आवाज़ हम सबकी
राजसमंद के भीम विधायक हरि सिंह रावत का एक वीडियो सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। वीडियो में विधायक लोगों से अपने समर्थित प्रत्याशी को वोट देने की अपील करते हुए मकान-दुकानें टूटने और विकास नहीं होने की बात कहते नजर आ रहे हैं। विधायक ने सफाई देते हुए कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है। उनका कहना है कि उन्होंने सरकारी या सार्वजनिक जमीन पर बने अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही थी।
नगर निगम चुनाव के वार्ड सीमांकन में उदय टावर्स कॉम्प्लेक्स के ए-बी-सी ब्लॉक के 77 फ्लैट्स के लोग असमंजस में हैं। यहां एक ही फ्लोर पर आमने-सामने स्थित फ्लैट अलग-अलग वार्डों में शामिल कर दिए गए हैं। फ्लैट नंबर 303 में रहने वाले एनके गोयल का परिवार वार्ड 75 में है, जबकि सामने फ्लैट नंबर 302 का शर्मा परिवार वार्ड 78 में दर्ज है। करीब 25-26 लोग वार्ड 75 और 20-22 लोग वार्ड 78 में हैं। इससे बीएलओ को पर्चियां बांटने से लेकर मतदान केंद्र तक की व्यवस्था में परेशानी हो रही है। सोसाइटी सचिव प्रो. सुशील भटनागर का कहना है कि एक ही कॉम्प्लेक्स और एक ही फ्लोर के लोगों के अलग वार्ड होने से विकास कार्यों के लिए पार्षद तय करना भी मुश्किल हो गया है।
उदयपुर पुलिस ने शातिर अंतर्राज्यीय नकबजन गैंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। मामला पंचवटी स्थित नवीन ज्वैलर्स शोरूम में 29 जुलाई की रात हुई चोरी से जुड़ा है। चोर साइड शटर उखाड़कर और कांच का दरवाजा तोड़कर शोरूम में दाखिल हुए और हीरे, सोने-चांदी के आभूषण और नकदी लेकर फरार हो गए थे।मामले को लेकर आज एसपी डॉ अमृता दुहन ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की। टीम ने उदयपुर शहर के सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसमें वारदात से पहले पांच संदिग्ध शोरूम की रेकी करते हुए नजर आए। संदिग्धों के रूट को ट्रेस करने पर उनके उदयपुर रेलवे स्टेशन से चित्तौड़गढ़, कोटा और धौलपुर की तरफ जाने की जानकारी सामने आई।इसके बाद पुलिस टीम ने कोटा, बारां, ग्वालियर, धौलपुर से लेकर आगरा तक करीब 200 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया। जांच में सामने आया कि वारदात के पीछे आगरा के पिनाहट और शमशाबाद थाना क्षेत्रों के चंबल बीहड़ों में सक्रिय एक शातिर अंतरराज्यीय नकबजन गैंग का हाथ है।पुलिस ने मुखबिरी और आसूचना तंत्र को मजबूत करते हुए चंबल के बीहड़ों में आरोपियों के ठिकानों पर दबिश दी। बारिश के मौसम में लंबी घास, दलदली रास्तों और दुर्गम इलाके के बावजूद पुलिस ने गैंग के मुख्य सरगना समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की निशानदेही पर खेतों में गहरे गड्ढे खोदकर छिपाया गया करीब 60 लाख रुपये का चोरी का माल बरामद किया गया।गिरफ्तार आरोपियों में आनंद उर्फ कुकड़िया वर्मा, धनपाल उर्फ धान्धु वर्मा और गुड्डू शामिल हैं। पुलिस के अनुसार आनंद वर्मा गैंग का मुख्य सरगना है। आरोपियों के खिलाफ पूर्व में भी चोरी और नकबजनी के मामले दर्ज हैं।पुलिस जांच में गैंग का बेहद शातिर तरीका सामने आया है। वारदात से करीब दो महीने पहले गैंग के दो सदस्य मजदूरी करने के बहाने उदयपुर आए और नवीन ज्वैलर्स की रेकी की। इसके बाद पूरी गैंग उदयपुर पहुंची और गुमानिया नाले के रास्ते पैदल शोरूम तक पहुंचकर वारदात को अंजाम दिया।पुलिस के मुताबिक, आरोपी अपने पास मोबाइल फोन तक नहीं रखते थे। यात्रा के दौरान नकद भुगतान करते और लगातार ट्रेन और बसें बदलते थे, ताकि डिजिटल या अन्य साक्ष्य पीछे न छूटे। वारदात के बाद आरोपी सीधे चंबल के बीहड़ों में जाकर छिप जाते थे।फिलहाल गिरफ्तार तीनों आरोपियों से पुलिस की सघन पूछताछ जारी है। पुलिस गैंग के अन्य फरार सदस्यों, जिनमें मनोज उर्फ डॉक्टर वर्मा भी शामिल है, की तलाश कर रही है। साथ ही चोरी के बाकी माल की बरामदगी के प्रयास भी लगातार जारी हैं।
उदयपुर के सूरजपोल थाना क्षेत्र में निजी स्कूल के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। रावजी का हाटा निवासी लालसिंह गोयल ने कोर्ट के इस्तगासे के आधार पर साहू पब्लिक स्कूल के संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। आरोप है कि स्कूल के पास कक्षा 10वीं तक की मान्यता नहीं होने के बावजूद उनकी बेटी को 10वीं कक्षा में प्रवेश दिया गया। परिजनों के अनुसार स्कूल ने फीस के नाम पर 55 हजार 500 रुपये लिए और बोर्ड परीक्षा का फॉर्म भी जमा नहीं कराया। परीक्षा का प्रवेश पत्र नहीं मिलने पर परिवार को मामले की जानकारी हुई। इसके बाद कोर्ट में इस्तगासा पेश कर कार्रवाई की मांग की गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब जांच के बाद ही आरोपों की पूरी सच्चाई सामने आएगी।
उदयपुर के सवीना थाना क्षेत्र में घर से निकली एक युवती के लापता होने का मामला सामने आया है। परिजनों के अनुसार युवती 7 सितंबर को घर से पैदल निकली थी और इसके बाद वापस घर नहीं लौटी। शाम तक घर नहीं पहुंचने पर परिवार के लोगों ने उसकी तलाश शुरू की और रिश्तेदारों व परिचितों से भी जानकारी ली। युवती से मोबाइल फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उसका फोन स्विच ऑफ मिला। काफी तलाश के बावजूद युवती का कोई सुराग नहीं लगने पर परिजन सवीना थाने पहुंचे और पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर युवती की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में जानकारी जुटाने के साथ संभावित स्थानों पर तलाश कर रही है। परिजनों ने युवती की सुरक्षित वापसी की उम्मीद जताई है।
न्यूज 91 राजस्थान की टीम जब वार्ड 75 के आलू फैक्ट्री इलाके में पहुंची तो सबसे पहले नजर पड़ी हाल ही में बनी नई सड़क पर। करीब पखवाड़े भर पहले बनी इस सड़क ने इलाके के लोगों को राहत जरूर दी है। लोगों का कहना है कि सड़क लंबे समय से जर्जर थी। जगह-जगह गड्ढे और टूटी सड़क के कारण वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब सड़क बनने के बाद लोगों के बीच यह चर्चा जरूर है कि चुनाव आते ही सड़क आखिरकार चकाचक कैसे हो गई? स्थानीय लोग इसे अपने अंदाज में कहते हैं— “चुनाव रो टेम आयो अन सड़क वण गी।” हालांकि सड़क बनने के बाद भी इलाके की कई समस्याएं जस की तस हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि नालियों की सफाई और उन्हें खोलने की जरूरत है। बारिश का मौसम सामने है और ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर नालियां साफ नहीं हुईं और पानी की निकासी का रास्ता नहीं मिला तो बारिश का पानी आखिर जाएगा कहां? इलाके में सीवरेज व्यवस्था को लेकर भी लोगों में नाराजगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सीवरेज का काम भी पूरा होना चाहिए, क्योंकि सड़क बनने के बाद यदि सीवरेज के लिए दोबारा सड़क खोदी गई तो नई बनी सड़क खराब होने का खतरा रहेगा। लोग चाहते हैं कि सड़क और सीवरेज से जुड़े कामों की प्लानिंग एक साथ की जाए, ताकि बार-बार सड़क खोदने की नौबत न आए और सरकारी पैसे की भी बर्बादी न हो। वार्ड 75 के लोगों की एक और बड़ी मांग है डिस्पेंसरी की। स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध हो तो छोटी-मोटी बीमारियों और सामान्य उपचार के लिए लोगों को दूर नहीं जाना पड़ेगा। खासकर बुजुर्गों और महिलाओं के लिए नजदीक स्वास्थ्य केंद्र की सुविधा उपयोगी साबित हो सकती है।