
उदयपुर जिले के कानोड़ कस्बे स्थित उचित मूल्य दुकान कानोड़-बी एक बार फिर विवादों में आ गई है। इस बार मामला सरकारी गेहूं के वितरण में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है, जहां उपभोक्ताओं को राशन सामग्री देने के बजाय नकद राशि देकर भेजे जाने के आरोप लगे हैं। पीपलवास निवासी उपभोक्ता लालू राम मीणा ने राशन डीलर के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि लंबे समय से उपभोक्ताओं को निर्धारित मात्रा में सरकारी गेहूं नहीं दिया जा रहा था। उनका कहना है कि जब वे अपनी पात्रता के अनुसार गेहूं लेने दुकान पर पहुंचे तो डीलर ने उन्हें गेहूं देने के बजाय अपनी ओर से कुछ नकद राशि दे दी और वहीं से रवाना कर दिया। लालू राम मीणा का आरोप है कि जब उन्होंने बाजार मूल्य के अनुसार पूरी राशि या फिर अपने हिस्से का पूरा गेहूं देने की मांग की तो डीलर ने टालमटोल शुरू कर दी। इसके बाद उन्होंने मामले की शिकायत संबंधित विभाग को दी। शिकायत मिलने पर जिला रसद विभाग उदयपुर से खाद्य निरीक्षक विशेष मीणा मंगलवार को कानोड़ पहुंचे। उन्होंने उचित मूल्य दुकान पर पहुंचकर मामले की जांच की और शिकायतकर्ता के बयान भी दर्ज किए। हालांकि जांच के बाद शिकायतकर्ता ने पूरी प्रक्रिया पर ही सवाल खड़े कर दिए। लालू राम मीणा का कहना है कि उनके बयान तो दर्ज किए गए, लेकिन उन्हें यह नहीं बताया गया कि बयान में क्या लिखा गया है। उनका आरोप है कि बयान पढ़कर नहीं सुनाए गए और न ही उनसे हस्ताक्षर करवाए गए। शिकायतकर्ता ने आशंका जताई है कि मामले को ठंडे बस्ते में डालने और संबंधित डीलर को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। इस घटनाक्रम के बाद स्थानीय ग्रामीणों और उपभोक्ताओं में भी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए सरकार द्वारा भेजे जाने वाले राशन में किसी भी प्रकार की अनियमितता स्वीकार नहीं की जाएगी। अब सभी की नजरें रसद विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं कि जांच निष्पक्ष रूप से पूरी होगी या मामला केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित रह जाएगा।