
तीतरड़ी निवासी निर्मला साहू अपने पति कन्हैया लाल साहू के साथ मोटरसाइकिल पर सोमवार सुबह करीब 8 बजे दूध लेने निकली थीं। इसी दौरान सामने से आ रहे अनियंत्रित ट्रक ने उन्हें कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए और गुस्साए लोगों ने ट्रक में तोड़फोड़ करते हुए आग लगा दी। हादसे के बाद क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। शव को एमबी अस्पताल की मोर्चरी भिजवाया गया, जहाँ मृतका के परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। मृतका के भांजे महेश साहू ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि हादसे के वक्त पुलिस समय पर नहीं पहुंची और परिजनों को खुद लोडिंग टेम्पो में शव लाना पड़ा। परिजनों का आरोप है कि अब पुलिस प्रशासन बिना मांगें पूरी किए शव ले जाने का दबाव बना रहा है। परिजनों ने मांग की है कि मृतका के एक बेटे और बेटी के भविष्य के लिए 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी मिले तथा रिहायशी इलाके में भारी वाहनों की नो-एंट्री लागू की जाए। मांगें पूरी न होने तक परिजनों ने शव लेने से साफ इनकार कर दिया है।
01 Oct 2026