
सलूंबर जिले के झल्लारा इलाके में रविवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। बांसवाड़ा से उदयपुर जा रही एक चलती स्लीपर कोच बस अचानक आग का गोला बन गई। देखते ही देखते आग इतनी तेजी से फैली कि पूरी बस जलकर राख हो गई।गनीमत यह रही कि समय रहते बस में सवार ड्राइवर, क्लीनर और अन्य लोगों ने नीचे उतरकर अपनी जान बचा ली, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया। यह घटना झल्लारा थाना क्षेत्र के बांसवाड़ा-उदयपुर मार्ग पर गरडा गांव की है। सुबह करीब 6 बजे यह आग लगी।प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बस अपनी रफ्तार में चल रही थी कि तभी अचानक उसमें से धुआं निकलने लगा। जब तक कोई कुछ समझ पाता, आग की लपटों ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। ड्राइवर ने सूझबूझ दिखाई और तुरंत बस को सड़क किनारे रोका। बस में सवार लोग जैसे-तैसे बाहर निकले, जिसके कुछ ही देर बाद बस पूरी तरह आग की लपटों में घिर गई।हादसे की सूचना मिलते ही झल्लारा थाना अधिकारी जय किशन फुलवारिया अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तुरंत सुरक्षा के लिहाज से सड़क के दोनों तरफ ट्रैफिक रुकवा दिया। आग इतनी विकराल थी कि स्थानीय स्तर पर उसे बुझाना संभव नहीं था। आनन-फानन में सलूंबर से फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को मौके पर बुलाया गया। दमकलकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बस का केवल लोहे का ढांचा ही बचा था। इस हादसे की वजह से बांसवाड़ा-उदयपुर हाईवे पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। बीच सड़क पर जलती बस और धुआं होने के कारण पुलिस ने वाहनों को दूर ही रोक दिया। इसके चलते सड़क के दोनों छोरों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। यात्री और राहगीर करीब डेढ से 2 घंटे तक जाम में फंसे रहे। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि चलती बस में आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी या कोई और तकनीकी खराबी थी। पुलिस ने क्रेन की मदद से बस को सड़क से हटाकर रास्ता साफ करने की कोशिश की जा रही है।यह आशापुरा ट्रैवल्स की मुल्तानी सोना बस थी। हादसे के वक्त बस में कुल 5 सवारी बैठी हुई थी। हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ। सब सुरक्षित बाहर उतर गए। आग लगने का कारण बस के इंजन से शॉर्ट सर्किट होना बताया जा रहा है।