
उदयपुर नगर निगम के आगामी चुनावों की तस्वीर अब वार्ड आरक्षण के बाद काफी हद तक साफ हो गई है। जिला परिषद सभागार में सोमवार सुबह 11 बजे से वार्ड वाइज लॉटरी प्रक्रिया शुरू हुई, जो करीब एक घंटे में पूरी कर ली गई। इस प्रक्रिया में नगर निगम के सभी 80 वार्डों के लिए आरक्षण तय किया गया। आरक्षण व्यवस्था के मुताबिक नगर निगम के 80 वार्डों में से 48 वार्ड सामान्य वर्ग के लिए रखे गए हैं। इनमें 32 वार्ड सामान्य श्रेणी के लिए और 16 वार्ड सामान्य महिला के लिए आरक्षित किए गए हैं। इसके अलावा ओबीसी वर्ग के लिए कुल 16 वार्ड आरक्षित किए गए हैं। इनमें 11 सीटें ओबीसी ओपन और 5 सीटें ओबीसी महिला के लिए निर्धारित हैं। इसी तरह एससी वर्ग के लिए कुल 8 सीटें आरक्षित की गई हैं। इनमें 5 सीटें एससी ओपन और 3 सीटें एससी महिला के लिए हैं। एसटी वर्ग के लिए भी कुल 8 सीटों का आरक्षण किया गया है। इनमें 5 सीटें एसटी ओपन और 3 सीटें एसटी महिला के लिए आरक्षित हैं। वहीं इस पूरी प्रक्रिया में सबसे अहम बात मेयर पद को लेकर सामने आई है। उदयपुर नगर निगम में इस बार मेयर की सीट अनारक्षित यानी ओपन रखी गई है। इसका मतलब है कि किसी भी वर्ग का व्यक्ति मेयर पद के लिए चुनाव लड़ सकता है। वार्ड आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब संभावित उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों की तैयारियां तेज होने की उम्मीद है। हालांकि, किस वार्ड में किस वर्ग के लिए आरक्षण हुआ है, इसकी वार्डवार स्थिति के आधार पर ही स्थानीय दावेदारों की राजनीतिक तस्वीर और स्पष्ट होगी। फिलहाल 80 वार्डों की आरक्षण व्यवस्था तय होने के साथ नगर निगम चुनाव को लेकर अब पार्टी स्तर पर भी तैयारियां शुरू हो गई है