
इस पूरे मामले की शुरुआत प्रतापनगर थाना क्षेत्र के मठ माड़ड़ी इलाके में रहने वाली पीड़िता की शिकायत से हुई। पीड़िता का आरोप है कि 1 मार्च से 25 मार्च के बीच सलोनी कांता, मठ माड़ड़ी क्षेत्र में उसके साथ सुनियोजित आपराधिक षड्यंत्र रचकर दुष्कर्म किया गया। पीड़िता का कहना है कि यह घटना पूर्व नियोजित साजिश के तहत अंजाम दी गई। मामले में कोर्ट के आदेश के बाद सोमवार को प्रतापनगर थाने में एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एफआईआर में मुख्य आरोपी के रूप में राजकुंवर पत्नी गोपाल सिंह को नामजद किया गया है, जो मूल रूप से धरियावद, जिला प्रतापगढ़ की निवासी हैं और वर्तमान में मठ माड़ड़ी क्षेत्र में रह रही हैं। पुलिस के अनुसार इस मामले में उनके अलावा 9 अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। सभी आरोपियों की भूमिका की गहन जांच की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जिम्मेदारी प्रतापनगर थाने में पदस्थ महिला उप-निरीक्षक रेणु खोईवाल को सौंपी गई है। पुलिस टीम संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है और साक्ष्य जुटाने के साथ सभी आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।