
उदयपुर में कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा के दावों के बीच एक परिवार पिछले 45 दिनों से अपनी मासूम बेटी के लिए परेशान हो रहा है। मामला 28 दिसंबर का है, जब हिरणमगरी क्षेत्र से एक 17 वर्षीय किशोरी को बहला-फुसलाकर अगवा कर लिया गया। पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्होंने घटना के अगले ही दिन पुलिस को सूचना दे दी थी, लेकिन पुलिस की कार्यशैली पर सवाल तब खड़े हुए जब इस गंभीर मामले की रिपोर्ट करीब एक महीने की देरी से यानी 3 फरवरी को दर्ज की गई। परिजनों ने सीधे तौर पर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित माँ का कहना है कि उन्होंने आरोपी करण सिंह और उसके परिवार के बारे में पुलिस को जानकारी दी थी कि वे मध्य प्रदेश के उज्जैन के रहने वाले हैं। इसके बावजूद पुलिस अभी तक उन तक पहुँचने में नाकाम रही है। परिवार का यह भी आरोप है कि 17 साल की नाबालिग के अपहरण मामले में पुलिस ने पोक्सो एक्ट जैसी कड़ी धाराओं के बजाय केवल साधारण अपहरण का मामला दर्ज कर औपचारिकता पूरी कर ली है। अपनी खोई हुई बेटी की तलाश में दर-दर की ठोकरें खा रही माँ अब पूरी तरह टूट चुकी है। बुधवार को पीड़ित परिवार ने एसपी योगेश गोयल से मुलाकात की और बताया कि पुलिस की लापरवाही के कारण आरोपी को भागने और छिपने का पूरा मौका मिल रहा है। उन्होंने मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत विशेष टीम का गठन किया जाए, ताकि उनकी बेटी को सुरक्षित वापस लाया जा सके और आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जाए।

17 Feb 2026