
मंदसौर जिले के कोटड़ा बुजुर्ग गांव में मंगलवार देर शाम उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब कुल्फी खाने के बाद कई बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। जानकारी के अनुसार गांव में रोजाना आने वाले कुल्फी विक्रेता से बच्चों ने दोपहर के समय कुल्फी खरीदी थी। इसके कुछ घंटों बाद करीब 12 से 15 बच्चों को उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी। बच्चों की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलते ही स्थानीय बीएमओ को मामले की जानकारी दी गई, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम तुरंत गांव पहुंची। मेडिकल टीम ने कुछ बच्चों का उपचार गांव में ही किया, जबकि करीब 7 बच्चों की हालत को देखते हुए परिजन उन्हें राजस्थान के भवानीमंडी स्थित निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। बताया जा रहा है कि अस्पताल में भर्ती 7 वर्षीय शिवम की हालत गंभीर बनी हुई है। हालांकि बीएमओ डॉ. दरबार सिंह का कहना है कि बच्चे की पहले से मेडिकल हिस्ट्री रही है और उसे पहले से बुखार की शिकायत भी थी। डॉक्टरों ने उसकी दोबारा जांच करवाने के निर्देश दिए हैं। वहीं बाकी सभी बच्चों की स्थिति फिलहाल सामान्य बताई जा रही है। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन भी अलर्ट हो गया। गरोठ और भानपुरा के नायब तहसीलदार सहित पुलिसकर्मी भी भवानीमंडी अस्पताल पहुंचे। एसडीएम राहुल चौहान ने बताया कि सुबह कुल्फी के सैंपल की जांच करवाई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग का प्राथमिक अनुमान है कि कुल्फी में इस्तेमाल मावे की वजह से बच्चों की तबीयत खराब हुई हो सकती है।