
रविवार को एसीबी की टीम द्वारा की गई इस बड़ी कार्रवाई के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कमेंट्स का सैलाब आ गया है। जनता इस रिश्वखोरी से इतनी आहत है कि कमेंट सेक्शन में लोग लिख रहे हैं चले थे गालिब बंद कराने तवायफों के कोठे, सिक्कों की खनक देखकर खुद ही मुजरा कर बैठे। वहीं कुछ यूजर्स का कहना है कि उदयपुर के लोग इसे असली सिंघम बोलते थे, लेकिन सिंघम सर आप तो बिक गए। यूजर्स का गुस्सा यहीं नहीं थमा; कमेंट्स में लिखा जा रहा है कि ऐसे ही रिश्वतखोर पुलिस वालों की वजह से पूरी पुलिस कम्युनिटी बदनाम होती है, चोरी एक करता है और नाम सबका खराब होता है। लोग इस बात पर भी हैरानी जता रहे हैं कि जो पुलिसकर्मी प्रतापगढ़ के एक केस पर बनी फिल्म सागवान में जाबांज बनकर अपराध और अंधविश्वास के खिलाफ लड़ रहा था, वो खुद इतना भ्रष्ट निकलेगा। जनता सीधे तौर पर कह रही है कि जैसी करनी, वैसी भरनी और पाप का अंत हुआ। कुछ लोगों ने तो यहाँ तक मांग कर दी है कि ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों के घर गिराए जाने चाहिए और इनकी पूरी संपत्ति की जांच होनी चाहिए। गौरतलब है कि आरोपी एएसआई पहले भी विवादों में रहा है। सितंबर 2025 में सुखेर थाने में तैनाती के दौरान आरडीएक्स क्लब मारपीट मामले में कार्रवाई न करने और अक्टूबर 2025 में फिर से लापरवाही बरतने पर इसे लाइन हाजिर किया गया था। फिलहाल आरोपी को कोर्ट के आदेश के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। लेकिन सोशल मीडिया पर भड़की यह आग शांत होने का नाम नहीं ले रही है।

19 May 2026