
मेवाड़ की सांस्कृतिक धरोहर और धार्मिक आस्था के प्रतीक 'गवरी' अनुष्ठान पर सोशल मीडिया पर की गई विवादित टिप्पणी का मामला अब तूल पकड़ चुका है। हैप्पी सिंह नाम के युवक द्वारा गवरी कलाकारों के आभूषणों और वेशभूषा पर अनर्गल सवाल उठाने का वीडियो वायरल होने के बाद समाज का आक्रोश फूट पड़ा। न्यूज 91 राजस्थान पर खबर के खुलासे और चौतरफा विरोध के बाद हालांकि युवक बैकफुट पर आ गया था। उसने नया वीडियो जारी कर सफाई दी कि उसने केवल कौतुहलवश सवाल पूछा था और उसका मकसद किसी की भावनाएं आहत करना नहीं था। लेकिन समाज का गुस्सा शांत नहीं हुआ। सोमवार को भील समाज के लोग पारंपरिक गवरी वेशभूषा में जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे और जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सिर्फ लाइक्स और व्यूज के लिए सदियों पुरानी लोक परंपराओं और धार्मिक आस्था का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदर्शन में शामिल कांग्रेस नेता दिव्यानी कटारा ने कहा कि गवरी पर अनर्गल टिप्पणी से पूरे समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। काली कल्याणी धाम के हेमंत जोशी, वार्ड—80 के पार्षद प्रताप सिंह राठौड़ सहित सर्व समाज के प्रतिनिधि भी भील समाज के साथ वहां पहुंचे और रोष प्रकट किया। जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है, जिससे लोक संस्कृति और सामाजिक सौहार्द को चोट पहुंचाने वालों को कड़ा सबक मिल सके। प्रशासन ने भी मामले में कानून सम्मत कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
25 Sept 2026