
उदयपुर के सुखेर थाना क्षेत्र में कानून व्यवस्था को चुनौती देते हुए अपराधियों ने एक महिला और उसके बेटों को लहूलुहान कर दिया। पीड़िता शांता पालीवाल ने न्याय की गुहार लगाते हुए बताया कि पड़ोस में रहने वाले रणजीत सिंह, चरण सिंह और विरेन्द्र सिंह ने उनके बेटे परीक्षित के साथ गाली-गलौज और हाथापाई शुरू की। जब मां बीच-बचाव करने पहुंची, तो आरोपियों ने मर्यादा की सारी सीमाएं लांघ दीं। आरोप है कि हमलावरों ने शांता पालीवाल को जबरन घर से बाहर खींच लिया और विरेन्द्र सिंह ने पत्थर से उनके सिर पर कई वार किए। इस खूनी संघर्ष में शांता पालीवाल के सिर में गंभीर चोटें आई हैं और उन्हें कई टांके लगे हैं। बचाव के लिए आए उनके दूसरे बेटे गौरव पालीवाल को भी चोटें पहुंची हैं। घटना का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें हमलावरों की बर्बरता साफ देखी जा सकती है। यह विवाद कोई नया नहीं है; पीड़ित परिवार का आरोप है कि ये आरोपी पिछले लंबे समय से उन्हें परेशान कर रहे हैं। इससे पहले भी उनके पुत्रों के साथ मारपीट और पुत्रवधू के साथ छेड़छाड़ की गई थी, जिसका मामला पहले से ही विचाराधीन है। सबसे बड़ा सवाल पुलिस प्रशासन पर उठ रहा है। पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्होंने साल 2023 में भी इन आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी, लेकिन राजनीतिक रसूख या पुलिस की ढिलाई के चलते आरोपियों पर कोई सख्त लगाम नहीं कसी गई। यही कारण है कि आज फिर उन्हीं अपराधियों ने घर में घुसकर जानलेवा हमला करने की हिम्मत जुटाई। वर्तमान में पीड़िता का अस्पताल में ईलाज चल रहा है और डाक के जरिए पुलिस को रिपोर्ट भेजकर गिरफ्तारी की मांग की है।
01 May 2026