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गुरु पूर्णिमा पर उमड़ा आस्था का सैलाब, मठ-मंदिरों और अखाड़ों में गूंजा गुरु वंदन
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गुरु पूर्णिमा पर उमड़ा आस्था का सैलाब, मठ-मंदिरों और अखाड़ों में गूंजा गुरु वंदन

गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर उदयपुर शहर सहित आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धा, भक्ति और भारतीय संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुबह से ही विभिन्न मठों, मंदिरों और अखाड़ों में गुरु वंदन के कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु और शिष्य अपने गुरुओं का आशीर्वाद लेने पहुंचे। इस अवसर पर शिष्यों ने अपने गुरुओं का विधिवत पूजन-अर्चन किया, पुष्प अर्पित किए और चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त किया। कई स्थानों पर धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन, सत्संग और प्रवचनों का आयोजन भी किया गया, जिसमें गुरु के महत्व और भारतीय संस्कृति में गुरु-शिष्य परंपरा की महत्व पर प्रकाश डाला गया। उदयपुर और आसपास के मठों, मंदिरों एवं अखाड़ों में दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। श्रद्धालुओं ने अपने गुरुओं के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए सुख, समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। धार्मिक आयोजनों के दौरान पूरा वातावरण भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर दिखाई दिया। श्रद्धालुओं का कहना है कि गुरु जीवन को सही दिशा देने का काम करते हैं और उनके मार्गदर्शन से ही व्यक्ति ज्ञान, संस्कार और सफलता की राह पर आगे बढ़ता है। इसी श्रद्धा और विश्वास के साथ उदयपुर में गुरु पूर्णिमा का पर्व पूरे उत्साह, आस्था और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया।

29 Jul 2026
 खड़े ट्रक में घुसी बच्चों से भरी स्कूल वैन, हादसे में एक छात्र की हुई मौत 14 अन्य हुए घायल
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खड़े ट्रक में घुसी बच्चों से भरी स्कूल वैन, हादसे में एक छात्र की हुई मौत 14 अन्य हुए घायल

बांसवाड़ा-दाहोद मार्ग पर बुधवार सुबह करीब आठ बजे स्कूल जा रहे मासूम बच्चों की वैन भीषण हादसे का शिकार हो गई। सेंट पॉल स्कूल से कुछ दूरी पहले बच्चों से भरी स्कूल वैन सड़क किनारे खड़े ट्रक से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वैन के परखच्चे उड़ गए और कई बच्चे वाहन के अंदर बुरी तरह फंस गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। तेज धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद वैन में फंसे बच्चों को बाहर निकाला और एंबुलेंस के साथ निजी वाहनों की मदद से महात्मा गांधी अस्पताल पहुंचाया। वैन में कुल 15 बच्चे सवार थे। हादसे में एक छात्र की मौत हो गई, जबकि 14 बच्चे घायल हुए हैं। डॉक्टरों के अनुसार सात बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं। इनमें से एक बच्चे की हालत नाजुक होने पर उसे बेहतर उपचार के लिए उदयपुर रेफर किया गया है। दो बच्चों का जिला अस्पताल में उपचार जारी है, जबकि अन्य बच्चों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। एक साथ बड़ी संख्या में घायल बच्चों के अस्पताल पहुंचने से वहां भी अफरा-तफरी का माहौल बन गया। गंभीर रूप से घायल कुछ बच्चों को चिकित्सकों ने तत्काल सीपीआर देकर उनकी जान बचाने का प्रयास किया। हादसे के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। गौरतलब है कि इससे दो दिन पहले अलवर जिले में भी स्कूली बच्चों से भरे टैंपो के हादसे में एक पांच वर्षीय छात्र की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। लगातार सामने आ रहे ऐसे हादसों ने एक बार फिर स्कूली वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था और सड़क सुरक्षा नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

29 Jul 2026
उदयपुर में हत्या के आरोपी के घर पर चला बुलडोजर, आरोपी अधिवक्ता गिरफ्तार
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उदयपुर में हत्या के आरोपी के घर पर चला बुलडोजर, आरोपी अधिवक्ता गिरफ्तार

ओस्तवाल नगर में सेटबैक और निर्माण विवाद उस समय खूनी संघर्ष में बदल गया जब पड़ोसी प्रवीण सिंह आसोलिया, उसके चचेरे भाई अनुराग और एक अन्य युवक पर 68 वर्षीय सागरमल मेहता के साथ बेरहमी से मारपीट करने का आरोप लगा। परिजनों का कहना है कि तीनों ने सागरमल मेहता के सिर, गर्दन और सीने पर लगातार लात-घूंसों से हमला किया, जिससे वे मौके पर ही अचेत हो गए। अस्पताल पहुंचाने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक के बेटे राहुल मेहता का आरोप है कि जिस निर्माण को लेकर विवाद हुआ, वह न्यायालय के स्टे और यूडीए की कार्रवाई के बावजूद जारी था। घटना से पहले कोर्ट कमिश्नर ने मौके का निरीक्षण किया था और उनके जाने के बाद दोनों पक्षों में कहासुनी मारपीट में बदल गई। घटना के बाद एमबी अस्पताल की मोर्चरी के बाहर परिजन, रिश्तेदार और जैन समाज के लोग बड़ी संख्या में जुट गए। उन्होंने साफ कहा कि जब तक तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होगी, शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। परिजनों ने आरोपियों के अवैध निर्माण को ध्वस्त करने, पीड़ित परिवार को सरकारी नौकरी और एक से डेढ़ करोड़ रुपए तक मुआवजा देने की मांग भी रखी। रिश्तेदार लोकेश कोठारी ने आरोप लगाया कि समय रहते प्रशासन और संबंधित एजेंसियां अवैध निर्माण पर कार्रवाई करतीं तो यह घटना टाली जा सकती थी। जैन समाज के प्रतिनिधि प्रकाश जैन ने भी प्रशासन से अवैध निर्माण हटाने और दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की मांग की। मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब बुधवार सुबह एमबी अस्पताल की मोर्चरी में एक ओर सागरमल मेहता का शव रखा था और दूसरी ओर अंबामाता थानाधिकारी दलपत सिंह राठौड़ का पार्थिव शरीर अंतिम विदाई के लिए ले जाया जा रहा था। इसी दौरान सागरमल मेहता के परिजनों और समाज के लोगों ने नारेबाजी करते हुए आरोपी के घर पर बुलडोजर चलाने, दोषियों को फांसी की सजा देने और मुआवजा घोषित किए जाने तक शव नहीं उठाने की घोषणा कर दी। हंगामे के बीच कुछ लोगों ने थानाधिकारी दलपत सिंह राठौड़ के पार्थिव शरीर को ले जा रही एंबुलेंस का रास्ता रोकने का प्रयास भी किया, जिसके बाद पुलिस को मशक्कत कर एंबुलेंस को वहां से रवाना करना पड़ा। इस दौरान परिजनों ने पुलिस पर धक्का-मुक्की करने के भी आरोप लगाए। समाज के लोग यूडीए अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग पर अडे रहे। इसी दौरान मौक़े पर पहुंचे उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा ने न्यूज़ 91 से बात करते हुए इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और पीड़ित परिवार क़ी. मांग बताते हुए कहा क़ी पीड़ित परिवार का कहना है क़ी उन्हें थाने के स्टाफ पर भरोसा नहीं है ऐसे में इसकी जांच. डीएसपी से कराई जा रही है और आरोपियों को भी गिफ्तार कर लिया गया है। उधर पुलिस ने मामले की जांच प्रतापनगर थाने से हटाकर दूसरे अधिकारी को सौंप दी है। वहीं परिजनों और समाज के बढ़ते आक्रोश के बाद यूडीए की टीम बुलडोजर लेकर आरोपी के घर पहुंची और अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी। पूरे घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है।

29 Jul 2026
नहीं रहे उदयपुर के अम्बा माता थाना अधिकारी, सी.आई. दलपत सिंह राठौड़ का निधन
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नहीं रहे उदयपुर के अम्बा माता थाना अधिकारी, सी.आई. दलपत सिंह राठौड़ का निधन

उदयपुर शहर के अंबामाता थाना प्रभारी दलपत सिंह राठौड़ का बुधवार सुबह अचानक निधन हो गया। जानकारी के अनुसार उनकी ड्यूटी मोहता पार्क में आयोजित आदिवासी रैली में लगाई गई थी। वे सुबह घर से ड्यूटी के लिए रवाना हुए, लेकिन रास्ते में अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और सीने में तेज दर्द महसूस हुआ। उन्होंने स्वयं अपने साथी अधिकारियों को फोन कर इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिसकर्मी और चिकित्सकों की टीम मौके पर पहुंची और उन्हें तत्काल महाराणा भूपाल अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने काफी देर तक सीपीआर सहित सभी जरूरी उपचार किए, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। प्रारंभिक तौर पर मौत का कारण हार्ट अटैक माना जा रहा है, हालांकि अंतिम पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही होगी। दलपत सिंह राठौड़ पिछले लगभग छह महीने से अंबामाता थाने में थानाधिकारी के रूप में सेवाएं दे रहे थे। इससे पहले वे ऋषभदेव, खेरवाड़ा सहित उदयपुर जिले के कई थानों में अपनी जिम्मेदारियां निभा चुके थे। मूल रूप से भीलवाड़ा जिले के निवासी दलपत सिंह अपने पीछे दो बेटों मयंक राज सिंह और पुष्पेन्द्र सिंह और पूरे परिवार को छोड़ गए हैं। उनके निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। शव का पोस्टमार्टम होने के बाद पुलिस लाइन में राजकीय सम्मान के साथ उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान पुलिस महानिरीक्षक गौरव श्रीवास्तव, पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन सहित पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, जवानों, सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों और बड़ी संख्या में शहरवासियों ने उन्हें नम आंखों से विदाई दी। आईजी गौरव श्रीवास्तव ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि दलपत सिंह बेहद सरल, सौम्य और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी थे। उन्होंने बताया कि जितना भी उनके साथ काम करने का अवसर मिला, उन्होंने हमेशा उन्हें ईमानदारी, अनुशासन और पूरी निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाते हुए देखा। उन्होंने कहा कि दलपत सिंह का हंसमुख स्वभाव, आमजन के प्रति संवेदनशील व्यवहार और पुलिस सेवा के प्रति समर्पण हमेशा पुलिस परिवार के लिए प्रेरणा बना रहेगा। डॉ. राजवीर सिंह ने भी उन्हें याद करते हुए कहा कि दलपत सिंह नियमित व्यायाम करते थे, किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहते थे और बेहद विनम्र व्यक्तित्व के धनी थे। उनके अनुसार ऐसे अधिकारी पुलिस विभाग की सकारात्मक छवि बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उनका असमय जाना अत्यंत पीड़ादायक है। वहीं वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल कुमार ने कहा कि दलपत सिंह को पुलिस विभाग में लोग कूल मैन के नाम से जानते थे। उनका व्यवहार इतना सहज और शालीन था कि थाने आने वाला परिवादी भी संतुष्ट होकर लौटता था। उन्होंने कहा कि दलपत सिंह केवल एक पुलिस अधिकारी नहीं, बल्कि आमजन और अधिवक्ताओं के लिए भरोसे का नाम थे। उनका असमय निधन उदयपुर पुलिस और पूरे समाज के लिए अपूरणीय क्षति है।

29 Jul 2026
उदयपुर में देर रात लाठी सरियों से  वाहनों में तौड़ फोड़, सवालों में सुरक्षा व्यवस्था
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उदयपुर में देर रात लाठी सरियों से वाहनों में तौड़ फोड़, सवालों में सुरक्षा व्यवस्था

उदयपुर के अम्बामाता थाना क्षेत्र में सोमवार देर रात गुंडागर्दी का ऐसा नजारा देखने को मिला जिसने आम लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी। मल्लातलाई गांधी नगर से मस्तान बाबा रोड स्थित धोली मगरी के पास सोमवार रात करीब 1 बजकर 15 मिनट पर 8 से 10 बदमाश अलग-अलग वाहनों में सवार होकर पहुंचे और देखते ही देखते इलाके में खड़े कई वाहनों पर लाठी और सरियों से हमला बोल दिया। कुछ ही मिनटों में कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। तोड़फोड़ की तेज आवाज सुनकर लोग घरों से बाहर निकल आए। लोगों की भीड़ जुटती देख बदमाश मौके से फरार हो गए, लेकिन जाते-जाते इलाके में दहशत का माहौल छोड़ गए। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब बदमाश इतने आराम से वारदात को अंजाम देकर फरार हो सकते हैं, तो आम नागरिक खुद को कितना सुरक्षित महसूस करेंगे। घटना के तुरंत बाद क्षेत्रवासी अम्बामाता थाने पहुंचे और पुलिस को रिपोर्ट सौंपते हुए आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में लगातार बढ़ रही ऐसी घटनाएं यह संकेत दे रही हैं कि अपराधियों में पुलिस का खौफ कम होता जा रहा है। यह घटना केवल वाहनों की तोड़फोड़ तक ही सिमित नही है, बल्कि उदयपुर की कानून व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। अगर रिहायशी इलाके में आधी रात बदमाश खुलेआम उत्पात मचाकर आसानी से निकल जाते हैं, तो रात की पुलिस गश्त पर सवाल उठना भी लाजमी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ऐसे असामाजिक तत्वों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में हालात और अधिक चिंताजनक हो सकते हैं। अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले में कितनी तेजी से आरोपियों तक पहुंचती है और शहर में सुरक्षा का भरोसा दोबारा कायम कर पाती है या नहीं।

29 Jul 2026
उदयपुर की पिछोला झील किनारे बनी होटल में बच्ची की मौत, सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
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उदयपुर की पिछोला झील किनारे बनी होटल में बच्ची की मौत, सुरक्षा को लेकर उठे सवाल

उदयपुर में शनिवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने सभी को झकझोर दिया। दिल्ली निवासी सोनू सिंह तोमर अपनी पत्नी और दो वर्षीय बच्ची के साथ घूमने के लिए उदयपुर आए थे और पिछोला झील किनारे स्थित जगत निवास पैलेस होटल में ठहरे हुए थे। सुबह करीब आठ बजे परिवार होटल के सेकंड फ्लोर स्थित रेस्टोरेंट में नाश्ता करने पहुंचा। इसी दौरान बच्ची अचानक खिड़की की ओर गई और हाथ फिसलने से सीधे झील में गिर गई। बच्ची के पानी में गिरते ही होटल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल झील से बच्ची को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। सूचना मिलने पर घंटाघर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भिजवाया। घंटाघर थाने के एएसआई ईशाक मोहम्मद ने बताया कि पिता की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह एक हादसा है और फिलहाल किसी प्रकार की संदिग्ध बात सामने नहीं आई है। पुलिस के अनुसार परिवार होटल में ही ठहरा हुआ था और घटना नाश्ते के दौरान सेकंड फ्लोर पर हुई। हालांकि घटना के बाद होटल की सुरक्षा व्यवस्था और भवन की बनावट को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। आखिर दो वर्षीय बच्ची खिड़की तक कैसे पहुंची, सुरक्षा इंतजाम पर्याप्त थे या नहीं और ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए क्या मानक अपनाए गए थे, इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। होटल प्रबंधन से संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रही है। अब सवाल है कि क्या होटल की सुरक्षा व्यवस्था और खिड़की की डिजाइन बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से पर्याप्त थी? और मां की गोद और माता-पिता की मौजूदगी के बावजूद आखिर यह दर्दनाक हादसा कैसे हुआ।

25 Jul 2026