़ी दौड़, मस्टर, ‘सबसे ताकतवर अग्निशामक’ और ‘अल्टीमेट फायर फाइटर’ जैसी विशेष प्रतियोगिताएं होंगी। आयोजन का मुख्य उद्देश्य अग्निशमन सेवा से जुड़े कर्मियों की फिटनेस को परखना और उनके बीच टीम वर्क व खेल भावना को प्रोत्साहित करना है। इस दौरान उनके फायर स्किल्स की भी परीक्षा होगी, जिसमें भारी होज पाइप के साथ दौड़ (होज रन), सीढ़ियों पर चढ़कर बचाव कार्य (लैडर ड्रिल) और हाइड्रेंट तकनीक का सटीक प्रदर्शन (फायर ड्रिल) करना होगा। नियमित खेल में फुटबॉल, बैडमिंटन, टेनिस, तैराकी, साइक्लिंग, जैवलिन थ्रो, टेबल टेनिस और एथलेटिक्स (100-200 मीटर व रिले रेस) की प्रतियोगिताएं होंगी।खास बात यह है कि भारत साल 2029 में गुजरात में वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स की मेजबानी करने जा रहा है, ऐसे में अंतरराष्ट्रीय स्तर के बड़े आयोजन की तैयारी और खिलाड़ियों के चयन के लिहाज से उदयपुर का यह टूनामेंट काफी महत्वपूर्ण हैं।
उदयपुर के सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में नई लॉयन सफारी की शुरुआत से पहले वन विभाग के लिए पिछला हफ्ता चुनौतीपूर्ण रहा। एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत गुजरात के जूनागढ़ से लाए गए 7 वर्षीय शेर सम्राट और 3 वर्षीय शेरनी सुनयना को नए वातावरण के अभ्यास के लिए खुले बाड़े में छोड़ा गया था। शेर सम्राट तो समय पर लौट रहा था, लेकिन सुनयना को जंगल की आबोहवा इतनी रास आ गई कि वह पिछले चार दिनों से शेल्टर होम नहीं लौटी। 20 हेक्टेयर के विशाल सफारी क्षेत्र में ऊंची घास और घनी झाड़ियों के कारण शेरनी बार-बार नजरों से ओझल हो रही थी। वन विभाग की सबसे बड़ी चिंता फेसिंग के बाहर इंसानी आवाजाही को लेकर थी। शेरनी की तलाश के लिए वनकर्मियों की टीम ने सफारी के सबसे ऊंचे पॉइंट क्लाउड-9 पहाड़ी पर बने कमरों की छतों को अपना वॉच टावर बनाया। दिन-रात दूरबीन से की गई निगरानी के दौरान जब शुक्रवार को शेरनी की लोकेशन ट्रेस हुई, तो विभाग ने तुरंत रणनीति बदली। एक विशेष वाहन के जरिए शेरनी की घेराबंदी की गई और उसे धीरे-धीरे शेल्टर होम की दिशा में धकेला गया। करीब एक घंटे के प्रयास के बाद शाम साढ़े छह बजे सुनयना ने सही रास्ता पकड़ा और सुरक्षित अपने एनक्लोजर में दाखिल हो गई। गौरतलब है कि इस लॉयन सफारी का शिलान्यास जून 2024 में हुआ था, जो शहर से महज 5 किलोमीटर दूर स्थित है। अब जबकि शेरनी अपने खाने-पीने की नियत जगह से परिचित हो गई है, वन अधिकारियों को उम्मीद है कि वह जल्द ही इस नए ठिकाने में पूरी तरह ढल जाएगी। अगले माह प्रस्तावित लॉयन सफारी के भव्य उद्घाटन की तैयारियों में जुटे प्रशासन के लिए सुनयना की यह घर वापसी किसी बड़ी राहत से कम नहीं है। अब जल्द ही पर्यटक यहाँ सम्राट और सुनयना की दहाड़ सुन सकेंगे।
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