
झीलों की नगरी उदयपुर की सबसे व्यस्त फतहसागर पाल, जहाँ रोजाना हजारों की संख्या में पर्यटक आते हैं, वहां सुरक्षा के प्रतीकों के साथ एक निजी कंपनी ने छेड़छाड़ कर दी है। पुलिस विभाग द्वारा यहाँ वर्षों पहले एक वॉच टावर स्थापित किया गया था, जिसका उद्देश्य भीड़-भाड़ वाले इस इलाके में सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखना था। इस टावर पर पुलिस सहायता का बोर्ड लगा था, ताकि किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में पर्यटक तुरंत मदद ले सकें। लेकिन विडंबना देखिए कि अब सुरक्षा का यह केंद्र एक एडवर्टाइजिंग स्टैंड बनकर रह गया है। एक निजी कंपनी ने पुलिस के सहायता बोर्ड को दरकिनार करते हुए टावर पर अपना बड़ा विज्ञापन लगा दिया है। इस बदलाव से पाल पर आने वाले लोग अब काफी भ्रमित हो रहे हैं। पर्यटकों को समझ नहीं आ रहा कि क्या यह टावर अभी भी पुलिस के नियंत्रण में है या इसे किसी निजी संस्थान को सौंप दिया गया है। सवाल यह उठता है कि क्या किसी निजी कंपनी को सरकारी और सुरक्षा के लिए बनाए गए वॉच टावर पर प्रचार करने की अनुमति दी जा सकती है? अगर अनुमति दी गई है, तो क्या सुरक्षा से जुड़े सहायता बोर्ड को हटाना सही है? शहर के जागरूक नागरिक अब सवाल उठा रहे हैं कि प्रशासन ने इतने संवेदनशील स्थान पर व्यापारिक लाभ को सुरक्षा पर हावी होने की इजाजत कैसे दे दी। लोगों की मांग है कि टावर से तुरंत निजी कंपनी का प्रचार हटाकर इसे फिर से पुलिस सहायता केंद्र के रूप में बहाल किया जाए, ताकि पर्यटकों को मदद मिलने में कोई परेशानी न हो।
01 May 2026