आवाज़ हम सबकी
शाम करीब छह बजे सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें एक युवक भावुक होकर आत्महत्या करने की बात कहता नजर आया। वीडियो में युवक खुद को भारी कर्ज के दबाव में मानसिक रूप से टूट चुका बता रहा था। वीडियो सामने आते ही बांसवाड़ा पुलिस अलर्ट मोड पर आ गई। तकनीकी जानकारी के आधार पर आबापुरा थाना पुलिस ने युवक की लोकेशन ट्रेस की और तत्काल माही पुल गेमन क्षेत्र की ओर रवाना हुई। पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो युवक पुल के आसपास मौजूद था और मानसिक रूप से बेहद अस्थिर हालत में दिखाई दे रहा था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बिना देर किए बातचीत शुरू की और उसे शांत करने का प्रयास किया। लगातार समझाइश, भरोसा दिलाने और परिवार की जिम्मेदारियों की याद दिलाने के बाद युवक को आत्मघाती कदम उठाने से रोका गया। करीब रात आठ बजे के बाद युवक को पूरी तरह सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया। रेस्क्यू के बाद पुलिस ने युवक को प्राथमिक तौर पर काउंसलिंग दी और उसके परिजनों को सूचना देकर मौके पर बुलाया। परिजनों को युवक की स्थिति से अवगत कराते हुए उसे उनके सुपुर्द किया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि समय पर सूचना और त्वरित कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया।
बांसवाड़ा जिले के सल्लोपाट थाना क्षेत्र में राजस्थान-गुजरात सीमा पर पुलिस ने शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। नाकाबंदी के दौरान दो संदिग्ध वाहन रोके गए और उनकी तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान एक वाहन में 500 कार्टून और दूसरे वाहन में 105 कार्टून अवैध शराब बरामद हुई। पुलिस ने मौके पर दोनों वाहन चालकों को गिरफ्तार किया और अवैध शराब से भरे दोनों वाहन जब्त कर लिए। अनुमानित कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। अधिकारीयों के अनुसार यह तस्करी नेटवर्क का एक बड़ा हिस्सा था और अब पुलिस मुख्य आरोपी और इसके अन्य सहयोगियों की तलाश में जुटी हुई है। ये पूरी कार्रवाई एडिशनल एसपी नरपत सिंह के सुपरविजन में और सल्लोपाट थाना सीआई नागेंद्र सिंह के नेतृत्व में अंजाम दी गई। उन्होंने बताया कि तस्करी रोकने के लिए जिले में लगातार नाकाबंदी और जांच अभियान चलाए जा रहे हैं।
पूर्व मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीय का दो साल में ही भाजपा से मोह भंग हो गया है। मालवीय ने बीजेपी छोड़ दी है। कांग्रेस में शामिल होने के लिए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष को पत्र लिखा है। मालवीय ने रविवार को जयपुर में कांग्रेस के महासचिव सुखजिंदर सिंह रंधावा, पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली से मुलाकात की। मालवीय ने कहा कि BJP की सत्ता होते हुए भी मैं जनता के काम नहीं करा पा रहा हूं। भाजपा सरकार में गरीबों की सुनने वाला कोई नहीं है। मनरेगा का भुगतान महीनों से अटका है, किसानों को खाद नहीं मिल रहा। मैंने कई बार मुख्यमंत्री और प्रदेशाध्यक्ष को चिट्ठी लिखी, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ।जयपुर में महेन्द्रजीत सिंह मालवीय ने कहा कि कांग्रेस मेरे लिए नई पार्टी नहीं है। पिछले 40 साल मैंने कांग्रेस में निकाले हैं, सरपंच के रूप में, प्रधान के रूप में, एमपी के रूप में, पांच बार जिला प्रमुख के रूप में, चार बार विधायक के रूप में और दो बार सरकार के मंत्री के रूप में लंबे समय तक कांग्रेस में काम किया। लेकिन, कुछ समय पहले मेरा मन हुआ कि डबल इंजन की सरकार है, मेरे क्षेत्र में विकास रुकना नहीं चाहिए और जनता का अहित नहीं हो, उस हिसाब से मैं जरूर भाजपा में गया था। वहां जाने पर मैंने देखा कि अपना एडजस्टमेंट, अपनी सहमति ठीक ढंग से यहां नहीं बन सकती हैं। इसलिए मैंने अपने मन से और कार्यकर्ताओं से राय लेकर यह तय किया कि कांग्रेस पार्टी में जाना चाहिए। आज नहीं तो कल कांग्रेस का राज वापस आ रहा है,उसे कोई नहीं रोक सकता है। आज मैंने कांग्रेस के महासचिव सुखजिंदर सिंह रंधावा, पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की मौजूदगी में अपनी सहमति व्यक्त कर दी है।
रीट परीक्षा में देरी से पहुंचने पर दो महिला अभ्यर्थियों को नहीं मिला प्रवेश
बांसवाड़ा जिले के बारी सियातलाई गांव में बुधवार सुबह एक महिला को आत्महत्या से बचाने का साहसिक मामला सामने आया। सूचना मिली कि एक महिला अचानक नहर में कूद गई है। मौके की गंभीरता को देखते हुए पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। रेस्क्यू में कालिका टीम की महिला कॉन्स्टेबल गंगा डामोर और कॉन्स्टेबल दीपक लबाना शामिल रहे। पुलिस के अनुसार, महिला नहर में उतरने के बाद बाहर आने को तैयार नहीं थी। उसे समझाने और शांत करने का प्रयास किया गया, लेकिन वह लगातार पानी के बीच जाने की कोशिश कर रही थी। हालात बिगड़ते देख महिला कॉन्स्टेबल गंगा डामोर ने बिना किसी सुरक्षा उपकरण के नहर में छलांग लगा दी। नहर के तेज बहाव के बीच महिला ने कॉन्स्टेबल को पकड़कर अपने साथ पानी में खींचने की कोशिश की, जिससे स्थिति और भी खतरनाक हो गई। इसके बावजूद कॉन्स्टेबल गंगा डामोर ने सूझबूझ और साहस का परिचय देते हुए महिला को मजबूती से पकड़कर काबू में किया। काफी संघर्ष के बाद वह महिला को किनारे तक लाने में सफल रहीं।इसी दौरान कॉन्स्टेबल दीपक लबाना ने तत्परता दिखाते हुए दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। महिला को प्राथमिक उपचार के बाद सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार महिला की जान अब खतरे से बाहर है। इस पूरे रेस्क्यू का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग महिला कॉन्स्टेबल की बहादुरी और निस्वार्थ सेवा भावना की सराहना कर रहे हैं। यह घटना पुलिस के उस मानवीय चेहरे को दर्शाती है, जो मुश्किल हालात में भी नागरिकों की जान बचाने के लिए हर संभव प्रयास करता है।