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बांसवाड़ा के संगमेश्वर में नाव पलटने से हुए हादसे के बाद लापता दो लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है। बुधवार सुबह करीब 6 बजे एसडीआरएफ की पहली टीम ने नदी में सर्च ऑपरेशन शुरू किया, जो लगातार जारी रहा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीआरएफ की दूसरी टीम भी मौके पर पहुंच गई है, जिससे अब रेस्क्यू ऑपरेशन को और गति मिल गई है। दोनों टीमें आपसी समन्वय के साथ नदी के गहरे हिस्सों में सर्च कर रही हैं, जहां लापता लोगों के होने की आशंका जताई जा रही है। मौके पर अरथूना थाना अधिकारी और तहसीलदार सुबह से मौजूद हैं और पूरे अभियान की निगरानी कर रहे हैं। इसके अलावा स्थानीय प्रशासन, सिविल डिफेंस की टीम और अनुभवी गोताखोर भी लगातार खोजबीन में जुटे हुए हैं। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में चिंता का माहौल बना हुआ है। लापता लोगों के परिजन भी घटनास्थल पर मौजूद हैं और अपने परिजनों के सुरक्षित मिलने की उम्मीद में डटे हुए हैं। प्रशासन का कहना है कि नदी के तेज बहाव और गहराई के कारण सर्च ऑपरेशन चुनौतीपूर्ण बना हुआ है, लेकिन हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं ताकि जल्द से जल्द लापता लोगों का पता लगाया जा सके।
बांसवाड़ा में जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का जन्मदिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर सबसे पहले कांग्रेस कार्यकर्ताओं की एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें संगठन और गतिविधियों पर चर्चा की गई। इसके बाद सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने एक साथ केक काटकर गहलोत की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। कार्यक्रम के दौरान जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष अर्जुन सिंह बामनिया ने गहलोत के राजनीतिक जीवन और कार्यशैली पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अशोक गहलोत एक जुझारू नेता और विकास पुरुष हैं, जिन्होंने हमेशा गरीब, किसान, मजदूर और आमजन के हितों के लिए संघर्ष किया है। उन्होंने यह भी कहा कि राजस्थान के विकास में गहलोत का योगदान अविस्मरणीय रहा है। वहीं, पूर्व केबीनेट मंत्री महेन्द्रजीत सिंह मालवीया ने अपने संबोधन में कहा कि अशोक गहलोत को एक ऐसे संवेदनशील राजनेता के रूप में जाना जाता है, जो गरीबों के दुख-दर्द को समझते हैं और उनके हित में निर्णय लेते हैं। कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। सभी ने एकजुट होकर अपने नेता के प्रति सम्मान व्यक्त किया और उनके नेतृत्व को प्रेरणादायक बताया।
बांसवाडा जिले के गढ़ी रेंज में पैंथर के मुवमेंट ने पिछले कई दिनों से दहशत पैदा कर रखी थी। इस पैंथर ने एक दिन पहले ही एक बछड़े को अपना शिकार बनाया था। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग सक्रिय हुआ और बछड़े के शव का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें आधिकारिक रूप से पैंथर के हमले की पुष्टि हुई। इसके बाद रेंजर प्रवीण अहरी के नेतृत्व में विभाग की टीम ने एक विशेष योजना बनाई। विभाग ने पहले बछड़े के अवशेषों को उसी स्थान पर रखा ताकि पैंथर के मूवमेंट का पता लगाया जा सके। जैसे ही यह स्पष्ट हुआ कि पैंथर वापस लौट रहा है, टीम ने पिंजरा लगाया और उसमें एक जीवित बकरी को चारे के रूप में रखा गया। पैंथर जैसे ही बकरी पर झपट्टा मारने पिंजरे में घुसा तो वो उसी में कैद हो गया। इस ऑपरेशन में रेंजर प्रवीण अहरी के साथ यामिनी वैष्णव, बीना कटारा, रामिला खांट, नरेश पाटीदार, महेंद्र पाल सिंह चौहान, दिलीपराज सिंह, विष्णु सिंह, चंद्रपाल सिंह और महेंद्र सिंह की टीम का विशेष योगदान रहा। रेस्क्यू के बाद पैंथर को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया है, जहां स्वास्थ्य जांच के बाद उसे आबादी क्षेत्र से दूर घने जंगलों में छोड़ दिया जाएगा। आपको बता दे कि वन विभाग की टीम ने एक महिने दुसरे ऑपरेशन का अंजाम दिया है।
बांसवाड़ा जिले में राज्य सरकार के शुद्ध आहार, मिलावट पर वार अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए आमजन की सेहत से खिलवाड़ का बड़ा खुलासा किया है। नया बस स्टैंड क्षेत्र में स्थित एक जूस सेंटर पर छापेमारी के दौरान टीम ने करीब 25 किलो सड़े हुए आम बरामद किए, जिनसे जूस तैयार किया जा रहा था। जांच में यह भी सामने आया कि 22 लीटर तैयार आमरस में अत्यधिक मात्रा में कृत्रिम रंग मिलाया गया था, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने मौके पर ही पूरे आमरस को नाले में फिंकवाकर नष्ट करवा दिया। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया। खाद्य सुरक्षा टीम ने शहर के अन्य प्रतिष्ठानों पर भी कार्रवाई करते हुए सैंपल लिए। अबीज फ्रूट एंड जूस सेंटर से आमरस, पूर्णिमा किराना स्टोर से कोल्ड ड्रिंक, श्याम किराना से मिसब्रांड पैकेज्ड पानी और दो डेयरियों से दूध के सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने आमजन से अपील की है कि गर्मी के मौसम में खाने-पीने की वस्तुओं को लेकर विशेष सतर्कता बरतें और किसी भी प्रकार की मिलावट की आशंका होने पर तुरंत विभाग को सूचना दें।
बांसवाड़ा जिले में जनगणना को लेकर प्रशासन ने पूरी तैयारियां कर ली हैं और 1 मई से डिजिटल एवं स्व-जनगणना अभियान की शुरुआत की जा रही है। जिला कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत सिंह यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी देते हुए बताया कि इस बार जनगणना प्रक्रिया में तकनीक का विशेष उपयोग किया जा रहा है। कलेक्टर ने बताया कि जिलेभर में जनगणना कार्य के लिए कुल 15 टीमें गठित की गई हैं, जिनमें 12 टीमें ग्रामीण क्षेत्रों में और 3 टीमें शहरी क्षेत्रों में काम करेंगी। इसके अलावा 3413 प्रगणक 16 मई से घर-घर जाकर जनगणना का कार्य शुरू करेंगे। इस बार की जनगणना की सबसे खास बात यह है कि इसमें डिजिटल और स्व-जनगणना प्रणाली को लागू किया गया है। नागरिक अब ऑनलाइन माध्यम से स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे, जिससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बनेगी। प्रशासन का कहना है कि जनगणना के दौरान किसी भी व्यक्ति को अपने मूल दस्तावेज जैसे आधार कार्ड या अन्य पहचान पत्र किसी को देने की आवश्यकता नहीं होगी। पूरी प्रक्रिया तीन स्तर की जांच से गुजरेगी, जिसके बाद अंतिम सत्यापन किया जाएगा। कलेक्टर ने लोगों से अपील की है कि वे जनगणना कार्य में सहयोग करें और सही जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि जिले की सटीक जनसंख्या और संसाधनों का आंकलन किया जा सके।
बांसवाड़ा पुलिस ने पुलिस स्थापना दिवस के अवसर पर एक सराहनीय पहल करते हुए पुलिस लाइन में शहीद जवान की स्मृति में आधुनिक हाईटेक लाइब्रेरी का शुभारंभ किया। दाहोद रोड स्थित इस लाइब्रेरी का उद्घाटन एसपी सुधीर जोशी द्वारा किया गया। करीब 20 लाख रुपए की लागत से तैयार की गई यह एयरकंडीशंड लाइब्रेरी पुलिसकर्मियों, उनके परिवारजनों और बच्चों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी। यहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए 1 हजार से अधिक किताबें उपलब्ध कराई गई हैं, जिन्हें भविष्य में और बढ़ाने की योजना है। कार्यक्रम की शुरुआत भव्य परेड के साथ हुई, जिसमें एसपी ने सलामी ली और पुलिस जवानों के अनुशासन, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज सेवा में भी उसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इस अवसर पर जिले के 54 पुलिसकर्मियों को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए उत्तम, सर्वोत्तम और अति उत्तम श्रेणियों में सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके समर्पण और उत्कृष्ट सेवा का प्रतीक रहा।समारोह में एएसपी नरपत सिंह सहित कई पुलिस अधिकारी, कर्मचारी और सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी भी उपस्थित रहे।