
चित्तौड़गढ़ रेलवे स्टेशन पर मां-बेटी पर हुए एसिड अटैक के मामले में अजमेर की महिला उत्पीड़न कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी मोहम्मद इस्माइल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही आरोपी पर 2 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। घटना अप्रैल 2025 की है, जब मध्य प्रदेश की रहने वाली एक महिला अपनी 12 वर्षीय बेटी और परिवार के साथ धार्मिक यात्रा पर आई थी। 25 अप्रैल को अजमेर से चित्तौड़गढ़ पहुंचने के बाद परिवार प्लेटफार्म नंबर 4 पर रुका हुआ था। अगले दिन सुबह मां-बेटी प्लेटफार्म नंबर 1 से आगे करीब 200 मीटर दूर शौच के लिए गई थीं। इसी दौरान आरोपी वहां पहुंचा। बच्ची ने उसे अपनी ओर आते देख रोकने की कोशिश की, तभी आरोपी ने बोतल में रखा तेजाब निकालकर उसके चेहरे पर फेंक दिया। जब मां ने बेटी को बचाने का प्रयास किया तो आरोपी ने उस पर भी तेजाब डाल दिया और मौके से फरार हो गया। गंभीर रूप से झुलसी मां-बेटी को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। मामले में जीआरपी थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान कर उसे मध्य प्रदेश के इंदौर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने कोर्ट में चालान पेश किया, जिसके बाद ट्रायल शुरू हुआ। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 17 गवाह और 57 दस्तावेज प्रस्तुत किए। डिजिटल रिकॉर्डिंग और एफएसएल रिपोर्ट में भी हाइड्रोक्लोरिक एसिड की पुष्टि हुई। फैसला सुनाते हुए जज उत्तमा माथुर ने कहा कि एसिड अटैक केवल शरीर को ही नहीं, बल्कि पीड़ित के भविष्य, सपनों और पूरे परिवार को भी बर्बाद कर देता है। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के लक्ष्मी बनाम भारत संघ केस का हवाला देते हुए ऐसे अपराधों में सख्त सजा की आवश्यकता पर जोर दिया। इसके साथ ही कोर्ट ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को पीड़ितों को आर्थिक सहायता देने की भी अनुशंसा की है।