
चित्तौड़गढ़ पुलिस ने बहुचर्चित रमेश ईनाणी हत्याकांड में बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी रमता राम को गिरफ्तार कर लिया है। लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को पुलिस ने शहर के संगम महादेव क्षेत्र से दबोचा। आरोपी पर पहले 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था, जिसे बाद में बढ़ाकर 25 हजार और फिर उदयपुर रेंज आईजी द्वारा 50 हजार रुपए कर दिया गया था।पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी ने बताया कि रमता राम के संगम महादेव क्षेत्र में होने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पिछले करीब 6 महीने से लगातार पुलिस से बचते हुए फरारी काट रहा था। गौरतलब है कि 11 नवंबर 2025 को कारोबारी और भाजपा नेता रमेश ईनाणी की चित्तौड़गढ़ शहर में सरेबाजार गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शूटर मनीष उर्फ कमल दुबे निवासी वाराणसी, भजनाराम और अरविंद उर्फ कृपानाथ दुबे निवासी मिर्जापुर को गिरफ्तार किया था। पुलिस जांच में सामने आया था कि हत्या पूरी प्लानिंग के साथ की गई थी और अरविंद ने शूटर तथा हथियार सप्लायर के बीच बिचौलिए की भूमिका निभाई थी। जांच आगे बढ़ने पर रमता राम का नाम मुख्य साजिशकर्ता के रूप में सामने आया था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि रमता राम और रमेश ईनाणी के बीच करीब 30 साल पुराना जमीन विवाद चल रहा था, जिसे हत्या की मुख्य वजह माना जा रहा है। पुलिस के अनुसार रमता राम रामस्नेही संप्रदाय से जुड़ा हुआ था, लेकिन हत्याकांड में नाम आने के बाद उसे संप्रदाय से निष्कासित कर दिया गया। साथ ही करोड़ों रुपए के ट्रस्ट घोटाले में भी उसका नाम सामने आ रहा है, जिसकी जांच आगे की जा सकती है। पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी ने बताया कि फरारी के दौरान रमता राम किन-किन लोगों के संपर्क में रहा और किसने उसकी मदद की, इसकी भी जांच की जा रही है। वहीं आरोपी की गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही रमेश ईनाणी के परिजन और समर्थक कोतवाली पहुंचे और आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग की।

13 Jun 2026