
देबारी क्षेत्र में पुलिस की छापेमार कार्रवाई के दौरान एक ऐसे अवैध कारोबार का खुलासा हुआ, जो किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकता था। पुलिस को सूचना मिली थी कि क्षेत्र में अवैध रूप से विस्फोटक सामग्री और पटाखों का निर्माण किया जा रहा है। सूचना के आधार पर टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद हुई। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने बारूद बनाने में उपयोग होने वाले विभिन्न केमिकल, तैयार पटाखे और निर्माण सामग्री को जब्त किया। मौके पर मौजूद सामग्री को देखकर पुलिस अधिकारियों ने भी इसे गंभीर सुरक्षा खतरा माना। सबसे बडी बात यह थी कि पूरा अवैध संचालन एक सरकारी स्कूल के बेहद नजदीक किया जा रहा था, जिससे विद्यार्थियों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा पर लगातार खतरा बना हुआ था। जांच के दौरान पुलिस ने एक लोडिंग टेम्पो भी जब्त किया, जिसका उपयोग तैयार माल की सप्लाई के लिए किया जा रहा था। मौके से पिता और पुत्र को गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और विस्फोटक पदार्थों से संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि अवैध कारोबार काफी समय से संचालित हो रहा था और यहां तैयार होने वाले सामान की सप्लाई विभिन्न क्षेत्रों में की जा रही थी। अब पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस कारोबार से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं और विस्फोटक सामग्री की खरीद और सप्लाई का स्रोत क्या था। पुलिस की इस कार्रवाई से एक संभावित बड़े हादसे को समय रहते टाल दिया गया। आरोपियों की पहचान 54 वर्षीय अनिल और 29 वर्षीय उसके बेटे लक्की के रूप में हुई। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पुछताछ में जुटी है।

12 Jun 2026