
उदयपुर में सामने आए इस मामले ने एक बार फिर हनीट्रैप के बढ़ते मामलों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पुलिस को दी गई रिपोर्ट के अनुसार पीड़ित डॉक्टर की फरवरी 2026 में कृष्णा नामक युवती से पहचान हुई थी। कुछ समय बाद कृष्णा ने अपनी परिचित कशिश भारद्वाज से भी डॉक्टर की मुलाकात करवाई। शिकायत के मुताबिक मार्च 2026 में कशिश डॉक्टर के फ्लैट पर पहुंची, जहां दोनों के बीच रिलेशन बने। आरोप है कि अगले ही दिन कृष्णा ने फोन कर बताया कि डॉक्टर और कशिश का वीडियो बना लिया गया है। इसके बाद वीडियो वायरल करने, पत्नी और परिवार को भेजने और घर पर हंगामा करने की धमकियां देकर मोटी रकम की मांग शुरू कर दी गई। पीड़ित के अनुसार पहले 30 लाख रुपए मांगे गए और बाद में 25 लाख रुपए देने की बात तय हुई। शिकायत में कहा गया है कि लगातार दबाव और ब्लैकमेलिंग के कारण वह मानसिक तनाव और अवसाद की स्थिति में पहुंच गया। रकम की व्यवस्था करने के लिए उसे बैंक से लोन तक लेना पड़ा। रिपोर्ट के अनुसार डॉक्टर ने तीन अलग-अलग किस्तों में कुल 25 लाख रुपए उदियापोल बस स्टैंड के पीछे कृष्णा को दिए। आरोप है कि रकम मिलने के बाद दोनों युवतियों ने वीडियो डिलीट करने और भविष्य में परेशान नहीं करने का भरोसा दिलाया था। लेकिन करीब तीन महीने बाद मामला फिर सामने आया। पीड़ित ने बताया कि 30 मई को कृष्णा का मैसेज आया और उसी दिन कशिश उसके फ्लैट पर पहुंची। आरोप है कि उसने 10 लाख रुपए की नई मांग करते हुए वीडियो वायरल करने, झूठे मुकदमों में फंसाने तथा घर और कार्यालय के बाहर हंगामा करने की धमकी दी। लगातार ब्लैकमेलिंग से परेशान डॉक्टर ने हिरणमगरी थाना पुलिस से संपर्क किया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जाल बिछाया और कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपी युवतियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब मामले की गहन जांच कर रही है तथा कथित रूप से वसूली गई राशि की बरामदगी सहित अन्य पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

05 Jun 2026