
सरकारी भूमि पर कब्जा कर अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ उदयपुर विकास प्राधिकरण ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। प्राधिकरण क्षेत्राधिकार में आने वाले राजस्व ग्राम डांगियों की पंचोली में यूडीए की टीम ने अतिक्रमण हटाकर सरकारी भूमि को मुक्त कराया। यूडीए आयुक्त अभिषेक खन्ना और सचिव हेमेन्द्र नागर के निर्देशानुसार तहसीलदार प्राधिकरण डॉ. अभिनव शर्मा और रणजीतसिंह विडू के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। प्राधिकरण के अनुसार राजस्व ग्राम डांगियों की पंचोली सहित अन्य भूमि राजस्व रिकॉर्ड में उदयपुर विकास प्राधिकरण के नाम दर्ज है और यह सरकारी भूमि है। प्राधिकरण का कहना है कि कुछ दलालों और भू-माफियाओं द्वारा हाल ही में इस भूमि पर अवैध निर्माण कार्य शुरू किया गया था। प्रारंभिक स्तर पर ही इन निर्माण कार्यों को रोक दिया गया था। इसके बावजूद राजकीय अवकाश के दौरान चोरी-छिपे निर्माण किए जाने की सूचना मिलने पर प्राधिकरण ने उदयपुर विकास प्राधिकरण अधिनियम-2023 के तहत संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर सुनवाई का अवसर दिया। सुनवाई के दौरान निर्माणकर्ताओं द्वारा भूमि स्वामित्व से जुड़े वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर नियमानुसार अतिक्रमण हटाने का निर्णय लिया गया। कार्रवाई के दौरान करीब 15 से 20 पक्की बाउंड्रीवाल, निर्माणाधीन मकान और अन्य अस्थायी निर्माणों को ध्वस्त किया गया।प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक इस कार्रवाई से लगभग 7 लाख वर्गफीट सरकारी भूमि अतिक्रमण मुक्त कराई गई है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 150 करोड़ रुपये बताई जा रही है। यूडीए ने स्पष्ट किया कि अभियान के दौरान किसी भी रहवासी मकान को नहीं हटाया गया और न ही ऐसे निर्माणों को नुकसान पहुंचाया गया, जिनमें स्थानीय परिवार लंबे समय से निवास कर रहे हैं। प्राधिकरण ने आमजन से भी अपील की है कि बिना वैध दस्तावेजों वाली भूमि खरीदने से बचें। यूडीए का कहना है कि भू-माफिया पहले बाउंड्रीवाल और बाड़ लगाकर कब्जा करते हैं और बाद में ऐसे भूखंड कम कीमत पर बेचने का प्रयास करते हैं। कार्रवाई के दौरान प्राधिकरण दल और होमगार्ड जाब्ता भी मौके पर मौजूद रहा।

04 Jun 2026