
फतहसागर झील में डूबे तैराक ललित मेहता का शव मंगलवार सुबह आखिरकार बरामद कर लिया गया। सिविल डिफेंस और नागरिक सुरक्षा विभाग की टीम पिछले दो दिनों से लगातार झील में उनकी तलाश कर रही थी। मंगलवार सुबह करीब साढ़े छह बजे झील के फाउंटेन के पास शव दिखाई दिया, जिसके बाद उसे बाहर निकालकर अंबामाता थाना पुलिस को सुपुर्द किया गया। पुलिस के मुताबिक ललित मेहता पिछले करीब 20 वर्षों से नियमित तैराकी करते थे और कई लोगों को तैरना भी सिखाते थे। उनका धानमंडी क्षेत्र में अनाज ट्रेडिंग का व्यवसाय था। रविवार सुबह करीब 8 बजे वे रोजाना की तरह फतहसागर झील पहुंचे थे। परिजनों ने बताया कि काफी देर तक फोन रिसीव नहीं होने पर वे उन्हें तलाशते हुए झील पहुंचे, जहां उनकी गाड़ी, कपड़े और अन्य सामान झील किनारे मिला। इसके बाद परिजनों ने आसपास तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिलने पर पुलिस को सूचना दी गई। घटना की जानकारी मिलते ही अंबामाता थाना पुलिस और नागरिक सुरक्षा विभाग की टीम मौके पर पहुंची। रविवार को करीब सात घंटे तक झील के अलग-अलग हिस्सों में सर्च ऑपरेशन चलाया गया, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। सोमवार को भी तलाश अभियान जारी रहा और आखिरकार मंगलवार सुबह शव बरामद कर लिया गया। झील किनारे लगे सीसीटीवी फुटेज में ललित मेहता रोजाना की तरह सुबह फतहसागर पहुंचते, व्यायाम करते और फिर पानी में उतरते दिखाई दिए हैं। सिविल डिफेंस के सदस्य कैलाश मेनारिया ने बताया कि परिजनों के अनुसार करीब पांच महीने पहले ललित मेहता के हार्ट में स्टंट लगाने का ऑपरेशन हुआ था। आशंका जताई जा रही है कि वे लंबी छलांग लगाकर गहराई में चले गए होंगे और झाड़ियों में फंसने के कारण बाहर नहीं निकल पाए। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य तथ्यों के आधार पर मौत के कारणों की जांच में जुटी हुई है।