
उदयपुर जिले के खेरिया घाटा में शुक्रवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब यात्रियों से भरी एक बस अचानक नियंत्रण खो बैठी। नेशनल हाईवे-58 ई पर हुए इस हादसे में बस के ब्रेक फेल हो गए और वाहन खाई की ओर बढ़ने लगा। जिस मार्ग से बस गुजर रही थी, उसके एक तरफ करीब 150 से 200 फीट गहरी खाई थी, जिससे यात्रियों की सांसें थम गईं। जानकारी के मुताबिक बस में झाड़ोल क्षेत्र के बोराणा, देवास और आसपास के गांवों के लोग सवार थे। सभी श्रद्धालु उदयपुर होते हुए हरिद्वार यात्रा पर जा रहे थे। यात्रा शुरू होने के कुछ ही समय बाद खेरिया घाटा के पास बस के ब्रेक अचानक जवाब दे गए। इसके बाद बस करीब एक से दो मिनट तक अनियंत्रित हालत में खाई के किनारे-किनारे दौड़ती रही। बस के भीतर बैठे यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। हर कोई अपनी जान बचाने की दुआ कर रहा था। इसी बीच चालक ने समझदारी दिखाते हुए बस को सड़क की दूसरी ओर मौजूद पत्थरों की तरफ मोड़ दिया। पत्थरों से टकराने के बाद बस रुक गई और एक बड़ा हादसा टल गया। यदि बस खाई में गिर जाती तो भारी जनहानि हो सकती थी। हादसे में 25 से अधिक यात्री घायल हो गए। इनमें से पांच यात्रियों को गंभीर चोटें आने पर तत्काल उदयपुर के एमबी हॉस्पिटल रेफर किया गया, जहां उनका उपचार जारी है। घटना की सूचना मिलते ही नाई थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। बस में सवार यात्रियों ने बताया कि ब्रेक फेल होने के बाद करीब डेढ़ से दो मिनट तक सभी लोगों की सांसें अटकी रहीं। यात्रियों को लग रहा था कि बस किसी भी समय खाई में गिर सकती है, लेकिन चालक की सूझबूझ ने सभी की जान बचा ली। वहीं स्थानीय लोगों ने अधूरे पड़े रणघाटी और खेरिया घाटा हाईवे निर्माण कार्य पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि लंबे समय से सड़क का कार्य अधूरा होने और मार्ग सिंगल होने के कारण यहां लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। लोगों ने प्रशासन से हाईवे निर्माण कार्य जल्द पूरा कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके।

11 Jun 2026