
उदयपुर में बाल संरक्षण और सुरक्षा के दावों के बीच एक संस्था में गंभीर लापरवाही और अपराध का मामला सामने आया है। भोपालपुरा थाना क्षेत्र के जय अम्बे आश्रम में रह रही एक नाबालिग बालिका को जब चाइल्ड लाइन द्वारा रेस्क्यू किया गया, तब इस पूरे मामले का खुलासा हुआ। रेस्क्यू के बाद चाइल्ड लाइन की टीम ने बालिका को बाल कल्याण समिति, उदयपुर के समक्ष पेश किया। बाल कल्याण समिति के निर्देशानुसार बालिका को सुरक्षा और देखरेख के लिए राजकीय बालिका गृह में शेल्टर प्रदान करवाया गया। शेल्टर होम में रहने के दौरान जब बालिका की काउंसलिंग की गई, तो उसने अपने साथ हुई आपबीती बयां की। बालिका ने काउंसलिंग में बताया कि आश्रम की संचालिका का भाई उसे अकेली पाकर उसके साथ गंदी हरकतें करता था। पीड़ित बालिका ने यह भी खुलासा किया कि उसने इस घटना की जानकारी कई बार आश्रम की संचालिका को दी थी। लेकिन संचालिका द्वारा आरोपी के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया गया और बालिका को बात छुपाने और चुप रहने के लिए कहा गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने नारू और विनोद सोनी के खिलाफ बीएनएस, पॉक्सो एक्ट और एससी-एसटी एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच महिला अपराध शाखा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मंजित सिंह द्वारा की जा रही है।

14 Aug 2026