
केंद्र सरकार ने पशुपालन के क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत अब गधा पालन को भी आर्थिक सहायता के दायरे में लाया गया है। इस योजना के तहत सरकार कुल प्रोजेक्ट लागत का 50 प्रतिशत हिस्सा सब्सिडी के रूप में देगी। यानी अगर आपका प्रोजेक्ट 1 करोड़ रुपए का है, तो सरकार आपको 50 लाख रुपए की मदद देगी। यह राशि दो किस्तों में मिलेगी। पहली किस्त बैंक से लोन स्वीकृत होते ही मिल जाएगी, जबकि दूसरी किस्त प्रोजेक्ट पूरा होने पर दी जाएगी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य भारत की लुप्त होती देसी नस्लों को बढ़ावा देना है। इस सब्सिडी का लाभ उठाने के लिए कुछ शर्तें भी रखी गई हैं। पशुपालक के पास कम से कम 50 मादा और 5 नर गधे होने चाहिए। खास बात यह है कि यह सब्सिडी केवल देसी नस्ल के गधों पर ही लागू होगी। सरकार ने केवल गधों ही नहीं, बल्कि ऊंट और घोड़े पालने के लिए भी 3 लाख से 50 लाख रुपए तक की आर्थिक मदद का प्रावधान किया है। साल 2019 की पशुगणना के अनुसार, देश में गधों की संख्या घटकर महज 1 लाख 23 हजार रह गई है। इसी संकट को दूर करने के लिए 2024 में इस योजना का विस्तार किया गया। अब सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया को डिजिटल कर दिया है, जिससे इच्छुक लोग आसानी से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह योजना न केवल पशुपालकों की आय बढ़ाएगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगी।