
भारतीय डाक विभाग में फर्जी अंकतालिकाओं के जरिए सरकारी नौकरी हासिल करने के मामले में हाथीपोल थाना पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले की जांच तेज कर दी है। पुलिस के मुताबिक भारतीय डाक विभाग के निरीक्षक ताजसिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उदयपुर मंडल में शाखा डाकपाल के रिक्त पदों पर चयनित अभ्यर्थियों द्वारा प्रस्तुत अंकतालिकाओं का सत्यापन संबंधित शिक्षा बोर्ड से कराया गया। जांच के दौरान शिक्षा बोर्ड ने स्पष्ट किया कि प्रस्तुत अंकतालिकाएं उनके कार्यालय द्वारा जारी नहीं की गई हैं और पूरी तरह फर्जी हैं। रिपोर्ट के आधार पर हाथीपोल थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। अनुसंधान के दौरान पुलिस ने लालसोट निवासी विजेश कुमार मीणा और करौली निवासी अमरजीत मीणा को गिरफ्तार किया है। पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है कि फर्जी अंकतालिकाएं किसके माध्यम से तैयार कराई गईं, सरकारी नौकरी हासिल करने के लिए यह नेटवर्क कैसे काम कर रहा था और इसमें अन्य किन लोगों की भूमिका रही। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस तरीके से अन्य सरकारी भर्तियों में भी फर्जी दस्तावेजों का उपयोग तो नहीं किया गया। फिलहाल हाथीपोल थाना पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर मामले में आगे भी गिरफ्तारियां और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।