
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब फतेहपुरा के रहने वाले 65 वर्षीय पीड़ित रुपलाल पालीवाल ने अम्बामाता पुलिस थाने में आपबीती सुनाई। पीड़ित की शिकायत के अनुसार, अभियुक्तों ने एक सुनियोजित साजिश के तहत उनके बेटे के साथ शादी का नाटक रचाया था। विवाह होने के कुछ समय बाद ही आरोपी दुल्हन और उसके साथी पीड़ित के घर से नकदी और कीमती जेवरात लेकर मौके से फरार हो गए। इस धोखाधड़ी की वारदात को अंजाम देने में कई लोग शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मामले में कुल आठ अभियुक्तों को नामजद किया गया है, जिनमें पुरुषोत्तम आचार्य, नीरज जैन, शीतल देवी, किरण देवी, रानी देवी, विक्की सिंह, नीरज सिंह और राघव शामिल हैं। इन सभी आरोपियों ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए अम्बामाता थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। मामले की जांच एएसआई किशन सिंह को सौंपी गई है। पुलिस अधिकारी अब इस गिरोह के नेटवर्क को खंगालने और लुटेरी दुल्हन सहित सभी फरार आरोपियों की सरगर्मी से तलाश करने में जुट गए हैं।