आवाज़ हम सबकी
28 अप्रैल को प्रार्थी चुन्नीलाल भोई ने सुखेर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि अम्बेरी स्थित मेरीडियम मार्बल के पास से उनकी पिकअप चोरी हो गई है। पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। थानाधिकारी भरत योगी के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने आसूचना और तकनीकी सहयोग से जाल बिछाया। पुलिस ने संदिग्धों पर नजर रखी और आरोपी कैलाश को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ के बाद आरोपी ने पिकअप चोरी की वारदात कबूल कर ली, जिसकी निशानदेही पर चोरी किया गया वाहन बरामद कर लिया गया। पुलिस जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि कैलाश कोई साधारण चोर नहीं, बल्कि एक शातिर और आदतन अपराधी है। आरोपी के खिलाफ उदयपुर के भूपालपुरा, अम्बामाता, गोगुन्दा, फलासिया और हिरणमगरी थानों के अलावा राजसमंद और पाली जिलों में भी वाहन चोरी के कई प्रकरण दर्ज हैं, जिनमें उसका चालान भी हो चुका है। फिलहाल पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है, जिससे अन्य वारदातों और चोरी के वाहनों की खरीद-फरोख्त से जुड़े गिरोह का पर्दाफाश होने की संभावना है।
घंटाघर थाना क्षेत्र में हुई सनसनीखेज फायरिंग और धारदार हथियार से हमले की वारदात के बाद पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उदयपुर एसपी डॉ. अमृता दुहन ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में इरफान खान पठान, अरबाज खान और मोहम्मद हुसैन उर्फ मक्खी शामिल हैं। वहीं फरार आरोपी मोहसिन और अर्जुन की तलाश जारी है। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह पूरी वारदात पुरानी रंजिश का नतीजा थी। करीब 10 से 12 दिन पहले इरफान खान पठान का मोहसिन उर्फ पिनोक्यो, सलमान और नाजिम से विवाद हुआ था। उस दौरान इरफान अपनी आई-20 कार से जा रहा था, तभी उसे रोककर धमकाया गया था। इससे पहले करीब डेढ़ महीने पहले भी सुखाड़िया सर्कल पर इरफान खान के साथ मारपीट की घटना हुई थी। इसी रंजिश के चलते आरोपियों ने हमला करने की साजिश रची। पुलिस के मुताबिक घटना से करीब पांच दिन पहले अवैध पिस्टल मध्य प्रदेश से मंगवाई गई थी। इसके बाद इरफान, अरबाज, मोहसिन और अर्जुन ने मिलकर सलमान, नाजिम और मोहसिन को निशाना बनाने की योजना बनाई। बुधवार रात सिलावटवाड़ी इलाके में सलमान, मोहसिन और नाजिम एक दुकान के बाहर बैठे थे। तभी दो बाइकों पर सवार होकर 8 से 10 बदमाश मौके पर पहुंचे और युवकों पर तीन राउंड फायर किए। फायरिंग में सलमान की रीढ़ की हड्डी पर गोली लगी। इसके बाद मोहसिन और नाजिम जान बचाकर भागने लगे तो बदमाशों ने पीछा कर उन पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। मोहसिन के हाथ और पीठ पर गंभीर चोटें आईं, जबकि नाजिम भी घायल हो गया। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी। फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
उदयपुर शहर में रेलवे स्टेशन से लेकर कलेक्टर आवास के आवास तक बनाए जा रहे फ्लाईओवर निर्माण कार्य में सुरक्षा नियमों की खुली अनदेखी देखने को मिल रही है। निर्माण स्थल पर कई मजदूर ऊंचाई पर बिना हेलमेट और बिना किसी सुरक्षा उपकरण के काम करते नजर आए। कोई मजदूर किनारे पर खड़े होकर तारबंदी कर रहा है तो कोई वेल्डिंग का काम करता दिखाई दे रहा है। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि निर्माण स्थल के नीचे से लगातार आम लोगों और वाहनों की आवाजाही जारी है। ऐसे में यदि कोई हादसा होता है तो केवल मजदूर ही नहीं बल्कि राहगीर भी उसकी चपेट में आ सकते हैं। निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा जाल, सेफ्टी बेल्ट और अन्य जरूरी इंतजाम पर्याप्त नजर नहीं आए। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी परियोजना में सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन होना चाहिए, ताकि किसी प्रकार की जनहानि या दुर्घटना से बचा जा सके। लोगों ने संबंधित निर्माण कंपनी और जिम्मेदार अधिकारियों से मांग की है कि मजदूरों को हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट और अन्य सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाएं। न्यूज़ 91 की ओर से भी संबंधित कंपनियों और प्रशासन से अपील की गई है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करवाया जाए, ताकि किसी भी तरह की जान-माल की हानि से बचा जा सके।
राजस्थान में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी की गई है। पेट्रोल 96 और डीजल की रेट 91 पैसे प्रति लीटर बढ़ी है। महज 9 दिनों के भीतर ईंधन कीमतों में तीसरी बार बढ़ोतरी हुई है। नई दरें लागू होने के बाद जयपुर में पेट्रोल की कीमत 108 रुपए 91 पैसे प्रति लीटर से बढ़कर 109 रुपए 87 पैसे हो गई है। डीजल के दाम 94 रुपए 14 पैसे से बढ़कर 95 रुपए 5 पैसे प्रति लीटर पहुंच गए हैं। जयपुर में शनिवार सुबह से ही पेट्रोल पंपों पर नई रेट लागू कर दी गई। 19 मई को पेट्रोल और डीजल के दामों में एवरेज 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। 15 मई को भी करीब 3 रुपए प्रति लीटर कीमत बढ़ी थी।इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव है। ईरान और अमेरिका की जंग शुरू होने से पहले क्रूड ऑयल के दाम 70 डॉलर थे, जो अब बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं। क्रूड की कीमतें बढ़ने से तेल कंपनियां दबाव में थीं। इसलिए कंपनियों ने घाटे की भरपाई के लिए यह कदम उठाया है। अगर कच्चे तेल की कीमतों में लंबे समय तक तेजी बनी रहती है तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें और भी बढ़ाई जा सकती हैं।राजस्थान पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह भाटी ने बताया कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की कीमत डिपो के आधार पर निर्धारित की जाती हैं। संबंधित पेट्रोल पंप से डिपो जितनी दूरी पर होता है, उस आधार पर ट्रांसपोर्टेशन का खर्च जोड़कर पेट्रोल की रेट निर्धारित की जाती है। लेकिन यह बदलाव प्रति लीटर महज कुछ पैसों तक ही सीमित होता है। उदाहरण के तौर पर राजधानी जयपुर शहर और बाहरी इलाकों में भी अलग-अलग रेट होगी। क्योंकि दोनों पर पेट्रोल अलग डिपो से पहुंच रहा है।अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर के मुकाबले रुपए की स्थिति के आधार पर देश में ईंधन के दाम तय किए जाते हैं। सरकारी तेल कंपनियां 'डेली प्राइस रिवीजन' यानी डायनेमिक प्राइसिंग सिस्टम के तहत हर दिन सुबह 6 बजे नए रेट अपडेट करती हैं। उपभोक्ता तक पहुंचने से पहले तेल की कीमतों में कई तरह के टैक्स और खर्च जुड़ते हैं, जिसे हम आसान भाषा में समझ सकते हैं: 1. कच्चे तेल की कीमत (बेस प्राइस): भारत अपनी जरूरत का करीब 90% क्रूड विदेशों से आयात करता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार से खरीदे गए बैरल के हिसाब से प्रति लीटर तेल की कीमत तय होती है। 2. रिफाइनिंग और कंपनियों का चार्ज: कच्चे तेल को देश की रिफाइनरियों में साफ करके पेट्रोल-डीजल बनाया जाता है। इसमें रिफाइनिंग लागत और कंपनियों का मार्जिन शामिल होता है। 3. केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी: रिफाइनरी से निकलने के बाद केंद्र सरकार इस पर एक्साइज ड्यूटी (उत्पाद शुल्क) और रोड सेस लगाती है। यह देशभर में सभी राज्यों के लिए समान होती है। 4. डीलर कमीशन: तेल कंपनियां जिस रेट पर पेट्रोल पंप मालिकों (डीलर्स) को ईंधन बेचती हैं, उसमें डीलर्स का अपना निश्चित कमीशन जोड़ा जाता है, जो पेट्रोल और डीजल के लिए अलग-अलग होता है। 5. राज्य सरकार का वैट (VAT): सबसे आखिर में राज्य सरकारें अपने हिसाब से वैट या लोकल सेल्स टैक्स लगाती हैं। चूंकि हर राज्य की वैट दरें अलग होती हैं, इसीलिए दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे अलग-अलग शहरों में ईंधन की कीमतें भी अलग-अलग हो जातीखाड़ी देशों में लगातार बिगड़ते हालात और ईरान-इजरायल के बीच बढ़ते युद्ध संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में अस्थिरता बनी हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित होने से वैश्विक स्तर पर कीमतों में तेजी आई है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाले बदलाव का सीधा असर घरेलू पेट्रोल-डीजल कीमतों पर पड़ रहा है। सरकार की ओर से पहले ही लोगों से ईंधन का सीमित उपयोग करने और सार्वजनिक परिवहन को अपनाने की अपील की जा चुकी है। लेकिन हालात सामान्य नहीं होने और कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उछाल के चलते अब ईंधन के दाम बढ़ाना मजबूरी बनता जा रहा है। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मध्य पूर्व में तनाव लंबे समय तक जारी रहता है, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है। इसका असर सिर्फ वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ट्रांसपोर्ट महंगा होने से फल-सब्जियों, खाद्य सामग्री, निर्माण सामग्री और ऑनलाइन डिलीवरी जैसी सेवाओं की लागत भी बढ़ सकती है। इससे महंगाई का दबाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
उदयपुर में एसीबी ट्रेप में गिरफ्तार हुए प्रताप नगर थाने के ASI सुनील बिश्नोई पर अब नए गंभीर आरोप सामने आए हैं। प्रताप नगर निवासी 60 वर्षीय लोकेंद्र सिंह ने आरोप लगाया है कि उनके खेत पर हुई चोरी के मामले को पुलिस ने दबाने का प्रयास किया और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। परिवादी लोकेंद्र सिंह के मुताबिक बेड़वास गांव स्थित उनके खेत से करीब एक साल पहले कुएं की मोटर और केबल चोरी हो गई थी। इस मामले की शिकायत उन्होंने प्रताप नगर थाने में की थी। जांच की जिम्मेदारी ASI सुनील बिश्नोई के पास थी। लोकेंद्र सिंह का आरोप है कि उन्होंने पुलिस को आरोपी का नाम भी बताया था, लेकिन इसके बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं की गई और मामला केवल परिवाद में ही रखा गया। परिवादी का कहना है कि पुलिस ने आरोपी को एक बार थाने बुलाया जरूर, लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया गया। लोकेंद्र सिंह के मुताबिक अगर समय रहते कार्रवाई होती तो दोबारा चोरी नहीं होती। लेकिन करीब एक महीने पहले उनके खेत पर फिर से चोरी की वारदात हो गई। इसके बाद जब वे दोबारा थाने पहुंचे तो ASI सुनील बिश्नोई और कॉन्स्टेबल शंकरलाल लगातार आश्वासन देते रहे, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोकेंद्र सिंह ने बताया कि बाद में उन्होंने प्रताप नगर थानाधिकारी पूरणसिंह राजपुरोहित से शिकायत की। सीआई ने कॉन्स्टेबल शंकरलाल को बुलाकर जवाब मांगा, लेकिन संतोषजनक जानकारी नहीं दी जा सकी। इसी बीच ASI सुनील बिश्नोई के एसीबी ट्रेप में पकड़े जाने की खबर सामने आई, जिसके बाद परिवादी को आरोपी को बचाने का संदेह और गहरा हो गया। गौरतलब है कि ASI सुनील बिश्नोई को एसीबी ने 17 मई को एक लाख रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। आरोप है कि रेप की कोशिश और छेड़छाड़ के मामले में मुकदमा दर्ज नहीं करने की एवज में आरोपी से तीन लाख रुपए मांगे गए थे। बाद में डेढ़ लाख रुपए में सौदा तय हुआ और एसीबी ने शोभागपुरा स्थित एक रिजॉर्ट से आरोपी ASI को ट्रेप कर गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है।
उदयपुर में अवैध सट्टा कारोबार के खिलाफ पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। पहली कार्रवाई प्रतापनगर थाना क्षेत्र के रेती स्टैंड सुखेर रोड पर देखने को मिली, जहाँ रेबारियों का गुड़ा निवासी आरोपी उदयसिंह को सार्वजनिक स्थान पर सट्टे की पर्ची काटते हुए पकड़ा गया। इस कार्रवाई को हेड कांस्टेबल तख्त सिंह द्वारा अंजाम दिया गया, जबकि मामले की जांच हेड कांस्टेबल उमेश कुमार को सौंपी गई है। इसी प्रतापनगर थाना क्षेत्र में दूसरी कार्रवाई पायडा टेम्पो स्टैंड पर की गई। यहाँ शाम करीब चार बजे पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी सुरेश गमेती को गिरफ्तार किया। आरोपी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी का रहने वाला है। इस कार्रवाई को हेड कांस्टेबल उमेश कुमार ने अंजाम दिया। मामले की अग्रिम जांच हेड कांस्टेबल तख्त सिंह को सौंपी गई है। वहीं, तीसरी बड़ी कार्रवाई हाथीपोल थाना क्षेत्र के चेतक सर्कल पर हुई। गुरूवार की रात को पुलिस ने आरोपी अल्ताज खान को सट्टे की अवैध पर्चियां काटते हुए गिरफ्तार किया। अल्ताज खान घंटाघर के सिलावटवाड़ी की गली नंबर 2 का निवासी है। इस कार्रवाई को हाथीपोल थाने के हेड कांस्टेबल लक्ष्मीलाल ने अंजाम दिया और मामले की जांच हेड कांस्टेबल नंबर धनराज द्वारा की जा रही है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ आरपीजीओ एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज कर अग्रिन कार्रवाही शुरू कर दी है।
उदयपुर शहर के घंटाघर थाना क्षेत्र में एक युवती के साथ दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग का सनसनीखेज मामला सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। पीड़िता की ओर से दर्ज करवाई गई रिपोर्ट में आरोपी अमजद खान पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी ने युवती के साथ दुष्कर्म किया। पीडिता ने आरोप लगाया कि घटना के दौरान आरोपी ने युवती की अश्लील तस्वीरें भी मोबाईल में कैद कर लीं। इसके बाद आरोपी लगातार फोटो वायरल करने की धमकी देकर पीड़िता को ब्लैकमेल करता रहा। पीड़िता का कहना है कि आरोपी उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था और धमकियों के जरिए दबाव बना रहा था। परेशान होकर आखिरकार युवती ने घंटाघर थाने पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत दर्ज करवाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए घंटाघर थाना पुलिस ने आरोपी अमजद खान के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब पीड़िता के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की पड़ताल कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में तकनीकी साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं घटना सामने आने के बाद क्षेत्र में इस मामले को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है।
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