
उदयपुर में चल रहे गरबा उत्सव के बीच आयोजकों की ओर से परिधानों और वेशभूषा को लेकर संदेश देने वाले पोस्टर लगाए गए हैं। शहर के प्रमुख गरबा स्थलों पर लगाए गए इन पोस्टरों में खासतौर पर बैकलेस और पश्चिमी शैली के परिधानों की तस्वीरें दिखाते हुए माताओं-बहनों से इस तरह के पहनावे से बचने का आग्रह किया गया है। पोस्टर्स के जरिये संदेश दिया गया है कि गरबा मूल रूप से मां शक्ति की भक्ति और आराधना का पावन उत्सव है, न कि फैशन और व्यक्तिगत प्रदर्शन का मंच। पोस्टरों में भारतीय संस्कृति और त्यौहार की गरिमा के अनुरूप पारंपरिक पोशाक पहनने पर जोर दिया गया है। आयोजकों का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य गरबा पंडालों में धार्मिक और सांस्कृतिक माहौल को बनाए रखना है। इस अपील को लेकर शहरवासियों और गरबा प्रेमियों के बीच मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं, जहाँ कुछ लोग इसे संस्कृति की रक्षा का प्रयास मान रहे हैं, वहीं अन्य इसे व्यक्तिगत पसंद का विषय बता रहे हैं। फिलहाल, यह विषय शहर में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।