
उदयपुर के मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. शंकरलाल बामणिया पर टेंडरों में अनियमितता के आरोपों के मामले की जांच अब उदयपुर एसीबी स्पेशल यूनिट करेगी। इस संबंध में एसीबी मुख्यालय जयपुर से एसपी गोरधन लाल सौंकरिया ने आदेश जारी किए हैं। इसमें प्राथमिक जांच उदयपुर एसीबी स्पेशल यूनिट के एएसपी राजीव जोशी को सौंपी गई है। एसीबी एसपी गोरधन लाल ने बताया- एएसपी राजीव जोशी ये जांच रिपोर्ट तैयार कर एसीबी मुख्यालय भेजेंगे। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही एफआईआर दर्ज करने संबंधी अग्रिम निर्णय लिया जाएगा और आगे कानूनी कार्रवाई तय होगी। इधर, एएसपी राजीव जोशी ने कहा- उन्हें फिलहाल इस तरह के आदेश की जानकारी नहीं मिली है। निविदा में चहेती फर्मों को लाभान्वित करने का आरोप एसीबी के आदेश में बताया गया कि सीएमएचओ डॉ. बामणिया पर दवाइयां, सर्जिकल आइटम, उपकरणों की खरीद टेंडर में एजेंसियों की आपत्तियों को अनदेखा करने, टेंडर नियमों में बदलाव करने और चहेती फर्मों को लाभान्वित करने संबंधी आरोप हैं। एसीबी टीम अब इस संबंध में निविदा से जुड़े चिकित्सा विभाग के प्रत्येक रिकॉर्ड खंगालते हुए गडबड़ी के आरोपों की जांच करेगी। बता दें कि वित्तीय अनियमितता के आरोपों के बाद सीएमएचओ बामणिया को अक्टूबर 2025 में निलंबित कर दिया गया था। कुछ महीने बाद डॉ. बामणिया अपने निलंबन पर हाईकोर्ट से स्टे ले आए थे। हाईकोर्ट के आदेश पर ही वे वर्तमान में उदयपुर सीएमएचओ पद पर कार्यरत हैं। मेरे खिलाफ कानूनी कार्रवाई पर हाईकोर्ट स्टे मिला हुआ है: डॉ बामणिया मामले में सीएमएचओ डॉ बामणिया का कहना है कि हाईकोर्ट ने मुझ पर किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगाई हुई है। ऐसे में मेरे खिलाफ जांच किस आधार पर शुरू की। बाकी जिन 3 फर्मों को टेंडर के जरिए लाभ देने का मुझ पर आरोप लगा था। उन फर्मों में आई तकनीकी खामी के चलते मैंने तीनों टेंडर निरस्त कर दिए थे। मेरे बाद डॉ अशोक आदित्य ने वापस टेंडर किए थे। मैंने कोई अनियमितता नहीं की। इसके अलावा जो शिकायतकर्ता है उसका एड्रेस और नंबर तक नहीं हैं।