
उदयपुर में एसीबी की इस कार्रवाई ने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रतापनगर थाने में तैनात एएसआई सुनील बिश्नोई पर आरोप है कि उसने रेप की कोशिश और छेड़छाड़ के एक मामले में कार्रवाई नहीं करने के बदले शिकायतकर्ता से एक लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। इतना ही नहीं, रिश्वत नहीं देने पर शिकायतकर्ता को केस में फंसाने की धमकी भी दी जा रही थी। परेशान होकर शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की शिकायत उदयपुर एसीबी को दी। शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी ने जाल बिछाया और रविवार शाम करीब साढ़े चार बजे शोभागपुरा स्थित ऑर्बिट रिसॉर्ट की पार्किंग में कार्रवाई को अंजाम दिया। शिकायतकर्ता ने जैसे ही एएसआई सुनील बिश्नोई को एक लाख रुपए दिए, पहले से मौके पर मौजूद एसीबी टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। एसीबी के एडिशनल एसपी अनंत कुमार ने बताया कि आरोपी एएसआई से पूछताछ की जा रही है और पूरे मामले की जांच जारी है। जानकारी के अनुसार एक महिला ने रेप की कोशिश और छेड़छाड़ के आरोप में थाने में लिखित शिकायत दी थी। लेकिन मामला दर्ज करने की बजाय शिकायत को दबाकर रखा गया और आरोपी पक्ष से पैसों की मांग शुरू कर दी गई। इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा इसलिए भी हो रही है क्योंकि एएसआई सुनील बिश्नोई फिल्म सागवान में एक ईमानदार और बहादुर पुलिसकर्मी की भूमिका निभा चुका है। दक्षिणी राजस्थान के जंगलों और प्रतापगढ़ की वास्तविक घटना पर बनी इस फिल्म में उसने अपराध और अंधविश्वास के खिलाफ लड़ने वाले पुलिसकर्मी का किरदार निभाया था। लेकिन अब वही पुलिसकर्मी असल जिंदगी में रिश्वत लेते पकड़ा गया। आपको बता दे कि यह पहला मामला नहीं है जब सुनील बिश्नोई विवादों में आया हो। इससे पहले सुखेर थाने में तैनाती के दौरान आरडीएक्स क्लब एंड बार में ग्राहकों के साथ मारपीट मामले में कार्रवाई नहीं करने के आरोप लगे थे। उस समय एसपी ने उसे हटाकर डीएसपी ऑफिस वेस्ट में अटैच किया था और विभागीय जांच भी शुरू की गई थी। बाद में एक अन्य मामले में लापरवाही सामने आने पर उसे लाइन हाजिर भी किया जा चुका है।
16 May 2026