
राजसमंद जिले के केलवा थाना पुलिस को मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि जैतपुरा गांव में रोशनलाल गुर्जर के मकान के भीतर कुछ संदिग्ध गतिविधियां चल रही हैं। सूचना पर एएसपी महेन्द्र कुमार पारीक और डीएसपी ज्ञानेन्द्र सिंह के सुपरविजन में थानाधिकारी सुबोध जांगिड़ की टीम ने मकान की घेराबंदी कर अचानक दबिश दी। पुलिस के अंदर घुसते ही वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। मकान के भीतर नारायण गुर्जर और कमलेश गुर्जर नामक दो युवक हाईटेक प्रिंटर और कटर की मदद से भारतीय मुद्रा के जाली नोट तैयार कर रहे थे। पुलिस ने जब मौके पर छानबीन की, तो वहां से 500 रुपये के 15 नोट, 200 रुपये के 362 नोट और 50 रुपये के 4 नोट बरामद हुए। इन सभी नोटों की खास बात यह थी कि एक ही वैरायटी के नोटों पर एक ही सीरियल नंबर अंकित था। पुलिस ने इस मामले में कुल 80,100 रुपये की जाली राशि के साथ, हाई-क्वालिटी प्रिंटर और स्याही के कंटेनर, विशेष पेपर शीट और कटर मशीन, जेल पेन, स्केल और पारदर्शी कांच को भी जब्त किया। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि ये आरोपी इन नकली नोटों को बाजार में खपाने की योजना बना रहे थे। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि इन आरोपियों ने अब तक बाजार में कितनी जाली करेंसी खपा दी है और इस गिरोह के तार और किन-किन शहरों से जुड़े हैं।
12 Feb 2026