
बेहद सूक्ष्म शिल्पकला का अद्भुत नमूना पेश करते हुए डॉ. इकबाल सक्का ने केवल 1×1 सेंटीमीटर आकार का भगवान जगन्नाथ का रथ तैयार किया है। इस रथ में एक सेंटीमीटर का चांदी का मंदिर, एक मिलीमीटर का कलश और केसरी पताका बनाई गई है, जिस पर ॐ अंकित किया गया है। रथ के भीतर मूंग के दाने से भी छोटी चांदी की भगवान जगन्नाथ की प्रतिमा सिंहासन पर स्थापित की गई है, जिसे केवल लेंस की सहायता से ही देखा जा सकता है। रथ को पूर्ण स्वरूप देने के लिए डॉ. सक्का ने चांदी से एक सेंटीमीटर आकार का घोड़ा भी बनाया है, जिसे भगवान जगन्नाथ के रथ को आगे बढ़ाते हुए दर्शाया गया है। उन्होंने बताया कि इस पूरी कलाकृति को तैयार करने में 7 ग्राम चांदी, 300 मिलीग्राम सोने का उपयोग किया गया और इसे बनाने में करीब 36 घंटे का समय लगा। डॉ. इकबाल सक्का के अनुसार यह रथ केवल एक कलाकृति नहीं, बल्कि कौमी एकता, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि इस विशेष रथ को वे विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर, पुरी, को भेंट करना चाहते हैं और इस संबंध में श्री जगन्नाथ मंदिर ट्रस्ट कमेटी को पत्र भी भेजा गया है। डॉ. सक्का का दावा है कि अब तक इंटरनेशनल बुक में दर्ज सबसे छोटा जगन्नाथ रथ 3×2 सेंटीमीटर का है, जिसे ओडिशा के एक कलाकार ने बनाया था। उनका कहना है कि 1×1 सेंटीमीटर का यह सोने-चांदी का रथ उस रिकॉर्ड से भी छोटा है और यह विश्व का सबसे छोटा सोने-चांदी का जगन्नाथ रथ होने का नया विश्व कीर्तिमान स्थापित कर सकता है।

06 Jul 2026