
इस गैंग का शिकार बने एक राहगीर की शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और तकनीकी और आसूचना की मदद से आरोपियों तक पहुंचने में सफलता हासिल की। मामला 1 अगस्त का है। प्रार्थी हिन्दुस्तान जिंक के जिंक स्मेल्टर देबारी में ड्यूटी के बाद अपने घर ढिकली जा रहा था। इसी दौरान हाईवे पर उसे एक व्यक्ति पड़ा दिखाई दिया। उसके मुंह से झाग निकल रहा था। घायल समझकर प्रार्थी मदद के लिए रुका, तभी तीन अन्य व्यक्ति भी वहां पहुंच गए। शिकायत के मुताबिक घायल व्यक्ति ने प्रार्थी पर कोई स्प्रे डाल दिया, जिससे उसकी आंखों के आगे अंधेरा छा गया। इसके बाद चारों आरोपियों ने उसे पकड़कर स्विफ्ट डिजायर कार में डाल लिया और अम्बेरी रोड की तरफ ले गए। आरोप है कि वहां आरोपियों ने उसका आपत्तिजनक वीडियो बनाया, मारपीट की और पेटीएम के जरिए करीब 25 हजार रुपए ट्रांसफर करवा लिए। आरोपियों ने पीड़ित को धमकी दी कि अगर उसने किसी को घटना के बारे में बताया या पुलिस में शिकायत की तो उसका वीडियो वायरल कर दिया जाएगा और उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई। रिपोर्ट के आधार पर प्रतापनगर थाने में प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए उदयपुर जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन ने आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर उदयपुर उमेश ओझा और DSP नगर पूर्व छवि शर्मा के सुपरविजन में थानाधिकारी प्रतापनगर अजय सिंह राव के नेतृत्व में टीम गठित की गई। पुलिस ने तकनीकी सहयोग और आसूचना के आधार पर देवेन्द विश्नोई, मनीप जोशी, नरेन्द रेबारी और ओम प्रकाश को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार आरोपियों का तरीका वारदात राहगीरों को मदद के बहाने रोकना, फिर अपहरण और मारपीट कर रुपए और जेवरात छीनना था। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल कार, मोबाइल और वसूली गई रकम बरामद कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

14 Aug 2026