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जयपुर में स्वास्थ्य विभाग और खाद्य सुरक्षा टीम की इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया है। सीएमएचओ डॉ. मनीष मित्तल ने बताया कि टीम को भांकरोटा स्थित धारव पब्लिक स्कूल (DPS) की कैंटीन में अनियमिताओं की गुप्त सूचना मिली थी, जिसके बाद दोपहर करीब 3 बजे औचक निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान सामने आया कि कैंटीन संचालक के पास सिर्फ कैंटीन चलाने का लाइसेंस था। लेकिन नियम-कायदों को दरकिनार कर कैंटीन परिसर के भीतर ही एक बड़ी बेकरी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित कर ली गई थी। संचालक के पास बेकरी प्रोडक्ट्स बनाने और नॉनवेज रखने या बेचने का कोई वैध लाइसेंस नहीं था। जब टीम ने रसोई और स्टोर रूम की तलाशी ली, तो वहां रखे डीप फ्रिज में काफी मात्रा में फ्रोजन नॉनवेज बरामद हुआ। इसी फ्रोजन नॉनवेज का इस्तेमाल कर विभिन्न प्रकार के नॉनवेज बेकरी आइटम्स तैयार किए जा रहे थे और उन्हें शहर के अन्य व्यावसायिक आउटलेट्स पर सप्लाई किया जा रहा था। इसके साथ ही, कैंटीन में स्कूली विद्यार्थियों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करते हुए मोमोज, पास्ता, नूडल्स, बर्गर और फ्रेंच फ्राइज जैसे हानिकारक जंक फूड तैयार कर बेचे जा रहे थे। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर मौजूद मैनेजर राकेश गुप्ता को पाबंद करते हुए नॉनवेज बेकरी प्रोडक्ट्स और जंक फूड की मैन्युफैक्चरिंग को तत्काल प्रभाव से बंद करवा दिया है। मौके से पनीर और यूज्ड कुकिंग ऑयल के सैंपल लेकर जांच के लिए स्टेट लैब भिजवाए गए हैं, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मामला जयपुर के पश्चिम जिले का है। 23 सितंबर की दोपहर करीब 3 बजे पुलिस को सूचना मिली कि 5वीं कक्षा में पढ़ने वाली दो सहेलियां स्कूल खत्म होने के बाद घर नहीं पहुंची हैं। डीसीपी जयपुर पश्चिम प्रशांत किरण के निर्देशन में तुरंत टीम गठित की गई और बच्चियों की तलाश शुरू की गई। पुलिस ने परिजनों से बच्चियों के फोटो और पहचान संबंधी दस्तावेज लेकर सभी पुलिस थानों, जीआरपी, बस स्टैंड और एयरपोर्ट पर अलर्ट जारी किया। जांच के दौरान जब पुलिस ने बच्चियों की सोशल मीडिया और इंटरनेट गतिविधियों की पड़ताल की, तो एक अहम सुराग मिला। पुलिस को पता चला कि दोनों बच्चियां अपनी मां और परिजनों के मोबाइल पर यूट्यूब पर मशहूर साउथ कोरियन के-पॉप बैंड 'बीटीएस' (BTS) के वीडियो देखा करती थीं। इसी सुराग के आधार पर जीआरपी और आरपीएफ की मदद से तलाश तेज की गई, जिसके बाद शाम करीब साढ़े सात बजे दोनों बच्चियों को जयपुर के गांधीनगर रेलवे स्टेशन पर सुरक्षित बैठा पाया गया। पुलिस और बाल कल्याण समिति के समक्ष काउंसलिंग के दौरान दोनों बच्चियों ने बताया कि वे बीटीएस पॉप बैंड की बहुत बड़ी फैन हैं और इन्हीं वीडियो से प्रेरित होकर साउथ कोरियन सिंगर व प्रोड्यूसर 'बैंग सी ह्यूक' से मिलने का सपना लेकर घर से निकल गई थीं। बाल कल्याण समिति के निर्देश के बाद दोनों बच्चियों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने सभी अभिभावकों और शिक्षकों से विशेष अपील की है। पुलिस का कहना है कि कम उम्र में बच्चे इंटरनेट का इस्तेमाल तो कर रहे हैं, लेकिन उन्हें इसकी आभासी दुनिया के खतरों और सीमाओं का अहसास नहीं है। ऐसे में बच्चों की डिजिटल गतिविधियों पर नजर रखना और उन्हें सही मार्गदर्शन देना बेहद जरूरी है।
जयपुर पुलिस ने फिटनेस और पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक अनोखी पहल करते हुए सड़कों पर साइकिल गश्त अभियान चलाया। जयपुर पुलिस कमिश्नरेट के नॉर्थ जोन में आयोजित इस विशेष अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों ने अपनी लग्जरी गाड़ियों को छोड़ साइकिल का सहारा लिया और लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होने के साथ ईंधन बचाने का संदेश दिया। अभियान में डीसीपी नॉर्थ करण शर्मा, एडीसीपी बजरंग सिंह, एडीसीपी नीरज पाठक, पीयूष कविया, एसएचओ राकेश ख्यालिया और राजेश गौतम सहित कई पुलिस अधिकारी शामिल हुए। अधिकारियों ने पुराने शहर के प्रमुख बाजारों और कॉलोनियों में साइकिल से गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा भी लिया। डीसीपी नॉर्थ करण शर्मा ने कहा कि साइकिल चलाने से स्वास्थ्य बेहतर रहता है और साथ ही पेट्रोल-डीजल की बचत के जरिए पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा फिटनेस और ईंधन बचत को लेकर दिए गए संदेश को आमजन तक पहुंचाने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया गया है। साइकिल गश्त के दौरान बाजारों और सड़कों पर मौजूद लोगों ने पुलिस अधिकारियों की इस पहल की सराहना की। पुराने शहर में जब पुलिस अधिकारी साइकिल पर नजर आए तो लोगों में उत्साह देखने को मिला। जयपुर पुलिस का यह जनजागरूकता अभियान अब शहरभर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
राज्यभर में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांच के दौरान कई नामी कंपनियों के उत्पाद अमानक और अनसेफ पाए जाने के बाद फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट ने सख्त कार्रवाई की है। विभाग ने मिक्स नमकीन, रोस्टेड चना और घी के कई बैच की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि मार्च और अप्रैल माह में विभिन्न जिलों से फूड प्रोडक्ट्स के सैंपल लिए गए थे। जांच रिपोर्ट आने के बाद अमानक पाए गए उत्पादों पर कार्रवाई की गई है। खाद्य सुरक्षा आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला ने बताया कि बीकानेर की फर्म हैप्पी पूजा पापड़ भंडार और मैसर्स बीकाजी फूड्स इंटरनेशनल लिमिटेड की ऑल इन वन नमकीन कुछ-कुछ के एक बैच को बैन किया गया है। इसके अलावा डबरा ग्वालियर की किचन किंग निर्माता फर्म के रोस्टेड चना और जयपुर की श्री अनु मिल्क प्रोडक्ट्स लिमिटेड वीकेआईए के घी बिलोना के एक बैच पर भी रोक लगाई गई है। विभाग की जांच में कई अन्य उत्पाद भी अनसेफ पाए गए हैं। इनमें डी-मार्ट प्रीमिया ब्रांड की काली मिर्च, बालाजी फूड हिसार का ग्रीन चिली सॉस चार्ली, महावीर फूड बनासकांठा का काऊ घी, मधु सरस और डेयरी ब्राइट ब्रांड के घी सहित कई उत्पाद शामिल हैं। फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट का कहना है कि उपभोक्ताओं की सेहत के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और आगे भी लगातार सैंपलिंग और जांच अभियान जारी रहेगा।
960 करोड़ रुपए के जेजेएम घोटाले में रिटायर्ड आईएएस सुबोध अग्रवाल की पेशी एक बार फिर एसीबी कोर्ट में हुई, जहां कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। इस दौरान एसीबी ने कोर्ट से दो दिन की और पीसी रिमांड की मांग की थी, लेकिन सुबोध अग्रवाल ने इसका विरोध किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने एसीबी की मांग को खारिज करते हुए उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पेशी के दौरान सुबोध अग्रवाल ने अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कोर्ट में एक एप्लिकेशन देकर खुद को जेल में खतरा बताया और अलग सेल में रखने की मांग की। सुनवाई के दौरान उन्होंने एसीबी अधिकारियों से यह भी सवाल किया कि आखिर मीडिया में यह क्यों कहा जा रहा है कि उन्होंने पूछताछ में सहयोग नहीं किया। उन्होंने कहा कि स्पष्ट किया जाए कि उन्होंने किन सवालों के जवाब नहीं दिए हैं। गौरतलब है कि मंगलवार शाम पूछताछ के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया। हालांकि जांच रिपोर्ट सामान्य पाई गई। फिलहाल इस मामले में जांच जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
राजस्थान में एक बार फिर रसोई का बजट बिगड़ने वाला है। राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन ने मंगलवार देर शाम सरस घी की कीमतों में 20 रुपए की बढ़ोतरी कर दी है, जो बुधवार से लागू हो गई है। नई दरों के मुताबिक, अब सरस का एक लीटर सामान्य घी 551 रुपए से बढ़कर 571 रुपए में मिलेगा। वहीं एक लीटर गाय का घी 570 रुपए की जगह 590 रुपए में मिलेगा। इसके अलावा बड़े पैक पर भी कीमतें बढ़ाई गई हैं। इसी तरह 5 लीटर का टिन पैक 2740 रुपए में मिलता था। अब यह बढ़कर 2840 रुपए हो गया है। 15 किलोग्राम का टिन पैक जो पहले 9345 रुपए में मिलता था, अब 9495 रुपए में मिलेगा।सरस के घी के दामों में इस साल में ये दूसरी बार बढ़ोतरी की है। इससे पहले आरसीडीएफ प्रबंधन ने 2 जनवरी को घी के दामों में 20 रुपए प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की थी। हालांकि उस समय केवल 15 किलोग्राम टिन पैक पर दरे बढाई गयी थी। जबकि अन्य दूसरी पैकिंग वाले घी के दामों में कोई बदलाव नहीं किया गया था।