आवाज़ हम सबकी
बांसवाड़ा जिले में राज्य सरकार के शुद्ध आहार, मिलावट पर वार अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए आमजन की सेहत से खिलवाड़ का बड़ा खुलासा किया है। नया बस स्टैंड क्षेत्र में स्थित एक जूस सेंटर पर छापेमारी के दौरान टीम ने करीब 25 किलो सड़े हुए आम बरामद किए, जिनसे जूस तैयार किया जा रहा था। जांच में यह भी सामने आया कि 22 लीटर तैयार आमरस में अत्यधिक मात्रा में कृत्रिम रंग मिलाया गया था, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने मौके पर ही पूरे आमरस को नाले में फिंकवाकर नष्ट करवा दिया। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया। खाद्य सुरक्षा टीम ने शहर के अन्य प्रतिष्ठानों पर भी कार्रवाई करते हुए सैंपल लिए। अबीज फ्रूट एंड जूस सेंटर से आमरस, पूर्णिमा किराना स्टोर से कोल्ड ड्रिंक, श्याम किराना से मिसब्रांड पैकेज्ड पानी और दो डेयरियों से दूध के सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने आमजन से अपील की है कि गर्मी के मौसम में खाने-पीने की वस्तुओं को लेकर विशेष सतर्कता बरतें और किसी भी प्रकार की मिलावट की आशंका होने पर तुरंत विभाग को सूचना दें।
बांसवाड़ा जिले में जनगणना को लेकर प्रशासन ने पूरी तैयारियां कर ली हैं और 1 मई से डिजिटल एवं स्व-जनगणना अभियान की शुरुआत की जा रही है। जिला कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत सिंह यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी देते हुए बताया कि इस बार जनगणना प्रक्रिया में तकनीक का विशेष उपयोग किया जा रहा है। कलेक्टर ने बताया कि जिलेभर में जनगणना कार्य के लिए कुल 15 टीमें गठित की गई हैं, जिनमें 12 टीमें ग्रामीण क्षेत्रों में और 3 टीमें शहरी क्षेत्रों में काम करेंगी। इसके अलावा 3413 प्रगणक 16 मई से घर-घर जाकर जनगणना का कार्य शुरू करेंगे। इस बार की जनगणना की सबसे खास बात यह है कि इसमें डिजिटल और स्व-जनगणना प्रणाली को लागू किया गया है। नागरिक अब ऑनलाइन माध्यम से स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे, जिससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बनेगी। प्रशासन का कहना है कि जनगणना के दौरान किसी भी व्यक्ति को अपने मूल दस्तावेज जैसे आधार कार्ड या अन्य पहचान पत्र किसी को देने की आवश्यकता नहीं होगी। पूरी प्रक्रिया तीन स्तर की जांच से गुजरेगी, जिसके बाद अंतिम सत्यापन किया जाएगा। कलेक्टर ने लोगों से अपील की है कि वे जनगणना कार्य में सहयोग करें और सही जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि जिले की सटीक जनसंख्या और संसाधनों का आंकलन किया जा सके।
बांसवाड़ा पुलिस ने पुलिस स्थापना दिवस के अवसर पर एक सराहनीय पहल करते हुए पुलिस लाइन में शहीद जवान की स्मृति में आधुनिक हाईटेक लाइब्रेरी का शुभारंभ किया। दाहोद रोड स्थित इस लाइब्रेरी का उद्घाटन एसपी सुधीर जोशी द्वारा किया गया। करीब 20 लाख रुपए की लागत से तैयार की गई यह एयरकंडीशंड लाइब्रेरी पुलिसकर्मियों, उनके परिवारजनों और बच्चों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी। यहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए 1 हजार से अधिक किताबें उपलब्ध कराई गई हैं, जिन्हें भविष्य में और बढ़ाने की योजना है। कार्यक्रम की शुरुआत भव्य परेड के साथ हुई, जिसमें एसपी ने सलामी ली और पुलिस जवानों के अनुशासन, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज सेवा में भी उसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इस अवसर पर जिले के 54 पुलिसकर्मियों को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए उत्तम, सर्वोत्तम और अति उत्तम श्रेणियों में सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके समर्पण और उत्कृष्ट सेवा का प्रतीक रहा।समारोह में एएसपी नरपत सिंह सहित कई पुलिस अधिकारी, कर्मचारी और सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी भी उपस्थित रहे।
बांसवाड़ा में अनिल हत्याकांड को लेकर लोगों का आक्रोश खुलकर सामने आया है। भारत आदिवासी पार्टी से जुड़े नेता अशोक के भाई अनिल की हत्या के मामले में आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग को लेकर जिला कलेक्ट्री तिराहे पर धरना प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान मृतक अनिल की फोटो तिराहे पर रखकर विरोध जताया गया और न्याय की मांग उठाई गई। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि इस मामले में अब तक पूरी कार्रवाई नहीं हुई है और एक आरोपी अभी भी फरार चल रहा है। जानकारी के अनुसार, पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को डिटेन कर लिया है, लेकिन तीसरा आरोपी गिरफ्त से बाहर है। इसी को लेकर लोगों में नाराजगी है और वे उसकी तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि फरार आरोपी को कुछ राजनीतिक दलों का संरक्षण मिल रहा है, जिसके चलते उसकी गिरफ्तारी में देरी हो रही है। धरने के दौरान प्रशासन से मांग की गई कि जल्द से जल्द फरार आरोपी को गिरफ्तार कर उसे कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। प्रदर्शन के चलते कलेक्ट्री तिराहे पर कुछ समय के लिए माहौल गरमाया रहा, हालांकि प्रशासन की मौजूदगी में स्थिति नियंत्रित रही।
बांसवाड़ा-रतलाम रोड पर बुधवार को एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया, जब एक ट्रोला चालक की सूझबूझ से कई लोगों की जान बच गई।जानकारी के अनुसार, यह घटना पांच नंबर मोड़ के पास हुई, जहां रतलाम से बांसवाड़ा की ओर आ रहा एक ट्रोला अचानक अनियंत्रित हो गया। सामने से आ रही कार को बचाने के प्रयास में चालक ने तुरंत निर्णय लेते हुए वाहन को मोड़ा, जिससे ट्रोला सड़क से नीचे उतर गया और एल आकार में फंस गया।हालांकि इस दौरान ट्रोला पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन चालक की सतर्कता के चलते एक बड़ी टक्कर टल गई, जिससे कई लोगों की जान बच गई। इस हादसे में ट्रोला चालक घायल हो गया, जिसे मौके पर मौजूद लोगों की मदद से तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया। फिलहाल उसका इलाज जारी है और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यदि चालक समय रहते वाहन को नियंत्रित नहीं करता, तो सामने से आ रही कार से सीधी भिड़ंत हो सकती थी, जिससे बड़ा हादसा हो सकता था। घटना के बाद मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई और पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और यातायात को सुचारू किया।
बांसवाड़ा जिले में सोशल मीडिया पर फैली एक भ्रामक सूचना ने लोगों के बीच अचानक घबराहट पैदा कर दी। सोमवार शाम व्हाट्सएप ग्रुप्स में एक मैसेज तेजी से वायरल हुआ, जिसमें दावा किया गया कि अंतरराष्ट्रीय तनाव के चलते रात 12 बजे से सभी पेट्रोल पंप बंद हो जाएंगे और ईंधन की भारी कमी हो जाएगी। इस मैसेज के फैलते ही लोग घरों और दफ्तरों से निकलकर पेट्रोल पंपों की ओर दौड़ पड़े। देखते ही देखते शहर और जिले के बड़े कस्बों के लगभग सभी पंपों पर भारी भीड़ लग गई। लोग अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल कराने के साथ-साथ केन, बोतल और कैंपर में भी पेट्रोल-डीजल भरवाते नजर आए। अचानक बढ़ी भीड़ से पंप संचालक और कर्मचारी भी हैरान रह गए। कई जगह जल्दबाजी के चलते लोगों के बीच बहस और कहासुनी की स्थिति बन गई। हालांकि बाद में पंप संचालकों ने लोगों को समझाते हुए बताया कि जिले में ईंधन की कोई कमी नहीं है और सप्लाई पूरी तरह सामान्य है। प्रशासन ने भी स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह अफवाह है और लोगों से अपील की है कि ऐसी भ्रामक सूचनाओं पर भरोसा न करें और बिना पुष्टि के इन्हें आगे शेयर न करें। देर रात तक हालात धीरे-धीरे सामान्य होने लगे और पंपों पर लगी भीड़ कम हो गई। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है।