आवाज़ हम सबकी
उदयपुर जिले के कुराबड़ रोड स्थित हरियाव गांव में मंगलवार रात करीब साढ़े नौ बजे एक शादी समारोह अचानक हिंसा में बदल गया। जानकारी के अनुसार भेरू लाल मेघवाल की बेटी पूजा की बिंदौली के दौरान कुछ असामाजिक तत्व मौके पर पहुंचे और उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आरोपियों ने बिंदौली के बीच दूल्हे को घोड़ी से नीचे उतार दिया और वहां मौजूद लोगों पर हमला कर दिया। इस दौरान मौके पर अफरा-तफरी मच गई। कई लोग हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें कुछ के सिर फटने की भी जानकारी सामने आई है। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। घटना के बाद पूरे गांव में तनाव का माहौल बन गया। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि यह हमला मेघवाल समाज को निशाना बनाकर किया गया है, जिससे समाज में भारी आक्रोश व्याप्त है। बताया जा रहा है कि घटना के बाद पीड़ित पक्ष रात करीब 12 बजे संबंधित थाने पहुंचा और मामला दर्ज करवाया। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू से जांच की जा रही है। आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गांव में हालात पर नजर रखी जा रही है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
उदयपुर के महाराणा भूपाल अस्पताल के बाल रोग विभाग में मंगलवार दोपहर एक दर्दनाक घटना के बाद विवाद ने तूल पकड़ लिया। सलूंबर क्षेत्र से करीब साढ़े चार महीने की बच्ची को इलाज के लिए अस्पताल लाया गया था। बच्ची को सांस लेने में तकलीफ की शिकायत थी, लेकिन इलाज के दौरान करीब आधे घंटे में ही उसकी मौत हो गई। बच्ची की मौत के बाद परिजन गहरे सदमे में थे और मां का रो-रोकर बुरा हाल था। इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात एक महिला गार्ड ने परिजनों को चुप रहने के लिए कहा और कथित तौर पर उन पर चिल्लाने लगी। इस पर पास में मौजूद चित्तौड़गढ़ जिले के सेमलिया निवासी जगदीश वैष्णव ने गार्ड से संवेदनशीलता बरतने की बात कही, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। जगदीश वैष्णव का आरोप है कि पहले तो उनके साथ बदतमीजी की गई और बाद में कुछ अन्य गार्डों के साथ मिलकर उनके साथ मारपीट की गई। इस दौरान उनके कपड़े तक फाड़ दिए गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी बहन और पत्नी के साथ भी बदसलूकी की गई और मारपीट करते हुए नाखून तक लगाए गए। घटना की सूचना पर 112 के जरिए पुलिस मौके पर पहुंची। हाथीपोल थाना क्षेत्र की पुलिस चौकी से पहुंचे जवानों ने मामला शांत कराया और दोनों पक्षों को थाने आने के लिए कहा, लेकिन परिजन इलाज में व्यस्त होने के कारण नहीं जा सके। देर रात तक इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई। वहीं, बाल रोग विभाग के विभागाध्यक्ष वरिष्ठ आचार्य डॉ. विवेक अरोड़ा का कहना है कि बच्ची की हालत गंभीर थी और वेंटिलेटर पर लेने के बावजूद उसकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि परिजन आईसीयू के अंदर आ गए थे और शोर-शराबा कर रहे थे, जिससे अन्य मरीज प्रभावित हो रहे थे। इसी कारण गार्ड को बुलाकर उन्हें बाहर करने को कहा गया। फिलहाल इस पूरे मामले ने अस्पताल की कार्यप्रणाली, सुरक्षा व्यवस्था और संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
उदयपुर के घंटाघर थाना क्षेत्र में बिच्छूघाटी इलाके में युवक साहिल की धारदार हथियारों से मारपीट कर हत्या करने के मामले में फरार चल रहे आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। प्रकरण में नामजद आरोपी नईम उर्फ नईमुद्दीन शेख और कुन्दन सिंह कुशवाहा अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। जिला पुलिस अधीक्षक डॉ अमृता दुहन द्वारा दोनों फरार आरोपियों पर 10-10 हजार रुपए का नकद इनाम घोषित किया गया है। आरोपी नईम उर्फ नईमुद्दीन मूल रूप से शेखों का मोहल्ला आसींद, भीलवाड़ा का निवासी है, जिसका नया पता रेलवे कॉलोनी राणा प्रतापनगर और वर्तमान में मल्लातलाई क्षेत्र बताया जा रहा है। वहीं दूसरा आरोपी कुन्दन कुशवाह आयड़ लौहार कॉलोनी, भूपालपुरा थाना क्षेत्र का निवासी है। पुलिस ने कहा है कि जो भी व्यक्ति इन आरोपियों की गिरफ्तारी में सहयोग करेगा, सही सूचना देगा या गिरफ्तारी करवाने में मदद करेगा, उसे 10-10 हजार रुपए का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। साथ ही सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है और आमजन से अपील कर रही है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या सूचना को तुरंत पुलिस तक पहुंचाएं, ताकि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जा सके।
राजस्थान की सियासत में एक बार फिर चुनावी मुद्दों को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने स्थानीय निकाय और पंचायतीराज चुनाव समय पर नहीं करवाने को लेकर बीजेपी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जयपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार जानबूझकर पंचायत और नगर निकाय चुनाव नहीं करवा रही है। उन्होंने इसे बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के सिद्धांतों के खिलाफ बताते हुए संवैधानिक संकट जैसी स्थिति करार दिया। गहलोत ने राष्ट्रपति और राज्यपाल से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट दोनों चुनाव करवाने के निर्देश दे चुके हैं और अप्रैल तक की समयसीमा भी तय की गई, उसके बावजूद चुनाव नहीं करवाना संविधान की अवहेलना है। उन्होंने कहा कि पंचायत, नगर निकाय और सहकारी संस्थाओं के चुनाव लोकतांत्रिक व्यवस्था का अहम हिस्सा हैं, लेकिन सरकार इन संस्थाओं को कमजोर कर रही है। गहलोत ने यह भी आरोप लगाया कि करीब 10 साल से को-ऑपरेटिव चुनाव भी नहीं कराए गए हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आज जो लोग सत्ता में हैं, वे अंबेडकर के उसूलों में विश्वास नहीं करते, लेकिन उनकी जयंती जरूर मनाते हैं। गहलोत ने राहुल गांधी के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि संविधान बचाने की बात इसलिए हो रही है क्योंकि देश में लोकतंत्र और संस्थाओं पर दबाव बढ़ रहा है।
उदयपुर के कानोड़ क्षेत्र में सोमवार सुबह करीब 6.30 बजे एक दर्दनाक घटना सामने आई। यहां एक 19 वर्षीय युवती अपनी दादी के साथ घर से करीब एक किलोमीटर दूर खेत पर दूध निकालने गई थी। दादी जब दूध निकालने में व्यस्त थी, उसी दौरान युवती ने बिना मुंडेर के बने कुएं में छलांग लगा दी। बताया जा रहा है कि युवती पिछले करीब 8 वर्षों से मानसिक रूप से कमजोर थी, जिसके चलते उसने यह कदम उठाया। दादी ने जब युवती को आसपास नहीं देखा तो उसकी तलाश शुरू की, लेकिन वह कहीं नजर नहीं आई। इसी दौरान कुएं के पास युवती की चप्पल पड़ी मिली, जिससे अनहोनी की आशंका जताई गई। दादी ने तुरंत परिवार और ग्रामीणों को इसकी सूचना दी। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर काफी प्रयास किए, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद मामले की जानकारी उदयपुर के अतिरिक्त जिला कलेक्टर दीपेंद्र सिंह राठौड़ को दी गई। उनके निर्देश पर सिविल डिफेंस की टीम को मौके पर भेजा गया। सिविल डिफेंस की टीम ने करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद कुएं से युवती का शव बाहर निकाला और पुलिस थाना कानोड़ को सुपुर्द किया। मृतका की पहचान वर्षा मंदावत के रूप में हुई है। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान टीम के सदस्य बने सिंह गुर्जर, भरत मेघवाल, प्रीतेश मेघवाल, महेंद्र सिंह मसानी, रवि शर्मा, प्रवीण सिंह राठौड़, मुकेश सेन और दिनेश मेघवाल सहित अन्य मौजूद रहे। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
डूंगरपुर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतरराज्यीय महिला चोर गिरोह का राजफाश किया है। पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे ऑपरेशन शिकंजा के तहत कोतवाली थाना पुलिस ने 2000 रुपए के इनामी और कुख्यात हिस्ट्रीशीटर कमलेश चौधरी को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकेश सांखला, सीओ तपेन्द्र मीणा के मार्गदर्शन और थानाधिकारी अजय सिंह के नेतृत्व में टीम ने अहम भूमिका निभाई। पुलिस ने परंपरागत पुलिसिंग और मुखबिर सूचना के आधार पर वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर उसका पीसी रिमांड लिया और चोरी हुए जेवरात बरामद किए। मामला उस समय सामने आया जब डूंगरपुर निवासी मधुबाला ने थाने में रिपोर्ट दी कि 1 मार्च को वह अपनी 13 वर्षीय पुत्री के साथ रोडवेज बस में सवार हुईं, जहां भीड़ का फायदा उठाकर अज्ञात बदमाश ने उनके बैग से चार सोने की चूड़ियां और एक जोड़ी सोने के टॉप्स चोरी कर लिए। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी कमलेश चौधरी एक शातिर अपराधी है, जो महिला गिरोह के साथ मिलकर मेलों, त्योहारों और भीड़भाड़ वाले आयोजनों में इस तरह की वारदातों को अंजाम देता था। आरोपी के खिलाफ उदयपुर, पाली और सिरोही सहित कई जिलों में चोरी, नकबजनी, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के 27 से अधिक मामले दर्ज हैं। पुछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी उदयपुर के गोवर्धनविलास थाने का हिस्ट्रीशीटर है। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।