
उदयपुर शहर के अंबामाता थाना प्रभारी दलपत सिंह राठौड़ का बुधवार सुबह अचानक निधन हो गया। जानकारी के अनुसार उनकी ड्यूटी मोहता पार्क में आयोजित आदिवासी रैली में लगाई गई थी। वे सुबह घर से ड्यूटी के लिए रवाना हुए, लेकिन रास्ते में अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और सीने में तेज दर्द महसूस हुआ। उन्होंने स्वयं अपने साथी अधिकारियों को फोन कर इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिसकर्मी और चिकित्सकों की टीम मौके पर पहुंची और उन्हें तत्काल महाराणा भूपाल अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने काफी देर तक सीपीआर सहित सभी जरूरी उपचार किए, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। प्रारंभिक तौर पर मौत का कारण हार्ट अटैक माना जा रहा है, हालांकि अंतिम पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही होगी। दलपत सिंह राठौड़ पिछले लगभग छह महीने से अंबामाता थाने में थानाधिकारी के रूप में सेवाएं दे रहे थे। इससे पहले वे ऋषभदेव, खेरवाड़ा सहित उदयपुर जिले के कई थानों में अपनी जिम्मेदारियां निभा चुके थे। मूल रूप से भीलवाड़ा जिले के निवासी दलपत सिंह अपने पीछे दो बेटों मयंक राज सिंह और पुष्पेन्द्र सिंह और पूरे परिवार को छोड़ गए हैं। उनके निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। शव का पोस्टमार्टम होने के बाद पुलिस लाइन में राजकीय सम्मान के साथ उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान पुलिस महानिरीक्षक गौरव श्रीवास्तव, पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन सहित पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, जवानों, सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों और बड़ी संख्या में शहरवासियों ने उन्हें नम आंखों से विदाई दी। आईजी गौरव श्रीवास्तव ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि दलपत सिंह बेहद सरल, सौम्य और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी थे। उन्होंने बताया कि जितना भी उनके साथ काम करने का अवसर मिला, उन्होंने हमेशा उन्हें ईमानदारी, अनुशासन और पूरी निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाते हुए देखा। उन्होंने कहा कि दलपत सिंह का हंसमुख स्वभाव, आमजन के प्रति संवेदनशील व्यवहार और पुलिस सेवा के प्रति समर्पण हमेशा पुलिस परिवार के लिए प्रेरणा बना रहेगा। डॉ. राजवीर सिंह ने भी उन्हें याद करते हुए कहा कि दलपत सिंह नियमित व्यायाम करते थे, किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहते थे और बेहद विनम्र व्यक्तित्व के धनी थे। उनके अनुसार ऐसे अधिकारी पुलिस विभाग की सकारात्मक छवि बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उनका असमय जाना अत्यंत पीड़ादायक है। वहीं वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल कुमार ने कहा कि दलपत सिंह को पुलिस विभाग में लोग कूल मैन के नाम से जानते थे। उनका व्यवहार इतना सहज और शालीन था कि थाने आने वाला परिवादी भी संतुष्ट होकर लौटता था। उन्होंने कहा कि दलपत सिंह केवल एक पुलिस अधिकारी नहीं, बल्कि आमजन और अधिवक्ताओं के लिए भरोसे का नाम थे। उनका असमय निधन उदयपुर पुलिस और पूरे समाज के लिए अपूरणीय क्षति है।

29 Jul 2026