
एमबी अस्पताल प्रशासन की इस बड़ी अनदेखी का खामियाजा दूर-दराज से आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को भुगतना पड़ रहा है। ट्रोमावार्ड की मशीन खराब होने की वजह से अब सभी मरीजों को इमरजेंसी वार्ड में लगी इकलौती एक्सरे मशीन पर निर्भर होना पड़ रहा है। इसके चलते इमरजेंसी वार्ड के बाहर सुबह से ही मरीजों की लंबी-लंबी कतारें लग जाती हैं और लोगों को अपने एक्सरे के लिए घंटों तक इंतजार करना पड़ रहा है। गौरतलब है कि एमबी अस्पताल की इस बदहाली से न केवल स्थानीय लोग परेशान हैं, बल्कि इसका असर पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश से आने वाले मरीजों पर भी पड़ रहा है। गंभीर हालत में आने वाले मरीजों को भी व्हीलचेयर और स्ट्रेचर पर घंटों लाइन में लगे रहना पड़ता है, जिससे उनकी परेशानी और अधिक बढ़ जाती है। अस्पताल के जिम्मेदार अधिकारियों, जिनमें अस्पताल अधीक्षक भी शामिल हैं, जिन्हे इस समस्या की पूरी जानकारी है, लेकिन इसके बावजूद पिछले एक महीने से मशीन को ठीक कराने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। गंभीर मरीजों के परिजनों का आरोप है कि आपातकालीन स्थिति में भी उन्हें राहत नहीं मिल रही है। अस्पताल प्रशासन की इस सुस्ती और लापरवाही के खिलाफ अब मरीजों का गुस्सा फूटने लगा है। सवाल यह उठता है कि संभाग के इतने बड़े चिकित्सालय में, जहाँ रोजाना हजारों की ओपीडी है, वहाँ एक जीवन रक्षक मशीन को ठीक करने में पूरा महीना क्यों लग गया? अब देखना यह होगा कि इस खबर के सामने आने के बाद जिम्मेदार अधिकारी कब तक नींद से जागते हैं और मरीजों को इस मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से मुक्ति मिलती है।

04 Jun 2026