आवाज़ हम सबकी
उदयपुर जिले में दर्ज हुए तीन अलग-अलग मामलों के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पहला मामला टीडी थाना क्षेत्र का है, जहां पाटिया फला बेडा निवासी एक व्यक्ति ने अपनी नाबालिग बेटी के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार, 20 जुलाई को सुबह करीब 11 बजे उसकी बेटी राशन लेने दुकान गई थी, लेकिन वापस घर नहीं लौटी। परिजनों ने आशंका जताई है कि कोई अज्ञात व्यक्ति उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। पुलिस ने मामले में अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर इसकी जांच हेडकांस्टेबल पुष्पेन्द्र कुमार को सौंपी है। दूसरा मामला गोगुंदा थाना क्षेत्र के ओबरा खुर्द का है। यहां प्रार्थीया ने आरोप लगाया है कि आरोपी गोपाल गमेती 21 जुलाई की शाम उसकी नाबालिग बेटी को डरा-धमकाकर मोटरसाइकिल पर बैठाकर अपने साथ ले गया। शिकायत के आधार पर पुलिस मामला दर्ज कर लिया और इसकी जांच गोगुन्दा थानाधिकारी द्वारा की जा रही है। वहीं तीसरा मामला सुखेर थाना क्षेत्र का है। उदयपुर के भुवाणा निवासी रेवंती नागर ने अपने पति भगवती लाल नागर, सास, ससुर और देवरों सहित कुल छह लोगों के खिलाफ मारपीट और लज्जा भंग करने का आरोप लगाया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इस मामले की जांच एएसआई गोविन्द सिंह कर रहे हैं। पुलिस तीनों मामलों में साक्ष्य जुटाने और आरोपियों की तलाश में जुटी गयी है।
नीट पेपर लीक को लेकर पिछले एक महीने से सीजेपी सरकार के खिलाफ लगातार प्रदर्शन कर रही थी और यह विरोध प्रदर्शन सिर्फ दिल्ली तक ही सीमित नहीं रहा बल्कि देश के कई शहरों में इसके समर्थन में प्रदर्शन की तस्वीरें भी सामने आई थीं। इस बड़े आंदोलन के दौरान समाजसेवी सोनम वांगचुक छात्रों के समर्थन में अनशन पर भी रहे थे और देश भर के युवाओं तथा आंदोलनकारियों का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा था। आंदोलनकारियों की मुख्य मांग यही थी कि पेपर लीक मामले की जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री अपने पद से त्यागपत्र दें। प्रदर्शन के 36वें दिन आखिरकार सरकार को इन मांगों के आगे झुकना पड़ा और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। मंत्री ने खुद अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लेटर जारी करके अपने इस्तीफे की अधिकारिक जानकारी साझा की है, जिसके बाद से राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में हलचल काफी तेज हो गई है। इस घटनाक्रम से साफ हो गया है कि लंबे समय से चल रहे विरोध प्रदर्शन का बड़ा असर देखने को मिला है और अब आगे की राजनीतिक परिस्थितियों पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।
उदयपुर जिले के सेमटाल में हुए इस भीषण सड़क हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जानकारी के मुताबिक निजी बस गोगुंदा से बरवाड़ा की ओर जा रही थी। इसी दौरान रावलिया खुर्द से गोगुंदा की ओर आ रहे बाइक सवार धनाराम नट और भारत नट बस की चपेट में आ गए। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों भाई गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। सूचना मिलते ही 108 एंबुलेंस और गोगुंदा थाने के हेड कांस्टेबल चरण सिंह मौके पर पहुंचे और दोनों घायलों को तत्काल गोगुंदा अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद धनाराम नट को मृत घोषित कर दिया। वहीं गंभीर रूप से घायल भारत नट की हालत नाजुक होने पर प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया। घटना के बाद पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त निजी बस को जब्त कर चालक को डिटेन कर लिया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई, इसकी जांच की जा रही है। साथ ही पुलिस सभी आवश्यक साक्ष्य जुटाकर आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।
सड़कों पर स्टंटबाजी करने वालों के खिलाफ उदयपुर पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए चार थाना क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाया। इस कार्रवाई के दौरान झाड़ोल, फलासिया, ओगणा और बाघपुरा थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाही करते हुए 50 पावर बाइक को जब्त कर मोटर वाहन अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया। झाड़ोल डीएसपी विवेक सिंह ने बताया कि थाना प्रभारियों के नेतृत्व में गश्त के दौरान कई युवक सार्वजनिक स्थानों और सड़कों पर पावर बाइक से खतरनाक स्टंट करते हुए पाए गए। स्टंटबाजी के कारण अन्य वाहन चालकों में भय का माहौल बन रहा था और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बढ़ रही थी। पुलिस ने अभियान के दौरान स्टंट करने वाले युवकों को मौके पर रोककर उनकी पावर बाइक जब्त की और सभी के खिलाफ एमवी एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई की। साथ ही युवाओं को यातायात नियमों का पालन करने और सार्वजनिक सड़कों पर किसी भी प्रकार की स्टंटबाजी नहीं करने की सख्त हिदायत भी दी गई। झाड़ोल पुलिस ने कहा कि सड़क सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। सार्वजनिक स्थानों पर स्टंटबाजी करने वालों के खिलाफ नियमित रूप से अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि यातायात नियमों का पालन करें और अपनी और दूसरों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिम्मेदारी के साथ वाहन चलाएं।
महज एक अच्छी नौकरी और ज्यादा वेतन का सपना दिखाकर एक 16 साल की नाबालिग बच्ची को ऐसी साजिश में फंसाया गया, जिसने उसकी जिंदगी खराब कर दी। आरोप है कि पहले उसे झांसे में लेकर राणा प्रतापनगर रेलवे स्टेशन बुलाया गया, फिर नशीला पदार्थ मिला पानी पिलाकर ट्रेन के जरिए महाराष्ट्र ले जाया गया। वहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया और विरोध करने पर मारपीट के साथ जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़िता के पिता की ओर से दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक 6 जुलाई को नाबालिग घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। काफी तलाश के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला, जिस पर गुमशुदगी दर्ज कराई गई। 18 जुलाई को युवती ने अपनी मां को फोन कर घर लौटने की जानकारी दी। घर पहुंचने पर उसने पूरी आपबीती परिजनों को बताई। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि आरोपी हेमंत गमेती ने युवती को अच्छी नौकरी और अधिक वेतन का लालच देकर राणा प्रतापनगर रेलवे स्टेशन बुलाया। वहां पानी पिलाने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और आरोपी उसे ट्रेन में बैठाकर महाराष्ट्र ले गया। अगले दिन होश आने पर बच्ची ने खुद को महाराष्ट्र में पाया। पीडिता के मुताबिक उसे अपने एक परिचित के पास ले गया और बाद में एक अन्य व्यक्ति के घर, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया। पीड़िता ने आरोप लगाया कि इसके बाद उसे वापस उदयपुर लाकर एक परिचित के घर में कई दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया और इस दौरान दोबारा दुष्कर्म किया गया। रिपोर्ट में आरोपी की मां और मौसी पर भी कपड़े और खाना उपलब्ध कराने के साथ साजिश में सहयोग करने का आरोप लगाया गया है। मौका मिलने पर लडकी आरोपी के चंगुल से भाग निकली और अपने घर पहुंची। पीड़िता के पिता की शिकायत पर प्रतापनगर थाना पुलिस ने आरोपी हेमंत गमेती सहित उसकी मां और मौसी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सोशल मीडिया पर सामने आए इस वीडियो ने सायरा थाना क्षेत्र को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है। वायरल वीडियो में कुछ लोग एक युवक को रस्सी के सहारे पेड़ पर लटकाते हुए दिखाई दे रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि युवक ने समाज की शराबबंदी संबंधी परंपरा का उल्लंघन किया था, जिसके बाद उसके साथ यह कथित अमानवीय व्यवहार किया गया। वीडियो में कुछ लोग घटना की रिकॉर्डिंग नहीं करने और उसे सोशल मीडिया पर वायरल नहीं करने की सलाह देते हुए भी सुनाई देते हैं। वहीं युवक रस्सी के सहारे खुद को बचाने की कोशिश करता दिखाई देता है। मौके पर मौजूद कुछ लोग उसके पैर पकड़कर नीचे की ओर खींचते नजर आते हैं। वीडियो में युवक के साथ मारपीट करने का प्रयास और उसके चेहरे पर पानी डालते हुए भी कुछ लोग दिखाई दे रहे हैं। वीडियो वायरल होने के बाद पूरे क्षेत्र में इसकी चर्चा तेज हो गई है। लोग घटना को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठा रहे हैं। फिलहाल इस वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार यह दावा किया जा रहा है कि घटना सायरा थाना क्षेत्र की है, लेकिन इसकी सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। ऐसे में वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम और उससे जुड़े दावों की पुष्टि संबंधित जांच एजेंसियों की रिपोर्ट आने के बाद ही संभव होगी। फिलहाल वायरल वीडियो ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। हालांकि न्यूज - 91 इस वायरल विडियों की पुष्टि नही करता है।