आवाज़ हम सबकी
यह कार्रवाई उदयपुर की हाथीपोल थाना पुलिस ने जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के निर्देश पर की है। मामला पंचवटी क्षेत्र में स्थित एक पान के केबिन में हुई चोरी से जुड़ा है। परिवादी करण सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 9 अप्रैल की रात वह अपना केबिन बंद कर घर गया था, लेकिन अगली सुबह पहुंचने पर ताले टूटे मिले। जांच में पता चला कि केबिन से विभिन्न ब्रांड की सिगरेट, गुटखा, तंबाकू, अन्य सामान और नकदी सहित करीब पांच लाख रुपये का माल चोरी हो गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर उमेश ओझा और डीएसपी राजेश यादव के सुपरविजन में थानाधिकारी राजू देवी के नेतृत्व में टीम गठित की गई। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से संदिग्ध युवकों पर निगरानी रखी। जांच के दौरान स्वागत वाटिका रोड स्थित एक रेस्टोरेंट में काम करने वाले युवकों की गतिविधियां संदिग्ध मिलीं। पूछताछ में भैरूलाल मीणा, प्रकाश मीणा और अनिल खराड़ी ने चोरी की वारदात कबूल कर ली। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर वारदात में प्रयुक्त पावर बाइक जब्त कर ली है। पूछताछ में आरोपियों ने पंचवटी, परशुराम चौराहा, सवीना, शोभागपुरा और अन्य क्षेत्रों में पान व चाय के केबिनों के ताले तोड़कर चोरी की कुल 9 वारदातें करना स्वीकार किया है। शनिवार को आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
प्रदेशभर में अवैध मदिरा के निर्माण, भंडारण, परिवहन और विक्रय पर रोक लगाने के लिए आबकारी विभाग द्वारा चलाया जा रहा विशेष निरोधात्मक अभियान लगातार जारी है। नाकाबंदी, गश्त और दबिश की कार्रवाई के जरिए विभाग ने अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई की है। आबकारी आयुक्त नमित मेहता के निर्देशन में एक मई से 28 मई तक चलाए गए अभियान के दौरान प्रदेशभर में 1972 अभियोग दर्ज किए गए, जबकि 900 लोगों को गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई में 7044 लीटर देशी मदिरा, 38943 लीटर भारत निर्मित विदेशी मदिरा, 19743 लीटर बीयर, 30 लीटर स्प्रिट और 13025 लीटर अवैध हथकड़ शराब जब्त की गई। अभियान के दौरान अवैध शराब निर्माण में उपयोग किए जाने वाले 5 लाख 33 हजार 614 लीटर वॉश को भी नष्ट किया गया। इसके साथ ही तस्करी और अवैध परिवहन में इस्तेमाल किए जा रहे 85 वाहनों को जब्त किया गया, जिनमें 7 बड़े वाहन, 12 चार पहिया वाहन, एक तिपहिया वाहन और 65 दुपहिया वाहन शामिल हैं। आबकारी निरोधक दलों ने विभिन्न जिलों में भी सघन कार्रवाई की। पाली में आबकारी विभाग और रेलवे पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में तीन बैग अंग्रेजी शराब बरामद कर मामला दर्ज किया गया। वहीं झालावाड़ के चौमहला क्षेत्र में दबिश देकर 8 हजार लीटर वॉश और एक अवैध शराब भट्टी को नष्ट किया गया। मौके से 170 लीटर अवैध हथकड़ शराब भी बरामद हुई। इसके अलावा दौसा और बांदीकुई के रामगढ़ पचवारा क्षेत्र के संवेदनशील गांवों में कार्रवाई करते हुए 4 हजार लीटर वॉश और पांच अवैध भट्टियों को नष्ट किया गया। यहां से 72 लीटर अवैध हथकड़ शराब भी बरामद की गई। आबकारी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रदेशभर में जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अभियान लगातार जारी रहेगा और अवैध शराब के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नेशनल हाईवे-48 पर देर रात उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब कुछ अज्ञात बदमाशों ने गुजरते वाहनों को निशाना बनाते हुए पथराव शुरू कर दिया। ऋषभदेव थाना क्षेत्र के कागदर इलाके में हुई इस घटना से हाईवे पर कुछ समय के लिए भय और तनाव का माहौल बन गया।प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक असामाजिक तत्वों ने हाईवे से गुजर रहे कई वाहनों पर अचानक पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। पथराव इतना तेज था कि कई वाहनों के शीशे टूट गए । अचानक हुए पथराव से चालक और यात्री घबरा गए। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी व्यक्ति के घायल होने की सूचना सामने नहीं आई है। पीड़ितों में शामिल अहमदाबाद के टैक्सी चालक अरुण भारद्वाज ने बताया कि वह अपने क्लाइंट्स को श्रीनाथजी के दर्शन करवाकर वापस अहमदाबाद लौट रहे थे। इसी दौरान ऋषभदेव क्षेत्र पार करते ही आगे चल रहे एक कंटेनर पर पत्थर फेंका गया और कुछ ही क्षण बाद उनकी टैक्सी भी बदमाशों के निशाने पर आ गई। बताया जा रहा है कि उनके पीछे चल रही गुजरात राज्य परिवहन निगम की बस पर भी पथराव किया गया। हमले में बस का अगला शीशा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। अचानक हुए हमले से चालकों और यात्रियों में हड़कंप मच गया। पीड़ित ड्राइवर ने रोष व्यक्त करते हुए हाईवे अथॉरिटी और प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। घटना की सूचना मिलते ही ऋषभदेव थानाधिकारी के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। पुलिस ने पीड़ितों की शिकायत के आधार पर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है और वारदात को अंजाम देने वाले आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश में जुटी हुई है।
यह खौफनाक वारदात बाघपुरा थाना क्षेत्र के बेडनपाड़ा मार्ग पर स्थित खेड़ा बाड़ी के पास हुई। जानकारी के मुताबिक, बेडनपाड़ा निवासी कालुलाल परेला अपनी पत्नी लक्ष्मी बाई के साथ जेड़ा गांव में एक समारोह में शामिल होने गए थे। रात करीब साढ़े आठ बजे जब दोनों मोटरसाइकिल से अपने गांव लौट रहे थे, तभी पहले से घात लगाए बैठे तीन बाइक सवार बदमाशों ने उनकी गाड़ी को ओवरटेक कर रोक लिया। पीड़ित कालुलाल के मुताबिक, हमलावरों की पहचान गांव के ही किशन लाल परेला, दीपक परेला और राहुल के रूप में हुई है। रास्ता रोकते ही आरोपियों ने कालुलाल पर धारदार हथियार से वार किया, जिससे वे बाल-बाल बच गए। इसके बाद आरोपी दीपक ने कालुलाल की पत्नी लक्ष्मी बाई के सिर और दाहिनी आंख पर धारदार हथियार से जोरदार हमला कर दिया। वार इतना गंभीर था कि लक्ष्मी बाई लहूलुहान होकर मौके पर ही बेहोश हो गईं। वारदात को अंजाम देने के बाद भी आरोपियों का दिल नहीं पसीजा और उन्होंने पीड़ित दंपति के साथ लात-घूंसों से जमकर मारपीट की। हमले के बाद कालुलाल अपनी गंभीर रूप से घायल पत्नी को इलाज के लिए तुरंत उदयपुर अस्पताल लेकर भागे। इलाज शुरू होने के बाद पीड़ित ने बाघपुरा थाने में उपस्थित होकर नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है। पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन से गुहार लगाई है कि इस पूरे मामले की गहन अनुसंधान कर फरार आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और उन्हें सख्त से सख्त सजा दिलाई जाए।
उदयपुर के दूधतलाई स्थित करणी माता रोपवे पर गुरुवार को संयुक्त रोप रेस्क्यू ऑपरेशन की मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस अभ्यास का उद्देश्य रोपवे पर किसी भी आपात स्थिति या हादसे के दौरान राहत और बचाव कार्यों की तैयारियों को मजबूत करना रहा। मॉक ड्रिल में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सिविल डिफेंस की टीमों ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया। रेस्क्यू टीम निर्धारित नफरी, सरकारी वाहनों और अत्याधुनिक रेस्क्यू उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची। इस संयुक्त अभ्यास में रोपवे में फंसे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने, ऊंचाई पर रोप तकनीक के जरिए रेस्क्यू करने और आपदा के दौरान त्वरित प्रतिक्रिया की प्रक्रिया का अभ्यास किया गया। पूरी मॉक ड्रिल प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में संपन्न हुई। कार्यक्रम में जिला पुलिस अधीक्षक, नागरिक सुरक्षा विभाग के उप नियंत्रक, गिर्वा उपखंड अधिकारी, तहसीलदार, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और बटालियन एनडीआरएफ बड़ोदरा गुजरात के कमांडेंट सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। वहीं करणी माता रोपवे प्रबंधन की ओर से भी सहयोग किया गया। मॉक ड्रिल का आयोजन अतिरिक्त जिला कलेक्टर प्रशासन एवं प्रभारी अधिकारी आपदा प्रबंधन दीपेंद्र सिंह राठौर के निर्देशन में किया गया। अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के अभ्यास का उद्देश्य किसी भी संभावित हादसे के दौरान समय रहते प्रभावी रेस्क्यू सुनिश्चित करना और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को मजबूत बनाना है।
रवाड़ा क्षेत्र के नयागांव में स्थित प्रियदर्शी ज्वैलर्स शॉप एक बार फिर चोरों के निशाने पर आ गयी। बुधवार बीती रात तीन बदमाशों ने दुकान में चोरी की वारदात को अंजाम देने की कोशिश की। हालांकि बदमाश अपने मंसूबों में पूरी तरह कामयाब नहीं हो सके, लेकिन घटना ने इलाके में दहशत का माहौल जरूर बना दिया है। जानकारी के मुताबिक बदमाश दुकान के पीछे पहुंचे और वहां लगी खिड़की को तोड़कर अंदर घुसने का प्रयास किया। इसी दौरान उनकी गतिविधियां दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गईं। फुटेज में तीन संदिग्ध बदमाश साफ दिखाई दे रहे हैं, जो दुकान के आसपास घूमते और अंदर घुसने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं। चोरों ने अपनी पहचान छिपाने और सबूत मिटाने की नीयत से दुकान के अंदर लगे एक सीसीटीवी कैमरे को भी तोड़ दिया। इसके बावजूद कुछ फुटेज सुरक्षित रह गई, जिसके आधार पर पुलिस अब आरोपियों की तलाश में जुटी है। स्थानीय लोगों के ने बताया कि यह पहला मामला नहीं है। इसी प्रियदर्शी ज्वैलर्स की दुकान में इससे पहले भी तीन बार चोरी के प्रयास की घटनाएं हो चुकी हैं। लगातार चौथी बार दुकान को निशाना बनाए जाने से व्यापारियों में भारी नाराजगी और डर का माहौल है। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास के क्षेत्र में जांच शुरू कर दी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बदमाशों की पहचान करने का प्रयास कर रही है।
उदयपुर शहर में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए शुरू की गई सिटी बसें अब असामाजिक तत्वों की शरणस्थली बनती जा रही हैं। ताजा मामला रूट नंबर चार पर चलने वाली सिटी बस का है, जो बलीचा से अंबेरी पुलिया के बीच संचालित होती है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति बस के भीतर किसी महफिल की तरह बैठा है और बड़ी बेबाकी से शराब की बोतल निकालकर उसे पानी में मिला रहा है। हैरानी की बात यह है कि उस व्यक्ति के चेहरे पर न तो पुलिस का कोई खौफ है और न ही बस स्टाफ का। चलती बस में जहाँ अन्य सवारियां और महिलाएं भी मौजूद रहती हैं, वहाँ इस तरह सरेआम शराबखोरी करना न केवल अनैतिक है बल्कि सुरक्षा की दृष्टि से भी बेहद खतरनाक है। शहर के व्यस्ततम रूटों में से एक इस मार्ग पर यात्री खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सिटी बसों में सुरक्षा मानकों और निगरानी की भारी कमी है। यदि सार्वजनिक परिवहन में इसी तरह मधुशाला सजने लगेगी, तो आम आदमी और विशेषकर महिलाएं सुरक्षित सफर कैसे कर पाएंगी? वीडियो सामने आने के बाद अब जनता में भारी रोष है और प्रशासन से मांग की जा रही है कि न केवल ऐसे हुड़दंगियों पर लगाम कसी जाए, बल्कि बस कंडक्टर और ड्राइवर की जवाबदेही भी तय की जाए ताकि भविष्य में परिवहन के इन साधनों का दुरुपयोग न हो सके। अब देखना यह है कि उदयपुर पुलिस और नगर निगम इस गंभीर लापरवाही पर क्या कार्रवाई करते हैं।
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