
गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर उदयपुर शहर सहित आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धा, भक्ति और भारतीय संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुबह से ही विभिन्न मठों, मंदिरों और अखाड़ों में गुरु वंदन के कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु और शिष्य अपने गुरुओं का आशीर्वाद लेने पहुंचे। इस अवसर पर शिष्यों ने अपने गुरुओं का विधिवत पूजन-अर्चन किया, पुष्प अर्पित किए और चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त किया। कई स्थानों पर धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन, सत्संग और प्रवचनों का आयोजन भी किया गया, जिसमें गुरु के महत्व और भारतीय संस्कृति में गुरु-शिष्य परंपरा की महत्व पर प्रकाश डाला गया। उदयपुर और आसपास के मठों, मंदिरों एवं अखाड़ों में दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। श्रद्धालुओं ने अपने गुरुओं के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए सुख, समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। धार्मिक आयोजनों के दौरान पूरा वातावरण भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर दिखाई दिया। श्रद्धालुओं का कहना है कि गुरु जीवन को सही दिशा देने का काम करते हैं और उनके मार्गदर्शन से ही व्यक्ति ज्ञान, संस्कार और सफलता की राह पर आगे बढ़ता है। इसी श्रद्धा और विश्वास के साथ उदयपुर में गुरु पूर्णिमा का पर्व पूरे उत्साह, आस्था और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया।

29 Jul 2026