
पूर्व मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीय का दो साल में ही भाजपा से मोह भंग हो गया है। मालवीय ने बीजेपी छोड़ दी है। कांग्रेस में शामिल होने के लिए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष को पत्र लिखा है। मालवीय ने रविवार को जयपुर में कांग्रेस के महासचिव सुखजिंदर सिंह रंधावा, पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली से मुलाकात की। मालवीय ने कहा कि BJP की सत्ता होते हुए भी मैं जनता के काम नहीं करा पा रहा हूं। भाजपा सरकार में गरीबों की सुनने वाला कोई नहीं है। मनरेगा का भुगतान महीनों से अटका है, किसानों को खाद नहीं मिल रहा। मैंने कई बार मुख्यमंत्री और प्रदेशाध्यक्ष को चिट्ठी लिखी, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ।जयपुर में महेन्द्रजीत सिंह मालवीय ने कहा कि कांग्रेस मेरे लिए नई पार्टी नहीं है। पिछले 40 साल मैंने कांग्रेस में निकाले हैं, सरपंच के रूप में, प्रधान के रूप में, एमपी के रूप में, पांच बार जिला प्रमुख के रूप में, चार बार विधायक के रूप में और दो बार सरकार के मंत्री के रूप में लंबे समय तक कांग्रेस में काम किया। लेकिन, कुछ समय पहले मेरा मन हुआ कि डबल इंजन की सरकार है, मेरे क्षेत्र में विकास रुकना नहीं चाहिए और जनता का अहित नहीं हो, उस हिसाब से मैं जरूर भाजपा में गया था। वहां जाने पर मैंने देखा कि अपना एडजस्टमेंट, अपनी सहमति ठीक ढंग से यहां नहीं बन सकती हैं। इसलिए मैंने अपने मन से और कार्यकर्ताओं से राय लेकर यह तय किया कि कांग्रेस पार्टी में जाना चाहिए। आज नहीं तो कल कांग्रेस का राज वापस आ रहा है,उसे कोई नहीं रोक सकता है। आज मैंने कांग्रेस के महासचिव सुखजिंदर सिंह रंधावा, पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की मौजूदगी में अपनी सहमति व्यक्त कर दी है।