
उदयपुर के शनि महाराज मंदिर में हरियाली अमावस्या के अवसर पर भगवान शनि देव का दो दिवसीय जन्मोत्सव धार्मिक श्रद्धा के साथ शुरू हुआ। मंदिर ट्रस्ट की ओर से आयोजित जन्मोत्सव को लेकर सुबह से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही।जन्मोत्सव के पहले दिन भगवान शनि देव का पंचामृत से स्नान करवाया गया। इसके बाद उन्हें रजत मुकुट धारण करवाकर विधिवत पूजा-अर्चना की गई और भोग लगाया गया। विशेष अवसर पर भगवान शनि देव को झूले में झुलाने की परंपरा भी निभाई गई। श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन किए और पूजा-अर्चना कर अपनी मनोकामनाओं के लिए प्रार्थना की। मंदिर के मंत्री विजय जोशी ने बताया कि हरियाली अमावस्या पर शनि देव का विशेष जन्मोत्सव आयोजित करने की परंपरा है। इसी के तहत भगवान को विशेष श्रृंगार करवाया गया। शाम को भगवान शनि देव को विशेष सोने का चोला भी धारण करवाया गया। मंदिर में यह विशेष श्रृंगार वर्ष में एक-दो बार ही किया जाता है। शाम को पुजारियों की ओर से महाआरती का आयोजन किया गया। महाआरती के बाद नवग्रह यज्ञ हुआ और पुजारियों ने पूर्णाहुति दी। इसके बाद मेवाड़ के कलाकारों की ओर से शनि देव के नाम भजन संध्या और कथा का आयोजन किया गया। भजन और धार्मिक प्रस्तुतियों से मंदिर परिसर भक्तिमय नजर आया।जन्मोत्सव का दूसरा दिन गुरुवार को आयोजित होगा। इस दौरान शाम 7 बजे मंदिर परिसर में विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें श्रद्धालुओं के लिए प्रसादी की व्यवस्था रहेगी। इस तरह शनि महाराज मंदिर में शुरू हुआ दो दिवसीय जन्मोत्सव आज पूजा-अर्चना, विशेष श्रृंगार, झूला उत्सव, महाआरती, नवग्रह यज्ञ और भजन संध्या के साथ भक्तिमय रहा।

12 Aug 2026