
अंजुमन चौक में आयोजित जलसे का आगाज बाद नमाज-ए-इशा कलाम-ए-पाक की तिलावत से हुआ। कार्यक्रम का संचालन मौलाना आजम रजवी ने किया। जलसे में मौलाना जुलकरनैन बल्यावी, मौलाना आस मोहम्मद मुजाहिदी और मौलाना सोबदार आलम सहित शहर और आसपास के कई उलमा-ए-किराम मौजूद रहे। उलमा ने पैगम्बरे इस्लाम की आमद से पहले दुनिया में फैली सामाजिक बुराइयों, उनकी पैदाइश के बाद समाज में आए सुधारों, जीवनचरित्र और शिक्षाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। लोगों से उनकी शिक्षाओं को जीवन में अपनाने और मोहब्बत, भाईचारे व इंसानियत का पैगाम आम करने की अपील की गई। जलसे में सूरत गुजरात से पहुंचे साबिर रजा अजहरी ने नातिया कलाम पेश किए। इस दौरान अंजुमन चौक सरकार की आमद मरहबा और दिलदार की आमद मरहबा के नारों से गूंज उठा। उधर, महावतवाड़ी मस्जिद में मंगलवार को बाद नमाज-ए-जौहर से मगरिब तक और मस्जिद मौला अली काजीवाड़ा में बाद नमाज-ए-मगरिब से बुधवार फज्र तक मुए मुबारक की जियारत कराई गई। बुधवार को बाद नमाज-ए-जौहर अंजुमन चौक से जुलूसे मोहम्मदी निकलेगा। जुलूस शहर के विभिन्न मार्गों से होकर गुजरेगा। अंजुमन तालीमुल इस्लाम ने अमन, सद्भाव और अनुशासन बनाए रखने, आतिशबाजी से बचने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है। ईद मिलादुन्नबी पर शहर के कई मुस्लिम बहुल इलाकों में आकर्षक रोशनी और सजावट भी की गई है।

25 Aug 2026