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सूरजपोल थाना क्षेत्र की स्वराज नगर कॉलोनी में मंगलवार देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अज्ञात बदमाशों ने सड़क किनारे खड़ी कई गाड़ियों में तोड़फोड़ कर दी। कई वाहनों के शीशे टूटने से क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। स्थानीय लोगों से भी पूछताछ कर संदिग्धों की पहचान की गई। जांच के दौरान पुलिस को इनपुट मिला कि घटना में नवाज खान और उसके दो नाबालिग साथी शामिल हैं। तीनों घटना के बाद इलाके से फरार हो गए थे। पुलिस टीमों ने माछला मगरा पहाड़ी क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाया। खुद को घिरता देख आरोपियों ने भागने की कोशिश की, इसी दौरान वे पहाड़ी से फिसलकर गिर पड़े और घायल हो गए। पुलिस ने तीनों को अस्पताल पहुंचाकर प्राथमिक उपचार कराया। इलाज के बाद मुख्य आरोपी नवाज खान को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि दोनों नाबालिगों को संरक्षण में लिया गया। गुरुवार को पुलिस ने आरोपी को इलाके में जुलूस के रूप में घुमाया। आरोपी लकड़ी के सहारे चलते हुए नजर आया। जुलूस के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस कार्रवाई को देखा। आरोपी सार्वजनिक रूप से अपराध को गलत बताते हुए दिखाई दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है।
उदयपुर के अंबामाता थाने में न्याय की आस लेकर पहुँचे एक आम नागरिक को पुलिसिया बर्बरता का सामना करना पड़ा। घटना मंगलवार दोपहर की है, जब विवेक तेली नाम का युवक अपनी गाय चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराने थाने पहुँचा था। लेकिन पुलिसकर्मियों ने उसकी मदद करने के बजाय उसके साथ अपराधी जैसा व्यवहार शुरू कर दिया। आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात कांस्टेबल सुरेश बिश्नोई ने विवेक के साथ बदसलूकी की और विरोध करने पर उसे पीटते हुए हवालात में बंद कर दिया। हद तो तब हो गई जब पीड़ित ने मंदिर जाने का समय होने का हवाला देते हुए छोड़ने की गुहार लगाई। विवेक के अनुसार, जब उसने भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अपनी आस्था की बात कही, तो कांस्टेबल ने मर्यादा की तमाम सीमाएं लांघते हुए भगवान के खिलाफ भी अपमानजनक टिप्पणियां कीं। पुलिस ने उल्टा पीड़ित को ही शांति भंग करने के आरोप में घंटों थाने में बिठाए रखा। शाम को जब विवेक बाहर आया और उसने आपबीती अपने समाज और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को सुनाई, तो लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में लोग थाने पहुँचे और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मामले की गंभीरता और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने के आरोपों को देखते हुए उदयपुर एसपी योगेश गोयल ने तुरंत दखल दिया। एसपी ने प्रारंभिक जांच के आधार पर कांस्टेबल सुरेश बिश्नोई को लाइन हाजिर करने के आदेश जारी किए। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम में थानाधिकारी मुकेश सोनी की चुप्पी पर भी सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल, स्थानीय लोग आरोपी कांस्टेबल के खिलाफ सख्त विभागीय जांच और निलंबन की मांग पर अड़े हुए हैं।
जोरदार टक्कर में चार युवकों की मौत, छह घायल
सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के खिलाफ लोगों ने जताया आक्रोश, उदयपुर सहित पुरे संभाग में हुआ उग्र प्रदर्शन
उदयपुर जिले में नाबालिग लड़कियों की गुमशुदगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ताजा घटनाओं ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पहला मामला वल्लभनगर थाना क्षेत्र का है, जहां एक किशोरी 13 अक्टूबर से घर से लापता है। परिजनों ने बताया कि उन्होंने अपने स्तर पर हर जगह तलाश की, रिश्तेदारों और दोस्तों से भी पूछताछ की, लेकिन लड़की का कुछ पता नहीं चला। आखिरकार, थकहारकर मंगलवार को उन्होंने पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। दूसरा मामला जिले के पानरवा थाना क्षेत्र का है। यहां एक नाबालिग लड़की 21 अक्टूबर को अपने रिश्तेदार के घर गई थी, लेकिन वहां भी नहीं पहुंची। जब देर शाम तक वह घर नहीं लौटी तो परिजनों ने उसकी खोज शुरू की। हर जगह तलाश करने के बावजूद जब कोई सुराग नहीं मिला तो परिवार ने मंगलवार को पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। दोनों ही मामलों में पुलिस ने गुमशुदगी के प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वल्लभनगर और पानरवा थाना पुलिस आसपास के इलाकों, बस स्टैंडों और सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुटी है। उधर, इन घटनाओं के बाद परिजनों में गहरा आक्रोश और भय का माहौल है। लोगों का कहना है कि हाल के महीनों में जिले में कई नाबालिगों के लापता होने के मामले सामने आए हैं, लेकिन अब तक ज्यादातर मामलों में ठोस नतीजे नहीं मिले। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मामलों में सख्त और तेज कार्रवाई की जाए ताकि बेटियां सुरक्षित रह सकें।