
उदयपुर के ऋषभदेव से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पंचायत स्तर पर वित्तीय लेन-देन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गरनाला कोटडा ग्राम पंचायत के सरपंच पर एक ग्रामीण के बैंक खाते का कथित तौर पर अवैध तरीके से संचालन करने के आरोप लगे हैं। शिकायतकर्ता का दावा है कि खाता खुलवाने के बाद उसकी पासबुक और एटीएम कार्ड सरपंच ने अपने पास रख लिए और खाते में होने वाले लेन-देन की जानकारी उसे नहीं दी गई। अब बैंक स्टेटमेंट सामने आने के बाद ग्रामीण ने उदयपुर संभागीय आयुक्त से शिकायत कर पूरे मामले की जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की है। आखिर खाते में कहां से पैसा आया और कहां गया? आरोप कितने गंभीर हैं और इसकी सच्चाई क्या है? देखिए हमारी ये रिपोर्ट।ऋषभदेव की गरनाला कोटडा ग्राम पंचायत... और सामने आया एक बैंक खाते से जुड़ा गंभीर विवाद।गांव के रहने वाले पन्नालाल मीणा ने उदयपुर संभागीय आयुक्त को लिखित शिकायत देकर ग्राम पंचायत के सरपंच धर्मेन्द्र पर उसके बैंक खाते के कथित अवैध संचालन का आरोप लगाया है।शिकायतकर्ता के मुताबिक उसका कोटक महिंद्रा बैंक की ऋषभदेव शाखा में खाता खुलवाया गया था। आरोप है कि खाता खुलने के बाद उसकी पासबुक और एटीएम कार्ड सरपंच ने अपने पास रख लिए।शिकायतकर्ता का दावा है कि इसके बाद खाते में होने वाले लेन-देन की उसे कोई जानकारी नहीं रही।सबसे बड़ा सवाल अब खाते में हुए ट्रांजेक्शन को लेकर है।शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसे यह तक पता नहीं था कि उसके खाते में पैसा कहां से आ रहा है और कहां जा रहा है।उसने यह भी आरोप लगाया है कि उसके खाते का इस्तेमाल कथित तौर पर गलत तरीके से अर्जित राशि के लेन-देन के लिए किया गया।मामले में नया मोड़ तब आया, जब शिकायतकर्ता ने बैंक खाते का स्टेटमेंट निकलवाया।स्टेटमेंट सामने आने के बाद उसने पूरे मामले की जानकारी होने का दावा किया और संभागीय आयुक्त को शिकायत देकर खाते में हुए सभी लेन-देन की जांच कराने की मांग की। शिकायत में कई सवाल उठाए गए हैं—**खाते में पैसा कहां से आया?किसने निकाला या ट्रांसफर किया? पासबुक और एटीएम कार्ड किसी दूसरे व्यक्ति के पास कैसे पहुंचे?और खाते का संचालन वास्तव में कौन कर रहा था?**इन सवालों का जवाब अब जांच के बाद ही सामने आएगा। शिकायतकर्ता ने संभागीय आयुक्त से मामले को गंभीरता से लेते हुए बैंक खाते के पूरे लेन-देन की जांच कराने और आरोप सही पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। सरपंच का पक्ष सामने आने और जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल एक ग्रामीण के बैंक खाते, पासबुक और एटीएम कार्ड को लेकर लगाए गए आरोपों ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।अब देखना होगा कि जांच में खाते से हुए लेन-देन को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं और क्या इस मामले में किसी तरह की वित्तीय अनियमितता हुई है।