
फर्जी एमटेक डिग्री लगाकर सरकारी नौकरी का लाभ लेने के मामले में एसओजी ने जलदाय विभाग के एक जूनियर इंजीनियर (जेईएन) को गिरफ्तार किया है। आरोपी दुर्गाशंकर मेनारिया उदयपुर जिले की भींडर तहसील के वाना गांव का निवासी है। एसओजी के एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि वर्ष 2018-19 में आरपीएससी की समूह अनुदेशक, सर्वेयर व सहायक शिक्षुता सलाहकार ग्रेड-द्वितीय भर्ती के दस्तावेज सत्यापन के दौरान आरोपी की मानव भारती विश्वविद्यालय, सोलन (हिमाचल प्रदेश) से जारी एमटेक (इलेक्ट्रिकल पावर सिस्टम) की डिग्री संदिग्ध पाई गई। यूनिवर्सिटी से जांच कराने पर डिग्री फर्जी निकली। जांच में सामने आया कि संबंधित पद के लिए केवल स्नातक योग्यता आवश्यक थी, इसके बावजूद आरोपी ने एमटेक की डिग्री लगाकर खुद को ज्यादा योग्य दिखाने के लिए फर्जी डिग्री लगाई। पूछताछ में यह भी सामने आया कि इसी डिग्री के आधार पर उसने वर्ष 2015 से 2020 तक सिरोही के माधव विश्वविद्यालय में सहायक तकनीकी अधिकारी के पद पर कार्य किया और वहां से प्राप्त अनुभव प्रमाण पत्र को भी सरकारी नौकरी के आवेदन में लगाया। तकनीकी शिक्षा निदेशालय, जोधपुर की शिकायत पर एसओजी थाने में मामला दर्ज किया गया था। आरोपी को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया गया है। एसओजी अब फर्जी डिग्री प्रकरण में शामिल दलालों और अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। बता दें कि हाल में उदयपुर में नियुक्त शिक्षकों को एसओजी ने डमी कैंडिडेट से परीक्षा िदलवाने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इसके अलावा अन्य कई मामलों में भी जांच जारी है।

11 Jun 2026