
उदयपुर की झीलों के लिए मानसून का हर दौर अपने साथ एक उम्मीद लेकर आता है, लेकिन इस बार कमजोर बारिश के चलते फतहसागर में पानी की आवक उम्मीद के मुताबिक नहीं हो पाई। अब मदार क्षेत्र में पानी का बहाव शुरू होने से झील को कुछ राहत मिलती नजर आ रही है। हाल ही में कैचमेंट क्षेत्रों में हुई बारिश का असर मदार क्षेत्र के जलस्रोतों पर दिखाई दिया है। इसी के चलते मदार नहर के जरिए फतहसागर की तरफ पानी पहुंचना शुरू हुआ है। मदार नहर फतहसागर के लिए प्रमुख जलस्रोतों में शामिल है, इसलिए इसकी शुरुआत को झील के लिए अहम माना जा रहा है। बीते दिनों उदयपुर जिले के कई इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। झाड़ोल, कोटड़ा और आसपास के क्षेत्रों में बारिश के बाद कुछ बांधों के जलस्तर में भी बढ़ोतरी हुई है। देवास प्रथम बांध का जलस्तर कुछ ही घंटों में करीब 7 फीट बढ़ा, जबकि मादड़ी बांध में भी पानी बढ़ा है। हालांकि फतहसागर और पिछोला झीलों के कैचमेंट क्षेत्रों में अभी पर्याप्त बारिश नहीं हुई है। ऐसे में मदार नहर से आई यह पानी की आवक फिलहाल राहत जरूर दे रही है, लेकिन झीलों में अच्छी आवक के लिए कैचमेंट में और बारिश जरूरी मानी जा रही है। उदयपुर में मानसून के कमजोर दौर के बीच अब लोगों की नजर आसमान के साथ मदार क्षेत्र के जलस्तर पर भी टिकी है। अगर आने वाले दिनों में कैचमेंट क्षेत्रों में अच्छी बारिश होती है तो फतहसागर में पानी की आवक और बढ़ सकती है।
14 Aug 2026